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मथुरा जाने से पहले सीएम योगी का बयान.. सेल्फी वीडियो बनाकर किया सोशल मीडिया पर पोस्ट मथुरा जाने से पहले सीएम योगी का बयान..

2 hrs ago
user_राजेश कुमार
राजेश कुमार
रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मथुरा जाने से पहले सीएम योगी का बयान.. सेल्फी वीडियो बनाकर किया सोशल मीडिया पर पोस्ट मथुरा जाने से पहले सीएम योगी का बयान..

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामला छापेमारी में पुलिस ने कई को पकड़ा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद बारूद के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद पुलिस का अभियान लगातार जारी है। 5 थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन जगहों से कई किलो विस्फोटक सामग्री और पटाखे बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लाखो रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम और BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया है। VO-- पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद कौशांबी पुलिस ने अब बारूद के नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। महेवाघाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी के दौरान 55 किलो बारूद के साथ भारी मात्रा में पटाखे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कड़ाधाम थाना क्षेत्र के देवीगंज में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। यहां से 218 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद किए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा करारी, संदीपंघाट और पिपरी पुलिस ने भी अवैध विस्फोटक बरामद किया है। पुलिस ने कुल 273 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद की है। बरामद सामान की कीमत लाखो रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। लेकिन पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद सामने आ रही ये बरामदगी कई सवाल भी खड़े कर रही है।
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    कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामला छापेमारी में पुलिस ने कई को पकड़ा
पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद बारूद के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद पुलिस का अभियान लगातार जारी है। 5 थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन जगहों से कई किलो विस्फोटक सामग्री और पटाखे बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लाखो रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम और BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
VO-- पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद कौशांबी पुलिस ने अब बारूद के नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। महेवाघाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी के दौरान 55 किलो बारूद के साथ भारी मात्रा में पटाखे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कड़ाधाम थाना क्षेत्र के देवीगंज में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। यहां से 218 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद किए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा करारी, संदीपंघाट और पिपरी पुलिस ने भी अवैध विस्फोटक बरामद किया है। पुलिस ने कुल 273 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद की है। बरामद सामान की कीमत लाखो रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। लेकिन पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद सामने आ रही ये बरामदगी कई सवाल भी खड़े कर रही है।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *मेजा के मनूपुरा में लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य नियमों की उड़ रही धज्जियां* प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के मनूपुरा स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक महिला मरीज को कुर्सी पर बैठाकर बोतल से पानी चढ़ाया जा रहा है, जो मरीज की जान से खिलवाड़ है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते स्वास्थ्य विभाग करती है लेकिन वह खामोश है कारण क्या है सूत्रों के अनुसार इस अस्पताल में न तो बाहर बैनर लगा है और न ही किसी डॉक्टर का नाम लिखा है। बिना मान्यता और मानकों के यह अस्पताल संचालित हो रहा है। यह भी आरोप है कि ऐसे अस्पतालों पर सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हो रही है। डिग्री किसी और की डॉक्टर कहीं और इलाज कहीं और यह खासतौर से चल रहा है ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसे फर्जी अस्पताल चल रहे हैं जहां अप्रशिक्षित लोगों द्वारा इलाज किया जाता है। जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसे अस्पतालों पर कब कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में तत्काल जांच कर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि मरीजों की जान सुरक्षित रह सके। *मेजा के मनूपुरा में लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य नियमों की उड़ रही धज्जियां* प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के मनूपुरा स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक महिला मरीज को कुर्सी पर बैठाकर बोतल से पानी चढ़ाया जा रहा है, जो मरीज की जान से खिलवाड़ है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते स्वास्थ्य विभाग करती है लेकिन वह खामोश है कारण क्या है सूत्रों के अनुसार इस अस्पताल में न तो बाहर बैनर लगा है और न ही किसी डॉक्टर का नाम लिखा है। बिना मान्यता और मानकों के यह अस्पताल संचालित हो रहा है। यह भी आरोप है कि ऐसे अस्पतालों पर सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हो रही है। डिग्री किसी और की डॉक्टर कहीं और इलाज कहीं और यह खासतौर से चल रहा है ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसे फर्जी अस्पताल चल रहे हैं जहां अप्रशिक्षित लोगों द्वारा इलाज किया जाता है। जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसे अस्पतालों पर कब कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में तत्काल जांच कर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि मरीजों की जान सुरक्षित रह सके।
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    *मेजा के मनूपुरा में लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य नियमों की उड़ रही धज्जियां*

प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के मनूपुरा स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक महिला मरीज को कुर्सी पर बैठाकर बोतल से पानी चढ़ाया जा रहा है, जो मरीज की जान से खिलवाड़ है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते स्वास्थ्य विभाग करती है लेकिन वह खामोश है कारण क्या है

