राजस्थान में बढ़ सकती हैं 70 विधानसभा सीटें, 280 विधायकों के बैठने के लिए सदन में हॉल बनेगा परिसीमन के बाद बढ़ेगी संख्या जयपुर। राजस्थान विधानसभा में 270 सीटें हो सकती हैं। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन में 70 सीटें बढ़ने का दावा किया है। इसके बाद कुल 270 विधानसभा सीट हो जाएंगी। विधानसभा स्पीकर ने कहा- जनगणना जल्द होने वाली है। विधानसभा में अभी 200 विधायक बैठते हैं। परिसीमन के बाद 70 नए विधायक भी जुड़ सकते हैं। देवनानी ने कहा- भविष्य की जरूरत देखते हुए 280 विधायकों के बैठने की क्षमता का हॉल सदन में तैयार करवाया जाएगा। उसका स्ट्रक्चर तैयार है परिसीमन से बदलेगा प्रदेश का सियासी नक्शा जनगणना के बाद विधानसभा सीटों का परिसीमन होता है तो इससे प्रदेश की सियासी तस्वीर बदलेगी। विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने से नए नेताओं को मौका मिलेगा। परिसीमन में कई सीटें एससी, एसटी के लिए आरक्षित होंगी। वहीं कई सीटें जनरल भी होंगी। कुछ विधानसभा क्षेत्र खत्म हो जाएंगे और नए विधानसभा क्षेत्र बनेंगे। एससी, एसटी के लिए ओपन कैटेगरी वाली सीटें आरक्षित होने से मौजूदा कई अनारक्षित वर्ग के नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र छिन जाएंगे। नई सीटें बनने से कई नेताओं के लिए विधायक बनने के मौके बनेंगे। परिसीमन के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद विधानसभा क्षेत्रों के इलाकों में बदलाव से लेकर संख्या बढ़ने पर फैसला होगा। विधायकों की संख्या बढ़ेगी, तब बढ़ेगी। लेकिन अभी युवा संसद, छात्र संसद सहित कई कार्यक्रम सदन में होते हैं। सदन में आईपैड लगे हैं। इन कार्यक्रमों बच्चे आते हैं। बाहर के लोग आते हैं, वे इन्हें खराब कर देते हैं। में जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अपनी किताब के विमोचन और 2 साल के अध्यक्ष के कामकाज के कार्यक्रम में देवनानी ने यह बात कही। स्पीकर के इस बयान के बाद परिसीमन से विधानसभा सीटों में होने वाली बढ़ोतरी और फेरबदल को लेकर सियासी चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल, राजस्थान में 1977 के बाद विधानसभा की सीटों की संख्या में बदलाव नहीं हुआ है। विधानसभा में संसद की तर्ज पर बनेगा सेंट्रल हॉल राजस्थान विधानसभा में सेंट्रल हॉल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। विधानसभा में संसद की तर्ज पर सेंट्रल हॉल बनाया जाएगा। इसमें सभी दलों के विधायक बैठकर चर्चा कर सकेंगे। सेंट्रल हॉल में चाय-नाश्ते और भोजन की व्यवस्था भी होगी। विधान परिषद के लिए बने हॉल को कराएंगे तैयार विधानसभा के मौजूदा सदन में 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। परिसीमन के बाद साल 2028 में चुनाव होंगे। अगर 70 विधायकों की संख्या बढ़ती है तो मौजूदा सदन छोटा पड़ेगा। अभी विधानसभा में विधान परिषद के लिए भी सदन का स्ट्रक्चर बनाया हुआ है। उसे तैयार करवाकर मौजूदा सदन जैसा बनाया जाएगा। विधायकों की संख्या बढ़ने पर सदन की जगह बदलकर इसे काम लिया जाएगा। राजस्थान में ऐसे बढ़ती गई विधानसभा सीटें राजस्थान में साल 1977 में आखिरी बार सीटों की संख्या बढ़कर 200 हुई थी। इसके बाद से राजस्थान में विधानसभा सीटें नहीं बढ़ी हैं। साल 1952 में पहले विधानसभा चुनाव में राजस्थान में 160 विधानसभा सीटें थीं। 1957 के चुनाव में 16 सीटें बढ़ीं और 167 विधानसभा क्षेत्र हो गए। 10 साल बाद साल 1967 के चुनाव में फिर सीटों की संख्या 8 बढ़कर 184 की गईं।
राजस्थान में बढ़ सकती हैं 70 विधानसभा सीटें, 280 विधायकों के बैठने के लिए सदन में हॉल बनेगा परिसीमन के बाद बढ़ेगी संख्या जयपुर। राजस्थान विधानसभा में 270 सीटें हो सकती हैं। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन में 70 सीटें बढ़ने का दावा किया है। इसके बाद कुल 270 विधानसभा सीट हो जाएंगी। विधानसभा स्पीकर ने कहा- जनगणना जल्द होने वाली है। विधानसभा में अभी 200 विधायक बैठते हैं। परिसीमन के बाद 70 नए विधायक भी जुड़ सकते हैं। देवनानी ने कहा- भविष्य की जरूरत देखते हुए 280 विधायकों के बैठने की क्षमता का हॉल सदन में तैयार करवाया जाएगा। उसका स्ट्रक्चर तैयार है परिसीमन से बदलेगा प्रदेश का सियासी नक्शा जनगणना के बाद विधानसभा सीटों का परिसीमन होता है तो इससे प्रदेश की सियासी तस्वीर बदलेगी। विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने से नए नेताओं को मौका मिलेगा। परिसीमन में कई सीटें एससी, एसटी के लिए आरक्षित होंगी। वहीं कई