मनोहर थाना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता छोटा रपट जो प्रतिवर्ष क्षतिग्रस्त हो रहा एक हजार बच्चों कि रोज आवाजाही में बाधक मनोहर थाना विधायक गोविंद रानीपुरिया से क्षैत्र कि समस्या कि लंबे समय से मांग पर ध्यान देने कि मांग राष्ट्रवादी पार्टी जिला अध्यक्ष झालावाड़ जितेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि मनोहरथाना में जहां अनेक वर्षों से बड़ी मांग कालीखांड नंदी कि पुलिया का पुनः निर्माण कार्य शुरू हो क्षतिग्रस्त हर वर्ष हो रही स्थाई समाधान कि जरूरत है वहीं दुसरी तरफ से तीन किलोमीटर चक्कर लगाकर लोगों को बारिश में आवागमन करना पड़ता है वहीं मनोहर थाना कि किले को जल दुर्ग घोषित किया है उसी दिशा में बड़े स्तर पर एक महत्वपूर्ण मार्ग कि भी अत्यंत आवश्यक जरूरत है,सीधा मार्ग वहां जाने कि बन सकता है,एक पंथ दो काज सहजता से मुख्य मार्ग पर से नवीन जरूरत है जिसका कार्य महत्त्वपूर्ण भूमिका हेतु नगरपालिका मनोहरथाना भाजपा सरकार है इसकि उच्च स्तरीय समिक्षा बैठक आयोजित कर स्थाई समाधान कि मांग उठाई जाए
मनोहर थाना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता छोटा रपट जो प्रतिवर्ष क्षतिग्रस्त हो रहा एक हजार बच्चों कि रोज आवाजाही में बाधक मनोहर थाना विधायक गोविंद रानीपुरिया से क्षैत्र कि समस्या कि लंबे समय से मांग पर ध्यान देने कि मांग राष्ट्रवादी पार्टी जिला अध्यक्ष झालावाड़ जितेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि मनोहरथाना में जहां अनेक वर्षों से बड़ी मांग कालीखांड नंदी कि पुलिया का पुनः निर्माण कार्य शुरू हो क्षतिग्रस्त हर वर्ष हो रही स्थाई समाधान कि जरूरत है वहीं दुसरी तरफ से तीन किलोमीटर चक्कर लगाकर लोगों को बारिश में आवागमन करना पड़ता है वहीं मनोहर थाना कि किले को जल दुर्ग घोषित किया है उसी दिशा में बड़े स्तर पर एक महत्वपूर्ण मार्ग कि भी अत्यंत आवश्यक जरूरत है,सीधा मार्ग वहां जाने कि बन सकता है,एक पंथ दो काज सहजता से मुख्य मार्ग पर से नवीन जरूरत है जिसका कार्य महत्त्वपूर्ण भूमिका हेतु नगरपालिका मनोहरथाना भाजपा सरकार है इसकि उच्च स्तरीय समिक्षा बैठक आयोजित कर स्थाई समाधान कि मांग उठाई जाए
- छबड़ा में पर्युषण पर्व का छठा दिन: संयम ही जीवन की सच्ची सुगंध है - आयुष शास्त्री। छबड़ा(बारां) जीवन में अनंत इच्छाओं और इंद्रियों के वशीभूत होकर मनुष्य बाहरी आडंबरों में फंसकर जीवन को कष्टमय बना लेता है, जबकि इच्छाओं एवं इंद्रियों को वश में कर संयम से जीवन जीने वाला व्यक्ति भगवान की भक्ति के साथ सन्मार्ग पर चलकर भव-भव के कष्टों से मुक्ति पा सकता है।यह सद्-प्रवचन स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के छठे दिन 'संयम धर्म' विषय पर बोलते हुए सांगानेर से पधारे विद्वान भैया जी आयुष शास्त्री ने व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि संयम से जीवन जीने वाला व्यक्ति संसार में सदा सुखी रहता है तथा उस पर भगवान की कृपा भी बनी रहती है। ऐसा व्यक्ति ज्यादा परिग्रह से दूर रहता है और थोड़े में भी संतुष्ट रहता है। संयम ही जीवन की सच्ची सुगंध है, जो आत्मा को शुद्ध, शांत एवं प्रकाशमय बनाता है।समाज अध्यक्ष प्रकाश चन्द जैन लुहाड़िया एवं महिला मण्डल अध्यक्ष निधि पाटनी ने बताया कि स्थानीय दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्वराज पर्युषण पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर जी में नित्य प्रतिदिन भगवान का अभिषेक, शांति धारा के साथ ही नित्य-नियम पूजा, दस लक्षण विधान सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का संगीतमय आयोजन हो रहा है।