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करौली साइबर थाना पुलिस ने लाखों रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के आदेशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0' के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश चंद मीना के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने यह कार्रवाई की है। इस प्रकरण में अब तक कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। थाना अधिकारी कैलाश चंद ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बाबुल मनोज पांडे पुत्र मनोज पांडे (निवासी रूम नं. 405 जीवदानी दर्शन बिल्डिंग, वलई पाला रोड, नाला सोपारा ईस्ट, संतोष भवन, वसई, महाराष्ट्र) और रवि गणेश शर्मा पुत्र गणेश शर्मा (निवासी रूम नं. 2 पार्वती धाम सोसायटी, वलई पाला रोड, नाला सोपारा संतोष भवन ईस्ट, महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी बाबुल से ₹2,86,740 की राशि बरामद की है। इस मामले में पहले भी तीन अन्य मुलजिमों को मध्य प्रदेश और लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। परिवादी मनोज कुमार मीना ने अपनी शिकायत में बताया था कि 18 फरवरी 2024 को साइबर ठगों ने 'COIN DCX COMPANY' के नाम से उन्हें कंपनी के ऑनलाइन बिजनेस, होटल-रेस्टोरेंट के ऑफर, रजिस्ट्रेशन और डेटा टास्क कंप्लीट करने का झांसा दिया था। इसके बाद उनके खाते से कुल ₹17,24,948 का साइबर फ्रॉड कर यह राशि ट्रांसफर कर ली गई थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से प्रकरण में अन्य सहयोगियों की संलिप्तता के संबंध में लगातार अनुसंधान और पूछताछ कर रही है।

12 hrs ago
user_RK LIVE KARAULI
RK LIVE KARAULI
Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
12 hrs ago
533c0a56-3d9e-4e69-99fc-5bd187f02238

करौली साइबर थाना पुलिस ने लाखों रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के आदेशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0' के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश चंद मीना के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने यह कार्रवाई की है। इस प्रकरण में अब तक कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। थाना अधिकारी कैलाश चंद ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बाबुल मनोज पांडे पुत्र मनोज पांडे (निवासी रूम नं. 405 जीवदानी दर्शन बिल्डिंग, वलई पाला रोड, नाला सोपारा ईस्ट, संतोष भवन, वसई, महाराष्ट्र) और रवि गणेश शर्मा पुत्र गणेश शर्मा (निवासी रूम नं. 2 पार्वती धाम सोसायटी, वलई पाला रोड, नाला सोपारा संतोष भवन ईस्ट, महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी बाबुल से ₹2,86,740 की राशि बरामद की है। इस मामले में पहले भी तीन अन्य मुलजिमों को मध्य प्रदेश और लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। परिवादी मनोज कुमार मीना ने अपनी शिकायत में बताया था कि 18 फरवरी 2024 को साइबर ठगों ने 'COIN DCX COMPANY' के नाम से उन्हें कंपनी के ऑनलाइन बिजनेस, होटल-रेस्टोरेंट के ऑफर, रजिस्ट्रेशन और डेटा टास्क कंप्लीट करने का झांसा दिया था। इसके बाद उनके खाते से कुल ₹17,24,948 का साइबर फ्रॉड कर यह राशि ट्रांसफर कर ली गई थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से प्रकरण में अन्य सहयोगियों की संलिप्तता के संबंध में लगातार अनुसंधान और पूछताछ कर रही है।

