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भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत द्वारा 'वनवासी' शब्द को लेकर की गई एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट ने आदिवासी समाज में उनकी पहचान, संस्कृति और अस्मिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वायरल हो रही इस पोस्ट के माध्यम से, आदिवासी मंच न्यूज़ ने पाठकों से इस मुद्दे पर अपनी राय माँगी है। लोगों से पूछा गया है कि क्या आदिवासी समाज की पहचान 'आदिवासी' के रूप में होनी चाहिए या 'वनवासी' के रूप में। पाठकों को अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने और ऐसी निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित की खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज़ को फॉलो करने तथा पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने का आह्वान किया गया है, ताकि यह आवाज़ अधिक लोगों तक पहुँच सके।
Aadiwasi Manch news
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत द्वारा 'वनवासी' शब्द को लेकर की गई एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट ने आदिवासी समाज में उनकी पहचान, संस्कृति और अस्मिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वायरल हो रही इस पोस्ट के माध्यम से, आदिवासी मंच न्यूज़ ने पाठकों से इस मुद्दे पर अपनी राय माँगी है। लोगों से पूछा गया है कि क्या आदिवासी समाज की पहचान 'आदिवासी' के रूप में होनी चाहिए या 'वनवासी' के रूप में। पाठकों को अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने और ऐसी निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित की खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज़ को फॉलो करने तथा पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने का आह्वान किया गया है, ताकि यह आवाज़ अधिक लोगों तक पहुँच सके।
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- पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के तृतीय गृह पीठ की श्री द्वारकाधीश हवेली मंदिर, सीमलवाड़ा में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर, बल्लभ कुल की आज्ञा से एक भव्य सांझी मनोरथ का आयोजन असीम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर ठाकुरजी के अलौकिक श्रृंगार, मनमोहक पुष्प सज्जा और भक्तिमय कीर्तनों से पूरी तरह भक्तिरस में डूबा नजर आया, जिससे बड़ी संख्या में वैष्णव भक्त भाव-विभोर हो गए। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नवीन मेहता ने बताया कि मुखिया जी प्रदीप व्यास ने ठाकुरजी को विशेष वाघा धारण करवाए और 11 चंद्रिका युक्त मोर पंखों का मुकुट अर्पित किया। साथ ही मोतियों और रंग-बिरंगी फूलमालाओं से ठाकुरजी का मनमोहन और अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसने सभी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित किया। उत्सव के मनोरथी हेमंत वी. शाह, सोहन भाई सुथार और चेतना बेन धीरजलाल शाह रहे। सांझी मनोरथ के दर्शन के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में वैष्णव भक्त मंदिर पहुंचे और प्रेमपूर्वक ठाकुरजी के दर्शनलाभ किए। उत्सव के दौरान कीर्तनकारों ने अष्ट सखा के पद "सांझी भली बन आई रे, छाबरिया बास के फूले फूल बनी…" का मधुर स्वर में गायन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस भव्य उत्सव की आकर्षक सजावट हेमंत शाह और दत्तेश मेहता ने अपने 20-25 साथियों के सहयोग से की, जिसमें रंग-बिरंगी पुष्प सज्जा और पारंपरिक सांझी की कलात्मक प्रस्तुति विशेष रूप से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। शाम 7:30 बजे आरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया, और मोर मुकुट, फूलमालाओं तथा सांझी की छटा से सजी द्वारकाधीश हवेली में भक्तिरस का सैलाब उमड़ पड़ा।1
- सीमलवाड़ा में विद्या भारती जनजाति शिक्षा समिति राजस्थान द्वारा आयोजित जिला डूंगरपुर आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिलेभर से 86 आचार्य-दीदी और 18 प्रवासियों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें शिक्षण कौशल, व्यक्तित्व विकास, संगठनात्मक कार्य, संस्कार शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। समापन सत्र में मुख्य वक्ता विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने जोर दिया कि आचार्य की पहचान उसके आचरण, व्यवहार और जीवन मूल्यों से होती है, और उसकी कथनी व करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और संस्कार निर्माण का पवित्र दायित्व है, जिसे पूरी ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के