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बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और 22 सूत्री मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने की, जबकि संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। वक्ताओं ने इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने महीने की पहली तारीख को सभी कोटि के शिक्षकों को वेतन भुगतान करने की मांग की। धरना में शामिल शिक्षकों ने प्रोन्नति संबंधी कई मांगें भी उठाईं। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पूरी होने पर कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए। उन्होंने स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों के लिए 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति और स्नातक ग्रेड शिक्षकों के लिए 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर पद पर प्रोन्नति की मांग की। प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक व पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने पर जोर दिया, जिसमें दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक तथा पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ मिले। उन्होंने नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापकों को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी। जिला मीडिया प्रभारी उपेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना, सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग की। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही करने और इसे अद्यतन हस्तांतरित करने की मांग उठाई। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ देने तथा शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में नहीं मिल रहे वेतन संरक्षण का लाभ तुरंत लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित करने और सभी बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, जिला सचिव दिलीप कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन देने, अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा करने और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने हिंदी स्कूलों में पहले की तरह शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने सरकार से TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक एवं जिला व राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने की अपील की। शिक्षकों ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में वेतन नहीं मिलने पर अपना यह प्रदर्शन किया।

1 hr ago
user_India khabar Begusarai.
India khabar Begusarai.
बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
1 hr ago

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और 22 सूत्री मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने की, जबकि संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। वक्ताओं ने इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने महीने की पहली तारीख को सभी कोटि के शिक्षकों को वेतन भुगतान करने की मांग की। धरना में शामिल शिक्षकों ने प्रोन्नति संबंधी कई मांगें भी उठाईं। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पूरी होने पर कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए। उन्होंने स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों के लिए 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति और स्नातक ग्रेड शिक्षकों के लिए 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर

पद पर प्रोन्नति की मांग की। प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक व पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने पर जोर दिया, जिसमें दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक तथा पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ मिले। उन्होंने नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापकों को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी। जिला मीडिया प्रभारी उपेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना, सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग की। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही करने और इसे अद्यतन हस्तांतरित करने की मांग उठाई। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ देने तथा शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में नहीं मिल रहे वेतन संरक्षण का लाभ तुरंत

लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित करने और सभी बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, जिला सचिव दिलीप कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन देने, अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा करने और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने हिंदी स्कूलों में पहले की तरह शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने सरकार से TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक एवं जिला व राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने की अपील की। शिक्षकों ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में वेतन नहीं मिलने पर अपना यह प्रदर्शन किया।

More news from बिहार and nearby areas
  • खान सर से जुड़े कानूनी मामले को लेकर यह चर्चा का विषय है कि क्या उन पर कोई केस दर्ज होगा। इस संबंध में वकील साहब ने कानूनी पहलुओं पर अपनी बात रखी है, जिसमें खान सर और रौशन सर का संदर्भ भी शामिल है। यह विषय कोचिंग और शिक्षा क्षेत्र से संबंधित है और सोशल मीडिया पर एक वायरल व ट्रेंडिंग वीडियो के माध्यम से सामने आया है।
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    खान सर से जुड़े कानूनी मामले को लेकर यह चर्चा का विषय है कि क्या उन पर कोई केस दर्ज होगा। इस संबंध में वकील साहब ने कानूनी पहलुओं पर अपनी बात रखी है, जिसमें खान सर और रौशन सर का संदर्भ भी शामिल है। यह विषय कोचिंग और शिक्षा क्षेत्र से संबंधित है और सोशल मीडिया पर एक वायरल व ट्रेंडिंग वीडियो के माध्यम से सामने आया है।
    user_Voice of Bihar
    Voice of Bihar
    News Anchor बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    29 min ago
  • बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और 22 सूत्री मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने की, जबकि संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। वक्ताओं ने इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने महीने की पहली तारीख को सभी कोटि के शिक्षकों को वेतन भुगतान करने की मांग की। धरना में शामिल शिक्षकों ने प्रोन्नति संबंधी कई मांगें भी उठाईं। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पूरी होने पर कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए। उन्होंने स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों के लिए 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति और स्नातक ग्रेड शिक्षकों के लिए 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर पद पर प्रोन्नति की मांग की। प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक व पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने पर जोर दिया, जिसमें दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक तथा पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ मिले। उन्होंने नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापकों को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी। जिला मीडिया प्रभारी उपेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना, सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग की। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही करने और इसे अद्यतन हस्तांतरित करने की मांग उठाई। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ देने तथा शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में नहीं मिल रहे वेतन संरक्षण का लाभ तुरंत लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित करने और सभी बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, जिला सचिव दिलीप कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन देने, अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा करने और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने हिंदी स्कूलों में पहले की तरह शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने सरकार से TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक एवं जिला व राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने की अपील की। शिक्षकों ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में वेतन नहीं मिलने पर अपना यह प्रदर्शन किया।
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    बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और 22 सूत्री मांगों को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने की, जबकि संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। वक्ताओं ने इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने महीने की पहली तारीख को सभी कोटि के शिक्षकों को वेतन भुगतान करने की मांग की।

