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देशी कट्टे की नोक पर ₹1.67 लाख की लूट का खुलासा, कुरवाई पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
विनोद कुशवाह
देशी कट्टे की नोक पर ₹1.67 लाख की लूट का खुलासा, कुरवाई पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
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- गंजबासौदा-गणेश विसर्जन से पहले एसपी का गंजबासौदा दौरा,सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल पुलिसिंग की समीक्षा गंजबासौदा-गणेश विसर्जन से पहले एसपी का गंजबासौदा दौरा,सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल पुलिसिंग की समीक्षा1
- सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र मदऊखेड़ी में किया गया चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र स्तरीय भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें जन शिक्षा केंद्र मदऊखेड़ी के कक्षा 6 से 10 तक के बच्चे इस प्रतियोगिता में शामिल हुए कार्यक्रम में बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गत 25 वर्षों के सेवा कार्य एवं विकसित भारत थीम पर तरह-तरह के कार्ड शीट पर चित्र बनाकर अपने भाव प्रकट किया साथ ही भाषण के द्वारा भी मोदी जी के कार्यकाल एवं विकसित भारत के संकल्प पर प्रकाश डाला चित्रकला में प्रथम स्थान कृष्णा राजपूत द्वितीय स्थान सागर मोगिया तृतीय स्थान रेखा यादव ने प्राप्त किया। इसी तरह भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गोविंद परिहार द्वितीय स्थान शुभी राजपूत तृतीय स्थान यशवंती यादव ने प्राप्त किया। जिन्हें प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता दातार सिंह यादव जनपद सदस्य किरौला ने की। कार्यक्रम में शिक्षक मनोज मोंगिया, संतोष शर्मा ,खलक सिंह बागड़ी, चंद्र मोहन शेषा cac आदि अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे आभार आशीष राय संकुल प्राचार्य द्वारा व्यक्त किया गया1
- भीलवाड़ा के गुलामपुरा गौ तश्करो का विख्यात दार्शनिक स्थल नगर पालिका चुनाव में धन-बल धोखा हि मिला धनराज जी गुर्जर को समर्पित गुलाबपुरा की माटी का दर्द: जब सियासत जीत जाती है और जनता हार जाती है यह सिर्फ एक नगर पालिका चुनाव की कहानी नहीं है, यह उस आम आदमी के #भरोसे की कहानी है जो हर बार लोकतंत्र के महापर्व में अपनी उम्मीदों की आहुति देता है। गुलाबपुरा की गलियों में, चाय की थड़ियों पर और चौपालों पर आज एक ही सवाल तैर रहा है—"अगर आख़िर में हाथ और कमल को एक ही थाली में खाना था, तो चुनावी मैदान में दुश्मनी का यह स्वांग क्यों रचा गया?" धूप की वो लंबी कतारें और ठगा सा महसूस करता वोटरचुनाव के दिन याद कीजिए। सुबह की गुनगुनी धूप में लाठी टेकते बुजुर्ग, गोद में बच्चा थामे मांएं और पहली बार वोट देने की उमंग से लबरेज़ वो नौजवान... सब एक ही उम्मीद में कतारों में खड़े थे कि उनका एक वोट गुलाबपुरा की तकदीर बदलेगा।जनता ने भाजपा और कांग्रेस की विचारधारा की जंग को सच मान लिया। दो पड़ोसियों ने आपस में बहस कर ली, दोस्तों ने पार्टियों की खातिर दूरियां बढ़ा लीं, और पूरी जनता इस उम्मीद में रही कि वे अपने शहर का भविष्य चुन रहे हैं। बंद कमरों का गणित और लोकतंत्र का तमाशा भाजपा को 14 सीटें, कांग्रेस को 10 और निर्दलीयों को 10 सीटें। गुलाबपुरा का यह खंडित जनादेश नेताओं के लिए किसी 'बिजनेस डील' जैसा बन गया। जो नेता कल तक एक-दूसरे की कमियां गिनाते नहीं थकते थे, जो एक-दूसरे को शहर की बदहाली का जिम्मेदार बताते थे, वे आज बंद कमरों में मुस्कुराते हुए हाथ मिला रहे हैं।जब सत्ता की मलाई बांटने के लिए 'हाथ' और 'कमल' एक हो जाते हैं, तो उस समय सबसे ज्यादा बेबस वो भोली-भाली जनता होती है, जिसने इन्हें सचमुच का प्रतिद्वंद्वी समझा था। राजनीति के इस खेल ने साबित कर दिया कि नेताओं के लिए कोई दुश्मन या दोस्त नहीं होता, उनके लिए सिर्फ और सिर्फ 'कुर्सी' ही आखिरी सच है। क्यों भोली जनता को परेशान करती हैं ये पार्टियां?जनता का यह गुस्सा जायज है कि जब तुम्हें मिलकर ही सरकार चलानी थी, तो करोड़ों रुपये फूंक कर यह चुनावी तमाशा क्यों किया? क्यों आम जनता को रैलियों, वादों और भाषणों के मायाजाल में उलझाया गया?