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सरकार द्वारा भूखे लोगों को खाना दिए जाने पर सवाल उठाए जाने को लेकर कड़ा ऐतराज जताया गया है। आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के लोग चाहते हैं कि भूख के मारे सभी छात्र मर जाएं, और इसी वजह से भूखों को खाना उपलब्ध कराने की पहल पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
AMIT KUMAR
सरकार द्वारा भूखे लोगों को खाना दिए जाने पर सवाल उठाए जाने को लेकर कड़ा ऐतराज जताया गया है। आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के लोग चाहते हैं कि भूख के मारे सभी छात्र मर जाएं, और इसी वजह से भूखों को खाना उपलब्ध कराने की पहल पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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- सरकार द्वारा भूखे लोगों को खाना दिए जाने पर सवाल उठाए जाने को लेकर कड़ा ऐतराज जताया गया है। आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के लोग चाहते हैं कि भूख के मारे सभी छात्र मर जाएं, और इसी वजह से भूखों को खाना उपलब्ध कराने की पहल पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।1
- बिहार विधानसभा में डेहरी के विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह ने डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और जलजमाव के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि लगातार जलजमाव के कारण आम जनता का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों में भारी आक्रोश है। नगर परिषद के सभी वार्ड इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहाँ बारिश के बाद घरों और सड़कों पर पानी जमा होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। विधायक सोनू सिंह ने नगर परिषद के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर परिषद भवन नहीं बनवा रही है और सिर्फ फालतू में पेंटिंग कराकर करोड़ों रुपये खर्च कर क्रेडिट लेने का काम कर रही है, जबकि धरातल पर काम शून्य है। उन्होंने सदन से मांग की कि नगर परिषद के सभी वार्डों की जांच कराई जाए और जलजमाव का स्थायी समाधान निकाला जाए। इस पहल के बाद डेहरी की जनता विधायक के कदम की सराहना कर रही है और उनका कहना है कि विधायक सोनू सिंह हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़े हैं।2
- किसान न होते तो इस धरती का एक-एक जीव दम तोड़ देता। सबका पेट भरने वाला किसान खुद भूखे पेट रहकर भी धरती मां की सेवा में निरंतर लगा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद आज वह देश का सबसे कमजोर वर्ग बन गया है। हरा रंग हमारी हरी-भरी धरती की अंगड़ाई है और किसानों के इस योगदान का सम्मान करते हुए 'जय जवान! जय किसान! जय विज्ञान!' का जयघोष किया गया है।3
- औरंगाबाद के ओबरा में बारिश के दौरान अचानक बच्चे नाचते हुए नजर आए। वर्ष 2026 के इस दृश्य में बारिश के बीच बालकों के अचानक खुशी से झूमने और नाचने की झलक देखने को मिली है।1
- बिहार सरकार के निर्देशानुसार कैमूर जिले के कुदरा थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार के दौरान प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 असामाजिक एवं विवादित प्रवृत्ति के व्यक्तियों को लाल कार्ड जारी किया है। भूमि विवादों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित तनाव को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को आयोजित इस जनता दरबार में अंचल अधिकारी विवेक कुमार, थाना अध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी की संयुक्त उपस्थिति में विभिन्न पंचायतों से आए जमीनी विवादों की सुनवाई की गई। इस दौरान भूमि विवाद से जुड़े 2 नए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि पूर्व से लंबित 5 मामलों पर विस्तृत सुनवाई हुई। अधिकारियों ने मौके पर ही कुल 7 मामलों का निष्पादन कर संबंधित पक्षों को राहत प्रदान की। अंचल अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक शनिवार को थाना परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, ताकि राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त पहल से भूमि विवादों का त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने सभी पक्षों से आपसी सौहार्द बनाए रखने, कानून का पालन करने तथा किसी भी विवाद की स्थिति में स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।3
- यूजीसी और नीट में आए दिन हो रहे नए 'प्रयोगों' को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि अब विपक्ष का काम तो धर्मेंद्र जी खुद ही कर रहे हैं। इन लगातार फैसलों की वजह से खुद पार्टी समर्थक भी रक्षात्मक मोड में आने के लिए मजबूर हो गए हैं। व्यवस्था पर तंज कसते हुए 'साहब' से थोड़ा सिस्टम सुधारने की मांग की गई है। इसके साथ ही सवाल उठाया गया है कि ऐसी स्थिति में लोग आपका साथ कैसे और क्यों दें? इस पूरे घटनाक्रम को एक यादगार धब्बा करार देते हुए साफ शब्दों में कहा गया है कि इसे भुलाया नहीं जाएगा।1
- MLC अनामिका सिंह के साथ किए गए व्यवहार को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि वह चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी हों, वे एक माननीय जनप्रतिनिधि हैं। इसके बावजूद एक IPS अधिकारी का ऐसा रवैया प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप लगाया गया है कि जब प्रशासन खुद ही बवाल करने पर उतर आएगा तो आम जनता का क्या हाल होगा। इस पूरे मामले पर सरकार से मांग की गई है कि दोषी पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि कल तक का इंतजार किया जा रहा है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।1