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मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। सफल इलाज के उपरांत इन दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।
Govardhan kushwaha
मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। सफल इलाज के उपरांत इन दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।
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- मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र में एक किराना दुकान पर उधारी के पैसे मांगना एक युवक को भारी पड़ गया। बोरवेल कर्मचारियों ने विवाद के बाद युवक अनिल पड़वार पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में अनिल पड़वार के परिजन भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र के ग्राम घोरेघाट में कल देर रात नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दीं, जब एक मामूली विवाद के चलते उन्होंने मंडला से आधा दर्जन गाड़ियों में गुंडे बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में संतोष पड़वार के भाई अनिल पड़वार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चों समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कथित तौर पर नशे में धुत बोरवेल कर्मचारियों ने एक किराना दुकान के संचालक संतोष से सामान के पैसे मांगने पर गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने धारदार हथियारों से लैस बदमाशों को बुलाकर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा तनाव व्याप्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में उपचार करा रहे घायलों के परिजनों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे, जब तक कि सभी हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।1
- मंडला स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। सफल इलाज के उपरांत इन दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।1
- कान्हा में गिद्धों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। हाल ही में हुई ग्रीष्मकालीन गणना के दौरान कुल 263 गिद्ध गिने गए हैं।1
- मंडला जिले के विकास खण्ड मोहगांव अंतर्गत ग्राम झीना में गोहदार मार्ग से बांध मोहल्ला तक बन रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि ठेकेदार ने सभी नियमों-कानूनों को ताक पर रखकर मनमर्जी से सड़क का निर्माण किया है। इस निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है और सड़क की मोटाई भी कम रखी गई है, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण के महज दो दिन के भीतर ही सड़क उखड़ने लगी है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह जिले में बैठे सिस्टम की मिलीभगत का परिणाम है या शासन-प्रशासन की घोर अनदेखी का। जनता के बीच यह आक्रोश है कि भ्रष्टाचारियों के हाथों लोग आखिर कब तक पिसते रहेंगे, जबकि नवनिर्मित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क में स्पष्ट भ्रष्टाचार के बावजूद शासन-प्रशासन पूरी तरह से बेखबर बना हुआ है।1
- मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत घोरेघाट गांव में शनिवार देर रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि किराना दुकान पर सामान के पैसे मांगने को लेकर नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने बाहर से बदमाश बुलाकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव और स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भारी तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, गांव में नर्मदा बोरवेल की मशीन से बोरिंग का काम चल रहा था। शनिवार देर रात करीब 12 बजे बोरवेल के कुछ कर्मचारी कथित रूप से शराब के नशे में स्थानीय किराना दुकान पहुंचे और सामान लिया। जब दुकान संचालक संतोष पड़वार ने उनसे पैसे मांगे तो आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने फोन कर मंडला से करीब 6 चार पहिया वाहनों में बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया। गांव पहुंचे इन हमलावरों ने संतोष पड़वार और उनके परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला कर दिया। शोर सुनकर जब संतोष का छोटा भाई अनिल पड़वार बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण अनिल पड़वार की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल व थाना परिसर में जमा रहे। मृतक अनिल पड़वार के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मृतक के बड़े भाई अशोक पड़वार ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। सूचना मिलते ही घुघरी थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा गांव में इस तरह की हिंसक घटना बेहद चिंताजनक है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।4
- घंसौर थाना क्षेत्र के बिनोरी गाँव के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें शादी समारोह में जा रहे एक ही विश्वकर्मा परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चीख-पुकार मच गई। मोटरसाइकिल पर सवार विपतलाल विश्वकर्मा, धनुलाल विश्वकर्मा, रतनलाल विश्वकर्मा (हीरालाल विश्वकर्मा के पुत्र, 32 वर्ष, निवासी घोटखेड़ा), लता देवी विश्वकर्मा (30 वर्ष) और 6 वर्षीय खेमचंद विश्वकर्मा इस हादसे का शिकार हुए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, 6 वर्षीय खेमचंद विश्वकर्मा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके चलते बेहतर इलाज के लिए उन्हें आज 25 मई 2026 को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को जब्त कर थाने ले आई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, और पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है।1
- आज एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी से आम जनता की कमर टूट गई है। ताजा वृद्धि में पेट्रोल लगभग ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर तक महंगा हो गया है, जो हाल की रिपोर्टों के अनुसार कीमतों में लगातार चौथी बार हुई बढ़ोतरी है। इससे भी बड़ा दुर्भाग्य यह है कि ग्रामीण भारत के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल मिल ही नहीं रहा है। इस किल्लत के कारण किसान, व्यापारी, मजदूर और आम ग्रामीण 50-100 किलोमीटर दूर तक भटक रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति से खेती-किसानी ठप हो गई है, व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और आवागमन भी गंभीर संकट में है। देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की इस गंभीर किल्लत ने ग्रामीण भारत को गहरे संकट में डाल दिया है, जबकि सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है। आम जनता कब तक इस बढ़ते बोझ को उठाएगी, यह एक गंभीर प्रश्न बन गया है।1