आखातीज पर बाल विवाह हुए तो हलवाई-बैंड वाले भी जिम्मेदार जिला प्रशासन ने बनाया कंट्रोल रूम, समितियों को सौंपी रोकथाम को लेकर जिम्मेदारी जोधपुर। जोधपुर में आखातीज के मौके पर बाल विवाह रोकने जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। आखातीज के मौके पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए जोधपुर जिले में जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें बाल विवाह संबंधित शिकायत की जा सकेगी। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) और पीपल पूर्णिमा (1 मई) के मद्देनजर ये आदेश जारी किए हैं। यह कंट्रोल रूम 16 अप्रैल से 15 मई तक 24 घंटे काम करेगा। इसे लेकर कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं। आम लोग 0291-2650349 और 0291-2650350 पर फोन कर बाल विवाह संबंधित सूचना दे सकता है। जोधपुर में बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम एवं तहसील स्तरीय समितियों, सतर्कता दलों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी एवं बीट कॉन्स्टेबल को शामिल किया गया है, जबकि तहसील एवं पंचायत समिति स्तर पर तहसीलदार, प्रधान, विकास अधिकारी एवं संबंधित थानाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। आदेश के तहत समितियां सुनिश्चित करेंगी कि विवाह के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधू की आयु का प्रमाण पत्र प्रिन्टिंग प्रेस के पास रहेगा। वहीं निमंत्रण पत्र पर वर-वधू की जन्मतिथी प्रिंट की जाएगी। ऐसे लोग जो विवाह कराने में सहयोगी हैं, जैसे हलवाई, बैंड-बाजा, पण्डित, बाराती, पंडाल और टेंट लगाने वाले, ट्रांसपोर्टर पर बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लेना और उन्हें कानून की जानकारी देना किया जाएगा। *कलेक्टर ने कहा- नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई* जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि बाल विवाह करवाना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 का उल्लंघन है। इसके अनुसार विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग जोधपुर की उपनिदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिले में प्रिंटिंग काम करने वाले सभी लोगों को निर्देश दिए जाते हैं कि उनके द्वारा विवाह के प्रिंट निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की आयु संबंधित प्रमाण प्राप्त करें। निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की जन्मतिथि लिखें। साथ ही पुलिस के निरीक्षण करने पर उन्हें उपलब्ध कराएं।
आखातीज पर बाल विवाह हुए तो हलवाई-बैंड वाले भी जिम्मेदार जिला प्रशासन ने बनाया कंट्रोल रूम, समितियों को सौंपी रोकथाम को लेकर जिम्मेदारी जोधपुर। जोधपुर में आखातीज के मौके पर बाल विवाह रोकने जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। आखातीज के मौके पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए जोधपुर जिले में जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें बाल विवाह संबंधित शिकायत की जा सकेगी। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) और पीपल पूर्णिमा (1 मई) के मद्देनजर ये आदेश जारी किए हैं। यह कंट्रोल रूम 16 अप्रैल से 15 मई तक 24 घंटे काम करेगा। इसे लेकर कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं। आम लोग 0291-2650349 और 0291-2650350 पर फोन कर बाल विवाह संबंधित सूचना दे सकता है। जोधपुर में बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम एवं तहसील स्तरीय समितियों, सतर्कता दलों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी एवं बीट कॉन्स्टेबल को शामिल किया गया है, जबकि तहसील एवं पंचायत समिति स्तर पर तहसीलदार, प्रधान, विकास अधिकारी एवं संबंधित थानाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। आदेश के तहत समितियां सुनिश्चित करेंगी कि विवाह के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधू की आयु का प्रमाण पत्र प्रिन्टिंग प्रेस के पास रहेगा। वहीं निमंत्रण पत्र पर वर-वधू की जन्मतिथी प्रिंट की जाएगी। ऐसे लोग जो विवाह कराने में सहयोगी हैं, जैसे हलवाई, बैंड-बाजा, पण्डित, बाराती, पंडाल और टेंट लगाने वाले, ट्रांसपोर्टर पर बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लेना और उन्हें कानून की जानकारी देना किया जाएगा। *कलेक्टर ने कहा- नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई* जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि बाल विवाह करवाना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 का उल्लंघन है। इसके अनुसार विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग जोधपुर की उपनिदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिले में प्रिंटिंग काम करने वाले सभी लोगों को निर्देश दिए जाते हैं कि उनके द्वारा विवाह के प्रिंट निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की आयु संबंधित प्रमाण प्राप्त करें। निमंत्रण पत्रों में वर-वधू की जन्मतिथि लिखें। साथ ही पुलिस के निरीक्षण करने पर उन्हें उपलब्ध कराएं।