सूत्रों के अनुसार इस अस्पताल में न तो बाहर बैनर लगा है और न ही किसी डॉक्टर का नाम लिखा है। बिना मान्यता और मानकों के यह अस्पताल संचालित हो रहा है। यह भी आरोप है कि ऐसे अस्पतालों पर सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हो रही है।

डिग्री किसी और की डॉक्टर कहीं और इलाज कहीं और यह खासतौर से चल रहा है

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसे फर्जी अस्पताल चल रहे हैं जहां अप्रशिक्षित लोगों द्वारा इलाज किया जाता है। जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसे अस्पतालों पर कब कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में तत्काल जांच कर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि मरीजों की जान सुरक्षित रह सके।
*मेजा के मनूपुरा में लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य नियमों की उड़ रही धज्जियां*
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के मनूपुरा स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक महिला मरीज को कुर्सी पर बैठाकर बोतल से पानी चढ़ाया जा रहा है, जो मरीज की जान से खिलवाड़ है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते स्वास्थ्य विभाग करती है लेकिन वह खामोश है कारण क्या है
सूत्रों के अनुसार इस अस्पताल में न तो बाहर बैनर लगा है और न ही किसी डॉक्टर का नाम लिखा है। बिना मान्यता और मानकों के यह अस्पताल संचालित हो रहा है। यह भी आरोप है कि ऐसे अस्पतालों पर सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हो रही है।
डिग्री किसी और की डॉक्टर कहीं और इलाज कहीं और यह खासतौर से चल रहा है
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसे फर्जी अस्पताल चल रहे हैं जहां अप्रशिक्षित लोगों द्वारा इलाज किया जाता है। जनता जानना चाहती है कि आखिर ऐसे अस्पतालों पर कब कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में तत्काल जांच कर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि मरीजों की जान सुरक्षित रह सके।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन मेजा, प्रयागराज। जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी विनिता सिंह मेजा क्षेत्र के पकरी सेवार स्थित गंगा घाट पहुंचीं। यहां गंगा घाट पर निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने प्लांट के इंटकवेल, पम्प हाउस, रसायन कक्ष, फिल्टर यूनिट सहित अन्य निर्माण कार्यों को देखा और कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित कार्यदायी संस्था गज कंपनी के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।निरीक्षण के दौरान Hcn धर्मेंद्र कुमार, अश्वनी , सहायक अभियंता अखिल देव सिंह सहीत कई लोग मौजूद रहे। वहीं निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पकरी सेवार गांव की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भारी वाहनों के आवागमन से गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इस पर सीडीओ ने कहा कि इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग और गज कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वापस लौटते समय रास्ते में ग्रामीण महिलाओं ने सीडीओ की गाड़ी रोककर अपनी व्यथा सुनाई। इस पर सीडीओ ने आश्वासन देते हुए कहा कि बात हो गई है और बरसात खत्म होने के बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। हालांकि सीडीओ के इस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। ग्रामीणों में सड़क को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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    जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन
जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन
मेजा, प्रयागराज। जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी विनिता सिंह मेजा क्षेत्र के पकरी सेवार स्थित गंगा घाट पहुंचीं। यहां गंगा घाट पर निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने प्लांट के इंटकवेल, पम्प हाउस, रसायन कक्ष, फिल्टर यूनिट सहित अन्य निर्माण कार्यों को देखा और कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित कार्यदायी संस्था गज कंपनी के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।निरीक्षण के दौरान Hcn धर्मेंद्र कुमार, अश्वनी , सहायक अभियंता अखिल देव सिंह सहीत कई लोग मौजूद रहे।
वहीं निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पकरी सेवार गांव की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भारी वाहनों के आवागमन से गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इस पर सीडीओ ने कहा कि इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग और गज कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
वापस लौटते समय रास्ते में ग्रामीण महिलाओं ने सीडीओ की गाड़ी रोककर अपनी व्यथा सुनाई। इस पर सीडीओ ने आश्वासन देते हुए कहा कि बात हो गई है और बरसात खत्म होने के बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। हालांकि सीडीओ के इस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। ग्रामीणों में सड़क को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
    user_Dhananjay Prajapati
    Dhananjay Prajapati
    Artist Meja, Prayagraj•
    23 hrs ago
  • ग्राम सभा देवरा मे जल जमाव के कारण ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम सभा में उचित व्यवस्था किया जाए ग्राम सभा देवरा के इटमा बस्ती में चारों तरफ से पानी गिर चुका है और लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है
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    ग्राम सभा देवरा मे जल जमाव के कारण ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम सभा में उचित व्यवस्था किया जाए
ग्राम सभा देवरा के इटमा बस्ती में चारों तरफ से पानी गिर चुका है और लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है
    user_सतेंद्र सोनकर
    सतेंद्र सोनकर
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद *शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
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    सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद
शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद
*शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बारिश से तालाब बनी जसरा की नवीन सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से किसान-व्यापारी बेहाल प्रयागराज। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल हो गई है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जलभराव और गंदगी के कारण उठ रही दुर्गंध से व्यापारी, किसान और पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज चल रहा है। मंडी की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर हो गई थी, हालांकि उपचार के बाद उसकी जान बच गई। बुधवार को मंडी सचिव ने किया निरीक्षण समस्याओं की जानकारी मिलने पर बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत सहित विभिन्न समस्याओं का आकलन किया गया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई। आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी महज दो हैंडपंपों के सहारे चल रही है, जबकि मंडी की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि गड्ढों में वाहन फंसने और पलटने से सब्जियां बर्बाद हो रही हैं। वहीं पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ भरी सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है। पांच साल से बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया सार्वजनिक शौचालय भी आज तक बंद पड़ा है। इसके चलते महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों ने मंडी की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने जल निकासी, सड़क, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
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    बारिश से तालाब बनी जसरा की नवीन सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से किसान-व्यापारी बेहाल
प्रयागराज। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल हो गई है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जलभराव और गंदगी के कारण उठ रही दुर्गंध से व्यापारी, किसान और पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज चल रहा है।
मंडी की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर हो गई थी, हालांकि उपचार के बाद उसकी जान बच गई।
बुधवार को मंडी सचिव ने किया निरीक्षण
समस्याओं की जानकारी मिलने पर बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत सहित विभिन्न समस्याओं का आकलन किया गया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई।
आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी महज दो हैंडपंपों के सहारे चल रही है, जबकि मंडी की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।
किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि गड्ढों में वाहन फंसने और पलटने से सब्जियां बर्बाद हो रही हैं। वहीं पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ भरी सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है।
पांच साल से बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय
मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया सार्वजनिक शौचालय भी आज तक बंद पड़ा है। इसके चलते महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों ने मंडी की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है।
निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने जल निकासी, सड़क, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
    user_RAMBABU PATEL
    RAMBABU PATEL
    Insurance Agent Bara, Prayagraj•
    20 hrs ago
  • पानी से घिरे हाईटेंशन टावर पर चढ़कर छलांग लगा रहे बच्चे मेजा, प्रयागराज। मेजारोड-कोहड़ार मार्ग पर बरसैता गांव के पास बाढ़ के पानी से घिरे 132 केवी हाईटेंशन बिजली टावर पर 8-10 बच्चों के चढ़कर पानी में छलांग लगाने से हादसे की आशंका बनी हुई है। बच्चे जान जोखिम में डालकर टावर पर चढ़ रहे हैं और ऊंचाई से बाढ़ के पानी में छलांग लगा रहे हैं। हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के चलते यह करतब कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव के कारण बड़ी संख्या में पानी जमा है। इसी दौरान कुछ बच्चे टावर को खेल का साधन बनाकर उस पर चढ़ रहे हैं और ऊपर से पानी में छलांग लगा रहे हैं। बच्चों की इस हरकत से आसपास के लोग भी चिंतित हैं। ग्रामीणों ने बच्चों के स्वजन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि टावर के आसपास पानी भरा होने के साथ ही ऊपर से हाई-वोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही है। ऐसे में बच्चों का टावर पर चढ़ना बेहद खतरनाक है। लोगों ने बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा बच्चों को टावर पर चढ़ने से रोकने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
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    पानी से घिरे हाईटेंशन टावर पर चढ़कर छलांग लगा रहे बच्चे
मेजा, प्रयागराज। मेजारोड-कोहड़ार मार्ग पर बरसैता गांव के पास बाढ़ के पानी से घिरे 132 केवी हाईटेंशन बिजली टावर पर 8-10 बच्चों के चढ़कर पानी में छलांग लगाने से हादसे की आशंका बनी हुई है। बच्चे जान जोखिम में डालकर टावर पर चढ़ रहे हैं और ऊंचाई से बाढ़ के पानी में छलांग लगा रहे हैं। हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के चलते यह करतब कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव के कारण बड़ी संख्या में पानी जमा है। इसी दौरान कुछ बच्चे टावर को खेल का साधन बनाकर उस पर चढ़ रहे हैं और ऊपर से पानी में छलांग लगा रहे हैं। बच्चों की इस हरकत से आसपास के लोग भी चिंतित हैं। ग्रामीणों ने बच्चों के स्वजन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि टावर के आसपास पानी भरा होने के साथ ही ऊपर से हाई-वोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही है। ऐसे में बच्चों का टावर पर चढ़ना बेहद खतरनाक है। लोगों ने बिजली विभाग और पुलिस-प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा बच्चों को टावर पर चढ़ने से रोकने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • करछना थाना क्षेत्र के थरी गांव में दुसरे दिन फिर हुई चोरी कल अहिरान बस्ती में हुई थी चोरी लगातार चोरी की घटना से लोगों में दहशत थरी मोहल्ले के चन्द्र बली पटेल के घर से बाक्स ले जाकर घर से दुर धान के खेत में मिला बाक्स करछना थाना क्षेत्र के थरी गांव में दुसरे दिन फिर हुई चोरी कल अहिरान बस्ती में हुई थी चोरी लगातार चोरी की घटना से लोगों में दहशत थरी मोहल्ले के चन्द्र बली पटेल के घर से बाक्स ले जाकर घर से दुर धान के खेत में मिला बाक्स
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    करछना थाना क्षेत्र के थरी गांव में दुसरे दिन फिर हुई चोरी 

