डिंडोरी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में नौतपा के पहले दिन ही तेज उमस और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सुबह से ही गर्म हवाओं और तेज धूप का असर देखा जा रहा है, जिससे दिनभर लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के बदले तेवरों ने आमजन की दिनचर्या पर भी गहरा असर डाला है। तेज गर्मी के कारण सुबह से ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, लोग केवल अत्यधिक जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाहर निकलने वाले अधिकांश लोग गर्मी और लू से बचाव के लिए गमछा, टोपी, चश्मा और चेहरे को कपड़े से ढंककर निकल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष नौतपा की शुरुआत ही बेहद तपिश भरी हो रही है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, जिले का तापमान आज 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी से थोड़ी राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय, लस्सी, शिकंजी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सहारा ले रहे हैं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। डॉक्टरों ने भी लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। नौतपा के पहले दिन महसूस की जा रही इस तरह की भीषण गर्मी और उमस से लोग आने वाले दिनों में और अधिक तपिश की संभावना को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
डिंडोरी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में नौतपा के पहले दिन ही तेज उमस और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सुबह से ही गर्म हवाओं और तेज धूप का असर देखा जा रहा है, जिससे दिनभर लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के बदले तेवरों ने आमजन की दिनचर्या पर भी गहरा असर डाला है। तेज गर्मी के कारण सुबह से ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, लोग केवल अत्यधिक जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाहर निकलने वाले अधिकांश लोग गर्मी और लू से बचाव के लिए गमछा, टोपी, चश्मा और चेहरे को कपड़े से ढंककर निकल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष नौतपा की शुरुआत ही बेहद तपिश भरी हो रही है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, जिले का तापमान आज 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी से थोड़ी राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय, लस्सी, शिकंजी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सहारा ले रहे हैं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। डॉक्टरों ने भी लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। नौतपा के पहले दिन महसूस की जा रही इस तरह की भीषण गर्मी और उमस से लोग आने वाले दिनों में और अधिक तपिश की संभावना को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में खुले सेप्टिक टैंक और निर्माणाधीन गहरे गड्ढे इन दिनों आवारा मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह खुले छोड़े गए इन गड्ढों में गाय, बैल और अन्य पशु गिरकर घायल हो रहे हैं, और कई मामलों में समय पर मदद न मिलने से उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे संकट के समय में 'युवा शक्ति टीम डिंडोरी' मूक पशुओं के लिए राहत और उम्मीद बनकर सामने आई है। हाल ही में मुख्यालय से लगे साकेत नगर में एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गिरी एक गाय को टीम के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने सराहना की। इसी तरह रविवार को वार्ड क्रमांक 11 में भी एक बैल खुले गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। पार्षद शत्रुघ्न पाराशर की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घंटों मेहनत कर, कार की सहायता से रस्सियों के जरिए बैल को सुरक्षित बाहर निकाला। युवा शक्ति टीम के सदस्य रोहित कांसकार और यीशु गवले जैसे लोग ऐसे बचाव अभियानों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, और यह टीम लंबे समय से मूक पशुओं की सुरक्षा व बचाव कार्य में जुटी हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले सेप्टिक टैंक और गहरे गड्ढों को तत्काल ढंकवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 'ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026' के अंतर्गत आज रविवार को माँ नर्मदा नदी तट पर पुल के पास विशेष संडे डांस एरोबिक्स का आयोजन किया गया। यह शिविर 5 मई से 5 जून तक संचालित हो रहा है। इस अवसर पर एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित करना रहा, जिससे सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक व शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया एवं फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस विशेष आयोजन में खेल और युवा कल्याण विभाग से खेल अधिकारी जिला खेल प्रशिक्षण, ब्लॉक समन्वयक, एसडीएम रामबाबू देवांगन, डॉ. संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौक से, श्री जागेश्वर, पदवार सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल राजकुमार और श्रीमती अनीता का विशेष सहयोग रहा। एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते और सुश्री सुनीता, अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का भी विशेष सहयोग मिला। इस प्रशिक्षण में प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर कलेक्टर ने सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इस प्रकार की गतिविधियां की जाएं, ताकि नगर के लोगों को खेल गतिविधियों से स्वस्थ रहने की प्रेरणा मिलती रहे। नर्मदा तट के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस गतिविधि ने सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा एवं प्रेरणा से भर दिया। कलेक्टर ने जिले वासियों से अपील की है कि अगले रविवार, अर्थात 31 मई 2026 को प्रातः 7 बजे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इन गतिविधियों का लाभ उठाएं।1
- डिंडोरी जिले के अमरपुर क्षेत्र में चांदपुर से अमगांव मार्ग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बन रही पुलिया के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नई पुलिया बनाने के बजाय पुरानी पुलिया के ऊपर ही निर्माण किया जा रहा है, जिससे इसकी मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कार्य स्थल पर निर्माण मानकों का सही पालन नहीं हो रहा और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की निगरानी भी नदारद है। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों को डर है कि बारिश के मौसम में यदि यह पुलिया कमजोर साबित हुई तो मार्ग बाधित हो सकता है और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी। मामले को तब और गंभीर माना जा रहा है जब ग्रामीणों के बीच यह चर्चा सामने आई है कि पुलिया निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चियों से मजदूरी कराई जा रही है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह श्रम कानूनों का सीधा और खुला उल्लंघन होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, इसकी गुणवत्ता की गहन पड़ताल करने और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा प्रदान करना है, लेकिन इस तरह की लापरवाही से तो पूरी योजना की विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिह्न लग रहा है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की आने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुड़िया कला इन दिनों भीषण जल संकट का सामना कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पीएचई विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना पिछले सात महीनों से बंद पड़ी है, जिसके चलते उन्हें पीने के पानी के लिए दो किलोमीटर दूर से साइकिल या सिर पर रखकर पानी ढोना पड़ रहा है।1
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से इस रविवार को पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह पूरे कर लिए। इस खास अवसर पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू; आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया और आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू; योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू; डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू; पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेन्द्र कुड़ापे सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह जानकारी दिनांक 24/05/2026 की है।2
- मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत घोरेघाट गांव में शनिवार देर रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि किराना दुकान पर सामान के पैसे मांगने को लेकर नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने बाहर से बदमाश बुलाकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव और स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भारी तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में नर्मदा बोरवेल की मशीन से बोरिंग का काम चल रहा था। शनिवार देर रात करीब 12 बजे बोरवेल के कुछ कर्मचारी कथित रूप से शराब के नशे में स्थानीय किराना दुकान पहुंचे और सामान लिया। जब दुकान संचालक संतोष पड़वार ने उनसे पैसे मांगे तो आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने फोन कर मंडला से करीब 6 चार पहिया वाहनों में बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया। गांव पहुंचे इन हमलावरों ने संतोष पड़वार और उनके परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला कर दिया। शोर सुनकर जब संतोष का छोटा भाई अनिल पड़वार बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण अनिल पड़वार की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल व थाना परिसर में जमा रहे। मृतक अनिल पड़वार के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मृतक के बड़े भाई अशोक पड़वार ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। सूचना मिलते ही घुघरी थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा गांव में इस तरह की हिंसक घटना बेहद चिंताजनक है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।4
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह रिपोर्ट दिनांक 24/05/2026 को ईश्वर प्रसाद साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।4
- डिंडोरी जिले के शहपुरा तहसील के करौंदी स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन इसलिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से इस पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर पर, वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को, प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम मौजूद रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ ही इस पुनीत कार्य में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया और आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू शामिल हुए। योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेन्द्र कुड़ापे भी उपस्थित रहे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बताया, क्योंकि यह बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक जारी रहा। उनका कहना था कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।2