उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित रामनगर पीजी कॉलेज परिसर में सात दिवसीय वृहद वृक्षारोपण महाअभियान के तीसरे दिन एक उत्साहपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों से भावुक अपील की गई कि वे अपनी माँ, पुत्र और पुत्री के नाम पर कम से कम एक-एक पौधा अवश्य लगाएं। साथ ही, उन्हें इन पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा और स्वच्छ बनाना है। वक्ताओं ने इस अवसर पर वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ केवल प्रकृति की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधे का भी संरक्षण करे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र, मण्डल अध्यक्ष महादेवा अमित सिंह, वन दरोगा सचिन पटेल, असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक राय, शिक्षक शिव कैलाश गौतम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से विकास सिंह और वन कर्मी दुर्गेश यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया, साथ ही हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित रामनगर पीजी कॉलेज परिसर में सात दिवसीय वृहद वृक्षारोपण महाअभियान के तीसरे दिन एक उत्साहपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों से भावुक अपील की गई कि वे अपनी माँ, पुत्र और पुत्री के नाम पर कम से कम एक-एक पौधा अवश्य लगाएं। साथ ही, उन्हें इन पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा और स्वच्छ बनाना है। वक्ताओं ने इस अवसर पर वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ केवल प्रकृति की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधे का भी संरक्षण करे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र, मण्डल अध्यक्ष महादेवा अमित सिंह, वन दरोगा सचिन पटेल, असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक राय, शिक्षक शिव कैलाश गौतम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से विकास सिंह और वन कर्मी दुर्गेश यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया, साथ ही हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित रामनगर पीजी कॉलेज परिसर में सात दिवसीय वृहद वृक्षारोपण महाअभियान के तीसरे दिन एक उत्साहपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों से भावुक अपील की गई कि वे अपनी माँ, पुत्र और पुत्री के नाम पर कम से कम एक-एक पौधा अवश्य लगाएं। साथ ही, उन्हें इन पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा और स्वच्छ बनाना है। वक्ताओं ने इस अवसर पर वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ केवल प्रकृति की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधे का भी संरक्षण करे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र, मण्डल अध्यक्ष महादेवा अमित सिंह, वन दरोगा सचिन पटेल, असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक राय, शिक्षक शिव कैलाश गौतम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से विकास सिंह और वन कर्मी दुर्गेश यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया, साथ ही हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।1
- जब तक एक लाख लोग नहीं देख पाएंगे चालू करोगे 💔💔💔💔💔😭😭😭😭1
- बाराबंकी जिले के दरियाबाद थाना क्षेत्र के अफकपुर गांव में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर खाद वितरण के दौरान हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के तीन दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई समिति के सचिव वरुण मिश्र की तहरीर पर की गई है। सचिव वरुण मिश्र ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि सोमवार सुबह किसानों को खाद वितरित करते समय शैलेन्द्र और शिवशंकर नामक दो व्यक्ति बिना पर्ची के ही खाद देने का दबाव बनाने लगे। जब सचिव ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट की, उन्हें बंधक बना लिया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। शोर सुनकर गंगौली गांव के लोग मौके पर पहुंचे और सचिव को बाहर निकाला, जिसके बाद आरोप है कि जाते समय उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस हंगामे के कारण समिति पर मौजूद करीब 500 बोरी खाद में से केवल 200 बोरी का ही वितरण हो सका, जिसके चलते 300 से अधिक किसान बिना खाद लिए ही वापस लौट गए। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद किसान यूनियन के पदाधिकारियों के पहुंचने पर यह विवाद और भी गरमा गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।3
