उपेक्षा का शिकार पोठिया रेलवे स्टेशन, झाड़-झंखाड़ और जर्जर प्लेटफॉर्म से यात्री परेशान पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत अलुवाबाड़ी रोड–सिलीगुड़ी रेलखंड पर स्थित पोठिया रेलवे स्टेशन बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। वर्षों से समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म खंडहर का रूप ले चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े झाड़-झंखाड़ उग आए हैं, जिससे यात्रियों के बीच हमेशा सांप-बिच्छू निकलने का खतरा बना रहता है। यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर पेयजल, शौचालय और पर्याप्त प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफॉर्म पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे विशेषकर रात के समय यात्रियों को काफी परेशानी होती है। अधिकांश हाईमास्ट और प्लेटफॉर्म लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व और उचक्के भी स्टेशन परिसर में सक्रिय रहते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोठिया रेलवे स्टेशन से रेलवे को प्रत्येक माह लगभग एक लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि अलुवाबाड़ी रोड–सिलीगुड़ी रेलखंड के आमान परिवर्तन के बाद इस मार्ग पर चलने वाली चार जोड़ी पैसेंजर एवं एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव पोठिया स्टेशन पर होता है। पोठिया प्रखंड मुख्यालय होने के कारण यहां अंचल एवं प्रखंड कार्यालय, आईसीडीएस कार्यालय, आपूर्ति विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना सहित कई सरकारी कार्यालय तथा दर्जनों प्राथमिक, मध्य एवं इंटर विद्यालय स्थित हैं। किशनगंज और आसपास से आने वाले सरकारी कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा आम यात्रियों के लिए रेल आवागमन का प्रमुख साधन है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी स्टेशन से यात्रा करते हैं। प्रखंडवासियों ने कटिहार मंडल के मंडल रेल प्रबंधक किरेंद्र नराह से जनहित में पोठिया रेलवे स्टेशन की शीघ्र साफ-सफाई कराने, जर्जर प्लेटफॉर्म की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने तथा पेयजल, शौचालय सहित सभी आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
उपेक्षा का शिकार पोठिया रेलवे स्टेशन, झाड़-झंखाड़ और जर्जर प्लेटफॉर्म से यात्री परेशान पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत अलुवाबाड़ी रोड–सिलीगुड़ी रेलखंड पर स्थित पोठिया रेलवे स्टेशन बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। वर्षों से समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म खंडहर का रूप ले चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े झाड़-झंखाड़ उग आए हैं, जिससे यात्रियों के बीच हमेशा सांप-बिच्छू निकलने का खतरा बना रहता है। यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर पेयजल, शौचालय और पर्याप्त प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफॉर्म पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे विशेषकर रात के समय यात्रियों को काफी परेशानी होती है। अधिकांश हाईमास्ट और प्लेटफॉर्म लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व और उचक्के भी स्टेशन परिसर में सक्रिय रहते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोठिया रेलवे स्टेशन
से रेलवे को प्रत्येक माह लगभग एक लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि अलुवाबाड़ी रोड–सिलीगुड़ी रेलखंड के आमान परिवर्तन के बाद इस मार्ग पर चलने वाली चार जोड़ी पैसेंजर एवं एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव पोठिया स्टेशन पर होता है। पोठिया प्रखंड मुख्यालय होने के कारण यहां अंचल एवं प्रखंड कार्यालय, आईसीडीएस कार्यालय, आपूर्ति विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना सहित कई सरकारी कार्यालय तथा दर्जनों प्राथमिक, मध्य एवं इंटर विद्यालय स्थित हैं। किशनगंज और आसपास से आने वाले सरकारी कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा आम यात्रियों के लिए रेल आवागमन का प्रमुख साधन है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी स्टेशन से यात्रा करते हैं। प्रखंडवासियों ने कटिहार मंडल के मंडल रेल प्रबंधक किरेंद्र नराह से जनहित में पोठिया रेलवे स्टेशन की शीघ्र साफ-सफाई कराने, जर्जर प्लेटफॉर्म की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने तथा पेयजल, शौचालय सहित सभी आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
- भारत के छात्रों के साथ #rahulgandhi sath ha ap sab hamite rakhi ham ap sab ka sath khara ha1
