राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रस्तावित प्रारूप को लेकर आमजन और विभिन्न वर्गों की आकांक्षाओं को टटोलने की कवायद के तहत उदयपुर संभाग स्तरीय द्वितीय चरण की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल जनसुनवाई आयोजित की गई। डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें भाग लिया और विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और संपत्ति अधिकारों जैसे संवेदनशील पारिवारिक कानूनों पर अपनी राय व दूरगामी सुझाव सौंपे। राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य बसंत सिंह छाबा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में डूंगरपुर जिला परिषद के ईडीपी सभागार से प्रशासनिक अमला और प्रबुद्ध वर्ग मौजूद रहा। इस दौरान जिला कलक्टर देशलदान, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रैगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं और राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी। जनसुनवाई में समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर चोट और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वरिष्ठ पत्रकार तनुज शर्मा ने अंचल में प्रचलित 'नाता प्रथा' पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इस प्रथा से जन्म लेने वाली संतानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूसीसी में विशेष प्रावधान शामिल करने की वकालत की। वहीं, मन की उड़ान संस्थान की संस्थापिका कामना चौबीसा ने लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में स्पष्ट कानूनी दिशा-निर्देश तय करने, बहु-विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और लैंगिक न्याय के तहत महिला व पुरुष दोनों को समान अधिकार देने की मांग की। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता पूजा मखीजा और राजकुमारी ने विधवा महिलाओं के हितों की सुरक्षा व भरण-पोषण पर बल दिया, जबकि वनवासी कल्याण परिषद के प्रतिनिधि नरेश ने 'एक देश, एक विधान' की अवधारणा का समर्थन किया। सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करते हुए समाजसेवी सतीश जैन ने बाल विवाह पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान शामिल करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, अनुसूचित क्षेत्रों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बार एसोसिएशन डूंगरपुर के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह चुंडावत ने मांग की कि उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान में भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग को यूसीसी के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाए। सामाजिक कार्यकर्ता सोमा लाल कोटेड ने भी शेड्यूल एरिया की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए विशेष प्रावधानों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। अंत में मोहम्मद इस्माइल कुरैशी और कमलेश अहारी सहित विभिन्न प्रतिनिधियों ने देश की एकता व भाईचारे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपने सुझाव दर्ज कराए।
राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रस्तावित प्रारूप को लेकर आमजन और विभिन्न वर्गों की आकांक्षाओं को टटोलने की कवायद के तहत उदयपुर संभाग स्तरीय द्वितीय चरण की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल जनसुनवाई आयोजित की गई। डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें भाग लिया और विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और संपत्ति अधिकारों जैसे संवेदनशील पारिवारिक कानूनों पर अपनी राय व दूरगामी सुझाव सौंपे। राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य बसंत सिंह छाबा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में डूंगरपुर जिला परिषद के ईडीपी सभागार से प्रशासनिक अमला और प्रबुद्ध वर्ग मौजूद रहा। इस दौरान जिला कलक्टर देशलदान, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रैगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं और राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी। जनसुनवाई में समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर चोट और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वरिष्ठ पत्रकार तनुज शर्मा ने अंचल में प्रचलित 'नाता प्रथा' पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इस प्रथा से जन्म लेने वाली संतानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूसीसी में विशेष प्रावधान शामिल करने की वकालत की। वहीं, मन की उड़ान संस्थान की संस्थापिका कामना चौबीसा ने लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में स्पष्ट कानूनी दिशा-निर्देश तय करने, बहु-विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और लैंगिक न्याय के तहत महिला व पुरुष दोनों को समान अधिकार देने की मांग की। