Shuru
Apke Nagar Ki App…
बलिया पुलिस ने बलिया थाना परिसर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी स्वेच्छा से चोट पहुँचाने समेत अन्य मामलों के संबंध में की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत के लिए बेगूसराय जेल भेज दिया गया है।
Update
बलिया पुलिस ने बलिया थाना परिसर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी स्वेच्छा से चोट पहुँचाने समेत अन्य मामलों के संबंध में की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत के लिए बेगूसराय जेल भेज दिया गया है।
More news from बिहार and nearby areas
- बलिया पुलिस ने बलिया थाना परिसर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी स्वेच्छा से चोट पहुँचाने समेत अन्य मामलों के संबंध में की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत के लिए बेगूसराय जेल भेज दिया गया है।1
- बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और 22 सूत्री मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने की, जबकि संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। वक्ताओं ने इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने महीने की पहली तारीख को सभी कोटि के शिक्षकों को वेतन भुगतान करने की मांग की। धरना में शामिल शिक्षकों ने प्रोन्नति संबंधी कई मांगें भी उठाईं। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पूरी होने पर कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए। उन्होंने स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों के लिए 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति और स्नातक ग्रेड शिक्षकों के लिए 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर पद पर प्रोन्नति की मांग की। प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक व पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने पर जोर दिया, जिसमें दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक तथा पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ मिले। उन्होंने नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापकों को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी। जिला मीडिया प्रभारी उपेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना, सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग की। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही करने और इसे अद्यतन हस्तांतरित करने की मांग उठाई। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ देने तथा शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में नहीं मिल रहे वेतन संरक्षण का लाभ तुरंत लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित करने और सभी बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, जिला सचिव दिलीप कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन देने, अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा करने और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने हिंदी स्कूलों में पहले की तरह शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने सरकार से TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक एवं जिला व राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने की अपील की। शिक्षकों ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में वेतन नहीं मिलने पर अपना यह प्रदर्शन किया।3
- बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर मुंगेर जिले के शिक्षकों ने शहीद स्मारक के समक्ष अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना दिया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन रवि भास्कर ने किया। धरने को संबोधित करते हुए, जिला संयोजक विशाल कुमार ने कहा कि सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के कारण विभिन्न कोटि के शिक्षक प्रताड़ित हो रहे हैं। जिला सचिव राम नंदन कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि समय पर वेतन भुगतान न होने और बकाए वेतन का भुगतान न मिलने के कारण शिक्षकों के परिवारों के भरण-पोषण में गंभीर समस्याएँ आ रही हैं। वहीं, जिला उपाध्यक्ष विजय कुमार सुमन ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर बिहार की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर रही है। वयोवृद्ध शिक्षक नेता नवल किशोर प्रसाद सिंह ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं और सरकार को गंभीरतापूर्वक उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर प्रेम कुमार, रंजीत कुमार, अनिता कुमारी, सुधाकर कुमार, कृष्णानंद कुमार, बृजेश कुमार, बिंदु कुमारी, अनुराधा कुमारी, प्रशांत कुमार, गुंजन कुमार सहित दर्जनों अन्य शिक्षक संघ के सदस्य उपस्थित थे।1
- बिहार विधानसभा में विरोधी दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने क्या कहा, यह जानने का आह्वान किया गया है। जगदूत न्यूज़ एजेंसी के आर. वर्मा ने इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- एक ट्रैक्टर पर अचानक एक विशाल गेहूंमन सांप चढ़ गया। इस दौरान, चालक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बड़े हादसे को टाल दिया।1
- खगड़िया जिले की संदीप पंचायत में माननीय मुख्यमंत्री के पंचायत शिविर का शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। इस शिविर का संचालन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा, जहाँ आम नागरिकों के विभिन्न कार्यों जैसे घर, राशन कार्ड और बिजली संबंधी सभी आवेदन सही तरीके से लिए गए। शिविर के दौरान आमजनों की बातों को भी सही ढंग से सुना गया, जिससे पंचायत के भीतर सभी प्रकार के कार्य सुचारु रूप से संपन्न हुए।1
- बिहार में शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहाँ यह चिंता व्यक्त की गई है कि असली मुद्दों को अनदेखा कर पहचान से जुड़ी बहसों पर ध्यान क्यों केंद्रित किया जा रहा है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या शिक्षा एक सेवा है या मात्र एक व्यवसाय बन गई है। इस व्यापक बहस में, जिसमें खान सर और रोशन आनंद जैसे नाम भी शामिल हैं, राज्य में शिक्षा माफिया के कथित प्रभाव और छात्रों के भविष्य पर इसके परिणामों को लेकर गहरी चिंताएँ उजागर की गई हैं।1
- बेगूसराय DIU और बलिया थाना की पुलिस टीम ने हत्या समेत अन्य मामलों में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों में से एक को पटना के आलमगंज से और दूसरे को मुजफ्फरपुर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद, दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत के लिए बेगूसराय जेल भेज दिया गया है।1