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हिंदी हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत : डॉ. कुमारी खुशबू जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), कुमारबाग में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, मौखिक परिचर्चा, भाषण और काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट की प्राचार्या डॉ. कुमारी खुशबू ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति गौरवबोध विकसित करने तथा शिक्षा और दैनिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। हिंदी ने समय के साथ खुद को लगातार विकसित किया : डॉ. मनोज कुमार गुप्ता वरीय व्याख्याता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी के व्यापक प्रयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सदियों की विकास यात्रा का परिणाम है हिंदी की समृद्धि हिंदी व्याख्याता श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और भाषायी परंपरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हिंदी को प्रगतिशील और निरंतर विकसित होती भाषा बताते हुए कहा कि इसकी वर्तमान समृद्धि सदियों की सतत विकास-यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हिंदी समय के साथ निरंतर पल्लवित और पुष्पित होती रही है। यह भाषा मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डायट समन्वयक डॉ. मनीष कुमार ने किया। वहीं व्याख्याता डॉ. महफूज अख्तर, श्री ओमप्रकाश, श्री कमलेन्द्र प्रसाद और श्री अमित कुमार ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे। सभी व्याख्याताओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन और शैक्षिक संदर्भों में प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में हिंदी के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया गया।

1 hr ago
user_S9 Bihar
S9 Bihar
News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
1 hr ago

हिंदी हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत : डॉ. कुमारी खुशबू जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), कुमारबाग में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, मौखिक परिचर्चा, भाषण और काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट की प्राचार्या डॉ. कुमारी खुशबू ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति गौरवबोध विकसित करने तथा शिक्षा और दैनिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। हिंदी ने समय के साथ खुद को लगातार विकसित किया : डॉ. मनोज कुमार गुप्ता वरीय व्याख्याता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी के व्यापक प्रयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सदियों की विकास यात्रा का परिणाम है हिंदी की समृद्धि हिंदी व्याख्याता श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और भाषायी परंपरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हिंदी को प्रगतिशील और निरंतर विकसित होती भाषा बताते हुए कहा कि इसकी वर्तमान समृद्धि सदियों की सतत विकास-यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हिंदी समय के साथ निरंतर पल्लवित और पुष्पित होती रही है। यह भाषा मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डायट समन्वयक डॉ. मनीष कुमार ने किया। वहीं व्याख्याता डॉ. महफूज अख्तर, श्री ओमप्रकाश, श्री कमलेन्द्र प्रसाद और श्री अमित कुमार ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे। सभी व्याख्याताओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन और शैक्षिक संदर्भों में प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में हिंदी के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया गया।

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  • ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक बीघा जमीन से कमा रहे अच्छी आमदनी पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का जुनून हो तो खेती भी कमाई का बड़ा जरिया बन सकती है। पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती कर इसकी मिसाल पेश की है। बैकुंठवा पंचायत के जयनगर गांव के वार्ड नंबर 16 निवासी मंजय प्रसाद करीब एक बीघा जमीन में पिछले दो वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। बाजार में इस समय ड्रैगन फ्रूट करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे किसान को अच्छी आमदनी की उम्मीद है। यूपी और बंगाल से लाए पौधे, शुरू की नई खेती किसान मंजय प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बंगाल से बीज लाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। करीब 18 महीने में पौधे फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद सही देखभाल और बेहतर प्रबंधन से उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। कम जमीन में बेहतर आमदनी की उम्मीद मंजय प्रसाद के मुताबिक ड्रैगन फ्रूट की बाजार में अच्छी मांग है। यही वजह है कि कम जमीन में भी इसकी खेती किसानों के लिए आमदनी का बेहतर विकल्प बन सकती है। हालांकि फसल की देखभाल में मेहनत और समय दोनों लगते हैं, लेकिन पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे बेहतर कमाई की उम्मीद रहती है। दूसरे किसान भी हो रहे प्रेरित ड्रैगन फ्रूट की खेती का यह प्रयोग अब इलाके के दूसरे किसानों का भी ध्यान खींच रहा है। किसानों में आधुनिक और बाजार आधारित फसलों की खेती को लेकर रुचि बढ़ रही है। पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजेश प्रसाद कुशवाहा और अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं। यानी एक बीघा जमीन में नई सोच के साथ शुरू की गई ड्रैगन फ्रूट की खेती अब मंजय प्रसाद के लिए आमदनी का नया रास्ता बन रही है और क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी आधुनिक खेती की ओर बढ़ने का संदेश दे रही है।