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता पूजा मखीजा और राजकुमारी ने विधवा महिलाओं के हितों की सुरक्षा व भरण-पोषण पर बल दिया, जबकि वनवासी कल्याण परिषद के प्रतिनिधि नरेश ने 'एक देश, एक विधान' की अवधारणा का समर्थन किया। सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करते हुए समाजसेवी सतीश जैन ने बाल विवाह पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान शामिल करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, अनुसूचित क्षेत्रों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बार एसोसिएशन डूंगरपुर के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह चुंडावत ने मांग की कि उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान में भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग को यूसीसी के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाए। सामाजिक कार्यकर्ता सोमा लाल कोटेड ने भी शेड्यूल एरिया की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए विशेष प्रावधानों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। अंत में मोहम्मद इस्माइल कुरैशी और कमलेश अहारी सहित विभिन्न प्रतिनिधियों ने देश की एकता व भाईचारे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपने सुझाव दर्ज कराए।
- राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रस्तावित प्रारूप को लेकर आमजन और विभिन्न वर्गों की आकांक्षाओं को टटोलने की कवायद के तहत उदयपुर संभाग स्तरीय द्वितीय चरण की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल जनसुनवाई आयोजित की गई। डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें भाग लिया और विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और संपत्ति अधिकारों जैसे संवेदनशील पारिवारिक कानूनों पर अपनी राय व दूरगामी सुझाव सौंपे। राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य बसंत सिंह छाबा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में डूंगरपुर जिला परिषद के ईडीपी सभागार से प्रशासनिक अमला और प्रबुद्ध वर्ग मौजूद रहा। इस दौरान जिला कलक्टर देशलदान, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रैगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं और राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी। जनसुनवाई में समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर चोट और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वरिष्ठ पत्रकार तनुज शर्मा ने अंचल में प्रचलित 'नाता प्रथा' पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इस प्रथा से जन्म लेने वाली संतानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूसीसी में विशेष प्रावधान शामिल करने की वकालत की। वहीं, मन की उड़ान संस्थान की संस्थापिका कामना चौबीसा ने लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में स्पष्ट कानूनी दिशा-निर्देश तय करने, बहु-विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और लैंगिक न्याय के तहत महिला व पुरुष दोनों को समान अधिकार देने की मांग की। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता पूजा मखीजा और राजकुमारी ने विधवा महिलाओं के हितों की सुरक्षा व भरण-पोषण पर बल दिया, जबकि वनवासी कल्याण परिषद के प्रतिनिधि नरेश ने 'एक देश, एक विधान' की अवधारणा का समर्थन किया। सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करते हुए समाजसेवी सतीश जैन ने बाल विवाह पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान शामिल करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, अनुसूचित क्षेत्रों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बार एसोसिएशन डूंगरपुर के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह चुंडावत ने मांग की कि उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान में भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग को यूसीसी के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाए। सामाजिक कार्यकर्ता सोमा लाल कोटेड ने भी शेड्यूल एरिया की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए विशेष प्रावधानों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। अंत में मोहम्मद इस्माइल कुरैशी और कमलेश अहारी सहित विभिन्न प्रतिनिधियों ने देश की एकता व भाईचारे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपने सुझाव दर्ज कराए।1
- राजस्थान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट अपने एक दिवसीय दौरे पर वागड़ की आस्था के केंद्र, त्रिवेणी संगम बेणेश्वर धाम पहुंचे। डूंगरपुर पहुंचने पर कांग्रेस पदाधिकारियों, पूर्व सांसद, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बेणेश्वर धाम के हरि मंदिर में दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और वागड़ की खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना करने के बाद सचिन पायलट ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। धाम से प्रस्थान करने से पहले उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस युवाओं और किसानों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।2
