अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 21 जून को नरसिंहपुर में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) थीम के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योग साधिकाओं की एक जीवंत टोली ने एक समान 'गुलाबी परिधान' (साड़ी) धारण कर सामूहिक योग का प्रदर्शन किया, जिसे एक 'गुलाबी लहर' के रूप में देखा गया। यह 'गुलाबी लहर' न केवल शारीरिक अनुशासन का प्रतीक बनी, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी किया। कार्यक्रम के दौरान, इन साधिकाओं ने योग की कठिन मुद्राओं के साथ-साथ 'मंडाला' की अद्भुत और जटिल आकृतियां बनाकर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडाला को मानसिक एकाग्रता, शांति और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक माना जाता है, जो इस वर्ष की 'हेल्दी एजिंग' की योग थीम के साथ पूरी तरह मेल खाता दिखा। योग प्रशिक्षकों के अनुसार, मंडाला बनाना एक प्रकार की 'मेडिटेटिव आर्ट' है, जो मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शांति प्रदान करती है। वक्ताओं ने 'Yoga for Healthy Ageing' की थीम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र को गरिमापूर्ण और स्वस्थ बनाने की एक कला है। उन्होंने ज़ोर दिया कि योग के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक लचीलापन बना रहता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता भी मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संकल्प लिया कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएंगे।
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 21 जून को नरसिंहपुर में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) थीम के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योग साधिकाओं की एक जीवंत टोली ने एक समान 'गुलाबी परिधान' (साड़ी) धारण कर सामूहिक योग का प्रदर्शन किया, जिसे एक 'गुलाबी लहर' के रूप में देखा गया। यह 'गुलाबी लहर' न केवल शारीरिक अनुशासन का प्रतीक बनी, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी किया। कार्यक्रम के दौरान, इन साधिकाओं ने योग की कठिन मुद्राओं के साथ-साथ 'मंडाला' की अद्भुत और जटिल आकृतियां बनाकर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडाला को मानसिक एकाग्रता, शांति और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक माना जाता है, जो इस वर्ष की 'हेल्दी एजिंग' की योग थीम के साथ पूरी तरह मेल खाता दिखा। योग प्रशिक्षकों के अनुसार, मंडाला बनाना एक प्रकार की 'मेडिटेटिव आर्ट' है, जो मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शांति प्रदान करती है। वक्ताओं ने 'Yoga for Healthy Ageing' की थीम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र को गरिमापूर्ण और स्वस्थ बनाने की एक कला है। उन्होंने ज़ोर दिया कि योग के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक लचीलापन बना रहता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता भी मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संकल्प लिया कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएंगे।
- अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 21 जून को नरसिंहपुर में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) थीम के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योग साधिकाओं की एक जीवंत टोली ने एक समान 'गुलाबी परिधान' (साड़ी) धारण कर सामूहिक योग का प्रदर्शन किया, जिसे एक 'गुलाबी लहर' के रूप में देखा गया। यह 'गुलाबी लहर' न केवल शारीरिक अनुशासन का प्रतीक बनी, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी किया। कार्यक्रम के दौरान, इन साधिकाओं ने योग की कठिन मुद्राओं के साथ-साथ 'मंडाला' की अद्भुत और जटिल आकृतियां बनाकर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडाला को मानसिक एकाग्रता, शांति और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक माना जाता है, जो इस वर्ष की 'हेल्दी एजिंग' की योग थीम के साथ पूरी तरह मेल खाता दिखा। योग प्रशिक्षकों के अनुसार, मंडाला बनाना एक प्रकार की 'मेडिटेटिव आर्ट' है, जो मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शांति प्रदान करती है। वक्ताओं ने 'Yoga for Healthy Ageing' की थीम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र को गरिमापूर्ण और स्वस्थ बनाने की एक कला है। उन्होंने ज़ोर दिया कि योग के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक लचीलापन बना रहता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता भी मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संकल्प लिया कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएंगे।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करेली नगर के पी एम श्री कन्या शाला में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में पी एम श्री कन्या शाला, सांदीपनि स्कूल और करेली बस्ती हाई स्कूल ने संयुक्त रूप से योग दिवस मनाया।1
- EXPRESS MP CG NEWS द्वारा सुर्खियां प्रस्तुत की गई हैं।1
- Post by Jagtapal Yadav g1