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  • बरौली अस्पताल में सीबीसी मशीन का शुभारंभ किया गया है।
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    बरौली अस्पताल में सीबीसी मशीन का शुभारंभ किया गया है।
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा धड़ल्ले से मिलावटी पेट्रोल बेचने का मामला सामने आया है, जिस पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें एक मोटरसाइकिल सवार ने सबलगढ़ के एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाया था। घर पहुँचने पर उसकी मोटरसाइकिल बंद हो गई, जिसे मैकेनिक को दिखाने पर पता चला कि पेट्रोल में मिलावट थी, जिसकी वजह से गाड़ी बंद हुई। मैकेनिक ने बताया कि यह केमिकल या पानी हो सकता है, हालाँकि बोतल में निकाले गए इस तरल पदार्थ को लेकर अभी यह स्पष्ट नहीं किया जा सका कि वह केमिकल था या पानी, लेकिन मिलावट की बात सही पाई गई। सबलगढ़ में कई पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहाँ हर दिन हजारों की संख्या में फोर-व्हीलर और मोटरसाइकिल चालक पेट्रोल भरवाने पहुँचते हैं। ऐसे में यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इन पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा किस हद तक केमिकल या पानी मिलाकर पेट्रोल बेचा जा रहा होगा, जिससे वाहन मालिक ठगी का शिकार हो रहे हैं। पीड़ित मोटरसाइकिल सवार का कहना है कि इस मिलावटी पेट्रोल से उसकी बाइक के इंजन को भारी नुकसान हुआ है, और वह जानना चाहता है कि इस नुकसान की भरपाई पेट्रोल पंप संचालक करेंगे या स्थानीय प्रशासन। उसने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी को अपनी मोटरसाइकिल बंद होने का कारण बताया। पीड़ित का आरोप है कि यदि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पेट्रोल पंपों की जाँच होती रहे, तो फोर-व्हीलर एवं टू-व्हीलर चालकों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उसे अपनी मोटरसाइकिल को इतनी गर्मी में धक्का देकर मैकेनिक की दुकान तक लाना पड़ा। यह एक बड़ा सवाल है कि पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी कब तक चलती रहेगी और स्थानीय प्रशासन कब तक मूक दर्शक बना रहेगा। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि सबलगढ़ में संचालित पेट्रोल पंपों की जाँच कर दोषी पंपों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करे, अन्यथा पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी इसी तरीके से चलती रहेगी। अब देखना यह होगा कि इस समाचार के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा धड़ल्ले से मिलावटी पेट्रोल बेचने का मामला सामने आया है, जिस पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें एक मोटरसाइकिल सवार ने सबलगढ़ के एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाया था। घर पहुँचने पर उसकी मोटरसाइकिल बंद हो गई, जिसे मैकेनिक को दिखाने पर पता चला कि पेट्रोल में मिलावट थी, जिसकी वजह से गाड़ी बंद हुई। मैकेनिक ने बताया कि यह केमिकल या पानी हो सकता है, हालाँकि बोतल में निकाले गए इस तरल पदार्थ को लेकर अभी यह स्पष्ट नहीं किया जा सका कि वह केमिकल था या पानी, लेकिन मिलावट की बात सही पाई गई।

सबलगढ़ में कई पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहाँ हर दिन हजारों की संख्या में फोर-व्हीलर और मोटरसाइकिल चालक पेट्रोल भरवाने पहुँचते हैं। ऐसे में यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इन पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा किस हद तक केमिकल या पानी मिलाकर पेट्रोल बेचा जा रहा होगा, जिससे वाहन मालिक ठगी का शिकार हो रहे हैं। पीड़ित मोटरसाइकिल सवार का कहना है कि इस मिलावटी पेट्रोल से उसकी बाइक के इंजन को भारी नुकसान हुआ है, और वह जानना चाहता है कि इस नुकसान की भरपाई पेट्रोल पंप संचालक करेंगे या स्थानीय प्रशासन। उसने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी को अपनी मोटरसाइकिल बंद होने का कारण बताया।

पीड़ित का आरोप है कि यदि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पेट्रोल पंपों की जाँच होती रहे, तो फोर-व्हीलर एवं टू-व्हीलर चालकों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उसे अपनी मोटरसाइकिल को इतनी गर्मी में धक्का देकर मैकेनिक की दुकान तक लाना पड़ा। यह एक बड़ा सवाल है कि पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी कब तक चलती रहेगी और स्थानीय प्रशासन कब तक मूक दर्शक बना रहेगा। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि सबलगढ़ में संचालित पेट्रोल पंपों की जाँच कर दोषी पंपों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करे, अन्यथा पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी इसी तरीके से चलती रहेगी। अब देखना यह होगा कि इस समाचार के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
    user_धर्मेद्र गौड़
    धर्मेद्र गौड़
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बामड़ाखेड़ी से आ रहे एक यात्री को अपनी मोटरसाइकिल पंचर होने के कारण रास्ते में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कठिन समय में, श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत सहायता प्रदान की। स्टॉल के कर्मचारियों ने यात्री की समस्या को समझते हुए हर संभव सहयोग दिया, जिससे उनका सफर सुरक्षित और सुगम तरीके से आगे बढ़ सका। बल्लू टी स्टॉल फेमस का मानना है कि रास्ते में फंसे किसी भी व्यक्ति की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य है, क्योंकि छोटी-सी सहायता भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। वे इस सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को समाज को मजबूत बनाने वाला आधार मानते हैं, जिसे वे अपने आदर्श 'सेवा ही हमारा धर्म है' के रूप में जीते हैं। उन्होंने सभी यात्रियों की सुरक्षा और मंगलमय सफर के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।
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    बामड़ाखेड़ी से आ रहे एक यात्री को अपनी मोटरसाइकिल पंचर होने के कारण रास्ते में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कठिन समय में, श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत सहायता प्रदान की। स्टॉल के कर्मचारियों ने यात्री की समस्या को समझते हुए हर संभव सहयोग दिया, जिससे उनका सफर सुरक्षित और सुगम तरीके से आगे बढ़ सका।

