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मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह फल वितरण कार्य रोगी कल्याण समिति की संचित निधि से संपन्न हुआ।
प्रशांत कुमार त्रिपाठी
मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह फल वितरण कार्य रोगी कल्याण समिति की संचित निधि से संपन्न हुआ।
- प्रशांत कुमार त्रिपाठीरामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश😡2 hrs ago
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- मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह फल वितरण कार्य रोगी कल्याण समिति की संचित निधि से संपन्न हुआ।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलन में बेला जेपी गेट पर भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण इन दिनों लंबा जाम लग रहा है, जिससे राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ रही है। अल्ट्राटेक कंपनी के डंपर और कैसर से गिट्टी भरकर निकलने वाले ट्रक बेला मार्केट से होकर गुजरते हैं, जिससे सुबह से शाम तक बड़े वाहनों की कतार लग जाती है। इस स्थिति से स्कूली बच्चे, मरीज और दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए बेला के सरपंच ने रामपुर बाघेलन के एसडीएम को एक लिखित आवेदन देकर बेला जेपी गेट मार्ग से भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की गुहार लगाई थी। हालांकि, इस आवेदन के बावजूद भारी वाहनों का आना-जाना जारी है। जाम की सूचना मिलने पर बेला चौकी पुलिस मौके पर पहुँचकर यातायात को सुचारु कराने और जाम हटाने में सहायता करती है, लेकिन वाहनों के निरंतर दबाव के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए ताकि बेला मार्केट और जेपी गेट पर लगने वाले इस जाम से निजात मिल सके।1
- रीवा में आई एम सी का सेमिनार का आयोजन हुआ, जिसमें सभी को स्वस्थ रहने का दिया गया मंत्र।1
- सतना के सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे का स्वागत किया गया।1
- दिल्ली से रीवा लाई जा रही एक लग्ज़री गाड़ी में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप 'ऑनरेक्स' पकड़ी गई है। पुलिस ने इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रीवा जिले में की गई, जहां पुलिस ने इस अवैध तस्करी का भंडाफोड़ किया।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, उन पर हितग्राहियों पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM हेल्पलाइन) की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और मौके पर वीडियो बना रहे एक पत्रकार को धमकाने का आरोप है। वायरल वीडियो में, हितग्राही विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी पर्ची पिछले 3-4 साल से नहीं बन पा रही है, और जितेंद्र साकेत भी इस दौरान मौजूद थे। हितग्राहियों का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि "पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बनवा देंगे।" हितग्राहियों ने सवाल उठाया कि शिकायत कट जाने के बाद पर्ची कैसे बनेगी। पत्रकार को सूचना मिली थी कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव बना रही हैं, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना शुरू किया, तो मैडम ने पत्रकार से सवाल किया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर धमकाने लगीं कि "मैं बताती हूं।" हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके। पत्रकार ने सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी पड़ेगी और उन्होंने अधिकारी द्वारा वीडियो बनाकर धमकाने को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। ये सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। हितग्राहियों ने मांग की है कि उनकी पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए। पत्रकार संगठनों ने भी इस घटना को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, और यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- "सतना जिला अस्पताल में मारपीट: स्ट्रेचर विवाद बना हिंसा की वजह, महिला व पति से की गई पिटाई,, सतना के जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल के वार्ड नंबर 2 में स्ट्रेचर को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसा में बदल गया। बताया जा रहा है कि तीन युवकों ने मरीज से मिलने आई एक महिला और उसके पति के साथ जमकर मारपीट कर दी। घटना से वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल परिसर में मौजूद होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हमलावर बेखौफ होकर मारपीट करते रहे। इस घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहीं अब उन्हें और उनके परिजनों को अपनी सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है। ❗ बड़ा सवाल: क्या जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजन अब सुरक्षित नहीं हैं? प्रशासन कब जागेगा?1