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मोतिहारी में हुई भारी बारिश के कारण छतौनी सब्जी मंडी पूरी तरह से पानी में डूब गई है, जिससे वहां बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मंडी के साथ-साथ आस-पास की सड़कों पर भी पूरा पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
Nitish Kumar
मोतिहारी में हुई भारी बारिश के कारण छतौनी सब्जी मंडी पूरी तरह से पानी में डूब गई है, जिससे वहां बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मंडी के साथ-साथ आस-पास की सड़कों पर भी पूरा पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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- पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में स्थित वृद्धाश्रम को बंद कर दिया गया है। इस घटना के लिए सीधे तौर पर जन समाज कल्याण विभाग को ग़ैर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।1
- स्थानीय जानकारी के अनुसार, एक महत्वपूर्ण सड़क पर सालों साल से लगातार पानी जमा रहता है। इस दीर्घकालिक जलजमाव के कारण यह मार्ग एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- अमन कुमार ने अपनी पत्नी गुंजन को शिक्षा दिलाने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम किया। उन्होंने मजदूरी की और अपनी जमीन तक लगा दी ताकि गुंजन पढ़ाई कर सके। लेकिन, जैसे ही गुंजन BPSC टीचर बनी, वह अमन के प्रति बेवफा हो गई।1
- मोतिहारी में हुई भारी बारिश के कारण छतौनी सब्जी मंडी पूरी तरह से पानी में डूब गई है, जिससे वहां बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मंडी के साथ-साथ आस-पास की सड़कों पर भी पूरा पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।1
- रक्सौल के वार्ड नंबर 20 में सड़क का अभाव है, जिसके कारण वहाँ की सड़कों पर पानी भर जाता है। यह स्थिति क्षेत्र के निवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।1
- सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदिशक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम का आज चौथा दिन रहा। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने उपस्थित भक्तों को सताए जाने के पाप के विषय में विस्तार से समझाया और श्रीमद् भागवत कथा के दसवें भाग का श्रवण कराया। शिक्षिका शर्मिला सिन्हा ने पंचायत के पुरुष वर्ग से भागवत कथा में सक्रिय रूप से भाग लेने और महिलाओं से अपने पति परमेश्वर के साथ कथा सुनकर जीवन का उद्धार करने का अनुरोध किया। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि जिस घर में नारी का अपमान किया जाता है, उसे सताया जाता है, जिस पुरुष द्वारा अपनी अर्धांगिनी को बिना वजह मारा-पीटा जाता है, या जिस व्यक्ति द्वारा अपनी बहू की हत्या की जाती है, और जिन सास-ससुर द्वारा बहू को अमुक सामान न लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता है, ऐसे लोगों को परमेश्वर द्वारा बहुत कठोर दंड दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी विचारधारा वाले पुरुषों, सास-ससुर और ननदों को भगवान द्वारा मानव तन से निकलने वाले मैले की नदी में डाल दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें कई जन्मों तक नरक भोगने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसलिए, बिना वजह नारी को सताना या प्रताड़ित करना नहीं चाहिए। आज सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भागवत कथा के दसवें अध्याय से भगवान श्री कृष्ण के जन्म का वृतांत श्रोताओं को सुनाया। उन्होंने बताया कि जब देवकी और वासुदेव का विवाह हो रहा था, तो राजा कंस ने अपनी बहन की डोली को कंधे पर रखकर विदा करने की बात कही। तभी अचानक आकाशवाणी हुई कि जिस बहन की डोली को वह विदा कर रहा है, उसकी आठवीं संतान ही कंस का वध करेगी। यह सुनकर कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया। देवकी और वासुदेव ने एक-एक करके सात संतानों को जन्म दिया, जिन्हें