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सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद *शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
Rohit Sharma
सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद *शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
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- सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद *शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।1
- बारिश से तालाब बनी जसरा की नवीन सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से किसान-व्यापारी बेहाल प्रयागराज। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल हो गई है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जलभराव और गंदगी के कारण उठ रही दुर्गंध से व्यापारी, किसान और पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज चल रहा है। मंडी की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर हो गई थी, हालांकि उपचार के बाद उसकी जान बच गई। बुधवार को मंडी सचिव ने किया निरीक्षण समस्याओं की जानकारी मिलने पर बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत सहित विभिन्न समस्याओं का आकलन किया गया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई। आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी महज दो हैंडपंपों के सहारे चल रही है, जबकि मंडी की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि गड्ढों में वाहन फंसने और पलटने से सब्जियां बर्बाद हो रही हैं। वहीं पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ भरी सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है। पांच साल से बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया सार्वजनिक शौचालय भी आज तक बंद पड़ा है। इसके चलते महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों ने मंडी की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने जल निकासी, सड़क, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग उठाई।1
- बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल जसरा। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर पेश कर रही है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा है और दुर्गंध के कारण व्यापारी, किसान व पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज संचालित हो रहा है। अंधेरे में लोडिंग-अनलोडिंग, पल्लेदार को सांप ने डंसा मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। व्यापारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर होने पर उपचार कराया गया, जिसके बाद उसकी जान बच सकी। निरीक्षण कर तैयार किया गया प्रस्ताव बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ मंडी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत समेत विभिन्न समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का आकलन कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। कारोबार प्रभावित, दो हैंडपंप के सहारे मंडी आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी में पेयजल के लिए केवल दो हैंडपंप हैं, जबकि परिसर की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। गड्ढों में फंस रहे वाहन, बर्बाद हो रही सब्जियां किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि मंडी की जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण वाहन फंसने के साथ ही पलट भी जाते हैं। इससे किसानों की सब्जियां खराब होकर बर्बाद हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ और पानी के बीच चलना बेहद जोखिम भरा है। फिसलन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पांच साल पहले बना शौचालय अब तक बंद मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक वह बंद पड़ा है। शौचालय की सुविधा न होने से महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी है। व्यापारियों और किसानों ने बंद पड़े शौचालय को तत्काल चालू कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान व व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने मंडी की जल निकासी, बिजली, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।4
- यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा झील में तब्दील, करोड़ों का कारोबार ठप्प, अवैध वसूली का आरोप यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा झील में तब्दील, करोड़ों का कारोबार ठप न नाली, न सड़क न ही पीने योग्य पानी की व्यवस्था,और न ही शौचालय - किसान, व्यापारी, पल्लेदार सब परेशान, मंडी सचिव पर अवैध वसूली का आरोप जसरा प्रयागराज।यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार हो रही बारिश के बाद पूरी तरह झील में तब्दील हो गई है। बुधवार को मंडी परिषद कार्यालय समेत पूरा मंडी परिसर जलभराव और कीचड़ से घिरा रहा। प्रतिदिन करोड़ों रुपये के कारोबार वाली इस मंडी में व्यापार पूरी तरह ठप नजर आ रहा है, जिससे किसान, व्यापारी, आढ़ती और पल्लेदार सभी भारी परेशानी झेल रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत इस समय पल्लेदारों को हो रही है। उन्हें 50 किलो से लेकर एक क्विंटल तक का वजन कीचड़ और पानी में से होकर ले जाना पड़ता है, जहां फिसलकर गिरने से वे चोटिल हो रहे हैं। सारा व्यापार ठप पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के जलभराव में कई सब्जियां बर्बाद हो रही हैं और बिक्री नहीं हो पा रही है। बारिश की वजह से सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। वहीं आढ़तियों का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरे मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इसकी कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से मंडी सचिव एवं उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आढ़तियों का आरोप है कि हम लोगों से पूरा मंडी शुल्क जमा कराया जाता है, लेकिन बदले में कोई सुविधा नहीं दी जाती। मंडी में न तो नाली है, न पक्की सड़क और न ही शौचालय की व्यवस्था है।