घंसौर थाना क्षेत्र के बिनोरी गाँव के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें शादी समारोह में जा रहे एक ही विश्वकर्मा परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चीख-पुकार मच गई। मोटरसाइकिल पर सवार विपतलाल विश्वकर्मा, धनुलाल विश्वकर्मा, रतनलाल विश्वकर्मा (हीरालाल विश्वकर्मा के पुत्र, 32 वर्ष, निवासी घोटखेड़ा), लता देवी विश्वकर्मा (30 वर्ष) और 6 वर्षीय खेमचंद विश्वकर्मा इस हादसे का शिकार हुए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, 6 वर्षीय खेमचंद विश्वकर्मा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके चलते बेहतर इलाज के लिए उन्हें आज 25 मई 2026 को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को जब्त कर थाने ले आई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, और पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है।
घंसौर थाना क्षेत्र के बिनोरी गाँव के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें शादी समारोह में जा रहे एक ही विश्वकर्मा परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चीख-पुकार मच गई। मोटरसाइकिल पर सवार विपतलाल विश्वकर्मा, धनुलाल विश्वकर्मा, रतनलाल विश्वकर्मा (हीरालाल विश्वकर्मा के पुत्र, 32 वर्ष, निवासी घोटखेड़ा), लता देवी विश्वकर्मा (30 वर्ष) और 6 वर्षीय खेमचंद विश्वकर्मा इस हादसे का शिकार हुए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, 6 वर्षीय खेमचंद विश्वकर्मा को गंभीर चोटें आई हैं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके चलते बेहतर इलाज के लिए उन्हें आज 25 मई 2026 को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को जब्त कर थाने ले आई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, और पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है।
- कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इस प्रक्रिया के बाद, आवश्यक उपचार प्रदान कर दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया।1
- मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना का कार्य रविवार को संपन्न हो गया। कान्हा नेशनल पार्क के क्षेत्र प्रबंधक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 22 से 24 मई तक चली इस गणना के तीसरे और अंतिम दिन कान्हा, मुक्की, सरही एवं किसली परिक्षेत्रों में कुल 263 गिद्ध दर्ज किए गए। प्रशिक्षित अमले द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई इस गणना में भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध जैसी दो प्रमुख प्रजातियों की पहचान की गई। विशेषज्ञ दल के अवलोकन के अनुसार, इन 263 गिद्धों में 242 वयस्क और 21 अवयस्क गिद्ध शामिल हैं। इस गणना से प्राप्त आंकड़े कान्हा में गिद्धों के आवासीय व्यवहार को समझने, उनके संरक्षण और भविष्य की रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।1
- जबलपुर की बकरा मंडी में एक मोबाइल चोर को रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस चोर ने चोरी करने के बाद कुल छह मोबाइल अपनी जेब में छिपा रखे थे। इस घटना के मद्देनजर, बकरा खरीदने जाने वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है।1
- जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदमारी इलाके से एक पुलिसकर्मी द्वारा अवैध वसूली का वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस पुलिसकर्मी का नाम राकेश पांडे है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक राकेश पांडे को पैसे दे रहा है। आरोप है कि यह पुलिसकर्मी अवैध कामों में लिप्त या ऐसे काम छोड़ चुके लोगों से रोजाना वसूली करने पहुँच जाता है। पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस खुद अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है और उनका "हफ्ता" (साप्ताहिक वसूली) बंधा हुआ है। पैसे न देने पर थाने में बंद करने की धमकी भी दी जाती है।1
- जबलपुर की एक 8 दिन की बच्ची, जिसके दिल में जन्मजात छेद था, उसे विशेष उपचार के लिए मुंबई भेजा गया था। जानकारी के अनुसार, यह बच्ची अब सुरक्षित है।1
- नरसिंहपुर जिले के श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां जबलपुर से जनता एक्सप्रेस में सवार होकर गोटेगांव अपने घर वापस लौट रही एक महिला का अचानक पैर फिसल गया। इस दौरान वह ट्रेन के नीचे आ गई, जिससे उसके एक पैर का पंजा कट गया। हादसे के बाद डॉक्टरों ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया और फिर उसे जबलपुर रेफर कर दिया।2
- मंडला के शासकीय सांदीपनी विद्यालय के वोकेशनल छात्रों का 21 दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ट्रेनिंग में हेल्थ केयर के छात्रों ने अस्पताल में और आईटी के छात्रों ने कार्यालयों में कार्यस्थल की बारीकियां सीखीं। इस अनुभव से उन्हें वास्तविक कार्य वातावरण को समझने में मदद मिली।1
- जबलपुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां बरेला स्थित निसर्ग वाटर पार्क में करंट लगने से एक 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह युवक रांझी के झंडा चौक का निवासी था।1
- गोटेगांव के समीप भड़री में श्रीमद् भागवत कथा की एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसका जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। यह शोभा यात्रा गोटेगांव बाईपास से शुरू होकर गोटेगांव नगर देवता ठाकुर बाबा से भड़री चौराहा तक पहुंची। इस दौरान ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और डीजे के साथ 'जय श्री राम' के नारों से महाराज श्री का स्वागत सत्कार किया गया। यात्रा गांव के खेड़ापति प्रांगण पहुंची, जहाँ महाराज श्री ने पूजन अर्चन किया और फिर गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंचे। कथा स्थल पर कन्या पूजन और ब्राह्मण पूजन के साथ महाराज श्री ने प्रथम दिन श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताया। अपने प्रवचन में महाराज श्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर गहरा विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी को अपने धर्म और कर्तव्य के मार्ग से कभी भटकना या कमजोर नहीं होना चाहिए, क्योंकि हिंदू सनातन धर्म एक राष्ट्रीय धर्म है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है। इसके साथ ही, महाराज श्री ने 'वीआईपी कल्चर' की कड़ी निंदा की, जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार का कारण बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सिस्टम को खत्म करना चाहिए, चाहे वह मंदिरों में हो या साधु-संतों से मिलने में। महाराज श्री के अनुसार, भगवान की नजरों में सभी भक्त बराबर हैं और उनकी चौखट पर कोई अमीर या गरीब नहीं होता। उन्होंने तर्क दिया कि वीआईपी कल्चर से गरीब लोगों में गलत संदेश जाता है, क्योंकि वे पैसे देकर वीआईपी पंक्ति में शामिल होकर भगवान के दर्शन नहीं कर पाते, जबकि दूसरे धर्मों में वीआईपी कल्चर न होने के कारण आसानी से दर्शन हो जाते हैं, जिससे धर्मांतरण को बढ़ावा मिलता है। महाराज श्री ने भड़री गांव को भाग्यशाली बताया कि उसे परसोत्तम माह (पुरुषोत्तम मास) में भगवान की कथा सुनने का सौभाग्य मिला, जबकि यह कथा मूल रूप से 2027 में होनी थी। यह भगवान की कृपा और पूर्वजों के आशीर्वाद से संभव हुआ है। श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान चौधरी यशवंत सिंह ने महाराज श्री का तिलक और फूलमाला से स्वागत किया। आयोजन समिति भड़री मनकवारा भाड़ी ने सभी से कथा में शामिल होने की अपील की है। प्रवचन प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक होंगे और यह आयोजन 30 मई तक चलेगा।2