प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र की योजना-3 कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 11 बजे दिनदहाड़े एक हिस्ट्रीशीटर ने काली स्कॉर्पियो से आकर असलहा लहराते हुए फायरिंग कर दी, जिससे पूरे बाजार में दहशत फैल गई। टेलीफोन एक्सचेंज के सामने हुई इस वारदात के बाद गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदारों ने तुरंत अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही हिस्ट्रीशीटर असलहा लहराते हुए वहां से फरार हो चुका था। पीड़ित पवन कुमार उर्फ पर्वत गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि वह सुबह 11:10 बजे रचित मेडिकल स्टोर दवा लेने जा रहे थे। तिरंगा चौराहे पर पहुंचते ही मानवेंद्र सिंह उर्फ जेलर सिंह, जो सरायइनायत थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव का निवासी है, अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो से आया। इस वाहन से मानवेंद्र के साथ सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस और दो अज्ञात लोग उतरे, जबकि गाड़ी चला रहा शख्स भीतर ही बैठा रहा। पीड़ित का आरोप है कि उसे देखते ही चारों ने मारना-पीटना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए वह अपने घर की तरफ भागा, तभी मानवेंद्र उर्फ जेलर सिंह ने पिस्टल निकालकर दो फायर किए, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। पवन कुमार ने थाने पहुंचकर तहरीर दी और पुलिस पूछताछ में बताया कि कुछ दिनों पहले भी हिस्ट्रीशीटर ने उसे मारा-पीटा था और छिनैती भी की थी। इसी रंजिश के चलते मानवेंद्र उर्फ जेलर सिंह ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने हिस्ट्रीशीटर पर पहले भी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया है, जिसे इस घटना का कारण बताया जा रहा है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी जेलर उर्फ मानवेंद्र सरायइनायत का रहने वाला है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर दो नामजद समेत कुल पांच लोगों पर हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र की योजना-3 कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 11 बजे दिनदहाड़े एक हिस्ट्रीशीटर ने काली स्कॉर्पियो से आकर असलहा लहराते हुए फायरिंग कर दी, जिससे पूरे बाजार में दहशत फैल गई। टेलीफोन एक्सचेंज के सामने हुई इस वारदात के बाद गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदारों ने तुरंत अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही हिस्ट्रीशीटर असलहा लहराते हुए वहां से फरार हो चुका था। पीड़ित पवन कुमार उर्फ पर्वत गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि वह सुबह 11:10 बजे रचित मेडिकल स्टोर दवा लेने जा रहे थे। तिरंगा चौराहे पर पहुंचते ही मानवेंद्र सिंह उर्फ जेलर सिंह, जो सरायइनायत थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव का निवासी है, अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो से आया। इस वाहन से मानवेंद्र के साथ सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस और दो अज्ञात लोग उतरे, जबकि गाड़ी चला रहा शख्स भीतर ही बैठा रहा। पीड़ित का आरोप है कि उसे देखते ही चारों ने मारना-पीटना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए वह अपने घर की तरफ भागा, तभी मानवेंद्र उर्फ जेलर सिंह ने पिस्टल निकालकर दो फायर किए, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। पवन कुमार ने थाने पहुंचकर तहरीर दी और पुलिस पूछताछ में बताया कि कुछ दिनों पहले भी हिस्ट्रीशीटर ने उसे मारा-पीटा था और छिनैती भी की थी। इसी रंजिश के चलते मानवेंद्र उर्फ जेलर सिंह ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने हिस्ट्रीशीटर पर पहले भी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया है, जिसे इस घटना का कारण बताया जा रहा है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी जेलर उर्फ मानवेंद्र सरायइनायत का रहने वाला है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर दो नामजद समेत कुल पांच लोगों पर हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
- प्रयागराज में रितेश श्रीवास्तव द्वारा चलाया जा रहा धरना अब समाप्त हो गया है। इस धरने को लेकर शुरुआत से ही इसके उद्देश्य पर सवाल उठाए जा रहे थे। कई लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल अव्यवस्था फैलाने और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक प्रयास मात्र था। इस संबंध में पहले भी कई खबरों में ऐसी बातें कही गई थीं। अब लोगों को यह बात भी स्पष्ट रूप से समझ में आ रही है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रिय संज्ञान क्यों नहीं लिया। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि वे इस धरने के पीछे की पूरी रणनीति से भली-भांति परिचित थे।1
- एक चर्चा के बाद सरकार के संभावित फैसले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। इस बात पर विचार किया जा रहा है कि क्या सरकार अपना मौजूदा रुख बदलेगी, जिसके परिणाम का सभी को इंतजार है।1