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    ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक बीघा जमीन से कमा रहे अच्छी आमदनी
पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का जुनून हो तो खेती भी कमाई का बड़ा जरिया बन सकती है। पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती कर इसकी मिसाल पेश की है।
बैकुंठवा पंचायत के जयनगर गांव के वार्ड नंबर 16 निवासी मंजय प्रसाद करीब एक बीघा जमीन में पिछले दो वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। बाजार में इस समय ड्रैगन फ्रूट करीब 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे किसान को अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
यूपी और बंगाल से लाए पौधे, शुरू की नई खेती
किसान मंजय प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बंगाल से बीज लाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। करीब 18 महीने में पौधे फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद सही देखभाल और बेहतर प्रबंधन से उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है।
कम जमीन में बेहतर आमदनी की उम्मीद
मंजय प्रसाद के मुताबिक ड्रैगन फ्रूट की बाजार में अच्छी मांग है। यही वजह है कि कम जमीन में भी इसकी खेती किसानों के लिए आमदनी का बेहतर विकल्प बन सकती है। हालांकि फसल की देखभाल में मेहनत और समय दोनों लगते हैं, लेकिन पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे बेहतर कमाई की उम्मीद रहती है।
दूसरे किसान भी हो रहे प्रेरित
ड्रैगन फ्रूट की खेती का यह प्रयोग अब इलाके के दूसरे किसानों का भी ध्यान खींच रहा है। किसानों में आधुनिक और बाजार आधारित फसलों की खेती को लेकर रुचि बढ़ रही है।
पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजेश प्रसाद कुशवाहा और अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
यानी एक बीघा जमीन में नई सोच के साथ शुरू की गई ड्रैगन फ्रूट की खेती अब मंजय प्रसाद के लिए आमदनी का नया रास्ता बन रही है और क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी आधुनिक खेती की ओर बढ़ने का संदेश दे रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    32 min ago
  • विश्वकर्मा पूजा को लेकर निकली भव्य कलश यात्रा, 17 को होगी स्थायी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपये में मंगाई गई भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा, स्थापना को लेकर मिलकर्मियों में उत्साह मझौलिया। शुगर इंडस्ट्रीज में विश्वकर्मा पूजा को लेकर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में कन्याओं के साथ चीनी मिल के अधिकारी, पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए। यूनिट हेड उदयवीर सिंह की पहल पर इस वर्ष मिल परिसर में भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रतिमा की स्थापना को लेकर मिलकर्मियों में खासा उत्साह है।कलश यात्रा शुगर इंडस्ट्रीज परिसर से शुरू होकर राजघाट स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर के समीप उत्तरवाहिनी नदी के तट पर पहुंची। यहां आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच पूरे विधि-विधान से कलश में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर पुन: शुगर इंडस्ट्रीज परिसर पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।एजीएम एचआर हरीश सिंह ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा की भव्य प्रतिमा जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से मंगाई गई है। 16 सितंबर को अधिवास तथा 17 सितंबर को प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रतिमा का पूजन किया जाएगा।गन्ना महाप्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मझौलिया शुगर इंडस्ट्रीज की स्थापना वर्ष 1932 में हुई थी, लेकिन अब तक भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई थी। इस बार यूनिट हेड की पहल पर प्रबंधन और मिलकर्मियों के संयुक्त सहयोग से प्रतिमा मंगाई गई है। शिव शक्तिधाम के उत्तर दिशा में प्रतिमा की स्थापना के लिए भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। आचार्य पंडित त्रिलोकी पांडेय व आचार्य चुनचुन पांडेय की देखरेख में पूजन होगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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    विश्वकर्मा पूजा को लेकर निकली भव्य कलश यात्रा, 17 को होगी स्थायी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा


जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपये में मंगाई गई भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा, स्थापना को लेकर मिलकर्मियों में उत्साह



