मध्यप्रदेश के सतना शहर, जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहाँ हुई पहली बारिश ने ही विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। गहरा नाला से नई बस्ती जाने वाली सड़क पर भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई और लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस स्थिति के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बारिश में इस मार्ग पर ऐसी ही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब भी प्रमुख मार्गों पर जलभराव जैसी समस्या क्यों बनी हुई है। शहर के लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सड़क की स्थिति में सुधार करने की मांग की है।
मध्यप्रदेश के सतना शहर, जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहाँ हुई पहली बारिश ने ही विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। गहरा नाला से नई बस्ती जाने वाली सड़क पर भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई और लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस स्थिति के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बारिश में इस मार्ग पर ऐसी ही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब भी प्रमुख मार्गों पर जलभराव जैसी समस्या क्यों बनी हुई है। शहर के लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सड़क की स्थिति में सुधार करने की मांग की है।
- रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने मैहर में आयोजित जन चौपाल के दौरान आमजन से सीधी अपील की है कि वे किसी भी समस्या, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना बिना किसी संकोच के चिट्ठी, मैसेज या फोन के माध्यम से पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करेगी और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। आईजी राजपूत ने इस अवसर पर कहा कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि "समाज को पुलिस वैसी ही मिलती है, जैसा समाज चाहता है।" उन्होंने जोर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए जनता की सहभागिता एवं समय पर सूचना देना अनिवार्य है। जन चौपाल में आईजी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और त्वरित ढंग से निराकरण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और जनता के बीच जितना अधिक विश्वास और संवाद होगा, समाज उतना ही अधिक सुरक्षित और अपराधमुक्त बनेगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित हुए और उन्होंने अपनी शिकायतें व सुझाव पुलिस अधिकारियों के सामने रखे, जिस पर आईजी ने त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा लोगों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाना है।1
- मैहर में माँ शारदा देवी के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को पार्किंग ठेकेदार की ओर से जबरन वसूली और अभद्रता का सामना करना पड़ा। इस घटना से आक्रोशित होकर श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया है कि वे दोबारा कभी मैहर नहीं आएंगे।1
- रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने मैहर में आयोजित जन चौपाल के दौरान आमजन से सीधा संवाद करते हुए अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी होने पर लोग बिना किसी संकोच के चिट्ठी, मैसेज या फोन के माध्यम से पुलिस तक सूचना पहुंचाएं। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेगी, तत्काल कार्रवाई करेगी और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। आईजी गौरव राजपूत ने इस अवसर पर महत्वपूर्ण बात कहते हुए कहा कि "समाज को पुलिस वैसी ही मिलती है, जैसा समाज चाहता है।" उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जनता की सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया और कहा कि यदि नागरिक पुलिस का सहयोग करेंगे और समय पर सूचना देंगे, तो अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। जन चौपाल में आईजी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और त्वरित ढंग से निराकरण किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद जितना मजबूत होगा, समाज उतना ही सुरक्षित और अपराधमुक्त बनेगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी समस्याएं एवं सुझाव पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखे। आईजी ने सभी शिकायतों के त्वरित निराकरण का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जन चौपाल का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा लोगों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाना है।1
- मैहर जिला प्रशासन ने आज, 1 जुलाई से, शहर में पॉलिथीन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने ‘क्लीन मैहर, ग्रीन मैहर’ नामक एक विशेष मुहिम छेड़ी है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर को पूर्णतः पॉलिथीन मुक्त बनाना है। इस प्रतिबंध के तहत आज से पॉलिथीन के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने मैहर के लोगों से इस पहल में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बाजार जाते समय अपने घर से थैला लेकर निकलें, खुद पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी दुकानदार पॉलिथीन का विक्रय या स्टॉक करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आज से प्रशासनिक टीमें दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में गोपनीय तरीके से जांच करेंगी। पॉलिथीन मिलने पर संबंधितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश में 250 से अधिक पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें से 40 से अधिक को 'अति खतरनाक' सूची में शामिल किया गया है। इन क्षतिग्रस्त ढाँचों में 2021 में रीवा में बना एक फ्लाई ओवर और 2024 में छतरपुर की धसान नदी पर बना एक उच्च स्तरीय पुल भी शामिल हैं। इन घटनाओं को 'बड़े सरकार की भ्रष्टाचार' और 'भ्रष्टाचारी होने' के 'जीवंत उदाहरण' के रूप में प्रस्तुत किया गया है। नगर कांग्रेस मैहर के अध्यक्ष एड. प्रभात द्विवेदी ने इस स्थिति पर मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि ये विभाग 'गैर जिम्मेदार' और 'अति लापरवाह' हो चुके हैं, और 'आम नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़' कर रहे हैं।1
- मैहर में आयोजित जन चौपाल के दौरान रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने आमजन से सीधा संवाद करते हुए उनसे अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी बिना संकोच के पुलिस तक पहुंचाएं। आईजी ने स्पष्ट किया कि नागरिक चिट्ठी, मैसेज या फोन के माध्यम से पुलिस को सूचना दे सकते हैं, जिस पर पुलिस प्रत्येक जानकारी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करेगी और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। आईजी गौरव राजपूत ने इस दौरान कहा कि "समाज को पुलिस वैसी ही मिलती है, जैसा समाज चाहता है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जनता की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, यदि नागरिक पुलिस का सहयोग करेंगे और समय पर सूचना देंगे, तो अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने समाज और पुलिस के बीच भरोसे को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। जन चौपाल में आईजी ने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और त्वरित ढंग से निराकरण करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। आईजी ने सभी शिकायतों के त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा लोगों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाना है।1
- मध्यप्रदेश के सतना शहर, जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहाँ हुई पहली बारिश ने ही विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। गहरा नाला से नई बस्ती जाने वाली सड़क पर भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई और लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस स्थिति के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बारिश में इस मार्ग पर ऐसी ही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब भी प्रमुख मार्गों पर जलभराव जैसी समस्या क्यों बनी हुई है। शहर के लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सड़क की स्थिति में सुधार करने की मांग की है।1