राहे में जालियांवाला बाग शहादत दिवस मनाया गया, राहे - झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में राहे में जालियांवाला बाग शहादत दिवस सम्मान पूर्वक मनाया गया एवं जालियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि दिया गया। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा अंग्रेजी हुकूमत द्वार 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जालियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दर्दनाक व कूरूर घटना है, बैसाखी के अवसर पर एक शान्ति पूर्ण सभा में जेनरल डायर द्वारा अंधाधुंध फायरिंग का आदेश दिया जिसे हजारों भारतीयो की हत्या कर दिया गया था।इस सभा में आजादी का सपना लिए लोग रालेट एक्ट के विरोध में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे थे। तभी अंग्रेजी अधिकारी जेनरल डायर के अपने सैनिकों को निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया।बाग के चारों ओर ऊंची दिवारें थी और बाहर निकलने का रास्ता संकरा था, जिससे लोग भाग नहीं सके।इस बर्बर हत्याकांड ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा दी,पूरे देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आक्रोश और तेज़ हो गया। यह घटना आज़ भी अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देती है। जालियांवाला बाग हत्याकांड अंग्रेजी हुकूमत के लिए कब्र खोदने काम किया, अंततः अंग्रेजो को भारत छोड़ भागना पड़ा। मौके पर झारखंड राज्य किसान कौंसिल सदस्य जयपाल सिंह मुंडा, उमेश महतो, सुरेंद्र बैठा, बिनोद साव, गुलाब सिंह मुंडा,बुद्धदेव महतो,भरत महतो,भादो लोहरा, लक्ष्मी नारायण सिंह, लक्ष्मण महतो,राखोहरी लोहरा, जनमेजय साव, गणेश महतो, रामदयाल मुंडा, विशेश्वर महतो, खुदीराम हजाम,माधो महतो आदि मौजूद थे।
राहे में जालियांवाला बाग शहादत दिवस मनाया गया, राहे - झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में राहे में जालियांवाला बाग शहादत दिवस सम्मान पूर्वक मनाया गया एवं जालियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि दिया गया। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा अंग्रेजी हुकूमत द्वार 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जालियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दर्दनाक व कूरूर घटना है, बैसाखी के अवसर पर एक शान्ति पूर्ण सभा में जेनरल डायर द्वारा अंधाधुंध फायरिंग का आदेश दिया जिसे हजारों भारतीयो की हत्या कर दिया गया था।इस सभा में आजादी का सपना लिए लोग रालेट एक्ट के विरोध में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे थे। तभी अंग्रेजी अधिकारी जेनरल डायर के अपने सैनिकों को निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया।बाग के चारों ओर ऊंची दिवारें थी और बाहर निकलने का रास्ता संकरा था, जिससे लोग भाग नहीं सके।इस बर्बर हत्याकांड ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा दी,पूरे देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आक्रोश और तेज़ हो गया। यह घटना आज़ भी अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देती है। जालियांवाला बाग हत्याकांड अंग्रेजी हुकूमत के लिए कब्र खोदने काम किया, अंततः अंग्रेजो को भारत छोड़ भागना पड़ा। मौके पर झारखंड राज्य किसान कौंसिल सदस्य जयपाल सिंह मुंडा, उमेश महतो, सुरेंद्र बैठा, बिनोद साव, गुलाब सिंह मुंडा,बुद्धदेव महतो,भरत महतो,भादो लोहरा, लक्ष्मी नारायण सिंह, लक्ष्मण महतो,राखोहरी लोहरा, जनमेजय साव, गणेश महतो, रामदयाल मुंडा, विशेश्वर महतो, खुदीराम हजाम,माधो महतो आदि मौजूद थे।
- झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में राहे में जालियांवाला बाग शहादत दिवस सम्मान पूर्वक मनाया गया एवं जालियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि दिया गया। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा अंग्रेजी हुकूमत द्वार 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जालियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दर्दनाक व कूरूर घटना है, बैसाखी के अवसर पर एक शान्ति पूर्ण सभा में जेनरल डायर द्वारा अंधाधुंध फायरिंग का आदेश दिया जिसे हजारों भारतीयो की हत्या कर दिया गया था।इस सभा में आजादी का सपना लिए लोग रालेट एक्ट के विरोध में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे थे। तभी अंग्रेजी अधिकारी जेनरल डायर के अपने सैनिकों को निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया।बाग के चारों ओर ऊंची दिवारें थी और बाहर निकलने का रास्ता संकरा था, जिससे लोग भाग नहीं सके।इस बर्बर हत्याकांड ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा दी,पूरे देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आक्रोश और तेज़ हो गया। यह घटना आज़ भी अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देती है। जालियांवाला बाग हत्याकांड अंग्रेजी हुकूमत के लिए कब्र खोदने काम किया, अंततः अंग्रेजो को भारत छोड़ भागना पड़ा। मौके पर झारखंड राज्य किसान कौंसिल सदस्य जयपाल सिंह मुंडा, उमेश महतो, सुरेंद्र बैठा, बिनोद साव, गुलाब सिंह मुंडा,बुद्धदेव महतो,भरत महतो,भादो लोहरा, लक्ष्मी नारायण सिंह, लक्ष्मण महतो,राखोहरी लोहरा, जनमेजय साव, गणेश महतो, रामदयाल मुंडा, विशेश्वर महतो, खुदीराम हजाम,माधो महतो आदि मौजूद थे।1
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- Abhinandan Trust (सेवा ही पूजा है) 9031841344, 90318413881
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- Clean Ranchi, Green Ranchi”… नारे गूंजे, लेकिन तस्वीर कुछ और ही दिखी।1
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