मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र के ग्राम घोरेघाट में कल देर रात नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं, जब एक मामूली विवाद के चलते उन्होंने मंडला से आधा दर्जन गाड़ियों में गुंडे बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में संतोष पड़वार के भाई अनिल पड़वार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कथित तौर पर नशे में धुत बोरवेल कर्मचारियों ने एक किराना दुकान के संचालक संतोष से सामान के पैसे मांगने पर गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने धारदार हथियारों से लैस बदमाशों को बुलाकर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा तनाव व्याप्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में उपचार करा रहे घायलों के परिजनों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे, जब तक कि सभी हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।
मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र के ग्राम घोरेघाट में कल देर रात नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं, जब एक मामूली विवाद के चलते उन्होंने मंडला से आधा दर्जन गाड़ियों में गुंडे बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में संतोष पड़वार के भाई अनिल पड़वार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कथित तौर पर नशे में धुत बोरवेल कर्मचारियों ने एक किराना दुकान के संचालक संतोष से सामान के पैसे मांगने पर गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने धारदार हथियारों से लैस बदमाशों को बुलाकर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा तनाव व्याप्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में उपचार करा रहे घायलों के परिजनों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे, जब तक कि सभी हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।
- कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इस प्रक्रिया के बाद, आवश्यक उपचार प्रदान कर दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया।1
- मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना का कार्य रविवार को संपन्न हो गया। कान्हा नेशनल पार्क के क्षेत्र प्रबंधक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 22 से 24 मई तक चली इस गणना के तीसरे और अंतिम दिन कान्हा, मुक्की, सरही एवं किसली परिक्षेत्रों में कुल 263 गिद्ध दर्ज किए गए। प्रशिक्षित अमले द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई इस गणना में भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध जैसी दो प्रमुख प्रजातियों की पहचान की गई। विशेषज्ञ दल के अवलोकन के अनुसार, इन 263 गिद्धों में 242 वयस्क और 21 अवयस्क गिद्ध शामिल हैं। इस गणना से प्राप्त आंकड़े कान्हा में गिद्धों के आवासीय व्यवहार को समझने, उनके संरक्षण और भविष्य की रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में खुले सेप्टिक टैंक और निर्माणाधीन गहरे गड्ढे इन दिनों आवारा मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह खुले छोड़े गए इन गड्ढों में गाय, बैल और अन्य पशु गिरकर घायल हो रहे हैं, और कई मामलों में समय पर मदद न मिलने से उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे संकट के समय में 'युवा शक्ति टीम डिंडोरी' मूक पशुओं के लिए राहत और उम्मीद बनकर सामने आई है। हाल ही में मुख्यालय से लगे साकेत नगर में एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गिरी एक गाय को टीम के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने सराहना की। इसी तरह रविवार को वार्ड क्रमांक 11 में भी एक बैल खुले गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। पार्षद शत्रुघ्न पाराशर की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घंटों मेहनत कर, कार की सहायता से रस्सियों के जरिए बैल को सुरक्षित बाहर निकाला। युवा शक्ति टीम के सदस्य रोहित कांसकार और यीशु गवले जैसे लोग ऐसे बचाव अभियानों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, और यह टीम लंबे समय से मूक पशुओं की सुरक्षा व बचाव कार्य में जुटी हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले सेप्टिक टैंक और गहरे गड्ढों को तत्काल ढंकवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 'ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026' के अंतर्गत आज रविवार को माँ नर्मदा नदी तट पर पुल के पास विशेष संडे डांस एरोबिक्स का आयोजन किया गया। यह शिविर 5 मई से 5 जून तक संचालित हो रहा है। इस अवसर पर एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित करना रहा, जिससे सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक व शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया एवं फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस विशेष आयोजन में खेल और युवा कल्याण विभाग से खेल अधिकारी जिला खेल प्रशिक्षण, ब्लॉक समन्वयक, एसडीएम रामबाबू देवांगन, डॉ. संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौक से, श्री जागेश्वर, पदवार सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल राजकुमार और श्रीमती अनीता का विशेष सहयोग रहा। एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते और सुश्री सुनीता, अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का भी विशेष सहयोग मिला। इस प्रशिक्षण में प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर कलेक्टर ने सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इस प्रकार की गतिविधियां की जाएं, ताकि नगर के लोगों को खेल गतिविधियों से स्वस्थ रहने की प्रेरणा मिलती रहे। नर्मदा तट के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस गतिविधि ने सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा एवं प्रेरणा से भर दिया। कलेक्टर ने जिले वासियों से अपील की है कि अगले रविवार, अर्थात 31 मई 2026 को प्रातः 7 बजे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इन गतिविधियों का लाभ उठाएं।1
- यह संदेश बताता है कि संघर्ष ही वास्तविक जीवन है, और इसी भावना के साथ धर्म संगठन को सच्चाई के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया गया है। संदेश में दृढ़ता से कहा गया है कि व्यक्ति को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि ऊपरवाला सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा और हर कदम पर उनका समर्थन करेगा। यह प्रेरणादायक संदेश बार-बार 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ भक्ति और अटूट विश्वास की भावना को पुष्ट करता है।1
- जबलपुर की बकरा मंडी में एक मोबाइल चोर को रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस चोर ने चोरी करने के बाद कुल छह मोबाइल अपनी जेब में छिपा रखे थे। इस घटना के मद्देनजर, बकरा खरीदने जाने वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है।1
- मंडला जिले के मवई विकासखंड के अमवार गाँव में जल जीवन मिशन पर 97 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद, स्थानीय बैगा परिवार अपनी प्यास बुझाने के लिए नाले के पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। यह चौंकाने वाली स्थिति पीएचई मंत्री संपतिया उइके के गृह जिले मंडला से सामने आई है, जहाँ जल जीवन मिशन के तहत पूरे जिले में करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी लोगों को मूलभूत आवश्यकता के लिए ऐसी दयनीय हालत से जूझना पड़ रहा है।1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा तहसील के करौंदी स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन इसलिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से इस पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर पर, वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को, प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम मौजूद रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ ही इस पुनीत कार्य में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया और आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू शामिल हुए। योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेन्द्र कुड़ापे भी उपस्थित रहे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बताया, क्योंकि यह बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक जारी रहा। उनका कहना था कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।2
- जबलपुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां बरेला स्थित निसर्ग वाटर पार्क में करंट लगने से एक 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह युवक रांझी के झंडा चौक का निवासी था।1