उफान पर आई बिछिया नदी में बहा 16 वर्षीय किशोर 24 घंटे बीतने पर भी नहीं पहुंची एसडीआरएफ टीम उफान पर आई बिछिया नदी में बहा 16 वर्षीय किशोर 24 घंटे बीतने पर भी नहीं पहुंची एसडीआरएफ टीम *प्रशासनिक लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल कलेक्टर व एसपी से तुरंत संज्ञान लेने की मांग* *♦️रीवा : गुढ़ समाचार* रीवा जिले के गुढ़ तहसील क्षेत्र एवं मनिकवार चौकी अंतर्गत अमवा 5 कोठार गांव में भारी बारिश के कारण बिछिया नदी उफान पर आ गई है।नदी के तेज बहाव और जलजमाव की चपेट में आने से कोठार गांव निवासी राज सिंह पिता अनिरुद्ध सिंह उम्र लगभग 16 वर्ष कल सुबह लगभग 10 बजे अचानक पानी के तेज बहाव में बह गया।घटना के लगभग 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची है जिससे ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है।घटना की सूचना मिलते ही बीते कल गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह,नायब तहसीलदार महिमा पाठक, मनिकवार चौकी प्रभारी राजेन्द्र द्विवेदी एवं जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान का प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था।हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा एसडीआरएफ के प्रबंधकों को बार बार फोन लगाने के बावजूद कोई रिस्पांस नहीं मिला और राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। *प्रशासनिक संवेदनशीलता और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल* समय पर रेस्क्यू टीम न पहुंचने से मासूम किशोर का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी एसडीआरएफ की टीम का न पहुंचना जिला प्रशासन की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।घटना के बाद से ही परिजनों और रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल है।पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।ग्रामीणों ने मांग की है कि रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह को इस गंभीर मामले में तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए तथा तत्काल प्रभाव से गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना करना चाहिए। *ग्रामीणों के बयान* कल सुबह 10 बजे की घटना है।बच्चा घर के पास ही खेल रहा था कि अचानक नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ा और वह बह गया।कल एसडीएम साहब,तहसीलदार और पुलिस मौके पर उपस्थित थे लेकिन एसडीआरएफ की टीम का कुछ अता पता नहीं है।अगर समय पर टीम आ जाती तो शायद बच्चे को ढूंढ लिया जाता।प्रशासन की इस नाकामी से हम सभी ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं।
उफान पर आई बिछिया नदी में बहा 16 वर्षीय किशोर 24 घंटे बीतने पर भी नहीं पहुंची एसडीआरएफ टीम उफान पर आई बिछिया नदी में बहा 16 वर्षीय किशोर 24 घंटे बीतने पर भी नहीं पहुंची एसडीआरएफ टीम *प्रशासनिक लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल कलेक्टर व एसपी से तुरंत संज्ञान लेने की मांग* *♦️रीवा : गुढ़ समाचार* रीवा जिले के गुढ़ तहसील क्षेत्र एवं मनिकवार चौकी अंतर्गत अमवा 5 कोठार गांव में भारी बारिश के कारण बिछिया नदी उफान पर आ गई है।नदी के तेज बहाव और जलजमाव की चपेट में आने से कोठार गांव निवासी राज सिंह पिता अनिरुद्ध सिंह उम्र लगभग 16 वर्ष कल सुबह लगभग 10 बजे अचानक पानी के तेज बहाव में बह गया।घटना के लगभग 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची है जिससे ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है।घटना की सूचना मिलते ही बीते कल गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह,नायब तहसीलदार महिमा पाठक, मनिकवार चौकी प्रभारी राजेन्द्र द्विवेदी एवं जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान का प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था।हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा एसडीआरएफ के प्रबंधकों को बार बार फोन लगाने के बावजूद कोई रिस्पांस नहीं मिला और राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। *प्रशासनिक संवेदनशीलता और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल* समय पर रेस्क्यू टीम न पहुंचने से मासूम किशोर का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी एसडीआरएफ की टीम का न पहुंचना जिला प्रशासन की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।घटना के बाद से ही परिजनों और रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल है।पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।ग्रामीणों ने मांग की है कि रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह को इस गंभीर मामले में तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए तथा तत्काल प्रभाव से गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना करना चाहिए। *ग्रामीणों के बयान* कल सुबह 10 बजे की घटना है।बच्चा घर के पास ही खेल रहा था कि अचानक नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ा और वह बह गया।कल एसडीएम साहब,तहसीलदार और पुलिस मौके पर उपस्थित थे लेकिन एसडीआरएफ की टीम का कुछ अता पता नहीं है।अगर समय पर टीम आ जाती तो शायद बच्चे को ढूंढ लिया जाता।प्रशासन की इस नाकामी से हम सभी ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं।
