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सुसनेर पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, हाथी दरवाजे पर थाना प्रभारी (TI) ने लोगों को सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सिखाए और उन्हें जागरूक किया।
राकेश बिकुन्दीया
सुसनेर पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, हाथी दरवाजे पर थाना प्रभारी (TI) ने लोगों को सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सिखाए और उन्हें जागरूक किया।
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- सुसनेर पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, हाथी दरवाजे पर थाना प्रभारी (TI) ने लोगों को सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सिखाए और उन्हें जागरूक किया।1
- डग अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी सेवा की शुरुआत कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इस सुविधा के शुरू होने से अब इन महिलाओं को सोनोग्राफी करवाने के लिए भवानीमंडी, झालावाड़ या अन्य शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें निजी केंद्रों पर लगने वाले हजारों रुपये के खर्च से भी मुक्ति मिलेगी।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ मंगलवार को आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अभियान की शुरुआत के अवसर पर, साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, डिजिटल भुगतान में बरती जाने वाली सावधानियां और साइबर अपराध होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक का साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक है। "SAFE CLICK-2026" अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सचेत करना है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में, मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया गया, ताकि अधिक से अधिक नागरिक साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपना सकें।1
- राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर में आवारा और बेकाबू सांडों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम नागरिकों के लिए परेशानी और खतरा पैदा हो गया है। ये सांड नगर की व्यस्त सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम घूमकर लोगों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में एक महिला पर सांड के हमले की घटना ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा मवेशियों की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। राहगीरों की जान लगातार खतरे में होने के कारण, इस गंभीर स्थिति को लेकर अब नगर परिषद पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि लोगों को इस समस्या से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।1
- पिड़ावा शहर में आज बुधवार, 24 जून को मॉनसून की जोरदार बारिश हुई है। इस भारी वर्षा से क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली है।1
- कटनी के घंटाघर पर एक "अच्छी चीज़" हुई है। यह घटना "फालतू में" घटित हुई।1
- सुसनेर में मोहर्रम पर्व की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। पर्व के दौरान सुरक्षा और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर काजी ने थाने और नगर पालिका (नप) को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- आगर मालवा की अयोध्या बस्ती में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ बिजली के एक पोल में करंट आने से एक सांड की मौत हो गई। बताया गया है कि पोल पर केवल कटने के कारण उसमें करंट फैल गया था, जिसकी चपेट में आने से सांड की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बिजली पोल के आसपास छोटे बच्चे भी खेलते रहते हैं, जिससे भविष्य में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा है। उन्होंने बिजली विभाग और नगर पालिका पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद भी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों ने सवाल उठाया है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब ध्यान देंगे, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके।1