रहस्यमयी तरीके से 4 दिन से लापता बेटी से मिले माता पिता बेटी नारी बाल गृह सुधार में सुरक्षित मिली? पुलिस की देखरेख में कोतवाली लायी गई बेटी ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी । नगर पंचायत हैदरगढ़ कस्बा से चार दिन पहले घर के बाहर से रहस्यमय ढंग से लापता 12 वर्षीय बच्ची का पता चल गया है। परिजन उससे मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गये हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।। उल्लेखनीय बात यह हैं कि शुक्रवार की शाम कस्बा निवासी बच्ची अचानक घर के बाहर से लापता हो गई थी। पिता की तहरीर पर उसी रात पुलिस ने गुमसुदगी दर्ज कर ली थी। परंतु शनिवार को बच्ची के चाचा के मोबाइल पर आयी वाट्सअप काल ने इस मामले को गम्भीर मोड़ दे दिया था। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही सामने न आने पर परिजनों ने पत्रकारों अधिवक्ताओं एवं संभ्रांत नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में रविवार देर शाम कोतवाली परिसर पहुंच धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था । जिसके बाद देर रात अर्थात २ घंटे के अंदर पुलिस द्वारा बच्ची के लखनऊ में मिल जाने की सूचना दी गई थी और परिजनों को फोटो भी उपलब्ध करवा दिया गया था । कोतवाली प्रभारी द्वारा परिजनों को बताया गया था कि टीम रवाना हो गई हैं। जल्दी ही बच्ची को लाकर परिजनों के हवाले कर दिया जायेगा। परंतु दिनांक 16 मार्च सुबह कोतवाली पहुंचे परिजनों को बताया गया कि बच्ची को नारी निकेतन गृह केंद्र भेजा गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्ची को परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। परिजनों ने कहा कि मुलाकात ही करवा दीजिए। पुलिस ने उसमें भी असमर्थता जताई। बोली अभी तक हम नहीं मिले हैं तो आपको कहां से मिलवा दें जिसकों लेकर परिजनों व समर्थन में आये लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही विधायक भी पहुंच गए। विधायक ने पुलिस का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस जो कह रही है उसको मानो और मौके पर जाकर अपनी बेटी से मिल लो । कुछ समय बाद नगर पंचायत के अध्यक्ष द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी से दूरभाष के माध्यम से वार्ता होती है तो क्षेत्राधिकारी महोदय कहते हैं कि बेटी से सिर्फ उसके माता-पिता ही मिल सकते हैं अन्य कोई नहीं इसके बाद तय हुआ कि माता पिता नारी निकेतन गृह पहुंच मुलाकात कर सकते है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी से मालूम हुआ कि बेटी से माता-पिता मिले हैं और कुछ ही समय तक वार्ता हुई है बेटी पूरी तरह से बात करने अक्षम है या तो डर रही है या कुछ और कहना उचित नहीं? शाम होते ही पुलिस की देखरेख में कोतवाली हैदर गढ़ बेटी गुनगुन को लाया गया बाबा समेत अन्य परिजनों ने भी एक झलक देखा। क्षेत्राधिकारी समीर सिंह कोतवाल अभिमन्यु मल्ल ने आपकी बेटी सुरक्षित आ गई कुछ पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है कल बाराबंकी जनपद के न्यायाधीश के यहां कुछ और तथ्यों गहन परीक्षण किये जायेंगे तत्पश्चात बेटी परिजनों के सुपुर्द कर दी जायेगी।
रहस्यमयी तरीके से 4 दिन से लापता बेटी से मिले माता पिता बेटी नारी बाल गृह सुधार में सुरक्षित मिली? पुलिस की देखरेख में कोतवाली लायी गई बेटी ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी । नगर पंचायत हैदरगढ़ कस्बा से चार दिन पहले घर के बाहर से रहस्यमय ढंग से लापता 12 वर्षीय बच्ची का पता चल गया है। परिजन उससे मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गये हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।। उल्लेखनीय बात यह हैं कि शुक्रवार की शाम कस्बा निवासी बच्ची अचानक घर के बाहर से लापता हो गई थी। पिता की तहरीर पर उसी रात पुलिस ने गुमसुदगी दर्ज कर ली थी। परंतु शनिवार को बच्ची के चाचा के मोबाइल पर आयी वाट्सअप काल ने इस मामले को गम्भीर मोड़ दे दिया था। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही सामने न आने पर परिजनों ने पत्रकारों अधिवक्ताओं एवं संभ्रांत नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में रविवार देर शाम कोतवाली परिसर
