पत्रकार रजनीश मौर्या की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के सीधी जिले के वनांचल क्षेत्र की जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत डेवा में विकास कार्यों और पंचायत निधियों के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने दावा किया है कि एक वर्षों पुराने तालाब को नवीन तालाब निर्माण बताकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है, वहीं पंचायत मद की राशि में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत डेवा में सनोहर नाला स्थित जिस तालाब को सूचना पटल लगाकर "नवीन तालाब निर्माण" बताया गया है, वह वास्तव में लगभग 40 से 50 वर्ष पुराना है। आरोप है कि जून 2025 और फरवरी 2026 में जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर से केवल कुछ दिनों तक मिट्टी की खुदाई कर मेढ़ पर डाली गई, जबकि सूचना पटल में ₹18.39 लाख की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति और 261 मानव दिवस मजदूरी का उल्लेख है। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन भूमि पूजन किए गए इस महत्वाकांक्षी कार्य का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करना था, लेकिन कार्य में मजदूरों की बजाय मशीनों का उपयोग कर राशि का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीण महावीर यादव ने इसे 40 वर्ष पुराना तालाब बताते हुए केवल नाममात्र का गहरीकरण बताए जाने की बात कही, जबकि बृजलाल बैगा ने पुष्टि की कि तालाब पूरी तरह पुराना है और एक भी मजदूर ने काम नहीं किया, बल्कि पूरा काम जेसीबी और ट्रैक्टर से हुआ। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने पांचवें राज्य वित्त आयोग की राशि में भी धांधली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ई-भुगतान क्रमांक 39/16222 दिनांक 16 जून 2026 के तहत एम.एस. नबी ट्रेडर्स, अर्पिता ट्रेडर्स और प्रद्युम्न ट्रेडर्स के नाम से एक ही बिल को दो-दो बार दर्ज कर लगभग दो लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। ग्रामीणों ने कई अन्य भुगतानों में भी फर्जीवाड़े की आशंका जताई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि टैंकर मरम्मत और बोरी बंधान के नाम पर भी भुगतान किया गया है, जबकि पंचायत का टैंकर पिछले तीन वर्षों से कबाड़ की स्थिति में है और कहीं भी बोरी बंधान का कार्य नहीं कराया गया। रामनरेश गुप्ता ने कहा कि गाँव के लोगों को टैंकर की जानकारी नहीं है और बोरी बंधान का काम न होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया। अन्य सामग्री क्रय के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है और जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ को शिकायत सौंपने की बात कही है। इस पर जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार रजनीश मौर्या की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के सीधी जिले के वनांचल क्षेत्र की जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत डेवा में विकास कार्यों और पंचायत निधियों के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने दावा किया है कि एक वर्षों पुराने तालाब को नवीन तालाब निर्माण बताकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है, वहीं पंचायत मद की राशि में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत डेवा में सनोहर नाला स्थित जिस तालाब को सूचना पटल लगाकर "नवीन तालाब निर्माण" बताया गया है, वह वास्तव में लगभग 40 से 50 वर्ष पुराना है। आरोप है कि जून 2025 और फरवरी 2026 में जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर से केवल कुछ दिनों तक मिट्टी की खुदाई कर मेढ़ पर डाली गई, जबकि सूचना पटल में ₹18.39 लाख की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति और 261 मानव दिवस मजदूरी का उल्लेख है। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन भूमि पूजन किए गए इस महत्वाकांक्षी कार्य का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करना था, लेकिन कार्य में मजदूरों की बजाय मशीनों का उपयोग कर राशि का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीण महावीर यादव ने इसे 40 वर्ष पुराना तालाब बताते हुए केवल नाममात्र का गहरीकरण बताए जाने की बात कही, जबकि बृजलाल बैगा ने पुष्टि की कि तालाब पूरी तरह पुराना है और एक भी मजदूर ने काम नहीं किया, बल्कि पूरा काम जेसीबी और ट्रैक्टर से हुआ। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने पांचवें राज्य वित्त आयोग की राशि में भी धांधली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ई-भुगतान क्रमांक 39/16222 दिनांक 16 जून 2026 के तहत एम.एस. नबी ट्रेडर्स, अर्पिता ट्रेडर्स और प्रद्युम्न ट्रेडर्स के नाम से एक ही बिल को दो-दो बार दर्ज कर लगभग दो लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। ग्रामीणों ने कई अन्य भुगतानों में भी फर्जीवाड़े की आशंका जताई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि टैंकर मरम्मत और बोरी बंधान के नाम पर भी भुगतान किया गया है, जबकि पंचायत का टैंकर पिछले तीन वर्षों से कबाड़ की स्थिति में है और कहीं भी बोरी बंधान का कार्य नहीं कराया गया। रामनरेश गुप्ता ने कहा कि गाँव के लोगों को टैंकर की जानकारी नहीं है और बोरी बंधान का काम न होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया। अन्य सामग्री क्रय के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है और जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ को शिकायत सौंपने की बात कही है। इस पर जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- रीवा में सोशल मीडिया पर की गई एक अभद्र टिप्पणी के मामले में कार्रवाई की गई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) ने एक युवक को गिरफ्तार किया है।1
- अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पद्मधर कॉलोनी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगभग 12 घंटे तक कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रभावित परिवार ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश बताया है। खबर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई समाप्त होने के बाद जब मीडिया ने टीम से सवाल पूछे, तो ED की टीम ने उन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवालों से बचती नजर आई।1
- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अवैध गांजा बिक्री का विरोध करने पर एक विक्रेता द्वारा कथित तौर पर एक गर्भवती महिला के पेट पर मुक्का मारने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस मामले में पुलिस से शिकायत करने के बाद भी पीड़िता को कोई सहायता नहीं मिली।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में एक युवक पर कार्रवाई की गई है। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश एसटीएफ, साइबर क्राइम पुलिस कानपुर कमिश्नरेट और रीवा पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। रीवा जिले के पनवार थाना क्षेत्र के पूर्वा कल्याणपुर गांव निवासी नागेश्वर सिंह बघेल (पिता लालमणि सिंह बघेल) ने अखिलेश यादव की बेटी के संबंध में यह आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। साइबर क्राइम पुलिस कानपुर कमिश्नरेट ने इस मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम मध्य प्रदेश पहुंची। पनवार थाना प्रभारी प्रवीण उपाध्याय के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल को उसके गांव पूर्वा कल्याणपुर से हिरासत में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सौंप दिया गया। आरोपी को आगे की पूछताछ और जांच के लिए उत्तर प्रदेश ले जाया गया है, जहाँ साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोगनी स्थित खाखन पुल के पास NH-39 पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सिंगरौली से सीधी की ओर जा रहा एक कोयला लोड ट्रक दो बाइक सवारों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। इस दुर्घटना में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ट्रक का चालक भी वाहन के अंदर काफी देर तक फंसा रहा। घटना की सूचना मिलने पर जियावन पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद फंसे हुए चालक सहित सभी घायलों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।1