कल अहिरान बस्ती में हुई थी चोरी 

लगातार चोरी की घटना से लोगों में दहशत 

थरी मोहल्ले के चन्द्र बली पटेल के घर से बाक्स ले जाकर घर से दुर धान के खेत में मिला बाक्स
करछना थाना क्षेत्र के थरी गांव में दुसरे दिन फिर हुई चोरी 
कल अहिरान बस्ती में हुई थी चोरी 
लगातार चोरी की घटना से लोगों में दहशत 
थरी मोहल्ले के चन्द्र बली पटेल के घर से बाक्स ले जाकर घर से दुर धान के खेत में मिला बाक्स
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल जसरा। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर पेश कर रही है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा है और दुर्गंध के कारण व्यापारी, किसान व पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज संचालित हो रहा है। अंधेरे में लोडिंग-अनलोडिंग, पल्लेदार को सांप ने डंसा मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। व्यापारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर होने पर उपचार कराया गया, जिसके बाद उसकी जान बच सकी। निरीक्षण कर तैयार किया गया प्रस्ताव बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ मंडी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत समेत विभिन्न समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का आकलन कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। कारोबार प्रभावित, दो हैंडपंप के सहारे मंडी आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी में पेयजल के लिए केवल दो हैंडपंप हैं, जबकि परिसर की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। गड्ढों में फंस रहे वाहन, बर्बाद हो रही सब्जियां किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि मंडी की जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण वाहन फंसने के साथ ही पलट भी जाते हैं। इससे किसानों की सब्जियां खराब होकर बर्बाद हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ और पानी के बीच चलना बेहद जोखिम भरा है। फिसलन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पांच साल पहले बना शौचालय अब तक बंद मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक वह बंद पड़ा है। शौचालय की सुविधा न होने से महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी है। व्यापारियों और किसानों ने बंद पड़े शौचालय को तत्काल चालू कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान व व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने मंडी की जल निकासी, बिजली, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
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    बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल
बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल
जसरा। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर पेश कर रही है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा है और दुर्गंध के कारण व्यापारी, किसान व पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज संचालित हो रहा है।
अंधेरे में लोडिंग-अनलोडिंग, पल्लेदार को सांप ने डंसा
मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। व्यापारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर होने पर उपचार कराया गया, जिसके बाद उसकी जान बच सकी।
निरीक्षण कर तैयार किया गया प्रस्ताव
बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ मंडी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत समेत विभिन्न समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का आकलन कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
कारोबार प्रभावित, दो हैंडपंप के सहारे मंडी
आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी में पेयजल के लिए केवल दो हैंडपंप हैं, जबकि परिसर की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।
गड्ढों में फंस रहे वाहन, बर्बाद हो रही सब्जियां
किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि मंडी की जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण वाहन फंसने के साथ ही पलट भी जाते हैं। इससे किसानों की सब्जियां खराब होकर बर्बाद हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ और पानी के बीच चलना बेहद जोखिम भरा है। फिसलन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पांच साल पहले बना शौचालय अब तक बंद
मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक वह बंद पड़ा है। शौचालय की सुविधा न होने से महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी है। व्यापारियों और किसानों ने बंद पड़े शौचालय को तत्काल चालू कराने की मांग की है।
निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान व व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने मंडी की जल निकासी, बिजली, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
    user_Mohd Kamar
    Mohd Kamar
    Financial Advisor बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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