सीटें जनरल भी होंगी। कुछ विधानसभा क्षेत्र खत्म हो जाएंगे और नए विधानसभा क्षेत्र बनेंगे। एससी, एसटी के लिए ओपन कैटेगरी वाली सीटें आरक्षित होने से मौजूदा कई अनारक्षित वर्ग के नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र छिन जाएंगे। नई सीटें बनने से कई नेताओं के लिए विधायक बनने के मौके बनेंगे। परिसीमन के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद विधानसभा क्षेत्रों के इलाकों में बदलाव से लेकर संख्या बढ़ने पर फैसला होगा। विधायकों की संख्या बढ़ेगी, तब बढ़ेगी। लेकिन अभी युवा संसद, छात्र संसद सहित कई कार्यक्रम सदन में होते हैं। सदन में आईपैड लगे हैं। इन कार्यक्रमों बच्चे आते हैं। बाहर के लोग आते हैं, वे इन्हें खराब कर देते हैं। में जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अपनी किताब के विमोचन और 2 साल के अध्यक्ष के कामकाज के कार्यक्रम में देवनानी ने यह बात कही। स्पीकर के इस बयान के बाद परिसीमन से विधानसभा सीटों में होने वाली बढ़ोतरी और फेरबदल को लेकर सियासी चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल, राजस्थान में 1977 के बाद विधानसभा की सीटों की संख्या में बदलाव नहीं हुआ है। विधानसभा में संसद की तर्ज पर बनेगा सेंट्रल हॉल राजस्थान विधानसभा में सेंट्रल हॉल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। विधानसभा में संसद की तर्ज पर सेंट्रल हॉल बनाया जाएगा। इसमें सभी दलों के विधायक बैठकर चर्चा कर सकेंगे। सेंट्रल हॉल में चाय-नाश्ते और भोजन की व्यवस्था भी होगी। विधान परिषद के लिए बने हॉल को कराएंगे तैयार विधानसभा के मौजूदा सदन में 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। परिसीमन के बाद साल 2028 में चुनाव होंगे। अगर 70 विधायकों की संख्या बढ़ती है तो मौजूदा सदन छोटा पड़ेगा। अभी विधानसभा में विधान परिषद के लिए भी सदन का स्ट्रक्चर बनाया हुआ है। उसे तैयार करवाकर मौजूदा सदन जैसा बनाया जाएगा। विधायकों की संख्या बढ़ने पर सदन की जगह बदलकर इसे काम लिया जाएगा। राजस्थान में ऐसे बढ़ती गई विधानसभा सीटें राजस्थान में साल 1977 में आखिरी बार सीटों की संख्या बढ़कर 200 हुई थी। इसके बाद से राजस्थान में विधानसभा सीटें नहीं बढ़ी हैं। साल 1952 में पहले विधानसभा चुनाव में राजस्थान में 160 विधानसभा सीटें थीं। 1957 के चुनाव में 16 सीटें बढ़ीं और 167 विधानसभा क्षेत्र हो गए। 10 साल बाद साल 1967 के चुनाव में फिर सीटों की संख्या 8 बढ़कर 184 की गईं।
- उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत घासा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल व सहायक पुलिस अधीक्षक मावली आशिमा वासवानी के सुपरविजन में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके पास से अवैध अफीम बरामद की है। घासा थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा रख्यावल में नाकाबंदी की गई।1
- Post by सुनील कुमार खटीक1
- चिकारड़ा- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135 वी जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए देवनारायण खटीक ने बताया कि 14 अप्रैल के मौके पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 135वी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन कर बाबा साहब का सम्मान आदर करते हुए उन्हें इस अवसर पर फूलमालाओं से सरोबार किया गया। वही जय घोष के साथ उनके सम्मान में नारे लगाए गए । आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में प्रशासक रोड़ी लाल खटीक थे। महात्मा ज्योतिबा फुले विकास संस्थान चिकारड़ा के अध्यक्ष किशनलाल खटीक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहब के दिखाएं मार्ग पर चलने का आह्वान किया। आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति के इर्द गिर्द खड़े होकर फोटो लेने का क्रेज बना रहा। कई बालक बालिकाओं ने बाबा साहब अंबेडकर के साथ सेल्फी लेकर इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में प्रहलाद जटिया, नेतराम चावरिया ,लक्ष्मी लाल मेघवाल ,सुरेश चावरिया, कालू चावरिया ,पुष्कर जटिया पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रत्याशी ,देवनारायण खटीक, शिवराज चावरिया, दिनेश चावरिया उपस्थित थे । देवनारायण खटीक ने बताया कि बाबा साहब स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री बने। वही संविधान निर्माण कमेटी के सदस्य भी रहे। उनके द्वारा समाज उत्थान को प्राथमिकता दी गई।2
