मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल अमेठी। जनपद अमेठी के विकासखंड जामों क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जामों क्षेत्र के निवासी रंजीत चौधरी ने फेसबुक पर लाइव आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति सुभाष चन्द्र बोस स्मृति द्वार का मंच जरूर है, लेकिन इसका उपयोग मर्यादित और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल अमेठी। जनपद अमेठी के विकासखंड जामों क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जामों क्षेत्र के निवासी रंजीत चौधरी ने फेसबुक पर लाइव आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति सुभाष चन्द्र बोस स्मृति द्वार का मंच जरूर है, लेकिन इसका उपयोग मर्यादित और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
- अमेठी। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं महानिदेशक आयुष विभाग उत्तर प्रदेश श्रीमती चैत्रा वी. की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शासन के विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों तथा रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सरवणन टी, मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी ने विभागवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंच सके। उन्होंने विशेष रूप से उन विभागों पर ध्यान देने के निर्देश दिए जिनकी योजनाओं की रैंकिंग सी और डी श्रेणी में है। नोडल अधिकारी ने कहा कि ऐसे विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज करें और आगामी समीक्षा में बेहतर परिणाम प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे। समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी ने यूपी नेडा के अंतर्गत सोलर रूफटॉप योजना, उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाएं, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, खराब ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन, लाइन लॉस से जुड़े प्रकरणों तथा विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना, कृषि विभाग, दुग्ध विकास, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, पंचायतीराज, प्रधानमंत्री आवास योजना, पर्यटन, बेसिक शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पशुपालन, मत्स्य विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति का भी गहन मूल्यांकन किया। नोडल अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचे। इसके लिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जमीनी स्तर पर कार्यों का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही कहा कि आगामी जनपद भ्रमण के दौरान योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा, इसलिए सभी विभाग अपने कार्यों को तय मानकों के अनुरूप पूरा करें। बैठक के उपरांत नोडल अधिकारी ने जिला कारागार और पुलिस लाइन का स्थलीय निरीक्षण भी किया। पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सीवरेज व्यवस्था, विद्युतीकरण, ड्रेनेज सिस्टम आदि की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को शेष कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद नोडल अधिकारी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारागार के मॉडल का अवलोकन किया तथा बैरक, रेजिडेंशियल परिसर, हाई सिक्योरिटी टावर, किचन, पाठशाला, वाच टावर और गोदाम सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी वीर भानु सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- रहस्यमयी तरीके से 4 दिन से लापता बेटी से मिले माता पिता बेटी नारी बाल गृह सुधार में सुरक्षित मिली? पुलिस की देखरेख में कोतवाली लायी गई बेटी ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी । नगर पंचायत हैदरगढ़ कस्बा से चार दिन पहले घर के बाहर से रहस्यमय ढंग से लापता 12 वर्षीय बच्ची का पता चल गया है। परिजन उससे मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गये हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।। उल्लेखनीय बात यह हैं कि शुक्रवार की शाम कस्बा निवासी बच्ची अचानक घर के बाहर से लापता हो गई थी। पिता की तहरीर पर उसी रात पुलिस ने गुमसुदगी दर्ज कर ली थी। परंतु शनिवार को बच्ची के चाचा के मोबाइल पर आयी वाट्सअप काल ने इस मामले को गम्भीर मोड़ दे दिया था। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही सामने न आने पर परिजनों ने पत्रकारों अधिवक्ताओं एवं संभ्रांत नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में रविवार देर शाम कोतवाली परिसर पहुंच धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था । जिसके बाद देर रात अर्थात २ घंटे के अंदर पुलिस द्वारा बच्ची के लखनऊ में मिल जाने की सूचना दी गई थी और परिजनों को फोटो भी उपलब्ध करवा दिया गया था । कोतवाली प्रभारी द्वारा परिजनों को बताया गया था कि टीम रवाना हो गई हैं। जल्दी ही बच्ची को लाकर परिजनों के हवाले कर दिया जायेगा। परंतु दिनांक 16 मार्च सुबह कोतवाली पहुंचे परिजनों को बताया गया कि बच्ची को नारी निकेतन गृह केंद्र भेजा गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्ची को परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। परिजनों ने कहा कि मुलाकात ही करवा दीजिए। पुलिस ने उसमें भी असमर्थता जताई। बोली अभी तक हम नहीं मिले हैं तो आपको कहां से मिलवा दें जिसकों लेकर परिजनों व समर्थन में आये लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही विधायक भी पहुंच गए। विधायक ने पुलिस का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस जो कह रही है उसको मानो और मौके पर जाकर अपनी बेटी से मिल लो । कुछ समय बाद नगर पंचायत के अध्यक्ष द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी से दूरभाष के माध्यम से वार्ता होती है तो क्षेत्राधिकारी महोदय कहते हैं कि बेटी से सिर्फ उसके माता-पिता ही मिल सकते हैं अन्य कोई नहीं इसके बाद तय हुआ कि माता पिता नारी निकेतन गृह पहुंच मुलाकात कर सकते है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी से मालूम हुआ कि बेटी से माता-पिता मिले हैं और कुछ ही समय तक वार्ता हुई है बेटी पूरी तरह से बात करने अक्षम है या तो डर रही है या कुछ और कहना उचित नहीं? शाम होते ही पुलिस की देखरेख में कोतवाली हैदर गढ़ बेटी गुनगुन को लाया गया बाबा समेत अन्य परिजनों ने भी एक झलक देखा। क्षेत्राधिकारी समीर सिंह कोतवाल अभिमन्यु मल्ल ने आपकी बेटी सुरक्षित आ गई कुछ पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है कल बाराबंकी जनपद के न्यायाधीश के यहां कुछ और तथ्यों गहन परीक्षण किये जायेंगे तत्पश्चात बेटी परिजनों के सुपुर्द कर दी जायेगी।3
- Post by Rakesh Rawat1
- लखनऊ के सरकारी अस्पताल में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मरीजों के साथ खड़े होकर पर्ची कटवाई। इस दौरान उन्हें कोई पहचान नहीं सका। वह पर्ची लेकर सीधे ओपीडी में डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर को बीमारी बताने के बजाय अस्पताल की व्यवस्था के बारे में पूछना शुरू किया। इस पर डॉक्टर ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद डिप्टी सीएम बाहर निकल आए और अस्पताल की दूसरी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने लगे। अपने 54 मिनट के विजिट में उन्होंने मरीजों से उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ की। अव्यवस्थाएं मिलने पर भड़क उठे। उन्हें सही करने का निर्देश दिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। वे आज मास्क लगाकर चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे थे।1
- Post by Yash kumar1
- रायबरेली पुलिस ने ऐसे कार चोर गिरोह को पकड़ा है जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर चोरी करता था। इस अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य उत्तराखण्ड, यूपी, बिहार व बंगाल तक फैले हुए थे। इस गिरोह के मास्टरमाइंड ने बताया कि चोरी करने का यह हाईटेक तरीका उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर सीखा है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 16 फरवरी को थाना बछरावां में एक स्कॉर्पियो चोरी हुई थी। पुलिस मामला दर्ज कर इसकी जांच में जुट गई थी। पुलिस ने यक्ष एप की मदद से सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसके बाद मऊ जिले का आरोपी सामने आया। एक अपराधी के पकड़ मे आने के साथ ही इनके गिरोह के अन्य सदस्य भी पकड़े गए। इनके कब्ज़े से 6 गाड़िया बरामद की गई हैं। इस मामले मे कुल आठ अभियुक्त भी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमे अनिल उर्फ अनीश रिंकू उर्फ राहुल निवासी बुलंदशहर जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू निवासी एटा प्रदीप सिंह उर्फ पिंटू निवासी जनपद मऊ अरविंद निवासी संत कबीर नगर राकेश कुमार निवासी जुमई ( बिहार ) राजू सिंह उर्फ योगेश जनपद हरिद्वार उत्तराखंड नौशाद उर्फ फईम निवासी सिकंदरा थाना सतपुड़ा बिहार शामिल हैं। इनके कब्ज़े से चोरी की गाड़ियों के अलावा 4 ईसीएम ( इंजन कंट्रोल मॉड्यूल ) 4 अदद इग्नेशन लॉक सहित गाड़ी चोरी करने के अन्य सामान भी पुलिस ने बरामद किए हैं। इनसे इनके गिरोह के अन्य सदस्यों व नेटवर्क का भी पता किया जा रहा है।1
- आज सलोन कस्बे में कांग्रेश के कार्यकर्ताओं ने गैस की किल्लत पर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं भाजपा विधायक ने कहा कि ये समस्या सभी देशों में है सिर्फ भारत में नहीं,यहां हालत सामान्य है1
- अमेठी। जनपद अमेठी के विकासखंड जामों क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जामों क्षेत्र के निवासी रंजीत चौधरी ने फेसबुक पर लाइव आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति सुभाष चन्द्र बोस स्मृति द्वार का मंच जरूर है, लेकिन इसका उपयोग मर्यादित और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।1