- मुख्यमंत्री योगी ने माफियाओं को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि माफिया 24 घंटे के भीतर उन सभी जमीनों को खाली कर दें, जिन पर उन्होंने गरीबों से अवैध कब्जा किया हुआ है।1
- बाराबंकी के मसौली थाना परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब कस्बा चौकी प्रभारी अभय गुप्ता के विदाई समारोह का आयोजन किया गया। करीब 28 माह तक मसौली कस्बा चौकी का सफलतापूर्वक दायित्व निभाने के बाद उनका स्थानांतरण लोनीकटरा थाना क्षेत्र की छबील चौकी पर हो गया है, जिसके चलते उनकी विदाई की घड़ी में कई लोगों की आँखें नम हो गईं। इस विदाई समारोह में थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी और वरिष्ठ उपनिरीक्षक शमशाद अली ने अभय गुप्ता का फूल-मालाओं से स्वागत किया और केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मसौली थाने के सभी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ समाजसेवियों, पत्रकारों और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भावुक दिखाई दिए। अपने संबोधन में चौकी प्रभारी अभय गुप्ता ने भावुक होकर कहा कि 'आप सभी मेरा परिवार हैं। मैं यहां से जरूर जा रहा हूं, लेकिन आप सभी की याद हमेशा मेरे साथ रहेगी। कभी भी मेरी जरूरत पड़े, मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा।' उन्होंने पुलिसकर्मियों से आपसी सहयोग, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील भी की। अपने 28 माह के कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित किया। वह नियमित रूप से कस्बे के प्रमुख चौराहों और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त कर लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते थे, वहीं वाहन चेकिंग के दौरान भी उनका व्यवहार संयमित, निष्पक्ष और जनहितकारी रहा, जिससे क्षेत्र में उनकी सकारात्मक छवि बनी। क्षेत्र के लोगों, समाजसेवियों और पत्रकारों का मानना है कि मसौली में इतने लंबे समय तक किसी चौकी प्रभारी का कार्यकाल कम ही देखने को मिला है। अभय गुप्ता की कार्यशैली, सौम्य व्यवहार और जनता के प्रति सहयोगात्मक रवैये ने उन्हें लोगों के बीच विशेष पहचान दिलाई थी, जिसके कारण उनके स्थानांतरण से क्षेत्र में मायूसी का माहौल है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं। इस बीच, विपिन सिंह ने मसौली कस्बा चौकी प्रभारी का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।1
- पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कैसरगंज आगमन पर उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने प्रदेश की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरने में हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है। उनके अनुसार, महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है, और आम आदमी रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और सरकार के प्रति लोगों में निराशा का माहौल है। सिद्दीकी का कहना था कि जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में परिवर्तन का मन बना चुकी है और अब ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा किसानों के हितों को प्राथमिकता दे सके। इस अवसर पर, कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सिद्दीकी का जोरदार स्वागत किया और उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। पूरे कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल बना रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसमस्याओं को लेकर जनता के बीच सक्रिय रहने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील की। कार्यक्रम में नेम कुमार चौहान (पूर्व जिलाध्यक्ष, बहराइच), शिराज अहमद, हाजी ब्रिकफील्ड वरा काजी, रिजवान सिद्दीकी, इरफान सिद्दीकी, प्रिंजेश सिंह राठौर, अशोक सिंह, डॉ. मिर्जा अली, यूसुफ भाई, एलर्जी सिद्दीकी, सोनू साजन, नजीब अहमद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, पार्टी पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे।1
- सूरत स्टेशन के सामने के इलाके में अभी भी कूड़ा-कचरा और पानी जमा हुआ है। इसके चलते, वहाँ के कई मकानों और दुकानों में भी पानी भरा हुआ है।1
- जनपद मेरठ में चल रहे एक शांतिपूर्ण धरने प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधीक्षक का यह व्यवहार बहुजन समाज की आवाज को दबाने का एक प्रयास है। बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि सभी व्यक्तियों को आंदोलन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। भीम आर्मी के मनजीत सिंह नौटियाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बहुजन समाज की आवाज अब किसी भी सूरत में दबने वाली नहीं है। उन्होंने जल्द ही संविधान लेकर पहुंचने का ऐलान करने की बात कही है। जय भीम।2