Shuru
Apke Nagar Ki App…
तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर स्कूल सफाई कर्मचारियों में आक्रोश, बीईओ कार्यालय पहुँचकर जताई नाराजगी। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर स्कूल सफाई कर्मचारियों में आक्रोश, बीईओ कार्यालय पहुँचकर जताई नाराजगी।
Bhupendra lahare
तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर स्कूल सफाई कर्मचारियों में आक्रोश, बीईओ कार्यालय पहुँचकर जताई नाराजगी। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर स्कूल सफाई कर्मचारियों में आक्रोश, बीईओ कार्यालय पहुँचकर जताई नाराजगी।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- जूनियर डॉक्टरों का बड़ा ऐलान: 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 सितंबर से ठप करेंगे काम का ऐलान।1
- अनुपम वस्त्रालय कांड में नया मोड़: पीड़िता के चरित्र हनन और जातिगत लांछन के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज का हल्लाबोल, CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर Atrocity Act के तहत FIR व वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी की मांग... अंबिकापुर (सरगुजा, छत्तीसगढ़): अंबिकापुर के बहुचर्चित अनुपम वस्त्रालय यौन दुर्व्यवहार कांड ने अब व्यापक कानूनी व सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। मामले में न्याय की गुहार लगा रही अनुसूचित जनजाति वर्ग की पीड़िता के सार्वजनिक चरित्र हनन, जांच को प्रभावित करने के प्रयासों और पूरे आदिवासी समाज पर की गई जातिगत टिप्पणियों के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने मोर्चा खोल दिया है। महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा थाना प्रभारी, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण (आ०जा०क०), अंबिकापुर को तीन पृष्ठों का विस्तृत कानूनी शिकायती ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में सीएआईटी (CAIT) सरगुजा से जुड़े रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Atrocity Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने तथा दुकान संचालक (वास्तविक आरोपी) की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2026 की है, जब अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय में एक आदिवासी महिला के साथ दुकान संचालक द्वारा कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार किया गया। इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली, अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत धारा 74 एवं 351(3) BNS 2023 के अंतर्गत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक विवेचना प्रधान आरक्षक राजेश चतुर्वेदी द्वारा की गई। विवेचना के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं—आरोपी का सही नाम छिपाने, पीड़िता के पूरे कथनों को केस डायरी व एफआईआर में शामिल न करने तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए जाने वाले बयानों को प्रभावित करने की कोशिशों के आरोप लगे। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने प्राथमिक विवेचक को निलंबित कर दिया। समाज का आरोप है कि विवेचक के निलंबन के बावजूद आज दिनांक तक पीड़िता का विधिसम्मत पूरक/पुनः कथन दर्ज नहीं किया गया है। प्रारंभिक विवेचना में छूटे महत्वपूर्ण तथ्यों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर जो कड़ी धाराएं जुड़नी चाहिए थीं, वे अब तक शामिल नहीं की गई हैं। CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर सार्वजनिक चरित्र हनन और जातिगत टिप्पणी का आरोप ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि CAIT सरगुजा के रवीन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस विचाराधीन आपराधिक प्रकरण को "समाप्त/खात्मा" करने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के माध्यम से पीड़िता और उसके पूरे समुदाय को लांछित किया गया। रवीन्द्र तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह झूठा और मनगढ़ंत दावा किया कि: "उक्त महिला शंकरगढ़ थाने में पहले भी इस तरह का कृत्य कर चुकी है।" इसके साथ ही, पूरे अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में कथित रूप से यह अपमानजनक टिप्पणी की गई कि: "जनजाति समाज के लोग शासन से मिलने वाली राशि और लाभ के लालच में Atrocity Act के प्रकरण लगवाने के लिए आतुर रहते हैं।" सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यह केवल एक पीड़िता के चरित्र और साख को नष्ट करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यौन अपराध की शिकायत को झूठा साबित करने और पूरे आदिवासी समाज को सार्वजनिक मंचों पर अपमानित व लांछित करने का आपराधिक षड्यंत्र है। ज्ञापन के जरिए रखी गई प्रमुख 9 कानूनी मांगें शंकरगढ़ रिकॉर्ड का आधिकारिक सत्यापन: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाने से तत्काल आधिकारिक अभिलेख मंगाकर सत्यापित किया जाए कि क्या पीड़िता ने पूर्व में किसी व्यापारी या व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज कराई थी। यदि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं मिलता है, तो झूठी सूचना गढ़कर प्रसारित करने के आरोप में रवीन्द्र तिवारी के स्रोत और मंशा की गहन जांच हो। