डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र के सालेड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब चालक ने अचानक सामने आई एक गाय को बचाने का प्रयास किया, जिससे अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से नीचे तालाब में पलट गई। चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। जानकारी के अनुसार, सालेड़ा निवासी 49 वर्षीय गटु लाल पुत्र कालिया अहारी घरेलू उपयोग के लिए लकड़ियां लेकर गुलाबपुरा से अपने गांव सालेड़ा लौट रहे थे। गमेला-भेंद्रा तालाब के पास अचानक एक गाय ट्रैक्टर के सामने आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में गटु लाल ट्रैक्टर से नियंत्रण खो बैठे और वाहन तालाब में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से नीचे उतरकर सीधे तालाब में पलट गई और गटुलाल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त पीछे आ रहे गांव के एक युवक ने यह पूरी घटना देखी और तुरंत मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उनके पुत्रों ने पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों को जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही सालेड़ा पंचायत के प्रशासक दिनेश डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कुआं थाना पुलिस का जाप्ता, जिसमें एएसआई अशोक कुमार पाटीदार, चौकी प्रभारी चिखली और कांस्टेबल चंद्रवीर सिंह शामिल थे, भी घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकालकर कुआं के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया और फिर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के पुत्र थावरचंद की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गटु लाल अहारी एक मेहनतकश किसान थे और अपने पीछे पांच पुत्रों व एक पुत्री का बड़ा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें से दो पुत्रों का विवाह हो चुका है। परिवार के मुखिया की अचानक हुई इस मौत से परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल अहारी, पूर्व उप प्रधान मणीलाल अहारी, कारीलाल डामोर, चम्पा डामोर, ईश्वरलाल अहारी और थावरचंद अहारी समेत कई ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे।
डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र के सालेड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब चालक ने अचानक सामने आई एक गाय को बचाने का प्रयास किया, जिससे अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से नीचे तालाब में पलट गई। चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। जानकारी के अनुसार, सालेड़ा निवासी 49 वर्षीय गटु लाल पुत्र कालिया अहारी घरेलू उपयोग के लिए लकड़ियां लेकर गुलाबपुरा से अपने गांव सालेड़ा लौट रहे थे। गमेला-भेंद्रा तालाब के पास अचानक एक गाय ट्रैक्टर के सामने आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में गटु लाल ट्रैक्टर से नियंत्रण खो बैठे और वाहन तालाब में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से नीचे उतरकर सीधे तालाब में पलट गई और गटुलाल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त पीछे आ रहे गांव के एक युवक ने यह पूरी घटना देखी और तुरंत मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उनके पुत्रों ने पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों को जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही सालेड़ा पंचायत के प्रशासक दिनेश डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कुआं थाना पुलिस का जाप्ता, जिसमें एएसआई अशोक कुमार पाटीदार, चौकी प्रभारी चिखली और कांस्टेबल चंद्रवीर सिंह शामिल थे, भी घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकालकर कुआं के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया और फिर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के पुत्र थावरचंद की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गटु लाल अहारी एक मेहनतकश किसान थे और अपने पीछे पांच पुत्रों व एक पुत्री का बड़ा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें से दो पुत्रों का विवाह हो चुका है। परिवार के मुखिया की अचानक हुई इस मौत से परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल अहारी, पूर्व उप प्रधान मणीलाल अहारी, कारीलाल डामोर, चम्पा डामोर, ईश्वरलाल अहारी और थावरचंद अहारी समेत कई ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे।
- डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र के सालेड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब चालक ने अचानक सामने आई एक गाय को बचाने का प्रयास किया, जिससे अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से नीचे तालाब में पलट गई। चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। जानकारी के अनुसार, सालेड़ा निवासी 49 वर्षीय गटु लाल पुत्र कालिया अहारी घरेलू उपयोग के लिए लकड़ियां लेकर गुलाबपुरा से अपने गांव सालेड़ा लौट रहे थे। गमेला-भेंद्रा तालाब के पास अचानक एक गाय ट्रैक्टर के सामने आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में गटु लाल ट्रैक्टर से नियंत्रण खो बैठे और वाहन तालाब में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से नीचे उतरकर सीधे तालाब में पलट गई और गटुलाल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त पीछे आ रहे गांव के एक युवक ने यह पूरी घटना देखी और तुरंत मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उनके पुत्रों ने पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों को जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही सालेड़ा पंचायत के प्रशासक दिनेश डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कुआं थाना पुलिस का जाप्ता, जिसमें