धरना में शामिल शिक्षकों ने प्रोन्नति संबंधी कई मांगें भी उठाईं। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पूरी होने पर कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए। उन्होंने स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों के लिए 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति और स्नातक ग्रेड शिक्षकों के लिए 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर पद पर प्रोन्नति की मांग की।

प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक व पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने पर जोर दिया, जिसमें दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक तथा पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ मिले। उन्होंने नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापकों को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी। जिला मीडिया प्रभारी उपेंद्र चौधरी ने सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना, सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग की। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही करने और इसे अद्यतन हस्तांतरित करने की मांग उठाई। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ देने तथा शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में नहीं मिल रहे वेतन संरक्षण का लाभ तुरंत लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित करने और सभी बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की।

इसके अतिरिक्त, जिला सचिव दिलीप कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन देने, अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा करने और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने हिंदी स्कूलों में पहले की तरह शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने सरकार से TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक एवं जिला व राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने की अपील की। शिक्षकों ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में वेतन नहीं मिलने पर अपना यह प्रदर्शन किया।
    user_India khabar Begusarai.
    India khabar Begusarai.
    बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    1 hr ago
  • पटना के शिक्षक रोशन आनंद सर ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से फैजल खान उर्फ खान सर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे शिक्षा जगत में हलचल मच गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और दोनों शिक्षकों के समर्थक अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं। यह विवाद अब इस सवाल पर केंद्रित है कि इसकी सच्चाई क्या है और इसका छात्रों पर क्या असर पड़ेगा। वीडियो में रोशन आनंद सर द्वारा लगाए गए आरोपों को विस्तार से समझाया गया है। इस पूरे मामले पर जनता की राय भी मांगी गई है, जिसमें लोगों से अपनी प्रतिक्रिया कमेंट्स में देने का आग्रह किया गया है।
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    पटना के शिक्षक रोशन आनंद सर ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से फैजल खान उर्फ खान सर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे शिक्षा जगत में हलचल मच गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और दोनों शिक्षकों के समर्थक अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं।

यह विवाद अब इस सवाल पर केंद्रित है कि इसकी सच्चाई क्या है और इसका छात्रों पर क्या असर पड़ेगा। वीडियो में रोशन आनंद सर द्वारा लगाए गए आरोपों को विस्तार से समझाया गया है। इस पूरे मामले पर जनता की राय भी मांगी गई है, जिसमें लोगों से अपनी प्रतिक्रिया कमेंट्स में देने का आग्रह किया गया है।
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    मोबाइल टीवी न्यूज
    Media house Begusarai, Bihar•
    13 hrs ago
  • बलिया पुलिस ने बलिया थाना परिसर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी स्वेच्छा से चोट पहुँचाने समेत अन्य मामलों के संबंध में की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत के लिए बेगूसराय जेल भेज दिया गया है।
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    बलिया पुलिस ने बलिया थाना परिसर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी स्वेच्छा से चोट पहुँचाने समेत अन्य मामलों के संबंध में की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत के लिए बेगूसराय जेल भेज दिया गया है।
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    Update
    बलिया, बेगूसराय, बिहार•
    13 hrs ago
  • लखीसराय नगर परिषद के सफाईकर्मी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन रहा, जिसके चलते नया बाजार स्थित नगर भवन के मुख्य द्वार पर सफाईकर्मियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। हड़ताली कर्मियों की प्रमुख मांगों में 15 से 20 वर्षों से कार्यरत सफाईकर्मियों का स्थायीकरण, वरीयता के आधार पर वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाना और वरीयता सूची प्रकाशित कर सफाईकर्मियों को नियमित करते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। सफाईकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस हड़ताल के कारण नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई स्थानों पर कचरे का अंबार लग गया है, जिससे आम लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी जताई जा रही है। लोग अब नगर परिषद प्रशासन और सफाईकर्मियों के बीच जल्द से जल्द वार्ता होने और इस समस्या का समाधान निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
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    लखीसराय नगर परिषद के सफाईकर्मी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन रहा, जिसके चलते नया बाजार स्थित नगर भवन के मुख्य द्वार पर सफाईकर्मियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा।

