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सुल्तानपुर में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह ने सैकड़ों गुं*डों के साथ सुरेश यादव के घर में घुसकर हमला किया सुरेश यादव के परिवार के 6 सदस्य गंभीर रूप से घायल है जिन्हें लखनऊ रेफर किया गया है, पूरा गांव दहशत में !

2 hrs ago
user_Rakesh Rawat
Rakesh Rawat
गौरीगंज, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

सुल्तानपुर में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह ने सैकड़ों गुं*डों के साथ सुरेश यादव के घर में घुसकर हमला किया सुरेश यादव के परिवार के 6 सदस्य गंभीर रूप से घायल है जिन्हें लखनऊ रेफर किया गया है, पूरा गांव दहशत में !

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  • भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति, अमेठी में बुद्धिजीवियों ने दिया ज्ञापन अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। अमित तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति, अमेठी में बुद्धिजीवियों ने दिया ज्ञापन
अमेठी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। अमित तहसील क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में  अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है।
दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 
इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील में  क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में  अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है।
दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 
इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_Madusoodan
    Madusoodan
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by Dharm Raj
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    Post by Dharm Raj
    user_Dharm Raj
    Dharm Raj
    Hotel Amethi, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • अमेठी। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं महानिदेशक आयुष विभाग उत्तर प्रदेश श्रीमती चैत्रा वी. की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शासन के विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सरवणन टी, मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी ने विभागवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंच सके। उन्होंने विशेष रूप से उन विभागों पर ध्यान देने के निर्देश दिए जिनकी योजनाओं की रैंकिंग सी और डी श्रेणी में है। नोडल अधिकारी ने कहा कि ऐसे विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज करें और आगामी समीक्षा में बेहतर परिणाम प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे। समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी ने यूपी नेडा के अंतर्गत सोलर रूफटॉप योजना, उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाएं, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, खराब ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन, लाइन लॉस से जुड़े प्रकरणों तथा विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना, कृषि विभाग, दुग्ध विकास, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, पंचायतीराज, प्रधानमंत्री आवास योजना, पर्यटन, बेसिक शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पशुपालन, मत्स्य विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति का भी गहन मूल्यांकन किया। नोडल अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचे। इसके लिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जमीनी स्तर पर कार्यों का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही कहा कि आगामी जनपद भ्रमण के दौरान योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा, इसलिए सभी विभाग अपने कार्यों को तय मानकों के अनुरूप पूरा करें। बैठक के उपरांत नोडल अधिकारी ने जिला कारागार और पुलिस लाइन का स्थलीय निरीक्षण भी किया। पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीवरेज व्यवस्था, विद्युतीकरण, ड्रेनेज सिस्टम आदि की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को शेष कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद नोडल अधिकारी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारागार के मॉडल का अवलोकन किया तथा बैरक, रेजिडेंशियल परिसर, हाई सिक्योरिटी टावर, किचन, पाठशाला, वाच टावर और गोदाम सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी वीर भानु सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    अमेठी। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं महानिदेशक आयुष विभाग उत्तर प्रदेश श्रीमती चैत्रा वी. की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शासन के विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सरवणन टी, मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी ने विभागवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंच सके। उन्होंने विशेष रूप से उन विभागों पर ध्यान देने के निर्देश दिए जिनकी योजनाओं की रैंकिंग सी और डी श्रेणी में है। नोडल अधिकारी ने कहा कि ऐसे विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज करें और आगामी समीक्षा में बेहतर परिणाम प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे। समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी ने यूपी नेडा के अंतर्गत सोलर रूफटॉप योजना, उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाएं, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, खराब ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन, लाइन लॉस से जुड़े प्रकरणों तथा विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना, कृषि विभाग, दुग्ध विकास, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, पंचायतीराज, प्रधानमंत्री आवास योजना, पर्यटन, बेसिक शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पशुपालन, मत्स्य विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति का भी गहन मूल्यांकन किया। नोडल अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचे। इसके लिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जमीनी स्तर पर कार्यों का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही कहा कि आगामी जनपद भ्रमण के दौरान योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा, इसलिए सभी विभाग अपने कार्यों को तय मानकों के अनुरूप पूरा करें। बैठक के उपरांत नोडल अधिकारी ने जिला कारागार और पुलिस लाइन का स्थलीय निरीक्षण भी किया। पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीवरेज व्यवस्था, विद्युतीकरण, ड्रेनेज सिस्टम आदि की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को शेष कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद नोडल अधिकारी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारागार के मॉडल का अवलोकन किया तथा बैरक, रेजिडेंशियल परिसर, हाई सिक्योरिटी टावर, किचन, पाठशाला, वाच टावर और गोदाम सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी वीर भानु सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_Adarsh pratap singh
    Adarsh pratap singh
    Local News Reporter तिलोई, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • रायबरेली पुलिस की बड़ी कामयाबी: एसपी रवि कुमार की प्रभावी कार्यशैली में बछरावां पुलिस ने 5 चोरी की कारों सहित अंतरराज्यीय गिरोह के 8 शातिर चोरों को दबोचा सीसीटीवी फुटेज और यक्ष ऐप की मदद से बछरावां पुलिस व एसओजी-सर्विलांस टीम ने दबोचे शातिर वाहन चोर
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    रायबरेली पुलिस की बड़ी कामयाबी: एसपी रवि कुमार की प्रभावी कार्यशैली में बछरावां पुलिस ने 5 चोरी की कारों सहित अंतरराज्यीय गिरोह के 8 शातिर चोरों  को दबोचा
सीसीटीवी फुटेज और यक्ष ऐप की मदद से बछरावां पुलिस व एसओजी-सर्विलांस टीम ने दबोचे शातिर वाहन चोर
    user_RAMA SHANKAR SHUKLA
    RAMA SHANKAR SHUKLA
    News Anchor Lalganj, Rae Bareli•
    4 hrs ago
  • *आज दिनांक 16.03.2025 को थाना अंतू क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पारा हमीदपुर में शव मिलने की सूचना पर पुलिस द्वारा की जा रही अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध मे-* *पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर की बाइट ।*
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    *आज दिनांक 16.03.2025 को थाना अंतू क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पारा हमीदपुर में शव मिलने की सूचना पर पुलिस द्वारा की जा रही अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध मे-*
*पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर की बाइट ।*
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अमेठी। जनपद अमेठी के विकासखंड जामों क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जामों क्षेत्र के निवासी रंजीत चौधरी ने फेसबुक पर लाइव आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति सुभाष चन्द्र बोस स्मृति द्वार का मंच जरूर है, लेकिन इसका उपयोग मर्यादित और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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    अमेठी। जनपद अमेठी के विकासखंड जामों क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जामों क्षेत्र के निवासी रंजीत चौधरी ने फेसबुक पर लाइव आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा
शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति
सुभाष चन्द्र बोस स्मृति द्वार
का मंच जरूर है, लेकिन इसका उपयोग मर्यादित और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर
इस तरह की अभद्रता से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
    user_Adarsh pratap singh
    Adarsh pratap singh
    Local News Reporter तिलोई, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रतापगढ़: निर्माणाधीन मकान में मां बेटे की सर कुचलकर निर्मम हत्या, मौके पर भारी पुलिसबल मौजूद.. अंतू थाना क्षेत्र के पारा हमीदपुर गांव में मानवता को कलंकित करने वाले जघन्य हत्या की घटना को हत्यारों ने अंजाम दिया है... निर्माणाधीन मकान में अपने 13 वर्षीय बेटे औरभ मौर्य के साथ रह रही शिवपति (40) की हत्यारों ने सर कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया... मृतका शिवपति के तीन बेटियां रुचि, रूबी, अंशिका मौर्य शहर में रहकर नौकरी के साथ साथ पढ़ाई भी कर रही थी। पति दिनेश मौर्य मुंबई में रहकर काम करता था। शिवपति और इसका बेटा औरभ घर पर रहकर खेतीबाड़ी करते थे.बेटियां अपनी कमाई से बनवा रही थीं घर. रात में हुए इस जघन्य हत्याकांड से इलाके में फैली सनसनी .. मौके पर पहुंचे सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने घटना को जघन्यतम अपराध बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही को लेकर अधिकारियों से की वार्ता... मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर.. सीओ सिटी प्रशांत हुड्डा, अंतू थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही समेत भारी पुलिस बल कर रहा है मौके पर साक्ष्यों की जांच पड़ताल...
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    प्रतापगढ़: निर्माणाधीन मकान में मां बेटे की सर कुचलकर निर्मम हत्या, मौके पर भारी पुलिसबल मौजूद..
अंतू थाना क्षेत्र के पारा हमीदपुर गांव में मानवता को कलंकित करने वाले जघन्य हत्या की घटना को हत्यारों ने अंजाम दिया है...
निर्माणाधीन मकान में अपने 13 वर्षीय बेटे औरभ मौर्य के साथ रह रही शिवपति (40) की हत्यारों ने सर कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया...
मृतका शिवपति के तीन बेटियां रुचि, रूबी, अंशिका मौर्य शहर में रहकर नौकरी के साथ साथ पढ़ाई भी कर रही थी।
पति दिनेश मौर्य मुंबई में रहकर काम करता था।
शिवपति और इसका बेटा औरभ घर पर रहकर खेतीबाड़ी करते थे.बेटियां अपनी कमाई से बनवा रही थीं घर.