- जनसंपर्क की समस्त संपूर्ण खबर रीवा जिले की जनसंपर्क द्वारा प्रसारित होने वाली मुख्य खबरें इस प्रकार हैं1
- जगदेव कॉलोनी ढेकहा की अभी की स्थिति1
- रीवा में बाढ़ का कहर: राजनीति छोड़ मदद के लिए आगे आए नागरिक, प्रशासन के साथ राहत कार्यों में जुटे। रीवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और कई परिवार इस प्राकृतिक आपदा के कारण संकट में हैं। इस विकट परिस्थिति में राजनीतिक खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप को दरकिनार करते हुए, प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित परिवारों की मदद करना ही हम सभी का सबसे पहला कर्तव्य है। बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा और राहत के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में सभी नागरिकों को बढ़-चढ़कर सहयोग देना चाहिए। हर व्यक्ति अपनी क्षमता और हैसियत के अनुसार भोजन, पीने का पानी, कपड़े और आवश्यक दवाइयां पहुँचाकर इस कठिन समय में पीड़ितों का संबल बन सकता है। नेताओं की कथनी और करनी का आकलन करने तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने का पर्याप्त समय परिस्थितियां सामान्य होने के बाद भी रहेगा। फिलहाल यह समय एकजुटता दिखाने और मानवता का धर्म निभाने का है, ताकि मिलकर रीवा को इस संकट से उबारा जा सके।1
- Available for Rent Locality : Rewa, Prayagraj Road, near Maharshi Vidya Mandir, Koshta Area (dimensions) : 55000 Property Type : Commercial Plot Posted By : Owner रीवा प्रयागराज रोड महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के बगल में 1 एकड़ 32 डिसमिल जमीन किराए पर देना है इच्छुक व्यक्ति संपर्क करें ।6
- ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे नदी-नहर और तालाब के बीच घिरा नीगा गांव, डूबने की कगार पर बस्ती* *रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक लगातार बारिश, गांव के अंदर तक पहुंचा पानी; ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षित स्थान और राहत व्यवस्था की मांग* रीवा। रीवा जिले से लगे गड्डी रोड मार्ग से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत नीगा में लगातार हुई बारिश के बाद जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ग्राम पंचायत नीगा, जनपद पंचायत रीवा, तहसील हुजूर एवं थाना गोविंदगढ़ क्षेत्र में बुधवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश गुरुवार 20 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे तक लगातार जारी रही। बारिश के बाद नदी और नहर का पानी गांव की बस्ती की ओर पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार नीगा गांव की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। गांव के सामने नदी, पीछे नहर और बगल में तालाब होने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी चारों तरफ से गांव की ओर बढ़ने लगता है। लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया है और पानी बस्ती के अंदर तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को अब बारिश दोबारा तेज होने और जलस्तर बढ़ने की चिंता सता रही है। *घरों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी* ग्रामीणों का कहना है कि रातभर हुई बारिश के बाद सुबह तक हालात और बिगड़ गए। बस्ती के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने से लोगों को अपने घरों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी और नहर का जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों की टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए। साथ ही नदी, नहर और तालाब के जलस्तर की निगरानी करते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक राहत एवं बचाव की व्यवस्था की जाए। *जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का ग्रामीणों ने लगाया आरोप* जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 10 के ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलभराव जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य निर्मला द्विवेदी के पति संजीव द्विवेदी (पिंटू) को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में फोटो सेशन और प्रचार गतिविधियों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि क्षेत्र के रहवासियों को हो रही परेशानियों और जलभराव जैसी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। *आंगनबाड़ी, स्कूल और पंचायत भवन में आश्रय देने की मांग* ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि बारिश के कारण घरों में पानी भरने की स्थिति बनती है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल भवन अथवा पंचायत भवन को अस्थायी राहत एवं आश्रय स्थल के रूप में उपयोग किया जाए, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीणों ने रीवा प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए गांव की स्थिति का निरीक्षण करने, जल निकासी की व्यवस्था कराने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव दल तैनात करने की मांग की है। फिलहाल नीगा गांव में बारिश के बाद बने हालात ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और सभी की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- भाई जल्द से जल्द कार्यवाही करवाइए यहां के आदमी बहुत डरे से लगे हैं इनका न पत्ता है ना इनका खुद का घर है दूसरे की जमीन में घर बनाएं हैं1
- बढ़ौरा पुल पर मौत से खिलवाड़ उफनती नदी के बीच रेलिंग पर बैठे श्रद्धालु, जान जोखिम में डालकर पुल पार करने की कोशिश, महिला तेज बहाव में बहते-बहते बची, युवक कर रहे खतरनाक स्टंट, पुलिस रोकती रही लेकिन लोग नहीं माने आखिर प्रशासन कब जागेगा बढ़ौरा पुल पर मौत से खिलवाड़ उफनती नदी के बीच रेलिंग पर बैठे श्रद्धालु, जान जोखिम में डालकर पुल पार करने की कोशिश, महिला तेज बहाव में बहते-बहते बची, युवक कर रहे खतरनाक स्टंट, पुलिस रोकती रही लेकिन लोग नहीं माने आखिर प्रशासन कब जागेगा1
- उफान पर आई बिछिया नदी में बहा 16 वर्षीय किशोर 24 घंटे बीतने पर भी नहीं पहुंची एसडीआरएफ टीम उफान पर आई बिछिया नदी में बहा 16 वर्षीय किशोर 24 घंटे बीतने पर भी नहीं पहुंची एसडीआरएफ टीम *प्रशासनिक लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल कलेक्टर व एसपी से तुरंत संज्ञान लेने की मांग* *♦️रीवा : गुढ़ समाचार* रीवा जिले के गुढ़ तहसील क्षेत्र एवं मनिकवार चौकी अंतर्गत अमवा 5 कोठार गांव में भारी बारिश के कारण बिछिया नदी उफान पर आ गई है।नदी के तेज बहाव और जलजमाव की चपेट में आने से कोठार गांव निवासी राज सिंह पिता अनिरुद्ध सिंह उम्र लगभग 16 वर्ष कल सुबह लगभग 10 बजे अचानक पानी के तेज बहाव में बह गया।घटना के लगभग 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची है जिससे ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है।घटना की सूचना मिलते ही बीते कल गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह,नायब तहसीलदार महिमा पाठक, मनिकवार चौकी प्रभारी राजेन्द्र द्विवेदी एवं जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान का प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था।हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा एसडीआरएफ के प्रबंधकों को बार बार फोन लगाने के बावजूद कोई रिस्पांस नहीं मिला और राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। *प्रशासनिक संवेदनशीलता और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल* समय पर रेस्क्यू टीम न पहुंचने से मासूम किशोर का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी एसडीआरएफ की टीम का न पहुंचना जिला प्रशासन की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।घटना के बाद से ही परिजनों और रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल है।पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।ग्रामीणों ने मांग की है कि रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह को इस गंभीर मामले में तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए तथा तत्काल प्रभाव से गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना करना चाहिए। *ग्रामीणों के बयान* कल सुबह 10 बजे की घटना है।बच्चा घर के पास ही खेल रहा था कि अचानक नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ा और वह बह गया।कल एसडीएम साहब,तहसीलदार और पुलिस मौके पर उपस्थित थे लेकिन एसडीआरएफ की टीम का कुछ अता पता नहीं है।अगर समय पर टीम आ जाती तो शायद बच्चे को ढूंढ लिया जाता।प्रशासन की इस नाकामी से हम सभी ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं।1