मझौलिया। शुगर इंडस्ट्रीज में विश्वकर्मा पूजा को लेकर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में कन्याओं के साथ चीनी मिल के अधिकारी, पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए। यूनिट हेड उदयवीर सिंह की पहल पर इस वर्ष मिल परिसर में भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रतिमा की स्थापना को लेकर मिलकर्मियों में खासा उत्साह है।कलश यात्रा शुगर इंडस्ट्रीज परिसर से शुरू होकर राजघाट स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर के समीप उत्तरवाहिनी नदी के तट पर पहुंची। यहां आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच पूरे विधि-विधान से कलश में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर पुन: शुगर इंडस्ट्रीज परिसर पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।एजीएम एचआर हरीश सिंह ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा की भव्य प्रतिमा जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से मंगाई गई है। 16 सितंबर को अधिवास तथा 17 सितंबर को प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रतिमा का पूजन किया जाएगा।गन्ना महाप्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मझौलिया शुगर इंडस्ट्रीज की स्थापना वर्ष 1932 में हुई थी, लेकिन अब तक भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई थी। इस बार यूनिट हेड की पहल पर प्रबंधन और मिलकर्मियों के संयुक्त सहयोग से प्रतिमा मंगाई गई है। शिव शक्तिधाम के उत्तर दिशा में प्रतिमा की स्थापना के लिए भवन निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। आचार्य पंडित त्रिलोकी पांडेय व आचार्य चुनचुन पांडेय की देखरेख में पूजन होगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • नए पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ कुमार ने संभाला पदभार, ----- कर्मीयों सहित जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत। दिए कई निर्देश। नौतन/ प्रखंड के नए पंचायती राज पदाधिकारी के रूप में सौरभ कुमार ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही प्रखंड कार्यालय के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने फूल-माला व गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त बीपीआरओ सौरभ कुमार ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। इस दौरान सभी पंचायत सचिवों को पंचायत जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने की अपील की।उन्होंने पंचायत सरकार भवन को सक्रिय करने तथा नल-जल योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायतों में लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कही।इस मौके पर प्रखंड प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, पंचायत सचिव, नगीना पासवान, रजनीकांत कुमार,मुखिया प्रतिनिधि राधेश्याम चौधरी, सुशील चौधरी, साधना कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।।
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    नए पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ कुमार ने संभाला पदभार, 
----- कर्मीयों सहित जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत। दिए कई निर्देश।
नौतन/ प्रखंड के नए पंचायती राज पदाधिकारी के रूप में सौरभ कुमार ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही प्रखंड कार्यालय के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने फूल-माला व गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त बीपीआरओ सौरभ कुमार ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। इस दौरान सभी पंचायत सचिवों को पंचायत जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने की अपील की।उन्होंने पंचायत सरकार भवन को सक्रिय करने तथा नल-जल योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायतों में लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कही।इस मौके पर प्रखंड प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, पंचायत सचिव, नगीना पासवान, रजनीकांत कुमार,मुखिया प्रतिनिधि राधेश्याम चौधरी, सुशील चौधरी, साधना कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।।
    user_मुकेश कुमार
    मुकेश कुमार
    Press advisory नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    14 hrs ago
  • मोतिहारी में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 25 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। छतौनी पुलिस ने मामले में कथित सरगना को गिरफ्तार किया है। डीएसपी ने कार्रवाई और मामले से जुड़ी जानकारी साझा की। पूरी खबर और पुलिस की कार्रवाई जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें। KSR BIHAR NEWS | भरोसेमंद स्थानीय खबरें #MotihariNews #MotihariPolice #PoliceAction #CrimeNews #BiharNews #KSRBiharNews
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    मोतिहारी में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 25 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। छतौनी पुलिस ने मामले में कथित सरगना को गिरफ्तार किया है। डीएसपी ने कार्रवाई और मामले से जुड़ी जानकारी साझा की।
पूरी खबर और पुलिस की कार्रवाई जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें।
KSR BIHAR NEWS | भरोसेमंद स्थानीय खबरें
#MotihariNews #MotihariPolice #PoliceAction #CrimeNews #BiharNews #KSRBiharNews
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • सुगौली नगर क्षेत्र के वार्ड 8 में लगा शिविर, लोगों ने अपनी नाला और चापाकल लगाने की मांग रखी।