मंडी का ट्रांसफार्मर भी एक महीने से जला पड़ा है, लेकिन मंडी सचिव की लापरवाही से अभी तक बदला नहीं जा सका है। आरोप है कि मंडी सचिव का ध्यान सिर्फ अवैध वसूली में लगा रहता है, उन्हें मंडी परिसर में आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। मंडी में शौचालय करीब पांच साल पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन वह आज भी सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है और मंडी सचिव की लापरवाही से आज तक चालू नहीं कराया जा सका। ग्रामीणों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जल निकासी, सड़क, नाली और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।3
- झूसीधनैचा कतवारूपुर बॉर्डर पर सीसीटीवी में कैद हुआ तेंदुआ 3 महीने बाद फिर लौट तेंदुआ ग्रामीणों में हड़कंप *बड़ी खबर: प्रयागराज में फिर लौटा तेंदुए का खौफ* प्रयागराज / झूंसी। प्रयागराज में एक बार फिर *'तेंदुए का खौफ'* लौट आया है। शहर के लोगों के जेहन से 3 महीने पहले झूंसी शास्त्री पुल और ईदगाह के पास दिखे तेंदुए का डर अभी निकला भी नहीं था कि अब फिर उसकी आहट से पूरा इलाका सहम गया है।CCTV में कैद हुआ तेंदुआ ताजा मामला धनैचा-कतवारूपुर बॉर्डर का है। यहाँ आशुतोष मेमोरियल स्कूल के पास लगे CCTV कैमरे में रात के समय तेंदुए जैसी आकृति घूमती हुई कैद हुई है। फुटेज सामने आते ही इलाके में दहशत फैल गई है 3 महीने पहले भी मचा था हड़कंप गौरतलब है कि ठीक 3 महीने पहले भी प्रयागराज में तेंदुआ देखा गया था। तब झूंसी शास्त्री पुल और ईदगाह के पास लोगों ने उसे अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया था। वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन भी चलाया था, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया था। अब फिर उसी तेंदुए के लौटने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में दहशत CCTV फुटेज वायरल होने के बाद धनैचा, कतवारूपुर और आसपास के गांव के लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं।शाम होते ही लोग घरों में दुबक जा रहे हैं।स्कूल के बच्चों के परिजन भी डरे हुए हैं।वन विभाग से मांग स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इलाके में *पिंजरा लगाया जाए और रात में गश्त बढ़ाई जाए* ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।1
- अवैध कच्ची शराब के अड्डे पर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 35 लीटर शराब बरामद बुधवार को आबकारी विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के रावतपुर चौकी अंतर्गत बिसौना, मदारीपुर गांव और यमुना नदी के कछार में दबिश दी।आबकारी निरीक्षक सेक्टर-1 राजमणि प्रसाद और रावतपुर चौकी प्रभारी सूरज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 35 लीटर अवैध कच्ची शराब और लगभग 400 किलो ग्राम महुआ लहन बरामद किया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के संबंध में दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।1
- जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर सड़क पर दिया आश्वासन मेजा, प्रयागराज। जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी विनिता सिंह मेजा क्षेत्र के पकरी सेवार स्थित गंगा घाट पहुंचीं। यहां गंगा घाट पर निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने प्लांट के इंटकवेल, पम्प हाउस, रसायन कक्ष, फिल्टर यूनिट सहित अन्य निर्माण कार्यों को देखा और कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित कार्यदायी संस्था गज कंपनी के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।निरीक्षण के दौरान Hcn धर्मेंद्र कुमार, अश्वनी , सहायक अभियंता अखिल देव सिंह सहीत कई लोग मौजूद रहे। वहीं निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पकरी सेवार गांव की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भारी वाहनों के आवागमन से गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इस पर सीडीओ ने कहा कि इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग और गज कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वापस लौटते समय रास्ते में ग्रामीण महिलाओं ने सीडीओ की गाड़ी रोककर अपनी व्यथा सुनाई। इस पर सीडीओ ने आश्वासन देते हुए कहा कि बात हो गई है और बरसात खत्म होने के बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। हालांकि सीडीओ के इस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। ग्रामीणों में सड़क को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।4
- यमुनानगर में धूमधाम से मनाया गया ललही छठ पर्व, महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत यमुनानगर में धूमधाम से मनाया गया ललही छठ पर्व, महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत यमुनानगर/प्रयागराज। क्षेत्र में आज बुधवार को महिलाओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ ललही छठ पर्व मनाया। पुत्र की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं ने व्रत रखा। सुबह से ही मंदिरों और तालाबों के किनारे महिलाओं की भीड़ रही। पूजा-अर्चना कर संतान के मंगल की कामना की गई।1