पर्व के छठे दिन सुबह जिनेंद्र भगवान की अभिषेक शांति धारा हुई। इसके बाद भैया जी आयुष शास्त्री के सानिध्य में नित्य नियम पूजा के अंतर्गत नव देवता, शीतलनाथ भगवान, महावीर स्वामी, सोलह कारण जी एवं दस लक्षण धर्म में संयम धर्म की पूजा हुई, तत्पश्चात दस लक्षण विधान की पूजा संपन्न हुई।शांति धारा करने का सौभाग्य 8100 रुपये की बोली लगाकर पूर्व चेयरमैन कैलाश चन्द, राकेश कुमार, चेतन कुमार ने प्राप्त किया। वहीं रविवार को आरती करने का सौभाग्य ऋषभ चन्द, नरेंद्र कुमार, गौरव कुमार, सौरभ कुमार पाटनी ने बोली लगाकर प्राप्त किया। रात्रि में महाआरती का आयोजन हुआ।रात्रि में नेहा पाटनी द्वारा 'स्वयं खेलो-स्वयं जीतो' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम स्थान अंशुल पाटनी, द्वितीय स्थान रोशनी सेठी एवं तृतीय स्थान रजनी जैन भारिल्ल ने प्राप्त किया।3
- लटेरी में गूंजा,भक्ति और आस्था के रंग में निकला गुर्जर समाज का भव्य चल समारोह में जमकर नाचे भालू1
- तेजादशमी: वीर तेजाजी महाराज के थानक पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जयकारों से गूंजा सूमर सूमर। कस्बे सहित ग्रामीण अंचल में भाद्रपद शुक्ल दशमी पर लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज का निर्वाण दिवस सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। तेजादशमी के पावन पर्व पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही।1
- डीपी में करंट आने से गोवंश की तड़प-तड़पकर मौत, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *डीपी में करंट आने से गोवंश की तड़प-तड़पकर मौत, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* आरोन। शहर में विद्युत विभाग की डीपी एवं विद्युत व्यवस्था से जुड़ी लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। शहर में कई स्थानों पर डीपी में करंट आने की शिकायतें सामने आने के बाद भी उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने से गोवंश के करंट की चपेट में आने की घटनाएं लगातार होने का आरोप है। गौरक्षकों का कहना है कि इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारियों को कई बार आवेदन देकर डीपी एवं विद्युत लाइनों की जांच कराने तथा जहां करंट आने की स्थिति बन रही है, वहां आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सोमवार को एक बार फिर करंट की चपेट में आने से एक गोवंश की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना के बाद गौरक्षकों एवं स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत विभाग द्वारा शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीपी की जांच और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर विद्युत विभाग कब तक ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज करता रहेगा? क्या गोवंश इसी तरह विद्युत करंट की चपेट में आकर अपनी जान गंवाते रहेंगे? स्थानीय लोगों एवं गौरक्षकों ने विद्युत विभाग से तत्काल सभी संवेदनशील डीपी की जांच कराकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- फतेहगढ़ में धूमधाम से मनी तेजाजी दशमी, वीर तेजाजी महाराज के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब फतेहगढ़। कस्बे में सोमवार को वीर तेजाजी महाराज की तेजादशमी श्रद्धा, भक्ति और लोक आस्था के साथ धूमधाम से मनाई गई। सीएम राइज स्कूल के पास स्थित वीर तेजाजी महाराज के स्थान पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार भव्य मेले का आयोजन किया गया। आयोजन को लेकर समिति द्वारा कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गईं। तेजादशमी के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित फतेहगढ़ कस्बे