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विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आज बायतु की पंचायत समिति सभागार में एक जागरूकता एवं विधिक जानकारी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य जोखिमों और तंबाकू नियंत्रण कानून से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता के विषय में भी अवगत कराया जाएगा। बालोतरा के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश एवं सचिव भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
NEWS बायतु
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आज बायतु की पंचायत समिति सभागार में एक जागरूकता एवं विधिक जानकारी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य जोखिमों और तंबाकू नियंत्रण कानून से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता के विषय में भी अवगत कराया जाएगा। बालोतरा के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश एवं सचिव भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
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- कोटा के तलवंडी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 9वें प्रदेश महाधिवेशन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है। बिरला ने भारतीय साहित्य को देश की संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का मजबूत आधार बताया, साथ ही कहा कि साहित्यकारों और लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न कालखंडों में भारतीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साहित्य राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य हमारी पहचान और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में युवाओं को साहित्य से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि यह न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति में संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय साहित्य का अध्ययन कर जीवन के लिए सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया। इस महाधिवेशन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साहित्य साधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।1
- बालोतरा में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर एक नगर परिक्रमा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के निवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस नगर परिक्रमा की शुरुआत के साथ ही लोगों में खासा जोश और भागीदारी देखने को मिली।1
- सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।1
- राजस्थान के फायर ब्रांड नेता रविंद्र सिंह भाटी ने शिव में प्रदेश की सरकार को अनुष्ठान के माध्यम से जगाने का प्रयास किया है।1
- 'प्यासे को पानी मिशन' टीम ने गुड़ामालानी क्षेत्र का दौरा किया है, जहाँ पानी का भीषण संकट गहरा गया है। इस दौरान पाया गया कि भीषण गर्मी के चलते पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। टीम ने गुड़ामालानी से रवाना होकर गादेवी, डांगरिया, गांधव, पालियारी, रोली, बेरीगांव और डाबड़ी जैसे कई गांवों का दौरा किया, जहाँ पानी का गंभीर संकट देखने को मिला। कई स्थानों पर तो बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद वीरावा, पनावाली, रामजी गोल, पिपराली, फांटा और बांटा क्षेत्रों का भी जायजा लिया गया। इस दौरे में जलदाय विभाग द्वारा बनाई गई अधिकांश पानी की टंकियां जर्जर हालत में मिलीं, और रामजी गोल के पास स्थित टंकी में तो पानी तक उपलब्ध नहीं था। ग्रामीण अपनी जरूरतों के लिए अपने स्तर पर टैंकरों से पानी मंगवाकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इन कठिन हालातों में बेजुबान पशु-पक्षी भीषण गर्मी में प्यास से बुरी तरह परेशान हैं। इस स्थिति ने जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि विभाग की जिम्मेदारियां जमीन पर पूरी तरह से नदारद दिख रही हैं।1
- जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के रातडिया गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात धूल भरी आंधी का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस तेज आंधी के गुबार ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पेड़-पौधों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। आंधी के चलते सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन सभी प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।2
- कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर स्थित गामछ तिराहे और चंबल पुलिया क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं, जहाँ पिछले एक महीने में लूट की पाँच घटनाएँ हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में वाहन चालक व राहगीर आए दिन रात्रि में लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी कड़ी में बुधवार को शाम करीब 4 बजे ही गामछ तिराहे पर गुड़ली निवासी राजू सुमन को तीन युवकों ने चाकू घोंपकर दस हजार रुपये लूट लिए। ग्रामीणों ने लुटेरों का लगभग 5 किलोमीटर तक पीछा किया और उन्हें चाकू सहित पकड़कर केशवरायपाटन पुलिस को सौंप दिया। बताया गया है कि यह घटना एक महीने के भीतर हुई पाँचवीं वारदात थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक, सांसद और अधिकारी इसी तिराहे से गुजरते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जाता। ग्रामीणों के अनुसार, गामछ तिराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट महज एक शोपीस बनकर रह गई है और पुलिस चौकी न होने का फायदा उठाकर लुटेरे अंधेरे में छिपकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गामछ, गुड़ला, गुड़ली, भवानीपुरा और आस-पास के क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से कई बार हाईमास्ट लाइट चालू करवाने और रात में एक अस्थाई पुलिस चौकी खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर बड़े हादसे का इंतजार करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन मांगों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि लूट की घटनाओं पर अंकुश लग सके।1
- राजस्थान के चूरू जिले में एक तेज़ बवंडर तूफान देखा गया। इस दौरान हवा और आंधी की गति 80 से 100 तक रही।1