एकलव्य विद्यालय निर्माण में बड़ा खेल, परिसर में अवैध बालू का अंबार, बिना चालान-बिना अनुमति धड़ल्ले से डंपिंग* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड के बांसकरचा गांव में निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। विद्यालय परिसर में भारी मात्रा में बालू का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के जरिए लगातार बालू गिराया जा रहा है और पूरे परिसर में बालू का बड़ा अंबार लगा दिया गया है।ग्रामीणों का कहना है कि जब निर्माण एजेंसी से बालू के कागजात और चालान के बारे में पूछा गया तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। न तो बालू परिवहन से संबंधित चालान मौजूद था और न ही बालू भंडारण की अनुमति का कोई प्रमाण पत्र। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी शह पर खुलेआम खनन नियमों को ताक पर रखा जा रहा है।खनन नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य के लिए बालू का स्टॉक करने से पहले जिला खनन कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही बालू के परिवहन के दौरान हर वाहन के पास वैध चालान होना जरूरी है। इसके बावजूद अगर बिना अनुमति बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण किया गया है तो यह सीधा-सीधा खनन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।मामले को लेकर जिला खनन पदाधिकारी नदीम सैफी ने कहा कि विभाग को इसकी सूचना मिल चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि बिना अनुमति किसी भी स्थान पर बालू का भंडारण करना नियमों के खिलाफ है। जल्द ही स्थल की जांच कराई जाएगी और यदि भंडारण अवैध पाया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ भारी जुर्माना के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एकलव्य विद्यालय निर्माण में बड़ा खेल, परिसर में अवैध बालू का अंबार, बिना चालान-बिना अनुमति धड़ल्ले से डंपिंग* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड के बांसकरचा गांव में निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। विद्यालय परिसर में भारी मात्रा में बालू का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के जरिए लगातार बालू गिराया जा रहा है और पूरे परिसर में बालू का बड़ा अंबार लगा दिया गया है।ग्रामीणों का कहना है कि जब निर्माण एजेंसी से बालू के कागजात और चालान के बारे में पूछा गया तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। न तो बालू परिवहन से संबंधित चालान मौजूद था और न ही बालू भंडारण की अनुमति का कोई प्रमाण पत्र। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी शह पर खुलेआम खनन नियमों को ताक पर रखा जा रहा है।खनन नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य के लिए बालू का स्टॉक करने से पहले जिला खनन कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही बालू के परिवहन के दौरान हर वाहन के पास वैध चालान होना जरूरी है। इसके बावजूद अगर बिना अनुमति बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण किया गया है तो यह सीधा-सीधा खनन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।मामले को लेकर जिला खनन पदाधिकारी नदीम सैफी ने कहा कि विभाग को इसकी सूचना मिल चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि बिना अनुमति किसी भी स्थान पर बालू का भंडारण करना नियमों के खिलाफ है। जल्द ही स्थल की जांच कराई जाएगी और यदि भंडारण अवैध पाया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ भारी जुर्माना के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- रामप्रवेश गुप्ता *सड़क पूर्ण होने तक वसूली बंद करने और 20 किलोमीटर वाले क्षेत्र को छूट देने की रखी माँग* बरवाडीह :लातेहार–डाल्टेनगंज एनएच सड़क निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है, इसके बावजूद दुबियाखाड़ टोल प्लाजा पर वसूली शुरू कर दी गई है। इस मुद्दे को मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाया।विधायक ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है, फिर भी टोल प्लाजा के माध्यम से लोगों से जबरन वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।उन्होंने कहा कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली से क्षेत्र के लोगों को आर्थिक और यातायात दोनों तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।विधानसभा के माध्यम से उन्होंने मांग की कि बरवाडीह, मनिका समेत आसपास के प्रखंडों के लोगों को आवाजाही में हो रही परेशानी को देखते हुए टोल प्लाजा से 10–20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को छूट दी जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि जब तक नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता, तब तक दुबियाखाड़ टोल प्लाजा पर टोल वसूली पूरी तरह बंद की जाए।इस मुद्दे को सदन में उठाए जाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस नेताओं ने विधायक के प्रति आभार जताया। जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष नसीम अंसारी तथा कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि रविंद्र राम समेत अन्य लोगों ने कहा कि विधायक ने क्षेत्र की जनता की आवाज को विधानसभा तक पहुंचाने का काम किया है।1
