Shuru
Apke Nagar Ki App…
नगर वासियों की सूचना पर कालवन गंज चौकी की पुलिस ने चोर को पकड़ा बांदा थाना कोतवाली नगर के अंतर्गत वार्ड नंबर ४ मोहल्ला छाबी तालाब में एक मुसलमान लड़का छाबी तालाब पहाड़ के ऊपर मिला तो नगर वासियों ने पड़कर कालवन गंज चौकी को सोपा अब देखना है क्या कार्रवाई होती है या पुलिस उसको छोड़ देती है
Amod Kumar
नगर वासियों की सूचना पर कालवन गंज चौकी की पुलिस ने चोर को पकड़ा बांदा थाना कोतवाली नगर के अंतर्गत वार्ड नंबर ४ मोहल्ला छाबी तालाब में एक मुसलमान लड़का छाबी तालाब पहाड़ के ऊपर मिला तो नगर वासियों ने पड़कर कालवन गंज चौकी को सोपा अब देखना है क्या कार्रवाई होती है या पुलिस उसको छोड़ देती है
- Raju ShivhareBaberu, Banda💣6 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बांदा: क्योंटरा क्षेत्र में रेलवे द्वारा दोहरी पटरी बिछाने के कार्य के चलते रेलवे अंडरब्रिज का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस अचानक बंदी से स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि लोग जान जोखिम में डालकर पटरी पार करते नजर आ रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खास बात यह है कि पास में स्कूल भी संचालित हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन ने अंडरब्रिज बंद तो कर दिया, लेकिन वैकल्पिक मार्ग या सुरक्षित आवागमन की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। इससे रोजाना आने-जाने वालों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और राहगीरों ने रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द कोई अस्थायी रास्ता, बैरिकेडिंग या सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।3
- जिलाधिकारी जे. रीभा ने केन-बेतवा लिंक परियोजना की मुख्य केन नहर का औचक निरीक्षण किया।1
- बांदा में महिला की गुहार: ससुरालियों पर घर में घुसकर मारपीट का गंभीर आरोप, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार। विरोध करने पर सड़क पर घसीटकर पीटा, भाई-बहन को भी नहीं बख्शा। अब सवाल—क्या मिलेगा इंसाफ? #Banda #UttarPradesh #CrimeNews #WomenSafety #JusticeForWomen #DomesticViolence #BreakingNews #UPPolice #LawAndOrder #NewsUpdate @bandapolice @Uppolice @ADGZonPrayagraj1
- *यातायात पुलिस ने चलाया वाहन चैकिंग अभियान* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बाँदा। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित कराने तथा सड़क सुरक्षा एवं आपराधिक/असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा बांदा शहर क्षेत्र में चारपहिया वाहनों में अवैध रूप से लगी काली फिल्म के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें चारपहिया वाहनों मे अवैध रुप से लगी काली फिल्मों को हटवाया गया और वाहन चालकों को काली फिल्म के दुष्परिणामों व कानून प्रावधानों के बारे में जानकारी देकर जागरुक किया गया साथ ही भविष्य में किसी भी निजी या व्यावसायिक वाहनों पर मनमाने ढंग से काली फिल्म का प्रयोग न करने के लिए कड़ी चेतावनी भी दी गई।यातायात पुलिस द्वारा बिना हेलमेट, सीट बेल्ट व दो पहिया वाहन पर तीन सवारी न ले जाने को लेकर सख्त चेतावनी दी गई।साथ ही साथ बताया गया कि यातायात नियमों का पालन करें, जनपद में यातायात व कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें। इस अभियान के दौरान कुल 270 वाहनो से करीब 02 लाख 70 हजार का चालान किया गया।2
- बांदा थाना कोतवाली नगर के अंतर्गत वार्ड नंबर ४ मोहल्ला छाबी तालाब में एक मुसलमान लड़का छाबी तालाब पहाड़ के ऊपर मिला तो नगर वासियों ने पड़कर कालवन गंज चौकी को सोपा अब देखना है क्या कार्रवाई होती है या पुलिस उसको छोड़ देती है1
- Post by Ashok singh veram27@gmail.com1
- मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा क्षेत्र में बीती शनिवार-रविवार की रात हुई तेज बारिश और रविवार दोपहर बाद आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले जहां बीते सप्ताह आई आंधी-बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ था, वहीं इस बार की बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के कई गांवों से ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद किसान नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा असर गेहूं, चना और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल तेज हवाओं और ओलों से झुक गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चना और सरसों की करीब 80 प्रतिशत, जबकि गेहूं की लगभग 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि जो गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, उसे हार्वेस्टर से काटना मुश्किल होगा। ऐसी फसल को अब मजदूरों के सहारे ही काटा जा सकेगा, जिससे लागत भी बढ़ेगी और समय भी लगेगा। जिन किसानों का चना और लाही (सरसों) अभी कटना बाकी है, उन्हें सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि कुछ किसानों को अभी भी उम्मीद है कि खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल सूखने के बाद कुछ हद तक दाना दे सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में बंधा की जमीन पर देर से बुवाई हुई थी, वहां फिलहाल नुकसान कम बताया जा रहा है। लेकिन किसानों का साफ कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों की पीड़ा किसानों का कहना है कि “जो फसल खेत में गिर गई है, वह हार्वेस्टर से नहीं उठेगी। मजदूरों से कटवानी पड़ेगी। चना और लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। गेहूं में पहले मामूली नुकसान था, लेकिन ओलावृष्टि के बाद अब नुकसान ज्यादा हो गया है।” ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष मौदहा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर गहरी चोट की है। रबी सीजन की तैयार खड़ी फसल पर आई इस प्राकृतिक मार ने गांव-गांव में चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं।6
- बांदा: तिंदवारी क्षेत्र में रविवार शाम हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की सालभर की मेहनत को पलभर में बर्बाद कर दिया। करीब एक दर्जन गांवों में खेतों में खड़ी पकी फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं। तिंदवारी और परसौडा इलाके में सड़कों और खेतों पर बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई, मानो पूरा इलाका शीतलहर की चपेट में आ गया हो। 🌾 सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, चना और सरसों की फसलों को किसानों का कहना है कि कटाई के लिए तैयार फसलें पूरी तरह जमीन पर गिर गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। 💬 किसानों का दर्द: “सालभर की मेहनत एक ही शाम में खत्म हो गई… अब परिवार कैसे चलेगा?” ⚠️ प्रशासन से बड़ी मांगें: प्रभावित गांवों का तुरंत सर्वे कराया जाए किसानों को मुआवजा (क्षतिपूर्ति) जल्द से जल्द दिया जाए जिन किसानों का फसल बीमा है, उन्हें बीमा क्लेम तुरंत पास किया जाए भविष्य में ऐसी आपदा से बचाव के लिए मजबूत योजना बनाई जाए 📢 जनता की अपील: सरकार और प्रशासन से मांग है कि इस प्राकृतिक आपदा को गंभीरता से लेते हुए किसानों को तुरंत राहत पहुंचाई जाए, ताकि उनका जीवन दोबारा पटरी पर आ सके। 👉 किसान ही देश की रीढ़ हैं — उनके हितों की रक्षा सबसे जरूरी है।1