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दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस वहां से उठाकर ले गई है। धरना स्थल से ले जाए जाने के बाद अब उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
Naresh Bajaj
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस वहां से उठाकर ले गई है। धरना स्थल से ले जाए जाने के बाद अब उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
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- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद में लगभग 12 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक नर्मदा टनल परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है। इस परियोजना के पूरा होने से विंध्य क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा और करीब 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने इसे विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक अद्भुत उदाहरण बताया है। इस टनल के जरिए नर्मदा का जल गंगा बेसिन की सोन नदी के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र में हरियाली और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट क्षेत्र सहित कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों में सिंचाई का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ कृषि आधारित व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है और कहा है कि इसका शुभारंभ जल्द ही किया जाएगा।1
- मैहर के अमरपाटन में भारत गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं के शोषण का मामला सामने आया है। यहाँ दोपहर 3 बजे से गैस वाहन खड़ा हुआ है, लेकिन शाम के 6 बज जाने के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडरों का वितरण नहीं किया गया। भारी बारिश के बीच उपभोक्ता घंटों से लाइन में खड़े होकर परेशान होने को मजबूर हैं, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। होम डिलीवरी की सुविधा न होने के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं को इस मौसम में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बदइंतजामी से परेशान लोगों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन भी इस पूरे मामले में पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं का शोषण धड़ल्ले से चल रहा है।2
- मध्य प्रदेश के मैहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वावधान में वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। घंटाघर चौराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस धरने का नेतृत्व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी ने किया। उन्होंने युवाओं के भविष्य से जुड़े परीक्षा तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए बेहद कठोर कदम उठाए जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता और पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में भीम आर्मी के कई प्रमुख सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें संजीत वर्मा, एडवोकेट प्रदीप सूर्यवंशी, दीपक प्रजापति, सतीश बुनकर, शिवेंद्र रघुवंशी, नागेंद्र चौधरी, धीरज साकेत, सुखेंद्र रवि, शिवम चौधरी, करण चौधरी, रोशनी दीपांकर, खुशी कोल, आकाश सूर्यवंशी, ऋतिक साकेत, दिनेश प्रजापति, रामकृष्ण प्रजापति एवं सतेंद्र प्रजापति शामिल थे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद रहे।2
- सोनम वांगचुक के मामले में न्याय की माँग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस संबंध में सीधे तौर पर पूछा गया है कि उन्हें आखिरकार कब तक न्याय मिलेगा। इसके साथ ही, सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए आक्रोश व्यक्त किया गया है और सवाल उठाया गया है कि सरकार की यह तानाशाही आखिर कब तक चलती रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत संदीपनी विद्यालय में एक विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मैहर पुलिस द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन की प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित रहीं। उनके साथ मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, जिला कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह ने अभियान की रूपरेखा और तीन वर्षीय कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध यह आंदोलन केवल पुलिस का नहीं बल्कि पूरे समाज का है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्होंने छात्रों से पहली बार में ही नशे को "ना" कहने की अपील की। जिला कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी ने छात्रों को सकारात्मक सोच अपनाने, अच्छे मित्रों का चयन करने और अच्छे संस्कारों को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया। वहीं, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने माता-पिता के संघर्षों का सम्मान करते हुए छात्रों से गलत संगति से दूर रहने की अपील की। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि नशा करना ही है, तो अपने सपनों, शिक्षा और मेहनत का करें। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और एक नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान, एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार जीतेन्द्र पटेल, रक्षित निरीक्षक नृपेन्द्र सिंह, यातायात प्रभारी विक्रम पाठक, निरीक्षक लक्ष्मी बागरी, प्रधान आरक्षक मुकेश द्विवेदी समेत सामाजिक न्याय विभाग व शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।4
- मैहर में स्थानीय विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी द्वारा नशा मुक्ति जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।1
- सतना में तिघरा बाईपास मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर लीपापोती कर दी गई है। इस मार्ग से अधिकारी हों या जनप्रतिनिधि, सभी गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक इस मार्ग का सुधार नहीं किया जा सका। सड़क की इस स्थिति पर लोक निर्माण विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से लगातार बचते आ रहे हैं, जबकि आम लोग सड़क पर हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस अजब-गजब सिस्टम के चलते लोग परेशान हैं।1
- मध्य प्रदेश में राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे के सौदागर आज भी पूरी तरह बेखौफ नजर आ रहे हैं। पूरे प्रदेश में चल रहे इस अभियान के बावजूद अवैध नशे का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। सरकारी नशे की दुकानों को अलग भी रख दिया जाए, तो हर शहर की गलियों में मौजूद चाय-पान की दुकानों, होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंटों पर अवैध नशीली सामग्री बेहद आसानी से उपलब्ध है। यहां बने दर्जनों अवैध काउंटरों पर शराब, गांजा, सूखा नशा और मेडिकल ड्रग्स की सरेआम अवैध बिक्री हो रही है, जिसे लोग मोहल्लों और सड़कों पर खुलेआम सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। ठोस और बड़ी जमीनी कार्रवाई के अभाव में यह सरकारी अभियान केवल 'फील गुड' का अहसास कराने तक ही सीमित रह गया है, जबकि अवैध नशे का धंधा करने वालों में कानून का कोई डर नहीं दिख रहा है।1