- 🌹*डा. बी. आर. अम्बेडकर महोत्सव समिति चित्तौड़गढ़ द्वारा आयोजित बाबा साहेब अम्बेडकर जन्मोत्सव ( 135वां ) कार्यक्रम पर देखे लघु फिल्म रुप में एपिसोड / वीडियो --* 🔹 *पार्ट - 1 में अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण.... कार्यक्रम के अंश ।* -------------------------------------- ■ रिपोर्ट सम्पादन - लक्ष्मी नारायण परमार चित्तौड़ द्वारा संकलित दिनांक 14/04/2026 एवं आज प्रसारण । धन्यवाद । 🔹 *जय भीम* 🔹🙏🙏1
- 🌷✨️SRI ✨️🙏🏻HARI OM 🕉 SRI LAKSHMINATH ♥️ BHAGVAN SIV SANKAR ✨️🌹JI VASAKRAJ MAHARAJ ✨️🌹🌷🌹🌷🌹✨️GOVIND SAWARIYA SETH JI 🌺 🙏🏽 AAPKI JAY ♥️ HO SDA SARVDA 🌷🌹AAP HI AAP HO 🌷🙏🏽🙏🏻🌹DAYA KARO 🌺🙏🏻🌺 KSHAMA KARO 🌷🌹🙏🌹🌷KRIPA KARO 🙏🏻🌺🙏🌷🌹RAKSHA KARO 🌹🌷🌺🙌🌺🌹SAD BUDDHI DEVO🌷🌹🙏🏻🙌🙏🏻♥️HARI OM OM NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI OM 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🌹 OM OM NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI OM 🕉 🌹 🙏🏽 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🌹 OM ♥️ 🙏🏽 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🌹 🌷 🙏🏽 OM ♥️ 🙏🏽 🕉 SIVAY NAMAH HARI OM 🕉 SIVAY NAMAH 🌷🌹🌺🙌🌺🌺🌺🌺🌹🌷♥️✨️⚘️⚘️🔥🔥🔥🔥🔥🔥1
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ1
- चित्तौड़गढ़, 14 अप्रैल। आस्था, साहस और जुनून का अनोखा संगम इन दिनों देखने को मिल रहा है, जहाँ बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी स्केटर इन्द्रजीत स्केटिंग करते हुए 12 ज्योतिर्लिंग एवं चार धाम की कठिन यात्रा पर निकले हुए हैं। अब तक वे करीब 1600 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुके हैं और अपनी इस अनोखी यात्रा से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। इन्द्रजीत ने अब तक 10 ज्योतिर्लिंग एवं 3 धाम के दर्शन पूर्ण कर लिए हैं तथा 11 राज्यों का भ्रमण कर चुके हैं। वर्तमान में वे अपने 12वें राज्य में प्रवेश कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने श्री सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और इसके बाद खाटू श्याम जी मंदिर के दर्शन के लिए प्रस्थान किया। उनकी यह अनूठी यात्रा जब रिठोला चौराहे पर पहुँची, तो स्थानीय ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। रिठोला निवासी जयपाल ओड़, अम्बेश ओड़, नवलसिंह सहित अन्य ग्रामवासियों ने पुष्पमालाओं से उनका अभिनंदन कर उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने बताया कि इन्द्रजीत की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा भी है कि दृढ़ संकल्प और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। स्केटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण माध्यम से इतनी लंबी धार्मिक यात्रा करना अपने आप में अद्वितीय है। इन्द्रजीत का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन करना है, बल्कि लोगों में सकारात्मक ऊर्जा, फिटनेस और आध्यात्मिकता का संदेश देना भी है। उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है और लोग उनके साहस व संकल्प को नमन कर रहे हैं।1
- उदयपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लोणदा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक 45 वर्षीय महिला की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान गीता देवी पत्नी देवीलाल मीणा निवासी लोणदा के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, गीता देवी सुबह घर के पास स्थित तालाब पर अपनी बकरियों को नहलाने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका पांव फिसल गया और वे गहरे पानी में समा गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग उदयपुर के उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने तुरंत एक जिला स्पेशल टीम का गठन कर मौके पर रवाना किया। बुधवार को टीम ने तालाब में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोरों की टीम ने मात्र आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाल लिया। विभाग ने शव को कल्याणपुर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम के गोताखोर विपुल चौधरी, नरेश चौधरी, सचिन कंडारा, विजय नकवाल, भवानी शंकर वाल्मीकि, नरेंद्र सिंह झाला, वाहन चालक प्रकाश राठौड़, बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया, प्रशिक्षु जवान गजेंद्र, अनिल और पीयूष मौजूद रहे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1