चलती रोडवेज बस में मोबाइल पर बात करता मिला चालक, यात्रियों की जान जोखिम में। अलवर/लक्ष्मणगढ़: राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। लक्ष्मणगढ़ से अलवर जाने वाली Rajasthan State Road Transport Corporation की एक बस के चालक द्वारा चलती गाड़ी में मोबाइल फोन पर बात करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बस संख्या RJ02PA 8979 (अलवर डिपो), जो सुबह करीब 11:45 बजे लक्ष्मणगढ़ से रवाना हुई, उसके चालक पृथ्वी यात्रा के दौरान लगातार मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक को इस खतरनाक लापरवाही के बारे में टोका गया, तो उसने बेपरवाही से जवाब देते हुए कहा कि वह रोज़ ही चलते समय मोबाइल पर बात करता है और इससे कोई दुर्घटना नहीं होती। चालक का यह रवैया यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण भी है—खासतौर पर जब बात सार्वजनिक परिवहन की हो, जहाँ कई यात्रियों की जान एक चालक पर निर्भर होती है। इस घटना के बाद यात्रियों में भय और नाराज़गी का माहौल है। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
चलती रोडवेज बस में मोबाइल पर बात करता मिला चालक, यात्रियों की जान जोखिम में। अलवर/लक्ष्मणगढ़: राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। लक्ष्मणगढ़ से अलवर जाने वाली Rajasthan State Road Transport Corporation की एक बस के चालक द्वारा चलती गाड़ी में मोबाइल फोन पर बात करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बस संख्या RJ02PA 8979 (अलवर डिपो), जो सुबह करीब 11:45 बजे लक्ष्मणगढ़ से रवाना हुई, उसके चालक पृथ्वी यात्रा के दौरान लगातार मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक को इस खतरनाक लापरवाही के बारे में टोका गया, तो उसने बेपरवाही से जवाब देते हुए कहा कि वह रोज़ ही चलते समय मोबाइल पर बात करता है और इससे कोई दुर्घटना नहीं होती। चालक का यह रवैया यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण भी है—खासतौर पर जब बात सार्वजनिक परिवहन की हो, जहाँ कई यात्रियों की जान एक चालक पर निर्भर होती है। इस घटना के बाद यात्रियों में भय और नाराज़गी का माहौल है। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- अलवर/लक्ष्मणगढ़: राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। लक्ष्मणगढ़ से अलवर जाने वाली Rajasthan State Road Transport Corporation की एक बस के चालक द्वारा चलती गाड़ी में मोबाइल फोन पर बात करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बस संख्या RJ02PA 8979 (अलवर डिपो), जो सुबह करीब 11:45 बजे लक्ष्मणगढ़ से रवाना हुई, उसके चालक पृथ्वी यात्रा के दौरान लगातार मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चालक को इस खतरनाक लापरवाही के बारे में टोका गया, तो उसने बेपरवाही से जवाब देते हुए कहा कि वह रोज़ ही चलते समय मोबाइल पर बात करता है और इससे कोई दुर्घटना नहीं होती। चालक का यह रवैया यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण भी है—खासतौर पर जब बात सार्वजनिक परिवहन की हो, जहाँ कई यात्रियों की जान एक चालक पर निर्भर होती है। इस घटना के बाद यात्रियों में भय और नाराज़गी का माहौल है। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- Post by Voice of Labour1
- युवा ने लगा दी सवालों की झड़ी! वीडियो हो गया वायरल !! खबर अल्मोड़ा जिले से है जहां रानीखेत, बग्वालीपोखर आदि स्थानों पर खाद्यपूर्ति विभाग छापेमारी कर रहा था इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती वहां पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी !! जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।1
- राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में श्री लाडली जूं सरकार (राधा रानी) मंदिर में भव्य महाआरती संपन्न जयबीर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट खैरथल -तिजारा। खैरथल-तिजारा, 18 मार्च। राजस्थान दिवस समारोह की शृंखला में बुधवार को खैरथल-तिजारा जिले के मंदिर श्री लाडली जूं सरकार (राधा रानी) मंदिर खैरथल में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के इस पुनीत अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, नगर परिषद कमिश्नर मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। मंदिर के महंत शशि भूषण शर्मा द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह पूजा-अर्चना एवं महाआरती संपन्न कराई गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने बताया कि ऐतिहासिक रूप से राजस्थान की स्थापना नव संवत्सर (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के दिन ही हुई थी। इसी तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी मूल पहचान और भारतीय संस्कृति से पुनः जोड़ने के लिए राजस्थान दिवस का उत्सव नव संवत्सर के अनुसार ही मनाया जा रहा है। महंत शशि भूषण शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। महाआरती के दौरान कनिष्क अभियंता मोतीलाल वर्मा, सहायक प्रोग्रामर शेर सिंह यादव, PRO अतर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय भक्तगण उपस्थित रहे।4
- Post by Ishani Chaudhari1
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- पूर्व प्रदेश महासचिव महेश गुर्जर द्वारा मुंडावर उपखंड मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन सुनिए1
- राजस्थान में नशे के खिलाफ एक नई जागरूकता की लहर देखने को मिल रही है। जहां एक ओर नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर युवा वर्ग अब इसके खिलाफ खुलकर सामने आ रहा है। हाल ही में आईपीएस अधिकारी विकास कुमार ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। राजस्थान, जो अपनी वीरता, परंपरा और परिश्रम के लिए जाना जाता है, आज एक नए संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। यह संघर्ष है नशे जैसी बुराई के खिलाफ। समाज के विभिन्न वर्ग—छात्र, शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन—अब एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने की दिशा में काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह युवाओं के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जागरूकता अभियान, शिक्षा और सामूहिक प्रयास ही इसका प्रभावी समाधान हो सकते हैं। युवाओं का कहना है कि वे अपने प्रदेश की पहचान को किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने देंगे। उनके अनुसार, राजस्थान की असली ताकत उसकी युवा शक्ति, संस्कृति और मेहनत है, न कि नशा। अंततः यह लड़ाई केवल नशे के खिलाफ नहीं, बल्कि राजस्थान के भविष्य, उसकी पहचान और उसके स्वाभिमान को बचाने की लड़ाई है। और इस लड़ाई में जीत उसी की होगी जो जागरूक, संगठित और दृढ़ संकल्पित होगा।1