रात में हुए इस जघन्य हत्याकांड से इलाके में फैली सनसनी ..
मौके पर पहुंचे सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने घटना को जघन्यतम अपराध बताते हुए  दोषियों पर कड़ी कार्यवाही को लेकर अधिकारियों से की वार्ता...
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर..
सीओ सिटी प्रशांत हुड्डा, अंतू थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही समेत भारी पुलिस बल कर रहा है मौके पर साक्ष्यों की जांच पड़ताल...
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • रायबरेली जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया है कि उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस, लखनऊ द्वारा अवगत कराया गया है कि हज-2026 की यात्रा के सम्बन्ध में हज कमेटी ऑफ इण्डिया की ओर से कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। जिसके अनुसार हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा तीसरी एवं अंतिम किस्त के रूप में जमा की जानी वाली धनराशि की घोषणा 15 मार्च 2026 तक कर दी जायेगी, परन्तु इस धनराशि में कैटरिंग की धनराशि सम्मिलित नहीं होगी। जो हज यात्रियों को बाद में जमा करनी होगी। हज-2026 में मक्के में स्वयं बिल्डिंग में किचन व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है सभी हज यात्रियों को कैटरिंग व्यवस्था के अन्तर्गत खान-पान उपलब्ध कराया जायेगा, भारत में अनेक प्रांत हैं जहां लोग अपनी सुविधानुसार प्रान्तीय खान-पान का सेवन करते हैं, परन्तु हज में ऐसा संभव नहीं है। इसलिए हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई एक कॉमन फूड का चयन कैटरिंग सेवा हेतु विचार किया जा रहा है। हज-2026 में जाने वाले प्रत्येक हज यात्री को उड़ान स्थल पर बुकिंग उपरान्त प्रपत्रों के वितरण के समय एक स्मार्टवाच भी उपलब्ध करायी जायेगी। यह स्मार्टवाच डाटा केबिल से रिचार्ज होगी। जिसे हज यात्रा हेतु प्रस्थान करने उपरान्त प्रत्येक हज यात्री को अपनी कलाई पर पहनना आवश्यक होगा, इस स्मार्टवाच में यात्री के यात्रा से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध होगा। स्मार्टवाच इण्डिया में काम नहीं करेगी सऊदी अरब पहुंचने उपरान्त ही स्वतः एक्टिवेट हो जायेगी। यह स्मार्टवाच जी०पी०एस० से कनेक्ट होगी जिससे यात्री के बिछड़ जाने अथवा किसी अन्य समस्या होने पर इसमें लगे बटन को यात्री द्वारा दबाते ही सीधे कन्ट्रोल रूम में सिगनल पहुंच जायेगा। जिससे यात्री की सही लोकेशन पता लगाने उपरान्त उसकी समस्या निवारण किया जाना सम्भव हो सकेगा। हज यात्री अपनी स्मार्टवाच की चार्जिंग पूर्ण रखें अन्यथा डिस्चार्ज होने पर यह कार्य नहीं करेगी, जिससे यात्री को आवश्यकता पड़ने पर असुविधा होगी। सभी हज यात्रियों को उड़ान तिथि आवंटित हो चुकी है। यात्रियों को उड़ान तिथि से दो दिवस पूर्व निर्धारित उड़ान स्थल पर पहुंचकर अपनी फ्लाइट की बुकिंग कम्फर्म कराना आवश्यक होगा। बुकिंग कन्फर्मनेशन हेतु यात्री अपने सगे-सम्बन्धी को भेजकर भी करा सकते हैं परन्तु उड़ान तिथि से 24 घण्टे पूर्ण यात्री को उड़ान स्थल पहुंचना होगा। यात्रा से सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित यात्री को उपलब्ध कराये जायेंगे। हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों से पासपोर्ट पहले से जमा नहीं कराये गये हैं बुकिंग के समय प्रत्येक हज यात्री को अपना पासपोर्ट लाना आवश्यक होगा। यात्रियों को स्वयं यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि उनका पासपोर्ट डैमेज श्रेणी के अन्तर्गत न हों अन्यथा यात्रा बाधित हो जायेगी। जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित हज यात्री का ही होगा। प्रत्येक हज यात्री को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर हज सुविधा एप एवं नुसुक एप डाउनलोड करना अनिवार्य है बिना नुसुक एप के मदीने में रियाजु जन्नाह हेतु पंजीकरण संभव नहीं होगा। जिन हज यात्रियों ने अपने नम्बर के स्थान पर किसी अन्य सगे-सम्बन्धी/एजेंट का नम्बर अंकित कर रखा है उनसे अनुरोध है कि उनके स्थान पर अपना नम्बर रजिस्टर्ड करा लें अन्यथा हज यात्री को हज यात्रा के दौरान असुविधा होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया कि उक्त क्रम में जनपद रायबरेली में हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों के लिये उक्त दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें, ताकि हज-2026 की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो सके।
