मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत घोरेघाट गांव में शनिवार देर रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि किराना दुकान पर सामान के पैसे मांगने को लेकर नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने बाहर से बदमाश बुलाकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव और स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भारी तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में नर्मदा बोरवेल की मशीन से बोरिंग का काम चल रहा था। शनिवार देर रात करीब 12 बजे बोरवेल के कुछ कर्मचारी कथित रूप से शराब के नशे में स्थानीय किराना दुकान पहुंचे और सामान लिया। जब दुकान संचालक संतोष पड़वार ने उनसे पैसे मांगे तो आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने फोन कर मंडला से करीब 6 चार पहिया वाहनों में बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया। गांव पहुंचे इन हमलावरों ने संतोष पड़वार और उनके परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला कर दिया। शोर सुनकर जब संतोष का छोटा भाई अनिल पड़वार बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण अनिल पड़वार की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल व थाना परिसर में जमा रहे। मृतक अनिल पड़वार के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मृतक के बड़े भाई अशोक पड़वार ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। सूचना मिलते ही घुघरी थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा गांव में इस तरह की हिंसक घटना बेहद चिंताजनक है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत घोरेघाट गांव में शनिवार देर रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि किराना दुकान पर सामान के पैसे मांगने को लेकर नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने बाहर से बदमाश बुलाकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव और स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भारी तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में
नर्मदा बोरवेल की मशीन से बोरिंग का काम चल रहा था। शनिवार देर रात करीब 12 बजे बोरवेल के कुछ कर्मचारी कथित रूप से शराब के नशे में स्थानीय किराना दुकान पहुंचे और सामान लिया। जब दुकान संचालक संतोष पड़वार ने उनसे पैसे मांगे तो आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने फोन कर मंडला से करीब 6 चार पहिया वाहनों में बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया। गांव पहुंचे इन हमलावरों ने संतोष पड़वार और उनके परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला कर दिया।
शोर सुनकर जब संतोष का छोटा भाई अनिल पड़वार बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण अनिल पड़वार की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल व थाना परिसर में जमा रहे। मृतक अनिल पड़वार के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मृतक के बड़े
भाई अशोक पड़वार ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। सूचना मिलते ही घुघरी थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा गांव में इस तरह की हिंसक घटना बेहद चिंताजनक है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत घोरेघाट गांव में शनिवार देर रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि किराना दुकान पर सामान के पैसे मांगने को लेकर नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने बाहर से बदमाश बुलाकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव और स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भारी तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में नर्मदा बोरवेल की मशीन से बोरिंग का काम चल रहा था। शनिवार देर रात करीब 12 बजे बोरवेल के कुछ कर्मचारी कथित रूप से शराब के नशे में स्थानीय किराना दुकान पहुंचे और सामान लिया। जब दुकान संचालक संतोष पड़वार ने उनसे पैसे मांगे तो आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने फोन कर मंडला से करीब 6 चार पहिया वाहनों में बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया। गांव पहुंचे इन हमलावरों ने संतोष पड़वार और उनके परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला कर दिया। शोर सुनकर जब संतोष का छोटा भाई अनिल पड़वार बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण अनिल पड़वार की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल व थाना परिसर में जमा रहे। मृतक अनिल पड़वार के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मृतक के बड़े भाई अशोक पड़वार ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। सूचना मिलते ही घुघरी थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा गांव में इस तरह की हिंसक घटना बेहद चिंताजनक है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।4
- मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र में एक किराना दुकान पर पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद ने जानलेवा मोड़ ले लिया। इस घटना में बोरवेल कर्मियों द्वारा किए गए हमले में युवक अनिल पड़वार की मौत हो गई, जबकि उसके परिजन घायल हुए हैं। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसके मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।1
- मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र में एक किराना दुकान पर उधारी के पैसे मांगना एक युवक को भारी पड़ गया। बोरवेल कर्मचारियों ने विवाद के बाद युवक अनिल पड़वार पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में अनिल पड़वार के परिजन भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र के ग्राम घोरेघाट में कल देर रात नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं, जब एक मामूली विवाद के चलते उन्होंने मंडला से आधा दर्जन गाड़ियों में गुंडे बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में संतोष पड़वार के भाई अनिल पड़वार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कथित तौर पर नशे में धुत बोरवेल कर्मचारियों ने एक किराना दुकान के संचालक संतोष से सामान के पैसे मांगने पर गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने धारदार हथियारों से लैस बदमाशों को बुलाकर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा तनाव व्याप्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में उपचार करा रहे घायलों के परिजनों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे, जब तक कि सभी हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।1
- कान्हा में गिद्धों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। हाल ही में हुई ग्रीष्मकालीन गणना के दौरान कुल 263 गिद्ध गिने गए हैं।1
- मंडला जिले के विकास खण्ड मोहगांव अंतर्गत ग्राम झीना में गोहदार मार्ग से बांध मोहल्ला तक बन रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि ठेकेदार ने सभी नियमों-कानूनों को ताक पर रखकर मनमर्जी से सड़क का निर्माण किया है। इस निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है और सड़क की मोटाई भी कम रखी गई है, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण के महज दो दिन के भीतर ही सड़क उखड़ने लगी है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह जिले में बैठे सिस्टम की मिलीभगत का परिणाम है या शासन-प्रशासन की घोर अनदेखी का। जनता के बीच यह आक्रोश है कि भ्रष्टाचारियों के हाथों लोग आखिर कब तक पिसते रहेंगे, जबकि नवनिर्मित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क में स्पष्ट भ्रष्टाचार के बावजूद शासन-प्रशासन पूरी तरह से बेखबर बना हुआ है।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में खुले सेप्टिक टैंक और निर्माणाधीन गहरे गड्ढे इन दिनों आवारा मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह खुले छोड़े गए इन गड्ढों में गाय, बैल और अन्य पशु गिरकर घायल हो रहे हैं, और कई मामलों में समय पर मदद न मिलने से उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे संकट के समय में 'युवा शक्ति टीम डिंडोरी' मूक पशुओं के लिए राहत और उम्मीद बनकर सामने आई है। हाल ही में मुख्यालय से लगे साकेत नगर में एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गिरी एक गाय को टीम के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने सराहना की। इसी तरह रविवार को वार्ड क्रमांक 11 में भी एक बैल खुले गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। पार्षद शत्रुघ्न पाराशर की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घंटों मेहनत कर, कार की सहायता से रस्सियों के जरिए बैल को सुरक्षित बाहर निकाला। युवा शक्ति टीम के सदस्य रोहित कांसकार और यीशु गवले जैसे लोग ऐसे बचाव अभियानों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, और यह टीम लंबे समय से मूक पशुओं की सुरक्षा व बचाव कार्य में जुटी हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले सेप्टिक टैंक और गहरे गड्ढों को तत्काल ढंकवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। सफल इलाज के उपरांत इन दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।1