- केंद्र सरकार Meta पर दबाव बनाकर प्रधानमंत्री मोदी, Ethanol और Paper Leak जैसे मुद्दों पर बोलने वाले लोगों के अकाउंट्स suppress कर रही है। आखिर मोदी सरकार इतनी डरी हुई क्यों है कि अब Meta से अकाउंट्स और कंटेंट भी suppress करवाया जा रहा है? #MetaCensorsIndia1
- 2017 की बाढ़ में टूटी सड़क आज तक नहीं बनी, हजारों ग्रामीणों का आवागमन बाधित; डीएम से आरसीसी पुल व सड़क निर्माण की मांग। 2017 की बाढ़ में टूटी सड़क आज तक नहीं बनी, हजारों ग्रामीणों का आवागमन बाधित; डीएम से आरसीसी पुल व सड़क निर्माण की मांग। किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-14 देवरी खास से रहमतपुर जाने वाली मुख्यमंत्री सड़क वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ में सुहिया गांव के समीप लगभग तीन किलोमीटर तक ध्वस्त हो गई थी। बाढ़ के नौ वर्ष बाद भी सड़क का पुनर्निर्माण नहीं होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क प्रखंड की कई पंचायतों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। दुर्गापुर, मियापुर, हवाकोल, धवेली, झाला, डाकपोखर, बैगना, चिल्हनियां, मटियारी, झुनकी मुसहरा सहित दर्जनों गांवों और पंचायतों के लोग इसी मार्ग से प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय तथा हाट-बाजार तक पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में पूरा इलाका जलमग्न हो जाने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है, जिससे आम लोगों, छात्रों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2017 की बाढ़ में प्रखंड क्षेत्र के दर्जन स्थानों पर सड़क बीच से कटकर ध्वस्त हो गई थी। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक सड़क एवं आरसीसी पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। चिल्हनियां पंचायत के मुखिया मोफत लाल ऋषिदेव तथा प्रखंड प्रमुख उजाला परवीन ने जिला प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क और आरसीसी पुल का निर्माण होने से हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी तथा क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों ने नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप करते हुए सड़क एवं आरसीसी पुल निर्माण की स्वीकृति दिलाने की मांग की है, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।1
- Nainital Shahar ghumne ke liye Main a Raha Hun yahan per Nainital Shahar ghumne ke liye aaya hun main1
- उपेक्षा का शिकार पोठिया रेलवे स्टेशन, झाड़-झंखाड़ और जर्जर प्लेटफॉर्म से यात्री परेशान पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत अलुवाबाड़ी रोड–सिलीगुड़ी रेलखंड पर स्थित पोठिया रेलवे स्टेशन बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। वर्षों से समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म खंडहर का रूप ले चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े झाड़-झंखाड़ उग आए हैं, जिससे यात्रियों के बीच हमेशा सांप-बिच्छू निकलने का खतरा बना रहता है। यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर पेयजल, शौचालय और पर्याप्त प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफॉर्म पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे विशेषकर रात के समय यात्रियों को काफी परेशानी होती है। अधिकांश हाईमास्ट और प्लेटफॉर्म लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व और उचक्के भी स्टेशन परिसर में सक्रिय रहते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोठिया रेलवे स्टेशन से रेलवे को प्रत्येक माह लगभग एक लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि अलुवाबाड़ी रोड–सिलीगुड़ी रेलखंड के आमान परिवर्तन के बाद इस मार्ग पर चलने वाली चार जोड़ी पैसेंजर एवं एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव पोठिया स्टेशन पर होता है। पोठिया प्रखंड मुख्यालय होने के कारण यहां अंचल एवं प्रखंड कार्यालय, आईसीडीएस कार्यालय, आपूर्ति विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना सहित कई सरकारी कार्यालय तथा दर्जनों प्राथमिक, मध्य एवं इंटर विद्यालय स्थित हैं। किशनगंज और आसपास से आने वाले सरकारी कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा आम यात्रियों के लिए रेल आवागमन का प्रमुख साधन है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी स्टेशन से यात्रा करते हैं। प्रखंडवासियों ने कटिहार मंडल के मंडल रेल प्रबंधक किरेंद्र नराह से जनहित में पोठिया रेलवे स्टेशन की शीघ्र साफ-सफाई कराने, जर्जर प्लेटफॉर्म की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने तथा पेयजल, शौचालय सहित सभी आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।2