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    रायबरेली जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया है कि उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस, लखनऊ द्वारा अवगत कराया गया है कि हज-2026 की यात्रा के सम्बन्ध में हज कमेटी ऑफ इण्डिया की ओर से कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। जिसके अनुसार हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा तीसरी एवं अंतिम किस्त के रूप में जमा की जानी वाली धनराशि की घोषणा 15 मार्च 2026 तक कर दी जायेगी, परन्तु इस धनराशि में कैटरिंग की धनराशि सम्मिलित नहीं होगी। जो हज यात्रियों को बाद में जमा करनी होगी।
हज-2026 में मक्के में स्वयं बिल्डिंग में किचन व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है सभी हज यात्रियों को कैटरिंग व्यवस्था के अन्तर्गत खान-पान उपलब्ध कराया जायेगा, भारत में अनेक प्रांत हैं जहां लोग अपनी सुविधानुसार प्रान्तीय खान-पान का सेवन करते हैं, परन्तु हज में ऐसा संभव नहीं है। इसलिए हज कमेटी ऑफ इण्डिया, मुम्बई एक कॉमन फूड का चयन कैटरिंग सेवा हेतु विचार किया जा रहा है। हज-2026 में जाने वाले प्रत्येक हज यात्री को उड़ान स्थल पर बुकिंग उपरान्त प्रपत्रों के वितरण के समय एक स्मार्टवाच भी उपलब्ध करायी जायेगी। यह स्मार्टवाच डाटा केबिल से रिचार्ज होगी। जिसे हज यात्रा हेतु प्रस्थान करने उपरान्त प्रत्येक हज यात्री को अपनी कलाई पर पहनना आवश्यक होगा, इस स्मार्टवाच में यात्री के यात्रा से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध होगा। स्मार्टवाच इण्डिया में काम नहीं करेगी सऊदी अरब पहुंचने उपरान्त ही स्वतः एक्टिवेट हो जायेगी। यह स्मार्टवाच जी०पी०एस० से कनेक्ट होगी जिससे यात्री के बिछड़ जाने अथवा किसी अन्य समस्या होने पर इसमें लगे बटन को यात्री द्वारा दबाते ही सीधे कन्ट्रोल रूम में सिगनल पहुंच जायेगा। जिससे यात्री की सही लोकेशन पता लगाने उपरान्त उसकी समस्या निवारण किया जाना सम्भव हो सकेगा। हज यात्री अपनी स्मार्टवाच की चार्जिंग पूर्ण रखें अन्यथा डिस्चार्ज होने पर यह कार्य नहीं करेगी, जिससे यात्री को आवश्यकता पड़ने पर असुविधा होगी।
सभी हज यात्रियों को उड़ान तिथि आवंटित हो चुकी है। यात्रियों को उड़ान तिथि से दो दिवस पूर्व निर्धारित उड़ान स्थल पर पहुंचकर अपनी फ्लाइट की बुकिंग कम्फर्म कराना आवश्यक होगा। बुकिंग कन्फर्मनेशन हेतु यात्री अपने सगे-सम्बन्धी को भेजकर भी करा सकते हैं परन्तु उड़ान तिथि से 24 घण्टे पूर्ण यात्री को उड़ान स्थल पहुंचना होगा। यात्रा से सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित प्रपत्र सम्बन्धित यात्री को उपलब्ध कराये जायेंगे। हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों से पासपोर्ट पहले से जमा नहीं कराये गये हैं बुकिंग के समय प्रत्येक हज यात्री को अपना पासपोर्ट लाना आवश्यक होगा। यात्रियों को स्वयं यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि उनका पासपोर्ट डैमेज श्रेणी के अन्तर्गत न हों अन्यथा यात्रा बाधित हो जायेगी। जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित हज यात्री का ही होगा। 
प्रत्येक हज यात्री को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर हज सुविधा एप एवं नुसुक एप डाउनलोड करना अनिवार्य है बिना नुसुक एप के मदीने में रियाजु जन्नाह हेतु पंजीकरण संभव नहीं होगा। जिन हज यात्रियों ने अपने नम्बर के स्थान पर किसी अन्य सगे-सम्बन्धी/एजेंट का नम्बर अंकित कर रखा है उनसे अनुरोध है कि उनके स्थान पर अपना नम्बर रजिस्टर्ड करा लें अन्यथा हज यात्री को हज यात्रा के दौरान असुविधा होगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा ने बताया कि उक्त क्रम में जनपद रायबरेली में हज-2026 हेतु चयनित हज यात्रियों के लिये उक्त दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें, ताकि हज-2026 की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो सके।
    user_Sujeet kumar
    Sujeet kumar
    Lalganj, Rae Bareli•
    10 hrs ago
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