यह सभी माता-पिता के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गंभीर चेतावनी है, विशेषकर आज के दौर में जब बच्चों की सुरक्षा को सबसे बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है। एक 2 मिनट का वीडियो संदेश जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों की सोच को बदलना और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति और भी अधिक सतर्क एवं जागरूक करना है। यह वीडियो मौजूदा समय की चुनौतियों को समझते हुए, हर माता-पिता को जागरूक रहने, बच्चों को संभावित खतरों से बचाने और उन्हें सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षित करने और समग्र परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और इस महत्वपूर्ण जानकारी को हर परिवार तक पहुँचाने के लिए सभी से आग्रह किया गया है कि वे इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें और इसे अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें।
यह सभी माता-पिता के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गंभीर चेतावनी है, विशेषकर आज के दौर में जब बच्चों की सुरक्षा को सबसे बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है। एक 2 मिनट का वीडियो संदेश जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों की सोच को बदलना और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति और भी अधिक सतर्क एवं जागरूक करना है। यह वीडियो मौजूदा समय की चुनौतियों को समझते हुए, हर माता-पिता को जागरूक रहने, बच्चों को संभावित खतरों से बचाने और उन्हें सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षित करने और समग्र परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और इस महत्वपूर्ण जानकारी को हर परिवार तक पहुँचाने के लिए सभी से आग्रह किया गया है कि वे इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें और इसे अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें।
- बागपत के एक गांव में ग्रामीण गंदगी और ओवरफ्लो हो रहे तालाब की समस्या से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। गांव के निवासियों का कहना है कि तालाब का गंदा पानी अब आसपास के रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों तक फैल गया है, जिससे वहां दुर्गंध और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस लगातार बढ़ रही परेशानी के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है। अब सवाल यह उठता है कि ग्रामीणों की इन शिकायतों को आखिर कब तक अनदेखा किया जाता रहेगा, जबकि उनकी परेशानी हर दिन बढ़ती जा रही है?1
- प्रयागराज में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह सर्किट हाउस में छात्रों के साथ पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर एक बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और इस चर्चा पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने का निर्देश दिया, जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया।1
- योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट रूप से यह घोषणा की है कि ऐसा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- बागपत के पुरामहादेव मंदिर में आयोजित कांवड़ मेले के संदर्भ में मुख्यमंत्री संत योगीजी की सराहना की गई है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो स्वयं को ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक बताते हैं, ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश के सभी तीर्थ स्थलों पर दर्शन के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के लिए सुखमय यात्रा सुनिश्चित करने के उनके संकल्प और सरकार के अथक परिश्रम के लिए विशेष साधुवाद और हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने सुंदर पर्यटन स्थलों पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी सराहना की।1
- गौतमबुद्ध नगर के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के सलारपुर गांव में पानी की टंकी टूटने को लेकर हुए एक विवाद में हापुड़ निवासी वसीम घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई है। इस घटना को लेकर वसीम के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी मौत मारपीट के कारण हुई है। वसीम की मौत के बाद से उनके परिवार में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मेरठ में आयोजित नौचंदी मेले में झूलों का आनंद लेने के लिए लोगों को भारी भीड़ के कारण लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। शाम होते ही झूलों के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती बन गया था। इस भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए, झूला संचालकों ने निजी गार्डों को तैनात किया। इन गार्डों ने लाइन की व्यवस्था संभाली और लोगों को क्रमवार झूलों तक पहुंचाने का काम किया, ताकि सभी को अपनी बारी का इंतजार शांतिपूर्ण ढंग से करने का मौका मिले। बच्चों और युवाओं में झूलों को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कई लोगों ने यह भी बताया कि लंबा इंतजार तो करना पड़ा, लेकिन झूलों का रोमांच उस प्रतीक्षा को सार्थक बना गया। मेले में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए, आयोजकों और संचालकों ने सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में, क्राइम ब्रांच और थाना चिनहट की एक संयुक्त टीम ने फिरौती के लिए काम करने वाले एक कुख्यात और वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह अभियुक्त ₹50 हजार का इनामी था। इस गिरफ्तारी की जानकारी एडीसीपी क्राइम किरण यादव द्वारा दी गई।1
- हापुड़ के गढ़ रोड स्थित देव नंदिनी अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात शिशु की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। गिरधारी नगर निवासी ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि उनकी पत्नी अपूर्वी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने पहले सामान्य प्रसव का प्रयास किया, लेकिन बाद में ऑपरेशन की सलाह दी, जिसके बाद सोमवार को ऑपरेशन के जरिए उनके पुत्र का जन्म हुआ। परिजनों का आरोप है कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे मशीन पर रखा गया। उन्होंने बच्चे को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की बात कही थी, लेकिन चिकित्सकों ने अपने स्तर पर ही इलाज जारी रखने का भरोसा दिया। ऋषभ के अनुसार, मंगलवार तड़के अस्पताल से फोन कर बताया गया कि बच्चे को एक महंगा इंजेक्शन लगाना होगा और उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें नवजात की मौत की जानकारी दी गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधक डॉ. श्याम कुमार का कहना है कि नवजात की हालत जन्म के बाद से ही गंभीर थी। उसे बचाने के लिए सभी आवश्यक उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि नवजात की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और फिलहाल परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1