- Post by Taj Khan bhutto1
- एक किसान की डिग्गी में डूबने से हुई मौत1
- 😂😂 comedy1
- नागौर,,जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने आमजन के लिए लू (हीट वेव) एवं तापघात से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। साथ ही फील्ड स्तर पर सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक सुविधाएं विकसित एवं सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। सीएमएचओ डॉ. सैनी ने बताया कि लू के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक प्यास, शरीर का तापमान बढ़ना, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी एवं बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सावधानी बरतना आवश्यक है। एडवाइजरी के अनुसार आमजन दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें, हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। यदि किसी व्यक्ति को लू लगने की आशंका हो तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर लिटाकर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं तथा होश में होने पर पानी या ओआरएस पिलाएं। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आर के सारण ने अपील की है कि तेज धूप में भारी कार्य से बचें, मादक पदार्थों का सेवन न करें तथा किसी को भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। उन्होंने कहा कि “सावधानी ही बचाव है”, अतः सभी नागरिक इन निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें। चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने गुरूवार को जिले के राजकीय चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण भी किया। डॉ. सैनी ने राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रीबालाजी व राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अलाय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने यहां पर संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर संचालित टीकाकरण गतिविधियों का भी अवलोकन किया। इसके साथ-साथ डॉ. सैनी ने विशेष रूप से यहां पर लू एवं तापघात के संभावित मरीजों के उपचार के लिए वार्ड आरक्षित करने व यहां माकूल व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश भी किए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि कोई भी कार्मिक बिना अनुमति के अवकाश पर नहीं जाए और ड्यूटी समय में अपने नियत स्थान पर मरीजों के सेवार्थ उपस्थित रहे। डॉ. सैनी ने राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अलाय के निरीक्षण के दौरान यहां पर तैनात 108 एम्बुलेंस में भी निर्धारित सुविधाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान जिला मुख्यालय से एपिडेमोलॉजिस्ट साकिर खान, एफसीएलओ सादिक त्यागी तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमन्त उज्जवल भी मौजूद रहे।1
- Post by Bhanwar Lal Beniwal1
- Post by तिलोकाराम गोदारा जिला अध्यक्ष1
- 17 अप्रैल शुक्रवार 2026-27 जयपुर राजस्थान में एक ओर हीटवेब दस्तक दे रही है. कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. पश्चिमी राजस्थान में तापमान 41 डिग्री तक पहुंच चुका है. वहीं इस बीच मौसम विभाग ने ताजा चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने तीन जिलों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. जबकि मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर मौसम केंद्र ने आधा दर्जन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के तीन जिले अलवर, झुंझुनूं और हनुमानगढ़ में हल्की बारिश, आकाशीय बिजली और 30 किमी प्रतिघंटा तक हवा चलने की संभावना जताई गई है. जबकि आधा दर्जन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. *तेज हवा के साथ हल्की बारिश:* मौसम विभाग के अनुसार अलवर, झुंझुनूं और हनुमानगढ़ जिलों तथा इनके आसपास के क्षेत्रों में अलग अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है. इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. चेतावनी में यह भी कहा गया है कि इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं. आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है. मेघगर्जन के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है. विशेष रूप से पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और खुले स्थानों पर जाने से परहेज करने को कहा गया है. *मौसम विभाग ने जारी की अल्पकालिक चेतावनी:* मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह चेतावनी अल्पकालिक है लेकिन इसके प्रभाव के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है. लोगों से अपील की गई है कि मौसम सामान्य होने तक इंतजार करें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें.1
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- Post by तिलोकाराम गोदारा जिला अध्यक्ष1