पूर्वी निमाड़ के खंडवा नगर में शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार जी के द्वारा आयोजित श्री दादाजी चरित्रअमृत कथा का प्रथम दिवस संपन्न हुआ। इस कथा में पंडित राकेश तिवारी जी ने बहुत सुंदर प्रकाश डाला। कथा के प्रारंभ में गुरु गौरी शंकर महाराज की जमात का महत्व बताया गया। कहा गया कि दादाजी की परंपरा और उनके संत-महंतों की जमात ही धर्म और भक्ति को आगे बढ़ाने का आधार है। इसके बाद मां नर्मदा परिक्रमा का विशेष महत्व बताया गया। पंडित जी ने कहा कि वैशाख माह की तृतीया तिथि को गंगा जी काली कोयल के समान गाय का रूप धारण करके नर्मदा स्नान करने आती हैं। पूरे वर्ष भर में भक्तों ने जो पाप धोए, उन पापों से मुक्त होने के लिए गंगा जी भी नर्मदा जी में स्नान करती हैं। इसलिए नर्मदा स्नान और परिक्रमा को 'पापमोचनी' कहा गया है। कथा में दादाजी का एक चमत्कार भी सुनाया गया। बताया गया कि दादाजी ने सिरसिरी बंदूक के मालगुजार के लंगड़े नौकर को मात्र दर्शन से सीधा दौड़ा दिया था। यह दादाजी की दया और सामर्थ्य का प्रत्यक्ष उदाहरण है। आगामी कथा की जानकारी भी दी गई। कल द्वितीय दिवस की कथा में बड़े दादाजी द्वारा साइनखेड़ा में की गई लीलाएं, चरित्र और चमत्कार तथा छोटे दादाजी का साइनखेड़ा पधारणा बताया जाएगा। दादाजी महाराज की कृपा से कथा सुनने वाले सभी भक्तों के कष्ट दूर हों।
पूर्वी निमाड़ के खंडवा नगर में शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार जी के द्वारा आयोजित श्री दादाजी चरित्रअमृत कथा का प्रथम दिवस संपन्न हुआ। इस कथा में पंडित राकेश तिवारी जी ने बहुत सुंदर प्रकाश डाला। कथा के प्रारंभ में गुरु गौरी शंकर महाराज की जमात का महत्व बताया गया। कहा गया कि दादाजी की परंपरा और उनके संत-महंतों की जमात ही धर्म और भक्ति को आगे बढ़ाने का आधार है। इसके बाद मां नर्मदा परिक्रमा का विशेष महत्व बताया गया। पंडित जी ने कहा कि वैशाख माह की तृतीया तिथि को गंगा जी काली कोयल के समान गाय का रूप धारण करके नर्मदा स्नान करने आती हैं। पूरे वर्ष भर में भक्तों ने जो पाप धोए, उन पापों से मुक्त होने के लिए गंगा जी भी नर्मदा जी में स्नान करती हैं। इसलिए नर्मदा स्नान और परिक्रमा को 'पापमोचनी' कहा गया है। कथा में दादाजी का एक चमत्कार भी सुनाया गया। बताया गया कि दादाजी ने सिरसिरी बंदूक के मालगुजार के लंगड़े नौकर को मात्र दर्शन से सीधा दौड़ा दिया था। यह दादाजी की दया और सामर्थ्य का प्रत्यक्ष उदाहरण है। आगामी कथा की जानकारी भी दी गई। कल द्वितीय दिवस की कथा में बड़े दादाजी द्वारा साइनखेड़ा में की गई लीलाएं, चरित्र और चमत्कार तथा छोटे दादाजी का साइनखेड़ा पधारणा बताया जाएगा। दादाजी महाराज की कृपा से कथा सुनने वाले सभी भक्तों के कष्ट दूर हों।
- पूर्वी निमाड़ के खंडवा नगर में शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार जी के द्वारा आयोजित श्री दादाजी चरित्रअमृत कथा का प्रथम दिवस संपन्न हुआ। इस कथा में पंडित राकेश तिवारी जी ने बहुत सुंदर प्रकाश डाला। कथा के प्रारंभ में गुरु गौरी शंकर महाराज की जमात का महत्व बताया गया। कहा गया कि दादाजी की परंपरा और उनके संत-महंतों की जमात ही धर्म और भक्ति को आगे बढ़ाने का आधार है। इसके बाद मां नर्मदा परिक्रमा का विशेष महत्व बताया गया। पंडित जी ने कहा कि वैशाख माह की तृतीया तिथि को गंगा जी काली कोयल के समान गाय का रूप धारण करके नर्मदा स्नान करने आती हैं। पूरे वर्ष भर में भक्तों ने जो पाप धोए, उन पापों से मुक्त होने के लिए गंगा जी भी नर्मदा जी में स्नान करती हैं। इसलिए नर्मदा स्नान और परिक्रमा को 'पापमोचनी' कहा गया है। कथा में दादाजी का एक चमत्कार भी सुनाया गया। बताया गया कि दादाजी ने सिरसिरी बंदूक के मालगुजार के लंगड़े नौकर को मात्र दर्शन से सीधा दौड़ा दिया था। यह दादाजी की दया और सामर्थ्य का प्रत्यक्ष उदाहरण है। आगामी कथा की जानकारी भी दी गई। कल द्वितीय दिवस की कथा में बड़े दादाजी द्वारा साइनखेड़ा में की गई लीलाएं, चरित्र और चमत्कार तथा छोटे दादाजी का साइनखेड़ा पधारणा बताया जाएगा। दादाजी महाराज की कृपा से कथा सुनने वाले सभी भक्तों के कष्ट दूर हों।