से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मेले में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का रंग दिखाई दिया। लोकदेवता तेजाजी—वचन, वीरता और गौ-रक्षा के प्रतीक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मालवा-चंबल सहित कई क्षेत्रों में वीर तेजाजी को लोकदेवता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। लोकगाथाओं और तेजाजी से संबंधित पारंपरिक ग्रंथों में उनके जीवन का मूल संदेश सत्य, वचन-पालन, साहस, गौ-रक्षा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने से जुड़ा दिखाई देता है। लोकमान्यता के अनुसार तेजाजी ने अपने वचन को सर्वोपरि माना। कथाओं में वर्णित है कि एक ओर संकटग्रस्त गायों की रक्षा का दायित्व था, वहीं दूसरी ओर नागदेवता से किया हुआ वचन निभाना था। तेजाजी ने अपने प्राणों की चिंता किए बिना दोनों दायित्व पूरे करने का प्रयास किया। इसी कारण लोक परंपरा में उन्हें वचन के पक्के वीर और गौ-रक्षक लोकदेवता के रूप में विशेष स्थान मिला। तेजाजी की लोकगाथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही माना जाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, दिया हुआ वचन, धर्म और कर्तव्य नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि सदियों बाद भी ग्रामीण अंचलों में तेजाजी की पूजा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ी आस्था के रूप में कायम है। मेले में दिखी परंपरा और आस्था की झलक फतेहगढ़ में आयोजित तेजादशमी मेले में भी इसी लोक आस्था की झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज के स्थान पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। समिति की ओर से मेले की भव्य सजावट और व्यवस्थाएं की गईं। दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही से आयोजन स्थल भक्तिमय माहौल में नजर आया। स्थानीय लोगों के लिए तेजादशमी का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपरा, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है। मेले के माध्यम से नई पीढ़ी भी वीर तेजाजी की लोकगाथा और उनके आदर्शों से जुड़ रही है। फतेहगढ़ में तेजादशमी का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि लोकदेवताओं से जुड़ी आस्था आज भी गांव-कस्बों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत हिस्सा है।1
- बागोद में तेजाजी महाराज का तेजा गायन, भक्ति में झूमे श्रद्धालु पनवाड़ क्षेत्र के बागोद गांव के तेजाजी मंदिर परिसर में वीर तेजाजी महाराज का तेजा गायन आयोजित किया गया। तेजा गायकों ने केसरिया बाने में सज-धज कर तेजाजी महाराज के जन्म से लेकर गौ-रक्षा और बलिदान तक की पूरी कथा का सजीव मंचन किया। ढोलक-हारमोनियम की थाप पर गायकों ने जैसे ही _"तेजल थारो गावणो..."_ भजन शुरू किया, पांडाल में बैठे ग्रामीण झूम उठे। देर रात तक चले गायन में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मान्यता है कि तेजा गायन सुनने से घर में सुख-समृद्धि आती है और सर्प भय दूर होता है।3
- भुवाखेड़ी में आध्यात्मिक चेतना का संगम: खाटूश्याम मंदिर में आचार्य कन्हैया भारद्वाज की सत्संग सभा सम्पन्न। *भुवाखेड़ी खाटूश्याम धाम में दिव्य सत्संग: वेदों के ज्ञान से ही सनातन की रक्षा संभव - आचार्य भारद्वाज।* छबड़ा:(बारां)कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी स्थित श्री बाबा खाटूश्याम मंदिर परिसर में रविवार, 20 सितंबर 2026 को भव्य सत्संग सभा का आयोजन हुआ। अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र एवं श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम अमीरपुरखेड़ी के संस्थापक तथा ओशो आशीष ध्यान केंद्र भुवाखेड़ी के संचालक एस.