बल्लू टी स्टॉल फेमस का मानना है कि रास्ते में फंसे किसी भी व्यक्ति की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य है, क्योंकि छोटी-सी सहायता भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। वे इस सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को समाज को मजबूत बनाने वाला आधार मानते हैं, जिसे वे अपने आदर्श 'सेवा ही हमारा धर्म है' के रूप में जीते हैं। उन्होंने सभी यात्रियों की सुरक्षा और मंगलमय सफर के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।
    user_बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    Beerpur, Sheopur•
    14 hrs ago
  • हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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    हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं।

सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • टेंटरा के जवाहरगढ़ प्रथम बीट में वन विभाग के कर्मचारियों, जिनमें एक बीट गार्ड और चौकीदार शामिल हैं, का एक शर्मनाक कारनामा सामने आया है। जिस वन विभाग पर जंगलों की सुरक्षा और अवैध उत्खनन रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के कारिंदे अब चंद रुपयों की खातिर माफिया के मददगार बन गए हैं। एक तेजी से वायरल हो रहे वीडियो ने वन विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिसमें साफ दिख रहा है कि ये कर्मचारी अवैध उत्खनन स्थल से जब्त किए गए औजारों का सौदा कर रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि वन अमले ने पत्थर के अवैध उत्खनन में उपयोग होने वाले भारी उपकरण जैसे घन, संबल, कुल्हाड़ी, तसला और फावड़े जब्त किए थे। नियमानुसार इन औजारों को जब्त कर राजसात की कार्रवाई होनी चाहिए थी और आरोपियों पर केस दर्ज किया जाना था। हालांकि, वीडियो में बीट गार्ड और चौकीदार अवैध खनन करने वालों के साथ 'लेन-देन' की बात करते हुए नजर आ रहे हैं, जिसके तुरंत बाद ही सभी जब्त औजारों को आरोपियों को वापस सौंप दिया गया। वायरल वीडियो में औजारों की सौदेबाजी के साथ-साथ बीट गार्ड के मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो भी साफ सुनाई दे रहा है। ऑडियो में बीट गार्ड से फोन पर बात कर रहा व्यक्ति (जिसे माफिया का गुर्गा बताया गया है) खुलेआम पूछता है, "छत्रा वाली खदान पर खंडा (पत्थर) डला है, ले आऊं क्या? कोई अधिकारी तो नहीं आ रहा है?" इस सवाल के जवाब में बीट गार्ड उसे बेखौफ होकर माल उठाने का इशारा देता है, जो यह प्रमाणित करता है कि उसे कानून का कोई डर नहीं है और वह खुद अधिकारियों की लोकेशन माफिया तक पहुंचाकर अवैध उत्खनन को निर्बाध रूप से जारी रखने में मदद कर रहा है। यह घटना दर्शाती है कि जवाहरगढ़ प्रथम बीट में वनरक्षक ही खनन माफिया का 'पार्टनर' बन चुका है, जिसकी शह पर जंगल 'खाक' हो रहे हैं।
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    टेंटरा के जवाहरगढ़ प्रथम बीट में वन विभाग के कर्मचारियों, जिनमें एक बीट गार्ड और चौकीदार शामिल हैं, का एक शर्मनाक कारनामा सामने आया है। जिस वन विभाग पर जंगलों की सुरक्षा और अवैध उत्खनन रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के कारिंदे अब चंद रुपयों की खातिर माफिया के मददगार बन गए हैं। एक तेजी से वायरल हो रहे वीडियो ने वन विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिसमें साफ दिख रहा है कि ये कर्मचारी अवैध उत्खनन स्थल से जब्त किए गए औजारों का सौदा कर रहे हैं।

वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि वन अमले ने पत्थर के अवैध उत्खनन में उपयोग होने वाले भारी उपकरण जैसे घन, संबल, कुल्हाड़ी, तसला और फावड़े जब्त किए थे। नियमानुसार इन औजारों को जब्त कर राजसात की कार्रवाई होनी चाहिए थी और आरोपियों पर केस दर्ज किया जाना था। हालांकि, वीडियो में बीट गार्ड और चौकीदार अवैध खनन करने वालों के साथ 'लेन-देन' की बात करते हुए नजर आ रहे हैं, जिसके तुरंत बाद ही सभी जब्त औजारों को आरोपियों को वापस सौंप दिया गया।