हड़ताली कर्मियों की प्रमुख मांगों में 15 से 20 वर्षों से कार्यरत सफाईकर्मियों का स्थायीकरण, वरीयता के आधार पर वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाना और वरीयता सूची प्रकाशित कर सफाईकर्मियों को नियमित करते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। सफाईकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

इस हड़ताल के कारण नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई स्थानों पर कचरे का अंबार लग गया है, जिससे आम लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी जताई जा रही है। लोग अब नगर परिषद प्रशासन और सफाईकर्मियों के बीच जल्द से जल्द वार्ता होने और इस समस्या का समाधान निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
    user_Atmanand Singh
    Atmanand Singh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    9 hrs ago
  • अमावस्या तिथि के अवसर पर बाढ़ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों और विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस विशेष अवसर पर महिलाओं ने विधि-विधान से पीपल वृक्ष की पूजा की और उसकी परिक्रमा कर अपने पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली तथा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। पूजा के दौरान मंदिरों में गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। स्थानीय पुजारी मुन्ना पांडेय ने बताया कि सनातन परंपरा में अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। उनकी मान्यता के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूरे दिन गंगा घाटों और मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से अपने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अमावस्या के अवसर पर बाढ़ पूरी तरह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के रंग में डूबा नजर आया।
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    अमावस्या तिथि के अवसर पर बाढ़ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों और विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

इस विशेष अवसर पर महिलाओं ने विधि-विधान से पीपल वृक्ष की पूजा की और उसकी परिक्रमा कर अपने पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली तथा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। पूजा के दौरान मंदिरों में गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

स्थानीय पुजारी मुन्ना पांडेय ने बताया कि सनातन परंपरा में अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। उनकी मान्यता के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पूरे दिन गंगा घाटों और मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से अपने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अमावस्या के अवसर पर बाढ़ पूरी तरह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के रंग में डूबा नजर आया।
    user_Swaraj Bharat Live
    Swaraj Bharat Live
    Social worker मोकामा, पटना, बिहार•
    23 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर भाजपा के नेता, सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच प्रधानमंत्री के कार्यों का प्रचार कर रहे हैं। इसके लिए वे '12 साल पूरा कार्ड' का उपयोग कर रहे हैं। इसी क्रम में, बेगूसराय में कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला प्रवक्ता रंजीत कुमार मुखिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर भाजपा के नेता, सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच प्रधानमंत्री के कार्यों का प्रचार कर रहे हैं। इसके लिए वे '12 साल पूरा कार्ड' का उपयोग कर रहे हैं। इसी क्रम में, बेगूसराय में कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला प्रवक्ता रंजीत कुमार मुखिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
    user_India khabar Begusarai.
    India khabar Begusarai.
    बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    10 hrs ago
  • बेगूसराय जिले के हरपुर चौक पर एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। इस घटना में एक व्यक्ति की जान जाते-जाते बची, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
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    बेगूसराय जिले के हरपुर चौक पर एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। इस घटना में एक व्यक्ति की जान जाते-जाते बची, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
    user_News Bihar
    News Bihar
    बखरी, बेगूसराय, बिहार•
    1 hr ago
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