जवाब कड़वा है पर सच है। इन्हें चुनाव इसलिए कराना पड़ता है क्योंकि लोकतंत्र का मुखौटा पहनना इनकी कानूनी मजबूरी है। लेकिन इस मुखौटे के पीछे की हकीकत यह है कि चुनाव सिर्फ जनता को यह भ्रम देने के लिए है कि "फैसला आपका है।" हकीकत में फैसला हमेशा वही होता है जो चंद रसूखदार और सत्ता के भूखे नेता बंद कमरों में बैठकर तय करते हैं। इसे ही हम आज की भाषा में 'रिज़ॉर्ट पॉलिटिक्स' और 'जोड़-तोड़ की राजनीति' कहते हैं। #एक गहरी टीस: कब जागेगी जनता?#गुलाबपुरा की #राजनीति का यह मोड़ हमें एक बड़ा सबक देता है। यह सिखाता है कि #नेताओं के खोखले वादों और पार्टी के सिंबल पर आंख मूंदकर भरोसा करना छोड़ना होगा। जब तक जनता नेताओं को भगवान मानकर पूजती रहेगी, तब तक नेता जनता को इसी तरह इस्तेमाल करते रहेंगे।"#सियासत की इस बिसात पर मोहरे #हम और #आप हैं,जीत किसी की भी हो, #हारती सिर्फ जनता की आस है।वो हाथ मिलाकर मुस्कुरा रहे हैं अपनी कामयाबी पर,और हम आज भी ढूंढ रहे हैं कि हमारा विकास कहाँ है? "#गुलाबपुरा की जनता आज भले ही ठगी हुई महसूस कर रही हो, लेकिन यह दर्द बेकार नहीं जाना चाहिए। अगली बार जब कोई नेता आपके दरवाजे पर वोट मांगने आए, तो उससे पार्टी का नाम नहीं, बल्कि पिछले पांच सालों का हिसाब मांगिएगा। क्योंकि जब तक जनता सवाल पूछना नहीं सीखेगी, तब तक राजनीति के ये सौदागर यूँ ही हमारे वोटों का व्यापार करते रहेंगे।1
- फतेहगढ़ में धूमधाम से मनी तेजाजी दशमी, वीर तेजाजी महाराज के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब फतेहगढ़। कस्बे में सोमवार को वीर तेजाजी महाराज की तेजादशमी श्रद्धा, भक्ति और लोक आस्था के साथ धूमधाम से मनाई गई। सीएम राइज स्कूल के पास स्थित वीर तेजाजी महाराज के स्थान पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार भव्य मेले का आयोजन किया गया। आयोजन को लेकर समिति द्वारा कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गईं। तेजादशमी के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित फतेहगढ़ कस्बे से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मेले में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का रंग दिखाई दिया। लोकदेवता तेजाजी—वचन, वीरता और गौ-रक्षा के प्रतीक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मालवा-चंबल सहित कई क्षेत्रों में वीर तेजाजी को लोकदेवता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। लोकगाथाओं और तेजाजी से संबंधित पारंपरिक ग्रंथों में उनके जीवन का मूल संदेश सत्य, वचन-पालन, साहस, गौ-रक्षा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने से जुड़ा दिखाई देता है। लोकमान्यता के अनुसार तेजाजी ने अपने वचन को सर्वोपरि माना। कथाओं में वर्णित है कि एक ओर संकटग्रस्त गायों की रक्षा का दायित्व था, वहीं दूसरी ओर नागदेवता से किया हुआ वचन निभाना था। तेजाजी ने अपने प्राणों की चिंता किए बिना दोनों दायित्व पूरे करने का प्रयास किया। इसी कारण लोक परंपरा में उन्हें वचन के पक्के वीर और गौ-रक्षक लोकदेवता के रूप में विशेष स्थान मिला। तेजाजी की लोकगाथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही माना जाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, दिया हुआ वचन, धर्म और कर्तव्य नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि सदियों बाद भी ग्रामीण अंचलों में तेजाजी की पूजा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ी आस्था के रूप में कायम है। मेले में दिखी परंपरा और आस्था की झलक फतेहगढ़ में आयोजित तेजादशमी मेले में भी इसी लोक आस्था की झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज के स्थान पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। समिति की ओर से मेले की भव्य सजावट और व्यवस्थाएं की गईं। दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही से आयोजन स्थल भक्तिमय माहौल में नजर आया। स्थानीय लोगों के लिए तेजादशमी का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपरा, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है। मेले के माध्यम से नई पीढ़ी भी वीर तेजाजी की लोकगाथा और उनके आदर्शों से जुड़ रही है। फतेहगढ़ में तेजादशमी का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि लोकदेवताओं से जुड़ी आस्था आज भी गांव-कस्बों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत हिस्सा है।1