साथ निभाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि तहसीलदार राजेश ताबियाड़ ने विद्या भारती के कार्यक्रमों को व्यक्तित्व निखारकर आदर्श नागरिक बनाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि हर सौंपे गए दायित्व को निष्ठा और ईमानदारी से पूरा करना ही सफलता का मूल मंत्र है, और आचार्यों से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कार विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभुलाल कटारा ने प्रशिक्षण वर्ग का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने वर्ग की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य आचार्यों को शैक्षणिक दक्षता के साथ-साथ सांस्कृतिक, नैतिक और राष्ट्रवादी मूल्यों से सशक्त बनाना था। विभाग प्रमुख दिनेश डामोर द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी आचार्यों और अतिथियों ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकारते हुए संस्कारयुक्त शिक्षा के प्रसार का संकल्प लिया। समारोह का समापन 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के जयघोष के साथ हुआ।3
- झाबुआ जिले के छोटे से गांव परवलिया में आर्याव्रत पत्रकार संघ ने 'उड़ान' पत्रकार मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन कर पत्रकार एकता और संगठन शक्ति का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी गूंज अब प्रदेश ही नहीं, देशभर में सुनाई देगी। इस ऐतिहासिक आयोजन में मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों से सैकड़ों पत्रकारों ने भाग लेकर एकजुटता, सम्मान और संगठन के नए संकल्प को मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों और पत्रकारों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस समारोह में आर्याव्रत पत्रकार संघ के राष्ट्रीय संरक्षक दिलीपसिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र अग्निहोत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सलीम शेरानी, राष्ट्रीय सचिव कमलसिंह सोलंकी, राष्ट्रीय महासचिव राकेश सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विजय नीमा, प्रदेश प्रवक्ता महेश पाटीदार सहित अनेक पदाधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन केवल नाम और सदस्य संख्या से नहीं, बल्कि अपने कार्यों और सक्रियता से पहचाने जाते हैं। उन्होंने घोषणा की कि आर्याव्रत पत्रकार संघ देशभर के पत्रकारों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जहाँ पत्रकारों का प्रमाणित डाटा उपलब्ध होगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें संगठनात्मक सहायता मिल सकेगी। अग्निहोत्री ने जोर दिया कि आर्याव्रत पत्रकार संघ का एक-एक पत्रकार हजार पत्रकारों के बराबर है, क्योंकि उनकी ताकत संख्या में नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण और संघर्ष की भावना में है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि संगठन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं और आकस्मिक सहायता के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाएगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलीम शेरानी ने इस पहल को गांव से राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ते संगठन का संकेत बताया, जिसमें कमल सिंह सोलंकी, दिलीप सिंह चौहान और राकेश सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। समारोह में ग्रामीण क्षेत्र की कई प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को नई पहचान दी गई, जिनमें कक्षा 10वीं की सुमन प्रभु भूरिया, कक्षा 12वीं के प्रदीप प्रेमसिंह निनामा, उभरती प्रतिभा रितिका पाटीदार, अधिवक्ता मयूरी राजू धानक, कवि आशीष नागर तथा सोशल मीडिया क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले राकेश डाबी एवं प्रफुल्ल धामनिया सुनील शर्मा शामिल थे। उपस्थित सभी पत्रकारों को भी सम्मानित करते हुए स्मृति चिन्ह स्वरूप बैग भेंट किए गए। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में जिला उपाध्यक्ष विवेक व्यास, तहसील अध्यक्ष धीरज वाघेला, इमरान खान, संदीप खत्री, कुलदीप वर्मा, नीलिमा डाबी, सोहनसिंह परमार, हितेश पंचाल, कौस्तुभ व्यास, माणकलाल जैन, बंटी भारती, पीयूष राठौड़, जीवन राठौड़, चिंटू देवाणा, अर्जुनसिंह राठौड़ एवं उमेश पाटीदार सहित पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रवक्ता महेश पाटीदार एवं पवन नाहर ने किया, जबकि आभार तहसील अध्यक्ष धीरज वाघेला ने व्यक्त किया। परवलिया की धरती से शुरू हुई यह 'उड़ान' सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पत्रकारों की एकता, सम्मान और अधिकारों के लिए शुरू हुए एक नए अभियान का प्रतीक बन गई है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जब पत्रकार संगठित होते हैं, तो वे न केवल खबरें लिखते हैं, बल्कि समाज और अपने अधिकारों के लिए भी एक सशक्त आवाज बनते हैं।4
- बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र के आनन्दपुरी मंडल की भारतीय जनता पार्टी की बैठक विद्यानिकेतन विद्यालय परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष प्रकाश डामोर ने की, जिसमें अनुसूचित जनजाति प्रदेश महामंत्री राजेश कटारा मुख्य अतिथि और अनुसूचित जनजाति जिला अध्यक्ष खेमराज गरासिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोनीत होने के बाद पहली बार आनन्दपुरी पहुंचने पर खेमराज गरासिया का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सुखलाल पारगी, विनोद डामोर, खातुदास पारगी, मनीष मसार, सोहन गरासिया, ललित पटेल, डॉ. चोरडिया, हितपात सिंह, राजदीप सिंह, हिम्मतलाल गरासिया, मनोहर पूर्व सरपंच और देवा महाराज सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। बैठक में आगामी पंचायत राज चुनावों और पंचायत शिविरों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। इसके अतिरिक्त, संगठन को मजबूत बनाने और बूथ स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया।2
- राजस्थान में माँ भारती कॉलेज के छात्रों के लिए न्याय की पुरजोर माँग उठाई जा रही है। इस मुहिम में छात्र शक्ति अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है, जो छात्रों के अधिकारों और न्याय की पैरवी पर केंद्रित है।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत कोतवाली थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब एक साल से फरार चल रहे दो हजार रुपए के इनामी और कोतवाली थाने के टॉप-10 वांछित अपराधी दीपक खटीक को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी दीपक खटीक पर जानलेवा हमला करने, सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल करने, लूट और पॉक्सो सहित कुल पाँच गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 24 अप्रैल 2025 को नवाडेरा निवासी पीड़िता सुरता खराड़ी द्वारा कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। पीड़िता ने बताया था कि आरोपी दीपक खटीक और उसके साथी विपुल, उनकी पुत्री और बहू की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने की धमकी दे रहे थे और उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। इसी विवाद को लेकर 22 अप्रैल 2025 की शाम सिन्टेक्स पेट्रोल पंप के पास आरोपी दीपक ने पीड़िता के पुत्र जयकिशन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एसपी ने दो हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी पारसमल के मार्गदर्शन में कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी के अहमदाबाद में छिपे होने का पता लगाया। इसके बाद, पुलिस टीम ने अहमदाबाद में दबिश देकर आरोपी दीपक पुत्र मोहनलाल खटीक निवासी वार्ड नंबर 4, नवाडेरा मिल के पास को गिरफ्तार कर लिया। इस सराहनीय कार्रवाई में थानाधिकारी अजय सिंह राव के साथ हेड कांस्टेबल श्यामसुंदर, कांस्टेबल साकीर, किरण और नरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी से अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।1
- बांसवाड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष पुंजीलाल गायरी की अध्यक्षता में आयोजित मासिक जिला संगठन बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में जिला पदाधिकारियों और मंडल अध्यक्षों ने भाग लिया, जहाँ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने तथा जनता के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। जिला अध्यक्ष पुंजीलाल गायरी ने सभी कार्यकर्ताओं से समर्पण, अनुशासन और सेवा भाव के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि "संगठन की मजबूती ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।" अब देखना होगा कि इस नई रणनीति का आने वाले समय में संगठन पर कितना असर पड़ता है।1