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की ज़ब्ती व मेटाडेटा संरक्षण: रवीन्द्र तिवारी के बयानों से संबंधित मूल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल साक्ष्यों को विधिपूर्वक सुरक्षित और ज़ब्त किया जाए। इसके साथ ही इनके मेटाडेटा और मूल इलेक्ट्रॉनिक स्रोत की प्रामाणिकता की तकनीकी जांच की जाए। SC/ST Atrocity Act में केस दर्ज: जनजाति समुदाय को सामूहिक रूप से धनलोलुप बताकर लांछित करने और Atrocity Act के दुरुपयोग का सार्वजनिक आरोप लगाने के कृत्य की जांच कर रवीन्द्र तिवारी व अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act 1989 की धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए। पीड़िता का पूरक कथन व धाराओं में सुधार: अपराध क्रमांक 0563/2026 में पीड़िता का विस्तृत पूरक कथन दर्ज किया जाए। प्रारंभिक जांच में छूटे सभी तथ्यों को केस डायरी में जोड़ते हुए मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी सुसंगत कठोर धाराएं बढ़ाई जाएं। आरोपी की पहचान में त्रुटि की स्वतंत्र जांच: एफआईआर में आरोपी के नाम या पहचान में हुए कथित परिवर्तन अथवा त्रुटि की स्वतंत्र जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई। दबाव व धमकी देने वालों की भूमिका की जांच: पीड़िता के पूर्व कथनों को प्रभावित करने, धमकाने या विशेष बयान देने के लिए निर्देशित करने के आरोपों की पृथक व निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतिष्ठानों के CCTV फुटेज का संरक्षण: घटना स्थल और आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी, डीवीआर (DVR/NVR), मोबाइल फोन व कॉल रिकॉर्ड्स जैसे साक्ष्यों को उचित "Chain of Custody" के तहत सुरक्षित कर केस डायरी का हिस्सा बनाया जाए। अवैध हस्तक्षेप करने वाले सिंडिकेट पर कार्रवाई: यदि विवेचना में यह पाया जाता है कि किसी संगठन, व्यापारिक गुट या उनके पदाधिकारियों द्वारा पीड़िता व गवाहों पर दबाव बनाने या निष्पक्ष जांच में अवैध हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया है, तो उनकी भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई हो। वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी: अपराध की प्रकृति और महिला अपराध से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए चिन्हित वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित न किया जा सके। कार्रवाई न होने पर "हुंकार रैली" की खुली चेतावनी सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने पुलिस प्रशासन को आगाह किया है कि जब एक आदिवासी महिला यौन अपराध की शिकायत दर्ज कराती है, तो उसकी सामाजिक पहचान और चरित्र को निशाना बनाना न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। यदि इस मामले में तत्काल निष्पक्ष विवेचना, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जब्ती और नामजद लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो समाज लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए सड़क पर उतरेगा और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण "हुंकार रैली" निकालेगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।4
- यूपीआई ट्रांजैक्शन में ₹2000 से ज्यादा हुई तो परसेंटेज काटे जाएंगे यूपीआई लाकर दुनिया को बेवकूफ बनाया.1
- रींवापार की बदहाल सड़क पर सूरज सोनी का एक्शन, गड्ढों में डलवाई राखड़1
- बाजीराव पारा में बेकाबू कार का कहर,भाजपा पार्षद की स्कूटी समेत कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त कांग्रेस नेता कमल प्रधान व चालक हिरासत में।1
- कोरबा से बड़ी खबर भतीजा ने चाचा की टांगिया से वार कर कर दी हत्या1
- 16 साल के किशोर की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, ‘लव ट्रायंगल’ में खूनी वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार,चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर, सुबह खाली प्लॉट में मिली लाश; पहले मोबाइल छीना और मांगे ₹1,000, विवाद बढ़ा तो पत्थर से सिर पर किए कई वार रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 16 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया। रामभांठा के पुराने बस डिपो के पास खाली प्लॉट में मिले किशोर के शव की गुत्थी कोतवाली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच के मुताबिक, वारदात के पीछे एक स्थानीय युवती को लेकर विवाद और आरोपी शिवम बानी का कथित एकतरफा लगाव सामने आया है। चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे 16 वर्षीय