- tet परीक्षा के बिरोध में शिक्षकों ने किया सामूहिक उपवास, निकाली रैली आज पूरे प्रदेश के समस्त जिलों में शिक्षकों को अपमानित करने वाली tet परीक्षा एवं त्रुटि पूर्ण e अटेंडेंस के विरोध और पुरानी पेंशन ops के समर्थन में जिले में सामूहिक उपवास धरना कार्यक्रम रघुवंशी धर्मशाला अशोकनगर में आयोजित किया गया जिसमे दर्जनों शिक्षक आमरण अनशन पर बैठ गये जिन्हे बमुश्किल विधायक श्री हरिबाबू राय (कांग्रेस ), चंदेरी विधायक श्री जगन्नाथ रघुवंशी जी (BJP)के प्रतिनिधि एवं भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष श्री हरिसिंह रघुवंशी जी की आश्वासन पर जूस पिलाकर शाम को अनशन तुड़वाया गया आजाद अध्यापक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री प्रेमनारायण तिवारी एवं महेश श्रीवास्तव ने बताया कि यदि सरकार द्वारा मांगे नहीं मानी गयीं या सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया तो पूरे जिलों में 27 सितंबर के पश्चात अमरण अनशन की श्रँखला प्रारम्भ हो जायेगी इस अवसर परआजाद अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष भीम सिंह,राज्य अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शिवहरे, दिलीप रघुवंशी, नीलम तिघरी, रघुवीर राजपूत चंदेरी, तिलक सिंह दांगी ब्लॉक अध्यक्ष मुंगवली, रवि रघुवंशी shadora, चंद्रभान छाबरिया एवं ईसागढ़ ब्लॉक नईसराय अशोकनगर के सभी ब्लॉक अध्यक्ष अपनी पूरी टीम के सैकड़ो साथियों के साथ उपस्थित रहे अंत में रैली से पूर्व सभी शिक्षकों को tet परीक्षा आवेदन न भरने की शपथ महेश श्रीवास्तव मेरे द्वारा दिलाई गयी, मंत्री महोदय श्री ब्रजेन्द्र सिंह जी द्वारा ऑनलाइन सभी शिक्षकों को सम्बोधित किया गया और आश्वासन दिया गया कि विधानसभा में प्रश्न उठाया जायेगा अंत में रैली निकाल कर माननीय कलेक्टर महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौपा गया हजारों की संख्या में शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहे. मंच संचालन मेरे द्वारा किया गया2
- राजस्व विभाग आपके द्वारा घर-घर अभियान किसानों के लिए बहुत ही सुनहरा मौका फार्मर आईडी बनवाई राजस्थान में पटवारी साहब घर-घर जाकर कितनों की फार्मर आईडी बनवा रहे हैं समय रहते सभी किसान भाई अपनी-अपनी फार्मर आईडी बनवा लेवे अन्यथा लाइनों में लगकर धक्के खाने पड़ेंगे लाइनों में ना लगे समय बर्बाद ना हो परेशानी से बचें इसलिए घर बैठे ही फार्मर आईडी बनवाले4
- गुर्जर समाज ने निकाला भव्य चल समारोह | जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, धर्म-संस्कृति और सामाजिक एकता की दिखी झलक1
- लटेरी-बंदीपुर मंदिर में मूर्ति खंडित करने का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग लटेरी-बंदीपुर मंदिर में मूर्ति खंडित करने का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग1
- मनोहर थाना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता छोटा रपट जो प्रतिवर्ष क्षतिग्रस्त हो रहा एक हजार बच्चों कि रोज आवाजाही में बाधक मनोहर थाना विधायक गोविंद रानीपुरिया से क्षैत्र कि समस्या कि लंबे समय से मांग पर ध्यान देने कि मांग राष्ट्रवादी पार्टी जिला अध्यक्ष झालावाड़ जितेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि मनोहरथाना में जहां अनेक वर्षों से बड़ी मांग कालीखांड नंदी कि पुलिया का पुनः निर्माण कार्य शुरू हो क्षतिग्रस्त हर वर्ष हो रही स्थाई समाधान कि जरूरत है वहीं दुसरी तरफ से तीन किलोमीटर चक्कर लगाकर लोगों को बारिश में आवागमन करना पड़ता है वहीं मनोहर थाना कि किले को जल दुर्ग घोषित किया है उसी दिशा में बड़े स्तर पर एक महत्वपूर्ण मार्ग कि भी अत्यंत आवश्यक जरूरत है,सीधा मार्ग वहां जाने कि बन सकता है,एक पंथ दो काज सहजता से मुख्य मार्ग पर से नवीन जरूरत है जिसका कार्य महत्त्वपूर्ण भूमिका हेतु नगरपालिका मनोहरथाना भाजपा सरकार है इसकि उच्च स्तरीय समिक्षा बैठक आयोजित कर स्थाई समाधान कि मांग उठाई जाए1