- **साइकिल से गिरने से 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत, घर में पसरा मातम** गुमला: जारी थाना क्षेत्र के सिकरी नदी पुल के पास साइकिल से गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम श्रीनगर निवासी जोयाकिम मिंज (60 वर्ष), पिता स्व. इलियस मिंज के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार जोयाकिम मिंज अपने पुत्र की शादी का निमंत्रण कार्ड बांटकर सिकरी कोमडो से वापस अपने घर श्रीनगर लौट रहे थे। इसी दौरान सिकरी पुल के पास उनकी साइकिल अचानक अनियंत्रित हो गई और वे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से शव को जारी थाना लाया गया। इस संबंध में जारी थाना के एएसआई रमेश महतो ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए गुरुवार को गुमला भेजा जाएगा। इधर अचानक हुई इस घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है।1
- Post by राहुल कुमार1
- पुलिस प्रशासन एक्टिव1
- एसएसपी शशि मोहन के निर्देशन पर संपत्ति संबंधी अपराधों में अंकुश लगाने विशेष रणनीति के तहत कबाड़ के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार एक ही दिन 8 बड़ी कार्यवाही में 134 टन स्क्रैप और मिनी राइस मिल से मैग्नीज मेटल व पाईलेट गोली जप्त पूंजीपथरा पुलिस ने अवैध कबाड परिवहन में लगी 6 ट्रक और 1 माजदा वाहन जप्त कर आरोपियों पर किया गया वैधानिक कार्रवाई। 🚨 एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने “ऑपरेशन प्रहार”के तहत अवैध कबाड़ कारोबार पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती का मामला: 3.67 एकड़ में उगाई गई फसल नष्ट बलरामपुर (छत्तीसगढ़): जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत तिरुपुर के आश्रित गांव में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार लगभग 3.67 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी। प्रशासन को सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरी फसल को उखाड़कर नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन के मालिकों से झारखंड के एक व्यक्ति द्वारा लिखित समझौता लेकर अफीम की खेती कराई जा रही थी। बताया जा रहा है कि अफीम के डोडों से एक-दो बार रस (लेटेक्स) भी निकाला जा चुका था, और फसल पूरी तरह पकने की कगार पर थी। इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती लंबे समय से चल रही थी, लेकिन जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की निगरानी के दौरान यह कैसे नजर से बची रही, यह जांच का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों द्वारा इलाके का निरीक्षण किया गया था, फिर भी इस फसल का पता नहीं चल सका। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में समय-समय पर इस तरह की अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं बड़े स्तर पर संरक्षण या लापरवाही हो सकती है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। मंगलवार तड़के से ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर डटे रहे और फसल को उखाड़कर नष्ट करने की कार्रवाई की गई। वहीं नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अफीम की खेती का निरीक्षण किया। अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती आखिर जिला और पुलिस प्रशासन की नजर से कैसे बची रही। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- कुनकुरी मे ं सून े मकान की चोरी का जशपुर पुलिस ने किया खुलासा कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले मे ं सून े मकान मे ं हुई चोरी के मामले में जशपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी और चोरी का सामान खरीदन े वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियो ं के कब्जे से सोना चांदी के आभूषण, ताला व अलमारी तोड़ने में प्रयुक्त लोहे की रॉड जब्त की है। आरोपियो ं के विरुद्ध थाना कुनकुरी में BNS की धारा 331(4), 305 (क), 317 (2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी: • साहिल चौहान उर्फ मंटू (22), तुरी बस्ती, कुनकुरी • दिवाकर ताम्रकार (28), बजरंग नगर, कुनकुरी1
- Post by राहुल कुमार2