मैहर जिला प्रशासन ने आज, 1 जुलाई से, शहर में पॉलिथीन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने ‘क्लीन मैहर, ग्रीन मैहर’ नामक एक विशेष मुहिम छेड़ी है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर को पूर्णतः पॉलिथीन मुक्त बनाना है। इस प्रतिबंध के तहत आज से पॉलिथीन के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने मैहर के लोगों से इस पहल में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बाजार जाते समय अपने घर से थैला लेकर निकलें, खुद पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी दुकानदार पॉलिथीन का विक्रय या स्टॉक करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आज से प्रशासनिक टीमें दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में गोपनीय तरीके से जांच करेंगी। पॉलिथीन मिलने पर संबंधितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मैहर जिला प्रशासन ने आज, 1 जुलाई से, शहर में पॉलिथीन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने ‘क्लीन मैहर, ग्रीन मैहर’ नामक एक विशेष मुहिम छेड़ी है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर को पूर्णतः पॉलिथीन मुक्त बनाना है। इस प्रतिबंध के तहत आज से पॉलिथीन के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने मैहर के लोगों से इस पहल में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बाजार जाते समय अपने घर से थैला लेकर निकलें, खुद पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी दुकानदार पॉलिथीन का विक्रय या स्टॉक करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आज से प्रशासनिक टीमें दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में गोपनीय तरीके से जांच करेंगी। पॉलिथीन मिलने पर संबंधितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- मैहर जिला प्रशासन ने आज, 1 जुलाई से, शहर में पॉलिथीन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने ‘क्लीन मैहर, ग्रीन मैहर’ नामक एक विशेष मुहिम छेड़ी है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर को पूर्णतः पॉलिथीन मुक्त बनाना है। इस प्रतिबंध के तहत आज से पॉलिथीन के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने मैहर के लोगों से इस पहल में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बाजार जाते समय अपने घर से थैला लेकर निकलें, खुद पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी दुकानदार पॉलिथीन का विक्रय या स्टॉक करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आज से प्रशासनिक टीमें दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में गोपनीय तरीके से जांच करेंगी। पॉलिथीन मिलने पर संबंधितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश में 250 से अधिक पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें से 40 से अधिक को 'अति खतरनाक' सूची में शामिल किया गया है। इन क्षतिग्रस्त ढाँचों में 2021 में रीवा में बना एक फ्लाई ओवर और 2024 में छतरपुर की धसान नदी पर बना एक उच्च स्तरीय पुल भी शामिल हैं। इन घटनाओं को 'बड़े सरकार की भ्रष्टाचार' और 'भ्रष्टाचारी होने' के 'जीवंत उदाहरण' के रूप में प्रस्तुत किया गया है। नगर कांग्रेस मैहर के अध्यक्ष एड. प्रभात द्विवेदी ने इस स्थिति पर मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि ये विभाग 'गैर जिम्मेदार' और 'अति लापरवाह' हो चुके हैं, और 'आम नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़' कर रहे हैं।1
- मैहर में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ स्वर्णकार विकास समिति के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्री देवदत्त सोनी के प्रथम आगमन पर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। समाज के कार्यकर्ताओं और स्वर्णकार समाज के बंधुओं ने जगह-जगह फूल-मालाओं, आत्मीय अभिनंदन और उत्साहपूर्ण तरीके से श्री सोनी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने नए नेतृत्व पर अपना विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया, जिससे समाज की एकजुटता परिलक्षित हुई। श्री देवदत्त सोनी ने सभी कार्यकर्ताओं और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज की एकता, सम्मान, संगठन की मजबूती और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ कार्य करना है। उन्होंने युवाओं को संगठन से जोड़ने, समाज के हितों की रक्षा करने तथा सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करने का भी विश्वास दिलाया।1
- आज बुधवार, दिनांक 01/07/2026 को जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के प्रातःकालीन श्रृंगार के अद्भुत दर्शन हुए हैं। यह श्रृंगार अत्यंत मनमोहक और अलौकिक था। जय हो माई की।2
- सतना जिले के पिथौराबाद पोड़ी क्षेत्र में शराब दुकान के विरोध में स्थानीय जनआक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दुकान हटाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। करीब 15 दिन पहले प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर यह चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, तय समय बीत जाने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस निष्क्रियता के बाद जनपद सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं और शराब दुकान हटाने की मांग अब और भी तेज हो गई है।1
- मैहर में आयोजित जन चौपाल के दौरान रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने आमजन से सीधा संवाद करते हुए उनसे अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी बिना संकोच के पुलिस तक पहुंचाएं। आईजी ने स्पष्ट किया कि नागरिक चिट्ठी, मैसेज या फोन के माध्यम से पुलिस को सूचना दे सकते हैं, जिस पर पुलिस प्रत्येक जानकारी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करेगी और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। आईजी गौरव राजपूत ने इस दौरान कहा कि "समाज को पुलिस वैसी ही मिलती है, जैसा समाज चाहता है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जनता की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, यदि नागरिक पुलिस का सहयोग करेंगे और समय पर सूचना देंगे, तो अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने समाज और पुलिस के बीच भरोसे को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। जन चौपाल में आईजी ने पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और त्वरित ढंग से निराकरण करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। आईजी ने सभी शिकायतों के त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा लोगों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाना है।1
- मध्यप्रदेश के सतना शहर, जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहाँ हुई पहली बारिश ने ही विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। गहरा नाला से नई बस्ती जाने वाली सड़क पर भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई और लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस स्थिति के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बारिश में इस मार्ग पर ऐसी ही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब भी प्रमुख मार्गों पर जलभराव जैसी समस्या क्यों बनी हुई है। शहर के लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सड़क की स्थिति में सुधार करने की मांग की है।1