सतना जिले के रामपुर बाघेलन में बेला जेपी गेट पर भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण इन दिनों लंबा जाम लग रहा है, जिससे राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ रही है। अल्ट्राटेक कंपनी के डंपर और कैसर से गिट्टी भरकर निकलने वाले ट्रक बेला मार्केट से होकर गुजरते हैं, जिससे सुबह से शाम तक बड़े वाहनों की कतार लग जाती है। इस स्थिति से स्कूली बच्चे, मरीज और दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए बेला के सरपंच ने रामपुर बाघेलन के एसडीएम को एक लिखित आवेदन देकर बेला जेपी गेट मार्ग से भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की गुहार लगाई थी। हालांकि, इस आवेदन के बावजूद भारी वाहनों का आना-जाना जारी है। जाम की सूचना मिलने पर बेला चौकी पुलिस मौके पर पहुँचकर यातायात को सुचारु कराने और जाम हटाने में सहायता करती है, लेकिन वाहनों के निरंतर दबाव के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए ताकि बेला मार्केट और जेपी गेट पर लगने वाले इस जाम से निजात मिल सके।
सतना जिले के रामपुर बाघेलन में बेला जेपी गेट पर भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण इन दिनों लंबा जाम लग रहा है, जिससे राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ रही है। अल्ट्राटेक कंपनी के डंपर और कैसर से गिट्टी भरकर निकलने वाले ट्रक बेला मार्केट से होकर गुजरते हैं, जिससे सुबह से शाम तक बड़े वाहनों की कतार लग जाती है। इस स्थिति से स्कूली बच्चे, मरीज और दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए बेला के सरपंच ने रामपुर बाघेलन के एसडीएम को एक लिखित आवेदन देकर बेला जेपी गेट मार्ग से भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की गुहार लगाई थी। हालांकि, इस आवेदन के बावजूद भारी वाहनों का आना-जाना जारी है। जाम की सूचना मिलने पर बेला चौकी पुलिस मौके पर पहुँचकर यातायात को सुचारु कराने और जाम हटाने में सहायता करती है, लेकिन वाहनों के निरंतर दबाव के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए ताकि बेला मार्केट और जेपी गेट पर लगने वाले इस जाम से निजात मिल सके।
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के जवा में महाराणा प्रताप जी की एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई है।1
- कोटा में राहुल गांधी के काफिले को देखने के लिए कोचिंग छात्र बड़ी संख्या में जमा हुए। इस दौरान छात्रों ने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। एक छात्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें ऐसे ही नेता की जरूरत है।1
- सतना के डिग्री कॉलेज परिसर में NSUI कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं और विवादों के प्रति अपना विरोध जताते हुए परिसर में गंगाजल का छिड़काव किया। यह शुद्धिकरण कार्यक्रम NSUI के प्रदेश पदाधिकारी आनंद पांडे के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में बजरंग दल ने एक कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में कार्यरत दो व्यक्तियों, आरिफ खान और शिवा खान, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि कॉलेज परिसर के भीतर छात्राओं पर मोबाइल नंबर देने और कथित तौर पर उन्हें परिसर में नमाज़ पढ़ने के लिए विवश किया जा रहा है। बजरंग दल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की मांग की है। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करने की बात कही है।1
- रीवा जिले की सेमरिया निवासी कल्पना प्रजापति का भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट के पद पर चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि पर भाजपा नेता संजय द्विवेदी उनके घर पहुंचे और कल्पना को शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। यह सम्मान कल्पना की सफलता को दर्शाता है और इसे महिला सशक्तिकरण की मिसाल के तौर पर भी देखा जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड डिपार्टमेंट की कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर हितग्राहियों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और वीडियो बना रहे पत्रकार से उलझने तथा उसे धमकाने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो में विनय कुमार मिश्रा जैसे हितग्राहियों का कहना है कि उनकी राशन पर्ची 3-4 साल से नहीं बन पा रही है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल उनसे सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बन जाएगी। हितग्राहियों का सवाल है कि शिकायत कटने के बाद पर्ची कैसे बन पाएगी। पत्रकार को जब यह सूचना मिली कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर शिकायतें कटवाने का दबाव बना रही हैं, तो वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। इसके बाद जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना चाहा, तो उन्होंने पत्रकार से ही सवाल करना शुरू कर दिया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और उन्होंने पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर उसे "मैं बताती हूं" कहकर धमकाना शुरू कर दिया। हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और अधिकारी विभागीय कार्रवाई से बच सकें। पत्रकार ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है और सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी होगी। इस खबर में बताए गए सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है। हितग्राहियों ने मांग की है कि पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए, जबकि पत्रकार संगठनों ने भी इस मामले को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़ा है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के दौरे पर इंदौर पहुंचीं, जहाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ओंकारेश्वर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वे कूनो नेशनल पार्क का भी दौरा करेंगी।1
- सतना जिले के कोलगवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मैहर बाईपास पर स्थित परिणय मैरिज गार्डन से एक अपाची मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। यह घटना मैरिज गार्डन से हुई है और इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल के वार्ड नंबर 2 में स्ट्रेचर को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अचानक हिंसा में बदल गया, जिसमें तीन युवकों ने मरीज से मिलने आई एक महिला और उसके पति के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना से वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मी मौजूद होने के बावजूद उन्होंने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हमलावर बेखौफ होकर मारपीट करते रहे। इस घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अब मरीजों और उनके परिजनों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित नहीं हैं और प्रशासन कब इस ओर ध्यान देगा।1