एएसआई अशोक कुमार पाटीदार, चौकी प्रभारी चिखली और कांस्टेबल चंद्रवीर सिंह शामिल थे, भी घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकालकर कुआं के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया और फिर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के पुत्र थावरचंद की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गटु लाल अहारी एक मेहनतकश किसान थे और अपने पीछे पांच पुत्रों व एक पुत्री का बड़ा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें से दो पुत्रों का विवाह हो चुका है। परिवार के मुखिया की अचानक हुई इस मौत से परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल अहारी, पूर्व उप प्रधान मणीलाल अहारी, कारीलाल डामोर, चम्पा डामोर, ईश्वरलाल अहारी और थावरचंद अहारी समेत कई ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे।1
- भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत द्वारा 'वनवासी' शब्द को लेकर की गई एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट ने आदिवासी समाज में उनकी पहचान, संस्कृति और अस्मिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वायरल हो रही इस पोस्ट के माध्यम से, आदिवासी मंच न्यूज़ ने पाठकों से इस मुद्दे पर अपनी राय माँगी है। लोगों से पूछा गया है कि क्या आदिवासी समाज की पहचान 'आदिवासी' के रूप में होनी चाहिए या 'वनवासी' के रूप में। पाठकों को अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने और ऐसी निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित की खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज़ को फॉलो करने तथा पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने का आह्वान किया गया है, ताकि यह आवाज़ अधिक लोगों तक पहुँच सके।1
- वागड़ की धर्मनगरी और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत गौतमदास जी महाराज की तपोभूमि श्री कल्लाजी शिव अन्नपूर्णा पंच धाम, राजपुर में दो दिवसीय श्री विष्णु महायाग का प्रथम दिवस श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ शुरू हुआ। अखिल भारतीय कल्लाजी सम्प्रदाय के राष्ट्रीय महासचिव एवं धाम के गादीपति महंत श्री गोपालदास जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन हुआ, जिसकी शुरुआत प्रातः हेमाद्री पूजन, मंडप प्रवेश और एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। इस आयोजन के दौरान एक भव्य संत सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं और गादीपतियों ने श्रद्धालुओं के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेणेश्वर धाम के पीठाधीश्वर परम पूज्य महंत श्री अच्यूतानंद जी महाराज का पदार्पण हुआ, जिनकी अगुवाई साद समाज, पाटीदार समाज सहित सर्व समाज की तरफ से की गई। माव भक्तों ने भजन कीर्तन कर महाराज श्री को प्राचीन लक्ष्मीनारायण भगवान, माँ अन्नपूर्णा, आंकड़िया गणेश, माँ महिसासुर मर्दनी, हनुमान जी और श्री 1008 विश्व स्वरूपं श्री कल्लाजी महाराज के दर्शन करवाए। राजपुर धाम की तरफ से, पाटीदार समाज एवं साद समाज सहित सर्व समाज की ओर से महंत अच्युतानंद जी महाराज का स्वागत सत्कार किया गया। महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन प्रदान करते हुए धर्म, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया, साथ ही सनातन धर्म के आदर्शों और मानव जीवन में धर्म की महत्ता का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथियों में अखिल भारतीय कल्लाजी सम्प्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत महेन्द्र सिंह चौहान बिछीवाड़ा, महंत नारायण दास वैष्णव उदयपुर, महंत चंद्रदीप सिंह चौहान वरदा, महंत धर्मेंद्र शुक्ला चौपासांग, महंत भरतलाल आहारी डोला, महंत भैरव सिंह स्वरूपगढ़, महंत देवी सिंह बनकोड़ा, महंत मनोज रावल देवसोमनाथ, महंत करण सिंह करावाडा, भुआजी प्रवीण सिंह गेंजी, महंत पुष्पेंद्र सिंह नौगांमा सहित अखिल भारतीय कल्लाजी सम्प्रदाय के अन्य संत, महंत, गादीपति और भक्तगण उपस्थित रहे। यज्ञवेदी में आचार्यों के सानिध्य में मुख्य यजमान विनीता/विनय कुमार दिल्ली एवं शोभिनी संजय चौबीसा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने होमात्मक आहुतियां अर्पित कर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। राजपुर धाम की तरफ से महंत परिवार ने पधारे समस्त संतों और महंतों का शॉल ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। संध्याकाल में ठाकुरजी की दिव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर सहभागिता निभाई। इसके पश्चात प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में मंदिर की प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाले भक्तगण, सेवकगण सहित समस्त राजपुर ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।4
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा एवं चिखली ब्लॉक में लंबे समय से खाली पड़े मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) के पदों पर राज्य सरकार ने नियुक्तियाँ कर दी हैं। इन नियुक्तियों से दोनों ब्लॉकों की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। राज्यपाल की आज्ञा से वरिष्ठ शासन उप सचिव के.