फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बड़ेडोगर बेलभाटा में शुक्रवार, 19 जून की शाम एक पिकअप और बाइक की भिड़ंत हो गई, जिसमें घुड़उ राम माली और सगाराम सलाम नामक दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को शाम करीब 7:30 बजे फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की बात कही गई थी। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि प्राथमिक उपचार के बाद घुड़उ राम माली को आवश्यक ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजनों का दावा है कि घायल युवक को लंबे समय तक अस्पताल परिसर में ही छोड़ दिया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आरोप है कि 108 एंबुलेंस सेवा को रात 8 बजे सूचना दी गई थी, लेकिन एंबुलेंस करीब ढाई घंटे बाद रात 10:30 बजे अस्पताल पहुँची और इसी देरी के दौरान गंभीर रूप से घायल घुड़उ राम माली की अस्पताल में ही मौत हो गई। घटना में घायल हुए दूसरे युवक सगाराम सलाम को बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बड़ेडोगर बेलभाटा में शुक्रवार, 19 जून की शाम एक पिकअप और बाइक की भिड़ंत हो गई, जिसमें घुड़उ राम माली और सगाराम सलाम नामक दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को शाम करीब 7:30 बजे फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की बात कही गई थी। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि प्राथमिक उपचार के बाद घुड़उ राम माली को आवश्यक ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजनों का दावा है कि घायल युवक को लंबे समय तक अस्पताल परिसर में ही छोड़ दिया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आरोप है कि 108 एंबुलेंस सेवा को रात 8 बजे सूचना दी गई थी, लेकिन एंबुलेंस करीब ढाई घंटे बाद रात 10:30 बजे अस्पताल पहुँची और इसी देरी के दौरान गंभीर रूप से घायल घुड़उ राम माली की अस्पताल में ही मौत हो गई। घटना में घायल हुए दूसरे युवक सगाराम सलाम को बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
- संत रामपाल जी महाराज 'सनातनी पूजा के पतन की कहानी' के छठे भाग के रूप में एक विशेष वीडियो प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह प्रस्तुति 'गोवर्धन परिक्रमा के अनसुने रहस्य' पर केंद्रित होगी, जिसमें सनातनी पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को संत रामपाल जी महाराज की जुबानी उजागर किया जाएगा। यह विशेष वीडियो 20 जून 2026, शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से 'Factful Debates' YouTube Channel पर अवश्य देखा जा सकता है।1
- नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- थाना आमाबेड़ा पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 7.94 लीटर शराब के साथ-साथ नकदी भी जब्त की है।1
- योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी निभाने की अपील की गई है। यह अपील गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के प्रयास के तहत की गई है। इस पहल के लिए, इच्छुक व्यक्ति एक टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।1
- गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) के कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र से हाल ही में एक हृदयस्पर्शी ट्रैप कैमरा वीडियो सामने आया है, जिसमें हाथियों का एक झुंड अपने नन्हे शावकों के साथ लगभग 3,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक छोटी झिरिया में पानी पीते और स्नान करते दिख रहा है। यह दृश्य भीषण गर्मी और जल संकट के दौरान प्रकृति-आधारित छोटे हस्तक्षेपों की जीवनदायिनी भूमिका को स्पष्ट करता है। 'झिरिया' रेतीली परतों को खोदकर प्राप्त होने वाला भूमिगत जल प्रवाह का एक पारंपरिक स्रोत है। जलवायु परिवर्तन, लंबे शुष्क काल और बढ़ते तापमान की चुनौतियों के मद्देनजर, यूएसटीआर ने अपने क्षेत्र में जल संवर्धन का व्यापक अभियान चलाकर 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण किया है, साथ ही वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 34 सौर ऊर्जा संचालित पंप भी स्थापित किए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने 'सुपर एल-नीनो' या 'गॉडज़िला एल-नीनो' की आशंका व्यक्त की है, जिससे असामान्य रूप से उच्च तापमान, अनियमित वर्षा, दीर्घकालीन सूखा और भीषण गर्मी हो सकती है। ऐसी चरम परिस्थितियों में जल और चारे की कमी से वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर आने की संभावना बढ़ती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हो सकती है। यूएसटीआर की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह हाथियों, बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्य प्रजातियों के साथ-साथ 100 से अधिक गाँवों का भी आश्रय स्थल है, इसलिए यहाँ वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों दोनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए यूएसटीआर दूरस्थ वन क्षेत्रों में 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण व रख-रखाव, 34 सौर ऊर्जा संचालित जल पंपों का संचालन, जल उपलब्धता और वन्यजीव गतिविधियों की निरंतर निगरानी, हाथियों की आवाजाही के लिए प्रारंभिक चेतावनी व संघर्ष न्यूनीकरण तंत्र को सुदृढ़ करना तथा वन क्षेत्र के भीतर पर्याप्त जल एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर वन्यजीवों के गाँवों की ओर आने की संभावना को कम करने जैसे सक्रिय उपाय कर रहा है। इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व ने संरक्षण और गश्त को भी मजबूत किया है। इसी क्रम में, यूएसटीआर के कर्मचारियों ने हाल ही में ओडिशा के कटफाड़, कुसुमखुंटा और खिपरीमाल गाँवों के सात शिकारियों को झिरियाओं में जहरीले पदार्थ डालने की कोशिश करते हुए पकड़ा। यदि यह कृत्य सफल हो जाता, तो हाथियों, मांसाहारियों और शाकाहारी वन्यजीवों सहित अनेक प्रजातियों की सामूहिक मृत्यु हो सकती थी, जो इन जल स्रोतों के पारिस्थितिक महत्व और उनकी सतत सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। कुल्हाड़ीघाट की झिरिया में हाथियों और उनके शावकों का आनंद लेते हुए यह दृश्य साफ दर्शाता है कि समय पर किए गए आवास प्रबंधन के प्रयास वन क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन की चरम परिस्थितियों के प्रति अधिक सक्षम और लचीला बनाते हैं। जैसा कि कहा गया है, "गर्मी के चरम समय में जल से भरी प्रत्येक झिरिया केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा है। ये झिरियाएँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।'' उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ इसके भीतर एवं आसपास निवास करने वाले लोगों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- यह एक भावात्मक अभिव्यक्ति है, जिसमें एक व्यक्ति अपने सँवरिया (प्रिय या ईश्वर) को किसी भी तरह से मनाने और अपनी बात मनवाने की गहरी इच्छा और प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहा है।1
- कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ ठगों ने खुद को स्कूल प्राचार्य बताकर 90 हजार रुपये ऐंठ लिए। इस संबंध में पीड़ित महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़े डोंगर में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पिकअप और मोटरसाइकिल के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और 108 एम्बुलेंस सेवा पर समय पर इलाज व वाहन न मिलने का गंभीर आरोप लगाते हुए भारी आक्रोश व्यक्त किया है। यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे ग्राम बड़े डोंगर में सरपंच आवास के पास हुआ। एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन और मोटरसाइकिल के बीच हुई भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही बड़े डोंगर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को 102 महतारी एक्सप्रेस वाहन की मदद से तुरंत फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।1