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में कांग्रेस ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन तब हुआ जब मोहन यादव जी खंडवा के दौरे पर आए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को उठाया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक शामिल हुए।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में दो महत्वपूर्ण विकास हुए हैं। पहले, नमो वन में 11 हजार पौधे लगाए गए हैं। इस पौधारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना है। दूसरा, एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है, जिससे रेल यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, खंडवा में महापौर ने भी पौधारोपण किया है। रेलवे जंक्शन पर ट्रेन का स्टॉपेज सांसद के प्रयास से संभव हुआ है। सिविल लाइन में भी हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया गया है। इन विकासों से स्थानीय निवासियों को काफी लाभ होने की उम्मीद है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खालवा के मोहन रोकड़े और विक्रम अवासे को सामाजिक जागरूकता पर वीडियो बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान से नवाज़ा है। यह सम्मान दोनों को उनकी रचनात्मक और सामाजिक योगदान के लिए दिया गया है। इस सम्मान से न केवल उनकी मेहनत और प्रतिभा को पहचान मिली है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी कोशिशों को भी बढ़ावा मिला है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जुलाई 2026 को खंडवा की नई कृषि उपज मंडी में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने किसानों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए। इसके साथ ही, उन्होंने कई नई घोषणाएं भी कीं। इस महोत्सव का उद्देश्य किसानों को प्रोत्साहन देना और कृषि क्षेत्र में सुधार लाना है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से किसानों में उत्साह देखा गया और उन्होंने सरकार की पहल की सराहना की।1
- मुंदी नगर के बस स्टैंड पर रविवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भाजयुमो के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भारत माता के अमर शहीदों के सम्मान में मोमबत्तियां प्रज्ज्वलित कीं और दो मिनट का मौन रखकर कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने 'भारत माता की जय' के गगनभेदी नारे भी लगाए। इस अवसर पर वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल के वीर जवानों का अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान समस्त देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों का यह अतुलनीय त्याग आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति और देशसेवा की भावना को निरंतर मजबूत करता रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर में पहली बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। यह रथ यात्रा ऐतिहासिक बालाजी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजराती वाली में समाप्त हुई। इस दौरान जगह-जगह नागरिकों ने रथ यात्रा का पुष्पों से स्वागत किया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। रथ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए विशेष ध्यान रखा गया। बुरहानपुर में पहली बार आयोजित इस रथ यात्रा ने शहरवासियों में खासा उत्साह भर दिया।1
- खंडवा में पहली बार श्री दादाजी धूनीवाले की तीन दिवसीय भव्य संगीतमय चरित्र अमृत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर में हो रहा है। शिवसेना के तत्वावधान में होने वाली इस कथा का वाचन हरिद्वार से दीक्षा प्राप्त भागवताचार्य पं. श्री राकेश तिवारी खंडवा के मुखारविंद से किया जाएगा। शिवसेना के प्रवक्ता निर्मल मंगवानी और जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि कथा सोमवार 27 जुलाई से बुधवार 29 जुलाई तक महादेवगढ़ के सामने स्थित पुरानी अनाज मंडी प्रांगण में आयोजित होगी। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक श्रद्धालु कथा का रसपान कर सकेंगे। आयोजकों के अनुसार कथा के दौरान श्री दादाजी धूनीवाले के अनेक चमत्कारी चरित्रों का वाचन किया जाएगा। शिवसेना ने धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि समय पर पहुंचकर इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाएं।1