एल.नागर (स्वामी ध्यान गगन) ने बताया कि रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक चली इस सत्संग सभा में योगाचार्य आचार्य श्री कन्हैया भारद्वाज ने वेद, पुराण, उपनिषद एवं शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों पर सारगर्भित प्रवचन दिया।सत्संग का शुभारंभ बाबा खाटूश्याम जी के विधिवत पूजन-अर्चन एवं श्रीचरणों में पुष्पहार अर्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन स्वामी ध्यान गगन ने किया। इस अवसर पर खाटूश्याम गौशाला अध्यक्ष रमेश धाकड़ और मंदिर कार्यकारिणी अध्यक्ष रामनिवास नागर द्वारा योग केंद्र की ओर से आचार्य श्री का तिलक, चंदन, माल्यार्पण, साफा बंधन एवं श्रीफल भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में आचार्य श्री कन्हैया भारद्वाज ने कहा कि "केवल कथा, भागवत और मंदिरों के निर्माण से हिन्दू धर्म नहीं बचेगा, जब तक हर हिन्दू इनमें निहित यथार्थ ज्ञान को आत्मसात नहीं करेगा।" उन्होंने बाबा खाटूश्याम जी के दिव्य जन्म की कथा, उनकी अलौकिक भक्ति और शक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला।आचार्य श्री ने आह्वान किया कि हर सनातनी घर में वेद, उपनिषद, पुराण और शास्त्रों का नित्य पठन-पाठन होना चाहिए, ताकि हमारी भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ सके। उन्होंने वेदोक्त शिक्षा के लिए गुरुकुल पद्धति के विद्यालयों की स्थापना पर भी जोर दिया।सत्संग सभा में मंदिर कमेटी सदस्य, यज्ञाचार्य परमानंद शर्मा (भीलवाड़ा नीचा) मंदिर पुजारी ललित वैष्णव, इंजीनियर अनिल तोमर, आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रभु दयाल शर्मा, योगाचार्य जगदीश चंद्र शर्मा, सतीश शर्मा आंचोली सहित समस्त श्याम भक्तों का तिलक-माला से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम भुवाखेड़ी के पटेल बाबूलाल धाकड़ के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।सत्संग का समापन ध्यान अभ्यास और आभार के साथ हुआ।4
- देशी कट्टे की नोक पर ₹1.67 लाख की लूट का खुलासा, कुरवाई पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार2
- कंवरपुरा-मड़वालान में तेजा नवमी पर सजी भव्य भजन संध्या, देर रात तक बहा भक्ति रस सूमर। क्षेत्र के कंवरपुरा-मड़वालान में तेजा नवमी के पावन पर्व पर रविवार रात वीर तेजाजी महाराज के दरबार में भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ। ‘एक शाम वीर तेजाजी महाराज के नाम’ कार्यक्रम में देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। भक्ति संगीत के साथ पारंपरिक घोड़ी नृत्य और भक्ति नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। मंदिर प्रांगण में रात 9 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। भजन गायिका आशा वर्मा और गायक भरत (पंकज) ने वीर तेजाजी महाराज के जीवन और अमर गाथा पर आधारित भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय तेजाजी महाराज’ के जयकारों से गूंजता रहा। भक्ति नृत्य और घोड़ी नृत्य ने बांधा समां कार्यक्रम में धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोहा। नृत्यांगना दिव्या कुमारी ने भावपूर्ण भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं कलाकार शिवराज के पारंपरिक घोड़ी नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित किया। प्रस्तुति के दौरान पांडाल में मौजूद ग्रामीणों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साह बढ़ाया। आयोजन में कंवरपुरा-मड़वालान सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गईं। देर रात कार्यक्रम का समापन महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।1