- राजस्थान के डूंगरपुर स्थित बेणेश्वर धाम पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का पार्टी कार्यकर्ताओं ने बेहद जोर-शोर से स्वागत किया। इस दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बड़े उत्साह के साथ 'कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद', 'सोनिया गांधी जिंदाबाद', 'राहुल गांधी जिंदाबाद' और 'सचिन पायलट जिंदाबाद' के जमकर नारे लगाए। इस मौके पर कांग्रेस विधायक गणेश गोगरा, एसीसी सदस्य व पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, महेंद्र जीत सिंह मालवीया, शंकर यादव और प्रेम कुमार पाटीदार सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ही स्वतंत्र भारत की जननी है और कांग्रेस का हाथ का पंजा ही हमारी पहचान है। उन्होंने आह्वान किया कि कोई भी युवा चाहे वह किसी भी विचारधारा का हो, उसे कांग्रेस पार्टी में शामिल किया जाए और कांग्रेस को मजबूत बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सबका साथ सबका विकास वास्तव में कांग्रेस की ही देन है।4
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लिखी बड़ी में राज्य सरकार की पहल पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधा का बड़ा केंद्र साबित हुआ। इस शिविर में मंगलवार को एक ही स्थान पर 22 विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया और उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला। शिविर के मुख्य अतिथि और भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है। शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार भूमल चौहान ने ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाने के इस प्रयास की सराहना की और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरपंच किरण देवी डामोर के स्वागत उद्बोधन से हुई। इस दौरान जिला प्रवक्ता राजेश प्रजापत, जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, मंडल महामंत्री जगदीश पंड्या, मंडल महामंत्री प्रवीण पाटीदार, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र दर्जी और वरिष्ठ भाजपा नेता कांतिलाल डामोर ने भी उपस्थित रहकर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों को पट्टे व आबादी पट्टों का वितरण, पशुपालन विभाग द्वारा मंगला पशु बीमा योजना का लाभ और समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन स्वीकृति पत्रों का वितरण शामिल है। इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म भी निभाई गई। इस मौके पर अतिरिक्त विकास अधिकारी सुखदेव रोत, कृषि अधिकारी जयदीप सिंह चौहान, सहायक अभियंता दिलीप भागरीया, पशुपालन विभाग के प्रफुल्ल भोई, पटवारी गोकुल मनात और ग्राम विकास अधिकारी वंदना पंड्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा स्थित चित्रकूट धाम में प्रवासी कार्यकर्ताओं की दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से पहुंचे संगठन के सचिव नारायण गमेती ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और आगामी योजनाओं व कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए उन्हें विभिन्न दायित्व सौंपे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की योजनाओं और सेवा कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता का मुख्य कर्तव्य है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयों के विकास, सेवा कार्यों तथा संस्कार आधारित गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। नारायण गमेती ने कार्यकर्ताओं से समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया। बैठक के दौरान आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए और सौंपे गए दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। बैठक में योग, व्यायाम एवं खेल विभाग प्रमुख दिनेश डामोर, समिति सदस्य दीनपाल रोत, राजेन्द्र पाटीदार, सह खंड कार्यवाह, जिला प्रवासी संच प्रमुख तथा उप सच प्रमुख सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन को मजबूत करने और समाजहित के कार्यों को गति देने के संकल्प के साथ हुआ।4
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान पायलट ने बेणेश्वर धाम में शिव मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, ब्रह्मा मंदिर और वाल्मीकि मंदिर में देव दर्शन किए। उन्होंने धाम के पीठाधीश्वर महंत अच्युतानन्द महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और बेणेश्वर के विकास को लेकर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने साबला में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साबला के कार्यालय का उद्घाटन किया, जहां हजारों कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पमालाओं से लाद दिया। आसपुर में भी कार्यकर्ताओं ने जेसीबी से पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें तलवार व स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान जनसभाओं को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने महज ढाई साल के छोटे से कार्यकाल में ही जनता का विश्वास पूरी तरह खो दिया है और अब यह सरकार केवल अधिकारियों के दम पर चल रही है। देश और प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए पायलट ने कहा कि युवाओं में भारी असंतोष है। उन्होंने पेपर लीक मामले को उठाते हुए कहा कि सभी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिसके कारण बच्चे आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन इस पर कोई सुध लेने वाला या जिम्मेदारी तय करने वाला नहीं है। इसके अलावा उन्होंने अस्पतालों की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था, स्कूलों की गिरती छतों और दलितों, महिलाओं व गरीबों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। पायलट