पहुंच धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था । जिसके बाद देर रात अर्थात २ घंटे के अंदर पुलिस द्वारा बच्ची के लखनऊ में मिल जाने की सूचना दी गई थी और परिजनों को फोटो भी उपलब्ध करवा दिया गया था । कोतवाली प्रभारी द्वारा परिजनों को बताया गया था कि टीम रवाना हो गई हैं। जल्दी ही बच्ची को लाकर परिजनों के हवाले कर दिया जायेगा। परंतु दिनांक 16 मार्च सुबह कोतवाली पहुंचे परिजनों को बताया गया कि बच्ची को नारी निकेतन गृह केंद्र भेजा गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्ची को परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। परिजनों ने कहा कि मुलाकात ही करवा दीजिए। पुलिस ने उसमें भी असमर्थता जताई। बोली अभी तक हम नहीं मिले हैं तो आपको कहां से मिलवा दें जिसकों लेकर परिजनों व समर्थन में आये लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही विधायक भी पहुंच गए। विधायक ने पुलिस का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस जो कह रही है उसको
मानो और मौके पर जाकर अपनी बेटी से मिल लो । कुछ समय बाद नगर पंचायत के अध्यक्ष द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी से दूरभाष के माध्यम से वार्ता होती है तो क्षेत्राधिकारी महोदय कहते हैं कि बेटी से सिर्फ उसके माता-पिता ही मिल सकते हैं अन्य कोई नहीं इसके बाद तय हुआ कि माता पिता नारी निकेतन गृह पहुंच मुलाकात कर सकते है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी से मालूम हुआ कि बेटी से माता-पिता मिले हैं और कुछ ही समय तक वार्ता हुई है बेटी पूरी तरह से बात करने अक्षम है या तो डर रही है या कुछ और कहना उचित नहीं? शाम होते ही पुलिस की देखरेख में कोतवाली हैदर गढ़ बेटी गुनगुन को लाया गया बाबा समेत अन्य परिजनों ने भी एक झलक देखा। क्षेत्राधिकारी समीर सिंह कोतवाल अभिमन्यु मल्ल ने आपकी बेटी सुरक्षित आ गई कुछ पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है कल बाराबंकी जनपद के न्यायाधीश के यहां कुछ और तथ्यों गहन परीक्षण किये जायेंगे तत्पश्चात बेटी परिजनों के सुपुर्द कर दी जायेगी।
- अमेठी। जनपद अमेठी के विकासखंड जामों क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जामों क्षेत्र के निवासी रंजीत चौधरी ने फेसबुक पर लाइव आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति सुभाष चन्द्र बोस स्मृति द्वार का मंच जरूर है, लेकिन इसका उपयोग मर्यादित और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- Post by Yash kumar1
- लखनऊ में एक परिवार ने बेटी के जन्म को खास अंदाज़ में मनाया। अस्पताल से नवजात बेटी को घर ले जाते समय गाड़ियों का काफिला निकाला गया। ढोल-नगाड़ों और खुशियों के माहौल के बीच परिवार और रिश्तेदारों ने बेटी के जन्म का जश्न मनाया। सड़क पर गुजर रहे लोगों ने भी इस अनोखी खुशी को देखकर परिवार को बधाई दी। परिवार का कहना है कि बेटी घर की लक्ष्मी होती है, इसलिए उन्होंने बेटी के जन्म को किसी त्योहार से कम नहीं माना और खुशी का इज़हार काफिले के रूप में किया। 👆👆1
- 👇 लखनऊ: रजौली गांव में बड़े पैमाने पर जुए की फड़ सजने की चर्चा, ग्रामीणों में आक्रोश लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रजौली गांव में इन दिनों बड़े पैमाने पर जुए की फड़ सजने की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में रोजाना हजारों रुपये का जुआ खेला जा रहा है, जिससे इलाके का माहौल खराब हो रहा है और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, रजौली गांव में लंबे समय से जुए का खेल खुलेआम संचालित होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि यहां रोज शाम होते ही जुआरियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है और देर रात तक हजारों रुपये का दांव लगाया जाता है। इस कथित अवैध गतिविधि से गांव के जिम्मेदार और जागरूक लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। सिपाही के संरक्षण में चलने का आरोप ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बेहटा चौकी में तैनात एक सिपाही के संरक्षण में यह पूरा खेल संचालित हो रहा है। चर्चा है कि उक्त सिपाही के साथ चौकी में पहले रह चुका एक युवक मिलकर जुए की फड़ सजवा रहा है और पूरे नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन गांव में इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे क्षेत्र में अपराध और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। चौकी इंचार्ज की छवि पर भी उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की चर्चाओं से बेहटा चौकी के ईमानदार छवि वाले चौकी इंचार्ज की साख पर भी असर पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि यदि चौकी स्तर पर निगरानी और सख्ती हो, तो ऐसी अवैध गतिविधियों पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है। इंस्पेक्टर गुडंबा से सख्त कार्रवाई की उम्मीद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि मामले की भनक लगते ही इंस्पेक्टर