वायरल वीडियो में औजारों की सौदेबाजी के साथ-साथ बीट गार्ड के मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो भी साफ सुनाई दे रहा है। ऑडियो में बीट गार्ड से फोन पर बात कर रहा व्यक्ति (जिसे माफिया का गुर्गा बताया गया है) खुलेआम पूछता है, "छत्रा वाली खदान पर खंडा (पत्थर) डला है, ले आऊं क्या? कोई अधिकारी तो नहीं आ रहा है?" इस सवाल के जवाब में बीट गार्ड उसे बेखौफ होकर माल उठाने का इशारा देता है, जो यह प्रमाणित करता है कि उसे कानून का कोई डर नहीं है और वह खुद अधिकारियों की लोकेशन माफिया तक पहुंचाकर अवैध उत्खनन को निर्बाध रूप से जारी रखने में मदद कर रहा है।

यह घटना दर्शाती है कि जवाहरगढ़ प्रथम बीट में वनरक्षक ही खनन माफिया का 'पार्टनर' बन चुका है, जिसकी शह पर जंगल 'खाक' हो रहे हैं।
    user_चंबल न्यूज 24
    चंबल न्यूज 24
    Court reporter सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के विजयपुर तहसील के ग्राम सहसराम में स्वर्गीय जसोदा पति भोगीराम जाटव के निधन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के श्मशान घाट पर कुछ दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है, जिसके कारण अब अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार तहसीलदार विजयपुर को लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस कथित अनदेखी से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और अपनी समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही गसवानी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
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    मध्य प्रदेश के विजयपुर तहसील के ग्राम सहसराम में स्वर्गीय जसोदा पति भोगीराम जाटव के निधन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के श्मशान घाट पर कुछ दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है, जिसके कारण अब अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार तहसीलदार विजयपुर को लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस कथित अनदेखी से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और अपनी समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही गसवानी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
    user_Ravikant
    Ravikant
    विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • खंडीप गांव स्थित धरना स्थल पर संत प्रमोद गिरी जी महाराज पहुँचे। इस दौरान वहाँ उपस्थित किसानों ने संत श्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया।
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    खंडीप गांव स्थित धरना स्थल पर संत प्रमोद गिरी जी महाराज पहुँचे। इस दौरान वहाँ उपस्थित किसानों ने संत श्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    11 hrs ago
  • बाड़ी पुलिस ने एक यात्री से हुई लूटपाट के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से लूटे गए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
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    बाड़ी पुलिस ने एक यात्री से हुई लूटपाट के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से लूटे गए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • बामड़ाखेड़ी से आए एक यात्री को यात्रा के दौरान उस समय बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा जब उनकी मोटरसाइकिल अचानक पंक्चर हो गई। इस कठिन घड़ी में श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मानवता का परिचय देते हुए उनकी हर संभव मदद की। यह टी स्टॉल राहगीरों, यात्रियों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता है, और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि यात्री का सफर सुरक्षित और सुगम तरीके से आगे बढ़ सके। बल्लू टी स्टॉल का मानना है कि रास्ते में फंसे किसी भी व्यक्ति की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य है, क्योंकि एक छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। सेवा, सहयोग और भाईचारे की यही भावना समाज को मजबूत बनाती है। 'सेवा ही हमारा धर्म है' के सिद्धांत पर चलते हुए, बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर, सभी यात्रियों की सुरक्षा और मंगलमय यात्रा के लिए प्रार्थना करता है।
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    बामड़ाखेड़ी से आए एक यात्री को यात्रा के दौरान उस समय बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा जब उनकी मोटरसाइकिल अचानक पंक्चर हो गई। इस कठिन घड़ी में श्योपुर (मध्य प्रदेश) स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मानवता का परिचय देते हुए उनकी हर संभव मदद की। यह टी स्टॉल राहगीरों, यात्रियों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता है, और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि यात्री का सफर सुरक्षित और सुगम तरीके से आगे बढ़ सके।

बल्लू टी स्टॉल का मानना है कि रास्ते में फंसे किसी भी व्यक्ति की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य है, क्योंकि एक छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। सेवा, सहयोग और भाईचारे की यही भावना समाज को मजबूत बनाती है। 'सेवा ही हमारा धर्म है' के सिद्धांत पर चलते हुए, बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर, सभी यात्रियों की सुरक्षा और मंगलमय यात्रा के लिए प्रार्थना करता है।
    user_बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    Beerpur, Sheopur•
    14 hrs ago
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