आर. मीणा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुकेश कोठारी को सीमलवाड़ा का नया मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और मीनाक्षी शर्मा को चिखली ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीमलवाड़ा सीबीईओ कार्यालय में यह पद लंबे समय से रिक्त था, जिससे कई प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। मुकेश कोठारी की नियुक्ति से अब ब्लॉक के विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की संभावना है। मुकेश कोठारी वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिलिया बड़गामा में प्रधानाचार्य थे और उन्हें शिक्षा प्रशासन का अच्छा अनुभव है, पहले वे सलूम्बर ब्लॉक में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (एसीबीईओ) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। इसी तरह, चिखली ब्लॉक की सीबीईओ मीनाक्षी शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाटिया, ब्लॉक गोगुन्दा (उदयपुर) में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थीं, और उनके अनुभव व कार्यशैली को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इन अधिकारियों के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा, विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग हो सकेगी, नामांकन बढ़ेगा, बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार आएगा और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का प्रभावी संचालन होगा। शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों का मानना है कि लंबे समय से रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से शिक्षा विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। दोनों अधिकारियों के जल्द ही कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है।1
- समाज सेवी दिनेश जी के भगवान के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति भाव की सराहना की गई है। यह उनके गहरे लगाव को दर्शाता है और इसे भक्ति तथा भगवान के बीच का अटूट प्रेम बताया गया है। पोस्ट में उन लोगों को यह वीडियो देखने की सलाह दी गई है जो कभी-कभी दिनेश जी को धर्म या हिंदुत्व का पाठ पढ़ाने की कोशिश करते हैं, ताकि वे उनकी सच्ची भक्ति की गहराई को समझ सकें।1
- चौरासी विधानसभा क्षेत्र के सीमलवाड़ा निवासी युवक मयंक रमेश डामोर ने उत्तराखंड के चारधाम की 60 दिनों की पैदल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर अपने गांव लौटे। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान गांव में धार्मिक धुनों, डीजे और जयघोषों के बीच उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया। मयंक डामोर ने बताया कि उन्हें 9 अप्रैल को बाबा के दर्शन करने का विचार आया था, और मात्र चार हजार रुपये होने के बावजूद उन्होंने पैदल यात्रा करने का संकल्प लिया। उन्होंने 10 अप्रैल को आवश्यक सामान के साथ भगवान महादेव का स्मरण कर यह यात्रा शुरू की। मयंक ने गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की पूरी यात्रा पैदल चलकर 60 दिनों में संपन्न की। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें हर कदम पर ईश्वर की कृपा का अनुभव हुआ, जिससे वे सभी कठिनाइयों का सामना करते हुए सकुशल यात्रा पूरी कर सके। चारधाम पहुंचकर मिली आध्यात्मिक शांति और आत्मिक संतुष्टि को उन्होंने शब्दों में व्यक्त करना कठिन बताया। इस अवसर पर मयंक ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ अपनी धर्म-संस्कृति और गौरवशाली विरासत को भी जानें। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक सनातनी परिवार को अपने धर्म, संस्कृति और इतिहास की जानकारी अवश्य होनी चाहिए तथा मौका मिलने पर धार्मिक स्थलों की यात्रा करनी चाहिए। सीमलवाड़ा स्थित विश्वनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस स्वागत समारोह में कारीलाल ननोमा, गोविंदराम पाटीदार, अनिल मिश्रा, रतन सिंह, हेमेंद्र सिंह, गोपाल त्रिवेदी, दिलीप डामोर सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने मयंक डामोर का सम्मान किया।4
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत कोतवाली थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब एक साल से फरार चल रहे दो हजार रुपए के इनामी और कोतवाली थाने के टॉप-10 वांछित अपराधी दीपक खटीक को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी दीपक खटीक पर जानलेवा हमला करने, सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल करने, लूट और पॉक्सो सहित कुल पाँच गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 24 अप्रैल 2025 को नवाडेरा निवासी पीड़िता सुरता खराड़ी द्वारा कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। पीड़िता ने बताया था कि आरोपी दीपक खटीक और उसके साथी विपुल, उनकी पुत्री और बहू की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने की धमकी दे रहे थे और उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। इसी विवाद को लेकर 22 अप्रैल 2025 की शाम सिन्टेक्स पेट्रोल पंप के पास आरोपी दीपक ने पीड़िता के पुत्र जयकिशन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एसपी ने दो हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी पारसमल के मार्गदर्शन में कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी के अहमदाबाद में छिपे होने का पता लगाया। इसके बाद, पुलिस टीम ने अहमदाबाद में दबिश देकर आरोपी दीपक पुत्र मोहनलाल खटीक निवासी वार्ड नंबर 4, नवाडेरा मिल के पास को गिरफ्तार कर लिया। इस सराहनीय कार्रवाई में थानाधिकारी अजय सिंह राव के साथ हेड कांस्टेबल श्यामसुंदर, कांस्टेबल साकीर, किरण और नरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी से अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।1
- जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष खेमराज गरासिया का आनंदपुरी में पहली बार आगमन होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। इस दौरान आयोजित बैठक में पंचायत चुनावों की रणनीति, संगठन विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का संकल्प भी लिया। अब यह देखना होगा कि खेमराज गरासिया के नेतृत्व में भाजपा पंचायत चुनावों में कितना बड़ा प्रदर्शन कर पाती है। पाठकों से अपनी राय कमेंट्स में बताने और इस पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है।1