- सीमलवाड़ा के विश्वनाथ महादेव मंदिर में सोमवार, 15 जून 2026 को मंदिर की स्थापना के 56 वर्ष पूर्ण होने पर एक दिवसीय पाटोत्सव महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। मंदिर की प्रतिष्ठा 15 जून 1970 को हुई थी, जिसकी वर्षगाँठ पर इस विशेष आयोजन में लघुरुद्र हवन यज्ञ, महाआरती और महाप्रसाद का वितरण किया गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन ब्राह्मण वाड़ी में संपन्न हुआ, जिसमें याग्निक पुत्र दिलीप विठ्ठलदास पंड्या एवं उनके परिवार ने मुख्य यजमान के रूप में सक्रिय भागीदारी निभाई। मंदिर परिसर को विशेष विद्युत रोशनी से सजाया गया था, जबकि भगवान विश्वनाथ और माताजी का आकर्षक श्रृंगार किया गया। समाज गोर भूपेंद्र कुमार के आचार्यत्व में सात वैदिक ब्राह्मणों द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ लघुरुद्र हवन संपन्न कराया गया। इस महोत्सव में दूर-दराज से आए समाजजन भी शामिल हुए, जहां महिलाओं ने विशेष उत्साह के साथ दिनभर भजन-कीर्तन कर भगवान शिव का गुणगान किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह आयोजन विश्व शांति, सुख और समृद्धि का संदेश देने वाला है। शाम को नारियल हवन के बाद महाआरती हुई और भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया। सोमवती अमावस्या के अवसर पर महिलाओं ने पीपल पूजन भी किया। इस अवसर पर प्रियकांत पंड्या, रजनीकांत पंड्या, प्रकाश पंड्या, हरिप्रसाद उपाध्याय, यशवंत उपाध्याय, नरेंद्र उपाध्याय, धरणीधर पंड्या, हरिवल्लभ त्रिवेदी, रमेश त्रिवेदी, अशोक उपाध्याय, मुकेश पंड्या, कन्हैयालाल पंड्या, प्रमोद त्रिवेदी, मयंक उपाध्याय, जगदीश पंड्या, गोपाल पंड्या, हेमंत पंड्या, सुदीप पंड्या, जितेंद्र उपाध्याय, बालकृष्ण उपाध्याय, रोकी पंड्या, भूपेंद्र वैष्णव, रोहित उपाध्याय, लोकेश पंड्या, हरीश पंड्या, मदनलाल पंड्या, वसंत उपाध्याय, रुपेश पंड्या, ब्रजवल्लभ उपाध्याय, महेश उपाध्याय, अनिल त्रिवेदी, वल्लभ पंड्या, परेश उपाध्याय, विजय भट्ट, हार्दिक पंड्या, हरिकृष्ण पंड्या, अरविंद उपाध्याय, हंसमुख पंड्या, देवेंद्र पंड्या, घनश्याम त्रिवेदी, दीपक, प्रवीण, नमन किशोर सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। महिलाओं में सुभद्रा पंड्या, नीता पंड्या, आशाबेन, करुणा बेन, रेखाबेन, सुशीलाबेन, वंदना बेन एवं कैलाश बेन सहित अन्य श्रद्धालु महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे पूरे मंदिर परिसर में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे और भक्तिमय माहौल बना रहा।4
- सीमलवाड़ा क्षेत्र के भैंसला मांडली निवासी युवा मयंक रमेश डामोर ने अदम्य आस्था, साहस और संकल्प का परिचय देते हुए उत्तराखंड स्थित चारधाम की कठिन पैदल यात्रा मात्र 60 दिनों में पूरी कर एक नई मिसाल कायम की है। महज ₹4,000 लेकर घर से निकले मयंक ने गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन पूरी तरह पैदल करते हुए न केवल अपनी धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश दिया। मयंक डामोर ने बताया कि उनके मन में 9 अप्रैल को चारधाम यात्रा का विचार आया था, और उन्होंने इसे भगवान की प्रेरणा मानते हुए पैदल यात्रा का संकल्प लिया। अगले ही दिन 10 अप्रैल को भगवान महादेव का स्मरण कर वे आवश्यक सामान के साथ यात्रा पर निकल पड़े। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान पहाड़ों की कठिन चढ़ाइयां, बदलता मौसम और लंबी दूरी जैसी अनेक चुनौतियां सामने आईं, लेकिन ईश्वर में अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर वे सभी कठिनाइयों को पार करते हुए सकुशल यात्रा पूरी करने में सफल रहे। यात्रा पूर्ण कर गांव लौटने पर सीमलवाड़ा में उनका भव्य स्वागत किया गया। विश्वनाथ मंदिर परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया, जहां धार्मिक धुनों, जयकारों और डीजे की गूंज के बीच पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मयंक ने कहा कि चारधाम पहुंचकर जो आध्यात्मिक शांति, आत्मिक संतुष्टि और दिव्य अनुभूति प्राप्त होती है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, यह यात्रा केवल पैरों से तय की गई दूरी नहीं, बल्कि आत्मा को ईश्वर से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत को जानना आवश्यक है, तथा प्रत्येक सनातनी परिवार को अपने धर्म, संस्कृति और इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। मयंक डामोर की यह यात्रा उन लोगों के लिए भी एक सशक्त संदेश बनकर सामने आई है जो आदिवासी समाज को सनातन परंपरा से अलग बताने का प्रयास करते हैं, क्योंकि उन्होंने दर्शाया कि आदिवासी समाज सदियों से भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्थाओं और सनातन परंपराओं का अभिन्न अंग रहा है। उनकी यह यात्रा समाज में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूकता का प्रेरणादायक उदाहरण भी बनी है। स्वागत समारोह में कारीलाल ननोमा, गोविंदराम पाटीदार, अनिल मिश्रा, रतन सिंह, हेमेंद्र सिंह, गोपाल त्रिवेदी, दिलीप डामोर सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने मयंक डामोर के साहस, श्रद्धा और संकल्प की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।4