किशोर चक्रधर समारोह देखने जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगली सुबह 15 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि रामभांठा क्षेत्र में पुराने बस डिपो के पास संजय बेरीवाल के खाली प्लॉट में एक किशोर का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान परिजनों ने अपने 16 वर्षीय बेटे के रूप में की। किशोर के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। हत्या की FIR, शुरू हुई जांच पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज कर दी। आखिरी बार किन लोगों के साथ था किशोर? हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ की और गवाहों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान किशोर को आखिरी बार दो युवकों के साथ देखे जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने 20 वर्षीय शिवम बरेठ और 23 वर्षीय शिवम बानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में दोनों ने घटना से इनकार किया, लेकिन आगे की वैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों से वारदात को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। एकतरफा प्यार से शुरू हुआ विवाद? पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बानी का एक स्थानीय युवती के प्रति एकतरफा लगाव था। किशोर का भी उक्त युवती से मेलजोल था। 14 सितंबर की रात आरोपी ने किशोर को युवती के साथ देखा। इसके बाद उसे रामलीला मैदान के पास बुलाया गया। पुलिस की जांच के अनुसार, शिवम बरेठ ने किशोर का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और मोबाइल वापस करने के लिए ₹1,000 देने की मांग की। इसके बाद दोनों आरोपी किशोर को मोबाइल के साथ पुराने बस डिपो की ओर ले गए। डराने-धमकाने के बाद पत्थर से हमला पुलिस के अनुसार, पुराने बस डिपो के पास दोनों आरोपियों ने किशोर को उक्त युवती से बातचीत और मेलजोल नहीं रखने की बात कहकर डराया-धमकाया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि दोनों ने पत्थर से किशोर के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण किशोर की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मोबाइल और रक्तरंजित कपड़े बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के मेमोरेडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कथित रक्तरंजित कपड़े भी जब्त किए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन कराया और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। एक आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बरेठ आदतन बदमाश प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पूर्व में थाना कोतवाली में मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। गिरफ्तार आरोपी - शिवम बरेठ, उम्र 20 वर्ष, पिता दिनेश बरेठ, निवासी बैकुंठपुर, रायगढ़। - शिवम बानी, उम्र 23 वर्ष, पिता संतराम बानी, निवासी बैकुंठपुर, महावीर चौक, रायगढ़। पुलिस की तफ्तीश ने 24 घंटे में जोड़ी कड़ियां 16 वर्षीय किशोर की हत्या के बाद पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। लेकिन गवाहों से पूछताछ, आखिरी बार साथ देखे गए संदिग्धों की धरपकड़, वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अब बरामद मोबाइल, कथित रक्तरंजित कपड़े और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।4
- गणेश उत्सव एवं विसर्जन को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट,गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को दी गई कड़ी समझाइश — कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी गणेश चतुर्थी, गणेश उत्सव एवं गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में आज जिले के विभिन्न थाना, चौकी एवं अनुविभाग स्तर पर CSP/SDOP एवं थाना प्रभारियों द्वारा गुंडा बदमाशों, निगरानी बदमाशों तथा पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों की तस्दीक एवं समझाइश की गई। 👮 *गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को स्पष्ट चेतावनी* पुलिस द्वारा लगभग 32 गुंडा बदमाश एवं 26 निगरानी बदमाशों सहित पूर्व में मारपीट, लड़ाई-झगड़ा एवं शरीर संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे लगभग 80 व्यक्तियों को समझाइश दी गई। संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि गणेश उत्सव एवं विसर्जन के दौरान वे किसी भी प्रकार के विवाद, मारपीट, उपद्रव, आपराधिक गतिविधि अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि से पूरी तरह दूर रहें।पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि त्योहार की आड़ में गुंडागर्दी, दहशत फैलाने, विवाद करने अथवा किसी प्रकार का अपराध करने का प्रयास किया गया तो ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एवं कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ⚠️ “ *त्योहार खुशी से मनाएं, कानून हाथ में लिया तो कार्रवाई तय”* पुलिस द्वारा पूर्व अपराधियों एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों को यह भी समझाइश दी गई कि वे अपने आचरण में सुधार रखते हुए कानून का पालन करें तथा गणेश उत्सव के दौरान शांति, सद्भाव एवं भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें।साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 🛡️ *सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोरबा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद* गणेश उत्सव एवं विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, असामाजिक तत्वों पर नजर तथा कानून-व्यवस्था को लेकर कोरबा पुलिस द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि गणेश उत्सव आस्था, अनुशासन, शांति एवं सौहार्द के वातावरण में संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।कोरबा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें।3
- घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने फरार था आरोपी, घर लौटने की सूचना मिलते ही जूटमिल पुलिस ने दबोचा,थाना जूटमिल की टीम ने आरोपी की पतासाजी के लिए लगातार की निगरानी और फिर सटिक सूचना पर दी दबिश रायगढ़, । जूटमिल पुलिस ने वार्ड क्रमांक 36 के पार्षद विजय चौहान पर लोहे के जैक रॉड से हमला कर हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी कमल सारथी, उम्र 26 वर्ष को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया है। घटना के बाद आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी पतासाजी के लिए लगातार निगरानी रखते हुए घर लौटने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे का जैक रॉड भी बरामद कर जप्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर 2026 की रात करीब 9:45 बजे वार्ड क्रमांक 36 राजीव गांधी नगर के पार्षद विजय चौहान जूटमिल पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाकर जा रहे थे। इसी दौरान पुराने सारंगढ़ बस स्टैंड स्थित मटन मार्केट के पास कुछ युवकों के बीच मारपीट होते देखकर वे जनप्रतिनिधि होने के नाते विवाद शांत कराने के लिए मौके पर पहुंचे। वहां कमल सारथी कुछ लोगों के साथ मारपीट कर रहा था। पार्षद विजय चौहान ने उसे लड़ाई-झगड़ा करने से मना किया, जिस पर आरोपी भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा । आरोपी ने पार्षद को जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हाथ में रखे लोहे के जैक रॉड से पार्षद विजय चौहान के सिर पर वार कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। घटना के बाद पार्षद के पिता ने थाना जूटमिल पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने आरोपी कमल सारथी के विरुद्ध *अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 109(1), 115(2), 296 एवं 351(3) बीएनएस* के तहत अपराध दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी की तत्काल पतासाजी एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना जूटमिल की टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार लुकते-छिपते फरार था। थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह ने आरोपी के घर जाकर उसके परिजनों को आरोपी के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की हिदायत दी तथा मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। इसी दौरान आरोपी कमल सारथी के घर वापस आने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर जूटमिल पुलिस ने तत्काल उसके घर पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा। थाना लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसके जीजा के साथ झगड़ा-विवाद चल रहा था, इसी दौरान पार्षद विजय चौहान ने बीच-बचाव करते हुए उसे झगड़ा करने से मना किया, जिस पर वह गुस्से में आ गया और जैक रॉड से पार्षद पर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का जैक रॉड बरामद कर जप्त किया है। आरोपी को हत्या के प्रयास के अपराध में गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा जा रहा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन तथा डीएसपी श्री राहुल उईके के सुपरविजन में फरार आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, एएसआई राजेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, राजेश पटेल, आरक्षक तरूण महिलाने, सुशील यादव एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपी कमल सारथी पिता मनोज सारथी, उम्र 26 वर्ष, निवासी पुराना बस स्टैंड सारंगढ़, थाना जूटमिल, रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश “जनप्रतिनिधि सहित किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट, धमकी अथवा हिंसक व्यवहार करने वालों को कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें। रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को कानून के दायरे में लाएगी।”4