कंस ने मौत के घाट उतार दिया। जब आठवीं संतान के रूप में स्वयं भगवान के आने का समय आया, तो कारागार के सभी पहरेदार सो गए। भगवान प्रकट हुए और उन्होंने अपने माता-पिता को रहस्य बताते हुए कहा कि माता यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ है, उन्हें वहाँ पहुँचा दिया जाए और उस कन्या को यहाँ ले आया जाए। भगवान के निर्देशानुसार, वासुदेव ने कृष्ण को एक टोकरी में रखकर चलना शुरू किया तो कारागार के सभी द्वार अपने आप खुलते चले गए। वे यशोदा मैया के घर पहुँचे, जहाँ यशोदा सोई हुई थीं। उन्होंने कृष्ण को वहाँ रख दिया और वहाँ की बालिका को लेकर वापस कारागार आ गए। सभी द्वार अपने आप बंद हो गए, और फिर पहरेदारों की नींद खुली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पहरेदारों ने राजा कंस को सूचना दी। कंस आया, अपनी बहन देवकी के हाथों से बच्ची को छीनकर जैसे ही पत्थर पर पटककर उसकी हत्या करनी चाही, वह बच्ची उसके हाथ से छूट गई और आकाश मार्ग में जाते हुए बोली, “हे कंस! तुम्हारी मृत्यु निश्चित है। तुम्हें मृत्युदंड देने वाले धरती पर पैदा हो चुके हैं।” यह कहकर वह बालिका अंतर्ध्यान हो गई। श्रोताओं ने बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भागवत कथा का श्रवण किया। आज के कार्यक्रम में सिरहा पंचायत के पूर्व मुखिया श्रीमती शकुंतला देवी उर्फ जगदंबा के पति श्री विनोद प्रसाद कुशवाहा, श्री सत्यनारायण प्रसाद कुशवाहा, श्री श्याम नारायण प्रसाद कुशवाहा, श्री खेदूराउत, गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा, दशरथ प्रसाद कुशवाहा, शिक्षक श्री जय किशोर शाह, श्री गजाधर पासवान, तथा भागवत कथा के आयोजक शिक्षक श्री अमरेंद्र कुमार कुशवाहा, उनकी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी और उनकी पुत्री ने सहर्ष भाग लिया। वहीं, श्री जगन्नाथ राउत की पत्नी ने दैनिक सिरहा टाइम्स को वीडियो क्लिप में बताया कि उनके पंचायत में पुरुष वर्ग की संख्या बहुत कम दिखाई दे रही है, जबकि महिलाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने पुरुष वर्ग से अनुरोध किया कि वे भागवत कथा का श्रवण करने अवश्य आएं, जिससे उनके जीवन का उद्धार होगा। यह कार्यक्रम सिरहाकोठी में 29 मई 2026 को आयोजित किया गया।1
- पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की महुआवां शाखा में देर रात शातिर चोरों ने चोरी करने का प्रयास किया, लेकिन वे बैंक से नगदी ले जाने में नाकाम रहे। चोरों ने बैंक के पिछले हिस्से से जांगला (ग्रिल) तोड़कर अंदर प्रवेश किया और बैंक परिसर में रखे कुछ सामान को क्षतिग्रस्त भी कर दिया, हालांकि वे नगदी तक नहीं पहुंच पाए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने पहले बैंक की दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता न मिलने पर उन्होंने एक खिड़की तोड़ी और लोहे की सरिया काटकर बैंक के भीतर प्रवेश किया। अंदर जाने के बाद चोरों ने कई सामानों को नुकसान पहुंचाया, पर वे नगदी रखने वाले हिस्से तक नहीं पहुंच सके। घटना की सूचना मिलते ही चिरैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत जांच शुरू की। पुलिस बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार ने पुष्टि की है कि प्रथम दृष्टया बैंक से किसी प्रकार की नगदी या अन्य मूल्यवान सामग्री की चोरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सिकरहना SDPO अभिषेक कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम को जांच के लिए बुलाया है, जो घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद बैंक कर्मियों और स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा। पुलिस गहन जांच में जुटी है और मामले का जल्द खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- नालंदा जिले के बढ़ौना में शराबबंदी कानून की सच्चाई सामने आ गई है। 'सूरज अस्त नालंदा के बढ़ौना मस्त' की स्थिति से यह स्पष्ट है कि जनता ने शराबबंदी की पोल खोल दी है।1