- मध्य प्रदेश सरकार का कृषि विभाग और बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर, मिलकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 'जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम' चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसलों को अनिश्चित मौसम से बचाना है। इसी कड़ी में, नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव ब्लॉक स्थित ग्राम झांसी घाट में एक मिनी कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जो स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहा है। इस खरीफ सीजन में सेंटर द्वारा प्रदान किया जा रहा रेज्ड बेड प्लांटर (मेड़ बनाकर बुवाई करने वाली मशीन) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। क्षेत्र के कई किसान इस मशीन का उपयोग कर अपने खेतों में उठी हुई क्यारियों (बेड) पर मक्का और सोयाबीन की बुवाई कर रहे हैं, जिससे उनकी फसलें मौसम के जोखिमों से सुरक्षित रह सकें। ग्राम झांसी घाट के किसान श्री निशान सिंह राजा पटेल ने इस तकनीक से लगभग 20 एकड़ में बुवाई की है, और श्री योगेश जी जैसे अन्य किसान भी इस मशीन का लगातार लाभ उठा रहे हैं। बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर के तकनीकी विशेषज्ञ श्री दीपेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि संस्थान ने इस खरीफ सीजन में नरसिंहपुर जिले में इस आधुनिक मशीन से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में बुवाई करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़कर लाभ पहुंचाना और उनकी फसलों को मौसम की अनिश्चितता से बचाना है। कृषक श्री राजा पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस तकनीक को जलवायु अनुकूल खेती के लिए एक 'ब्रह्मास्त्र' बताया। उन्होंने इसके कई महत्वपूर्ण लाभ गिनाए, जैसे अत्यधिक बारिश की स्थिति में बेड के दोनों ओर बनी नालियों से पानी का आसानी से निकल जाना, जिससे पौधों की जड़ें गलने से बच जाती हैं। वहीं, कम बारिश होने पर इन्हीं नालियों में पानी रुकने से जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जो सूखे के दौरान फसल को जीवन प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, यह विधि खाद प्रबंधन और अन्य कृषि कार्यों को भी सुविधाजनक बनाती है, क्योंकि पौधों की कतारें व्यवस्थित रहती हैं। कस्टम हायरिंग सेंटर और BISA के तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से इस तकनीक का प्रसार गोटेगांव क्षेत्र के किसानों को कम लागत में सुरक्षित और आधुनिक खेती करने का एक उत्कृष्ट विकल्प प्रदान कर रहा है।3
- हमारे क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है, जहाँ ग्राम पंचायत थावरी भिलैया के एक नौजवान, अंकित प्रजापति, का अग्निवीर भर्ती परीक्षा में सफल चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल अंकित जी के लिए, बल्कि पूरे थावरी भिलैया गाँव, चिखली जमुनिया स्कूल और उनके परिवार के लिए गौरव का प्रतीक है, क्योंकि उन्होंने देश सेवा की राह चुनी है। अंकित प्रजापति ने अपनी हाई स्कूल की शिक्षा चिखली जमुनिया स्कूल से पूरी की, जहाँ वे अपनी मेहनती और अनुशासित प्रकृति के लिए जाने जाते थे। उनके इस चयन पर माता बंदना प्रजापति और पिता कैलाश प्रजापति ने उन्हें ढेर सारा आशीर्वाद दिया है, और इस खुशी के अवसर पर पूरा गाँव परिवार के साथ खड़ा है। अंकित की लगन और कड़ी मेहनत ने न केवल उनके माता-पिता का सिर गर्व से ऊँचा किया है, बल्कि पूरे गाँव और स्कूल का नाम भी रोशन किया है। अग्निवीर योजना, जो देश के युवाओं को सेना में सेवा करने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है, के तहत अंकित जैसे नौजवानों का चयन यह साबित करता है कि छोटे गाँवों से निकलकर भी युवा देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस शानदार उपलब्धि पर अंकित प्रजापति को बधाई देते हुए, पूरी टीम और क्षेत्र की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं। यह प्रार्थना भी की गई है कि वे अपनी ड्यूटी में हमेशा सिर ऊँचा रखें, अनुशासन बनाए रखें और देश की सेवा में कोई कसर न छोड़ें। उनकी यह सफलता परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके के युवाओं को प्रेरणा देगी कि मेहनत और समर्पण से हर सपना पूरा किया जा सकता है।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली नगर की प्रतिभाशाली छात्रा पलक सोनी को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती के करकमलों से दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया है। प्रेस परिषद के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद सोनी की सुपुत्री पलक सोनी को यह प्रतिष्ठित सम्मान एम.एससी. भौतिक शास्त्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला। यह सम्मान उनकी कड़ी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण का सीधा परिणाम है। जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक गरिमामय समारोह के दौरान पलक सोनी को ये पदक प्रदान किए गए। इस असाधारण उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे करेली नगर और नरसिंहपुर जिले को गौरवान्वित किया है। पलक की सफलता पर उनके परिवारजनों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने हार्दिक हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक और पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने भी पलक को बधाई दी है, और उनकी उपलब्धि को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया है। करेली की बेटी द्वारा प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान पूरे नगर के लिए गर्व का विषय है, और यह दर्शाता है कि दृढ़ संकल्प, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी व्यक्ति उच्चतम ऊंचाइयों को छू सकता है। इस उपलब्धि को लेकर पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बना हुआ है।1
- नरसिंहपुर में एक महिला के ऊपर पानी की टंकी गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।1