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    सुगौली नगर क्षेत्र के वार्ड 8 में लगा शिविर, लोगों ने अपनी नाला और चापाकल लगाने की मांग रखी।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • Vishwakarma puja ki taiyari chal raha hai aur Bane rahiye aap log agale video mein Vishwakarma puja ki taiyari chal raha hai aaj 16 September 2026 cal ke video aapke pass jarur share karenge
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    Vishwakarma puja ki taiyari chal raha hai aur Bane rahiye aap log agale video mein
Vishwakarma puja ki taiyari chal raha hai aaj 16 September 2026 cal ke video aapke pass jarur share karenge
    user_Nitish Kumar yadav
    Nitish Kumar yadav
    Voice of people ठकराहन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • भगवानपुर वैशाली पुलिस टीम ने दबोचा फिर से गांजा तस्कर पुलिस की पकड़ में
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    भगवानपुर वैशाली पुलिस टीम ने दबोचा फिर से गांजा तस्कर पुलिस की पकड़ में
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • हिंदी हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत : डॉ. कुमारी खुशबू जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), कुमारबाग में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, मौखिक परिचर्चा, भाषण और काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट की प्राचार्या डॉ. कुमारी खुशबू ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति गौरवबोध विकसित करने तथा शिक्षा और दैनिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। हिंदी ने समय के साथ खुद को लगातार विकसित किया : डॉ. मनोज कुमार गुप्ता वरीय व्याख्याता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी के व्यापक प्रयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सदियों की विकास यात्रा का परिणाम है हिंदी की समृद्धि हिंदी व्याख्याता श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और भाषायी परंपरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हिंदी को प्रगतिशील और निरंतर विकसित होती भाषा बताते हुए कहा कि इसकी वर्तमान समृद्धि सदियों की सतत विकास-यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हिंदी समय के साथ निरंतर पल्लवित और पुष्पित होती रही है। यह भाषा मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डायट समन्वयक डॉ. मनीष कुमार ने किया। वहीं व्याख्याता डॉ. महफूज अख्तर, श्री ओमप्रकाश, श्री कमलेन्द्र प्रसाद और श्री अमित कुमार ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे। सभी व्याख्याताओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन और शैक्षिक संदर्भों में प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में हिंदी के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया गया।
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    हिंदी हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत : डॉ. कुमारी खुशबू
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), कुमारबाग में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, मौखिक परिचर्चा, भाषण और काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट की प्राचार्या डॉ. कुमारी खुशबू ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
उन्होंने नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति गौरवबोध विकसित करने तथा शिक्षा और दैनिक जीवन में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
हिंदी ने समय के साथ खुद को लगातार विकसित किया : डॉ. मनोज कुमार गुप्ता
वरीय व्याख्याता डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विकास-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी के व्यापक प्रयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
सदियों की विकास यात्रा का परिणाम है हिंदी की समृद्धि
हिंदी व्याख्याता श्री त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और भाषायी परंपरा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हिंदी को प्रगतिशील और निरंतर विकसित होती भाषा बताते हुए कहा कि इसकी वर्तमान समृद्धि सदियों की सतत विकास-यात्रा का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि हिंदी समय के साथ निरंतर पल्लवित और पुष्पित होती रही है। यह भाषा मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से हिंदी भाषा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डायट समन्वयक डॉ. मनीष कुमार ने किया। वहीं व्याख्याता डॉ. महफूज अख्तर, श्री ओमप्रकाश, श्री कमलेन्द्र प्रसाद और श्री अमित कुमार ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार रखे।
सभी व्याख्याताओं ने प्रशिक्षु शिक्षकों को हिंदी के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन और शैक्षिक संदर्भों में प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में हिंदी के सम्मान, संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के प्रति संकल्प व्यक्त किया गया।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
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