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डग अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी सेवा की शुरुआत कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इस सुविधा के शुरू होने से अब इन महिलाओं को सोनोग्राफी करवाने के लिए भवानीमंडी, झालावाड़ या अन्य शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें निजी केंद्रों पर लगने वाले हजारों रुपये के खर्च से भी मुक्ति मिलेगी।
धरम सिंह
डग अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी सेवा की शुरुआत कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इस सुविधा के शुरू होने से अब इन महिलाओं को सोनोग्राफी करवाने के लिए भवानीमंडी, झालावाड़ या अन्य शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें निजी केंद्रों पर लगने वाले हजारों रुपये के खर्च से भी मुक्ति मिलेगी।
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- डग अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी सेवा की शुरुआत कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इस सुविधा के शुरू होने से अब इन महिलाओं को सोनोग्राफी करवाने के लिए भवानीमंडी, झालावाड़ या अन्य शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें निजी केंद्रों पर लगने वाले हजारों रुपये के खर्च से भी मुक्ति मिलेगी।1
- मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और जन जागरूकता के उद्देश्य से राज्यव्यापी 'SAFE CLICK-2026' साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ 24 जून को किया है। यह अभियान 9 जुलाई तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के प्रति जागरूक करना और साइबर अपराधों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, वर्तमान में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और नागरिकों को प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में इन अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ जनता को जागरूक करना भी अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान का एक प्रमुख लक्ष्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना तथा डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, साइबर सुरक्षा शपथ, पोस्टर एवं पंपलेट वितरण, सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार तथा जनसंवाद कार्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, डिजिटल भुगतान सुरक्षा और सोशल मीडिया सुरक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से बचाव के लिए हमेशा सतर्क रहें, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में, पुलिस ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया है। बड़ौद में इस कार्यक्रम के दौरान एस॰ वी॰के॰ शुक्ला, ए एस आई रामप्रकाश पुष्पद, एच सी अर्जुन बागड़ी, दिलीप भाटी, हकनवाज, मुकेश डाबी और वंदना सेन सहित कई लोग उपस्थित रहे।3
- मोहर्रम पर्व से पहले, सुसनेर में प्रशासन ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। इस दौरान तहसीलदार, सीएमओ और थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों ने मिलकर रूट का भ्रमण किया, ताकि आगामी पर्व के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ मंगलवार को आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अभियान की शुरुआत के अवसर पर, साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, डिजिटल भुगतान में बरती जाने वाली सावधानियां और साइबर अपराध होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक का साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक है। "SAFE CLICK-2026" अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सचेत करना है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में, मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया गया, ताकि अधिक से अधिक नागरिक साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपना सकें।1
- सुसनेर पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, हाथी दरवाजे पर थाना प्रभारी (TI) ने लोगों को सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सिखाए और उन्हें जागरूक किया।1
- कटनी के घंटाघर पर एक "अच्छी चीज़" हुई है। यह घटना "फालतू में" घटित हुई।1
- एसपी अमित बुडानिया के निर्देशन में पुलिस टीम ने एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के अंतर्गत, उमंग कार्यक्रम के तहत 15 बालकों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही, टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम करते पाए गए दो बालकों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर मुक्त कराया। इन दुकानदारों के खिलाफ बालश्रम अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।1
- आगर मालवा की अयोध्या बस्ती में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ बिजली के एक पोल में करंट आने से एक सांड की मौत हो गई। बताया गया है कि पोल पर केवल कटने के कारण उसमें करंट फैल गया था, जिसकी चपेट में आने से सांड की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बिजली पोल के आसपास छोटे बच्चे भी खेलते रहते हैं, जिससे भविष्य में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा है। उन्होंने बिजली विभाग और नगर पालिका पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद भी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों ने सवाल उठाया है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब ध्यान देंगे, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके।1