ने 'डबल इंजन' सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जयपुर और दिल्ली दोनों जगह इंजन होने के बावजूद किसानों को खाद, डीएपी और यूरिया नहीं मिल पा रही है, जबकि पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' का नारा देने वाली सरकार के नाक के नीचे अयोध्या के राम मंदिर में खरबों रुपये का चंदा चंपत कर लिया गया। भगवान राम की पूजा करने वाले ही उनकी नाक के नीचे डकैती डाल रहे हैं और एफआईआर में बड़े मगरमच्छों के बजाय सिर्फ ड्राइवर, चपरासी जैसे छोटे कर्मचारियों के नाम डाल दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं पर दबाव की राजनीति की जा रही है और भाजपा कोर्ट की फटकार के बावजूद पंचायत, जिला परिषद व नगर निकाय चुनाव टालकर चुनाव कराने से भाग रही है। पायलट ने दावा किया कि यदि अभी चुनाव हुए तो कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलेगा। इस मौके पर महेंद्रजीत सिंह मालवीया, ताराचंद भगोरा, शंकर यादव, प्रेम कुमार पाटीदार, गणेश घोघरा, कर्णसिंह चौहान, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सिसोदिया, गजेंद्र सिंह खरोडिया, नारायण लाल मीणा, नानूराम कलाल, बलवंत सिंह वालाई, राकेश रोत, उर्मिला अहारी, मीनाक्षी परमार, वालजी पाटीदार, मुस्तफा हुसैन, रुपशंकर त्रिवेदी, नवदीप सिंह देवला और शंकरलाल मीणा सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत विकासनगर के गेंजीघाटा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (घाटाफला) के खेल मैदान की भूमि को लेकर पिछले दस वर्षों से चला आ रहा गंभीर विवाद आपसी भाईचारे और समझदारी से पूरी तरह सुलझ गया है। विकासनगर ग्राम पंचायत के प्रशासक सुनील डिण्डोर की पहल पर गेंजीघाटा, रांमैया और ढेंढिया गांवों के पंचों, गमेतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक ऐतिहासिक राजीनामा तैयार किया गया। इस आपसी सहमति के बाद अब विवादित जमीन के बदले खातेदारों को दूसरी सुरक्षित जमीन दे दी गई है, जिससे बच्चों के लिए खेल मैदान का परकोटा (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य अब सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा। यह पूरा मामला विद्यालय के नाम पर आवंटित करीब 8.5 बीघा खेल मैदान की जमीन पर खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र और सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण से जुड़ा था। इस निर्माण कार्य को लेकर गेंजीघाटा (थाना चौरासी) निवासी बाबूलाल पुत्र लालजी डेंडोर और नानुराम पुत्र मुका डेंडोर आपत्ति जता रहे थे। वर्ष 2006 में आयोजित एक राजस्व कैंप के दौरान बाबूलाल को 4 बीघा जमीन का पट्टा आवंटित किया गया था, जिसका विद्यालय के खेल मैदान की भूमि के साथ सीमांकन को लेकर तकनीकी विवाद छिड़ गया था। यह विवाद पुलिस और न्यायालय तक पहुंच जाने के कारण खेल मैदान का विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ था। भविष्य में किसी भी वैमनस्य को रोकने के उद्देश्य से तीनों गांवों के वार्ड पंचों, पटेलों, गमेतियों और लगभग 100 से अधिक बुजुर्गों व प्रबुद्ध नागरिकों ने मध्यस्थता कर सर्वसम्मति से बीच का रास्ता निकाला। इसके तहत बाबूलाल डेंडोर ने बच्चों के भविष्य को समझते हुए अपनी विवादित जमीन को विद्यालय के लिए छोड़ दिया है, जिसके बदले में उन्हें खेल मैदान के पास ही दूसरी तरफ 4 बीघा सुरक्षित कृषि भूमि दे दी गई है। साथ ही, नानुराम डेंडोर के खेत की सरहद से 20 फीट का आम रास्ता छोड़ते हुए उनकी 5 बीघा खातेदारी भूमि का भी शांतिपूर्वक सीमांकन कर दिया गया है। आपसी सहमति बनते ही दोनों पक्षों ने थाने और न्यायालय में चल रहे सभी मुकदमों को तुरंत ससम्मान वापस लेने पर सहमति जताई है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद पंचों और ग्रामीणों ने तहसीलदार, गिरदावर और संबंधित पटवारी से जल्द से जल्द सीमांकन संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है ताकि राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके।1
- राजस्थान के डूंगरपुर में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत के गनमैन कांस्टेबल कपिल पर उनके ही साथी कांस्टेबल कांतिलाल ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी कांस्टेबल कांतिलाल शराब के नशे में धुत था। ये दोनों पुलिसकर्मी पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर की एक ही बिल्डिंग में ऊपर-नीचे रहते हैं। आरोप है कि कांतिलाल लंबे समय से शराब के नशे में आए दिन कपिल और उनके परिवार के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता था। रविवार देर रात करीब 12 बजे भी आरोपी ने शराब के नशे में कपिल की पत्नी और साली के साथ गाली-गलौज की, जिसकी सूचना मिलने पर कपिल अपने निर्माणाधीन मकान से पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर पहुंचे थे। जैसे ही कपिल अपने क्वार्टर पहुंचे, आरोपी कांतिलाल अचानक अपने कमरे से बाहर आया और बिना किसी चेतावनी के उनके सीने में सीधे चाकू मार दिया। इस हमले में कपिल गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में वहीं गिर पड़े, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बारीकी से जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटना के कई घंटे बाद भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।2