- रविवार सुबह बस्ती शहर के रौतापार मोहल्ले में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से हड़कंप मच गया। एक चार पहिया वाहन से पहुंचे तीन बदमाशों ने एक मकान के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे पूरा इलाका दहल उठा और लोग दहशत में अपने घरों में दुबक गए। शहर के बीचोंबीच हुई इस वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। सीओ सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गोली चलाने वाले युवकों की पहचान कर ली गई है, और एसपी के निर्देश पर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित औता में ब्लॉक प्रमुख उरुवा श्रीमती आरती पप्पू गौतम के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम की अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने इस अवसर पर शुकदेव महाराज, राजा परीक्षित और भक्त मार्कण्डेय के प्रेरक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और भक्ति का संदेश दिया। कथा से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन तथा व्यासपीठ का वंदन किया गया। इसके उपरांत भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरा कथा स्थल 'हर-हर महादेव' और 'जय श्रीकृष्ण' के जयघोष से गूंज उठा। पंडित गौरांगी गौरी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने शुकदेव महाराज के ज्ञान एवं वैराग्य का वर्णन करते हुए राजा परीक्षित को जीवन के अंतिम सत्य और मोक्ष का मार्ग दिखाने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने विनम्रता, बड़ों के सम्मान और शास्त्रों के अनुसार प्रणाम करने से आयु, विद्या व बल की वृद्धि तथा जीवन में सकारात्मकता आने पर भी जोर दिया। भक्त मार्कण्डेय का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और भगवान शिव में अटूट विश्वास रखने वालों की रक्षा स्वयं महादेव करते हैं, जिससे अल्प आयु के मार्कण्डेय को शिव कृपा से चिरायु का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। कथा संपन्न होने के बाद कैबिनेट मंत्री संजय निषाद कथा स्थल पर पहुंचे और कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और उन्होंने आयोजन की सराहना की। इस आयोजन के मुख्य यजमान श्रीमती कान्ती देवी एवं हीरा प्रसाद गौतम रहे, जबकि भोला गौतम, रज्जन गौतम सहित परिवार के अन्य सदस्य एवं कार्यकर्ता आगंतुक श्रद्धालुओं की सेवा व्यवस्था में सक्रिय रूप से जुटे रहे।1
- प्रयागराज में अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव द्वारा चलाया जा रहा आमरण अनशन आज समाप्त हो गया। इस अनशन के उद्देश्य को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, जहाँ कई लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल अव्यवस्था फैलाने और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक प्रयास था। इस संबंध में पहले भी खबरों के माध्यम से यह बात कही गई थी। अब लोगों को यह भी समझ में आ रहा है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रिय संज्ञान क्यों नहीं लिया, क्योंकि वे इसके पीछे की पूरी रणनीति से भली-भांति परिचित थे।1
- प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र की योजना-3 कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब 11 बजे दिनदहाड़े एक हिस्ट्रीशीटर ने काली स्कॉर्पियो से आकर असलहा लहराते हुए फायरिंग कर दी, जिससे पूरे बाजार में दहशत फैल गई। टेलीफोन एक्सचेंज के सामने हुई इस वारदात के बाद गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदारों ने तुरंत अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही हिस्ट्रीशीटर असलहा लहराते हुए वहां से फरार हो चुका था। पीड़ित पवन कुमार उर्फ पर्वत गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि वह सुबह 11:10 बजे रचित मेडिकल स्टोर दवा लेने जा रहे थे। तिरंगा चौराहे पर पहुंचते ही मानवेंद्र सिंह उर्फ जेलर सिंह, जो सरायइनायत थाना क्षेत्र के कतवारूपुर गांव का निवासी है, अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो से आया। इस वाहन से मानवेंद्र के साथ सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस और दो अज्ञात लोग उतरे, जबकि गाड़ी चला रहा शख्स भीतर ही बैठा रहा। पीड़ित का आरोप है कि उसे देखते ही चारों ने मारना-पीटना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए वह अपने घर की तरफ भागा, तभी मानवेंद्र उर्फ जेलर सिंह ने पिस्टल निकालकर दो फायर किए, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। पवन कुमार ने थाने पहुंचकर तहरीर दी और पुलिस पूछताछ में बताया कि कुछ दिनों पहले भी हिस्ट्रीशीटर ने उसे मारा-पीटा था और छिनैती भी की थी। इसी रंजिश के चलते मानवेंद्र उर्फ जेलर सिंह ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने हिस्ट्रीशीटर पर पहले भी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया है, जिसे इस घटना का कारण बताया जा रहा है। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी जेलर उर्फ मानवेंद्र सरायइनायत का रहने वाला है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर दो नामजद समेत कुल पांच लोगों पर हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।1