गुडंबा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएंगे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जुए के इस कथित खेल पर लगाम लगाने के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, रजौली गांव में जुए की फड़ को लेकर उठ रही चर्चाओं ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि गुडंबा पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और ग्रामीणों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है। छोटा सोशल मीडिया कैप्शन / पोस्टर लाइन “गुडंबा के रजौली गांव में जुए की फड़ सजने की चर्चा, ग्रामीणों ने बेहटा चौकी के सिपाही पर संरक्षण का लगाया आरोप… अब इंस्पेक्टर गुडंबा से कार्रवाई की उम्मीद!”1
- Basti Finite बस्ती से हैरान करने वाली खबर आई सामने, एक वशीकरण यात्रियों से भरी बस पर हमला करता दिखाई दे रहा है. युवक कमर से तमंचा निकालता है और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर फरार हो जाता है.1
- रायबरेली पुलिस ने ऐसे कार चोर गिरोह को पकड़ा है जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर चोरी करता था। इस अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य उत्तराखण्ड, यूपी, बिहार व बंगाल तक फैले हुए थे। इस गिरोह के मास्टरमाइंड ने बताया कि चोरी करने का यह हाईटेक तरीका उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर सीखा है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 16 फरवरी को थाना बछरावां में एक स्कॉर्पियो चोरी हुई थी। पुलिस मामला दर्ज कर इसकी जांच में जुट गई थी। पुलिस ने यक्ष एप की मदद से सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसके बाद मऊ जिले का आरोपी सामने आया। एक अपराधी के पकड़ मे आने के साथ ही इनके गिरोह के अन्य सदस्य भी पकड़े गए। इनके कब्ज़े से 6 गाड़िया बरामद की गई हैं। इस मामले मे कुल आठ अभियुक्त भी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमे अनिल उर्फ अनीश रिंकू उर्फ राहुल निवासी बुलंदशहर जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू निवासी एटा प्रदीप सिंह उर्फ पिंटू निवासी जनपद मऊ अरविंद निवासी संत कबीर नगर राकेश कुमार निवासी जुमई ( बिहार ) राजू सिंह उर्फ योगेश जनपद हरिद्वार उत्तराखंड नौशाद उर्फ फईम निवासी सिकंदरा थाना सतपुड़ा बिहार शामिल हैं। इनके कब्ज़े से चोरी की गाड़ियों के अलावा 4 ईसीएम ( इंजन कंट्रोल मॉड्यूल ) 4 अदद इग्नेशन लॉक सहित गाड़ी चोरी करने के अन्य सामान भी पुलिस ने बरामद किए हैं। इनसे इनके गिरोह के अन्य सदस्यों व नेटवर्क का भी पता किया जा रहा है।1
- जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के गौतमपुर गांव निवासी रंजीत चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और उनके परिवार के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने इस मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि युवक का यह वीडियो फेसबुक लाइव के दौरान सामने आया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय पुलिस से शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो आरोपी युवक के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।1
- लखनऊ।* पीजीआई थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोगों से जबरन वसूली किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास रावत, प्रशांत सिंह और दुर्गेश शुक्ला नाम के कुछ लोग कथित तौर पर रिकवरी के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग क्षेत्र में दबाव बनाकर लोगों से पैसा वसूलते हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों को कथित रूप से कुछ कारखासों का संरक्षण भी प्राप्त है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं और खुलेआम वसूली का खेल जारी है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्षेत्र में चल रही अवैध वसूली पर कब तक रोक लगती है।1
- रायबरेली में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बचत भवन में आयोजित कार्यक्रम में सलोन विधायक अशोक कोरी और एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ कुमार ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन को भी सुना गया। इसके बाद प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जनपद में इस योजना के तहत कुल 714 लाभार्थी शामिल हैं।सरकार की ओर से सभी लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से एक-एक लाख रुपये की धनराशि भेजी गई है, जिससे उन्हें अपना पक्का मकान बनाने में सहायता मिल सके।कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में लाभार्थी भी मौजूद रहे।1