दरोगा भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र में आए पंडित शब्द को लेकर मचा घमासान उपजिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
दरोगा भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र में आए पंडित शब्द को लेकर मचा घमासान उपजिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर अमेठी में विवाद खड़ा हो गया है। तहसील में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट राजेश मिश्र की अगुवाई में बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा की पहली पाली में अवसर के अनुसार बदल जाने जैसे अर्थ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो आपत्तिजनक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान, ज्ञानी और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से गलत है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनुचित है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक जातीय तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इस संबंध में एडवोकेट राजेश मिश्र ने कहा कि भारतीय परंपरा में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग विद्वान और सम्मानित व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। वहीं राजीव शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। दिनेश तिवारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों और समाज की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने शासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के शब्दों का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘पंडित’ शब्द विद्वता और सम्मान का प्रतीक है, इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने शासन से मांग की कि संबंधित प्रश्न को तत्काल निरस्त किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियां न हों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजीव शुक्ल, दिनेश तिवारी, रसिक तिवारी,समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह, रोहित तिवारी, शुभम शुक्ल, विकास शुक्ल, विभव तिवारी, कैलाश शुक्ल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- Post by Dharm Raj1
- This archive presents a collection of scientific and philosophical research models developed by Sanjay Soni (2026). The work explores fundamental questions related to cosmic origin, stellar formation, consciousness, and universal processes. The models combine observational reasoning, philosophical inquiry, and conceptual scientific frameworks to explain natural phenomena. Topics covered in this research archive include: • Cosmic Origin Model • Unified Cosmic Process Theory (SS-UCPT) • Cosmic Process Model (SS-CPM) • Micro-Action Brahm Model (SS-MABM) • Sun and Sun-Like Stars Concept • Consciousness and Biological Structure Model The objective of this archive is to present conceptual frameworks that connect cosmic structure, natural laws, and consciousness. All models are authored and compiled by Sanjay Soni and are publicly available through GitHub repositories linked with Zenodo DOI for permanent scientific record and accessibility. Author: Sanjay Soni Year: 20261
- प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के अंतर्गत पारा हमीदपुर गांव में जघन्य हत्या पर सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने की दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दिलाया भरोसा आगे क्या कुछ कहा देखें1
- ...प्रतापगढ़ के रानीगंज तहसील के फतनपुर थाना क्षेत्र के हरिपालमऊ गांव में जमीनी विवाद को लेकर रविवार देर शाम दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें नीलमणि यादव, संजय, रमाकांत और रमेशचंद्र शामिल हैं। घटना के अनुसार, चल रहे जमीनी विवाद ने रविवार देर शाम हिंसक रूप ले लिया। एक पक्ष ने लाठी ईट,पत्थर चलने लगे , जिससे दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरा भेजा, जहां से नीलमणि यादव और संजय को मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर किया गया। नीलमणि के सर में चोट आई है, जबकि संजय के हाथ में चोट लगी है। रमाकांत और रमेशचंद्र का इलाज समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरा प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है1
- सुल्तानपुर में जमीनी विवाद पर खूनी हमला! पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह के समर्थकों ने सुरेश यादव के घर में घुसकर लाठी-डंडे व पिस्टल से फायरिंग की, परिवार के 6 सदस्य गंभीर घायल, एक को लखनऊ रेफर, पूरा गांव दहशत में, थानाध्यक्ष सस्पेंड! सुल्तानपुर के कल्याणपुर गांव (अखंडनगर थाना क्षेत्र) में रविवार को जमीनी विवाद के चलते पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह के दर्जनों समर्थकों ने सुरेश यादव के घर में घुसकर लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और पिस्टल से जानलेवा हमला बोल दिया, जिसमें सुरेश यादव के परिवार के 6 सदस्य (विपुल, कमलेश, सोभावती, रोशनी, संजय व फेंकू यादव) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पहले स्थानीय सीएचसी फिर अंबेडकर नगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि एक की नाजुक हालत में लखनऊ के हायर सेंटर भेजा गया; सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री समर्थकों के साथ मौके पर दिखे, जिससे पूरा गांव दहशत में है। एसपी चारू निगम ने लापरवाही पर अखंडनगर थानाध्यक्ष संत कुमार सिंह को तत्काल सस्पेंड कर दिया और जांच शुरू कर दी है। #viralvideo1
- आधुनिकता के साथ संस्कारित शिक्षा आवश्यक श्वेता अमेठी जी डी एस होली चाइल्ड अकैडमी में वित्त विहीन विद्यालय के प्रबंधको का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ रविवार को उत्तर प्रदेश वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक फाउंडेशन ने एजुकेशन लीडरशिप सम्मिट के साथ विशिष्ट बैठक करते हुए मुख्य अतिथि एडवोकेट सिजू अगस्टिन डायरेक्टर एप्सा ने सी एस आर के माध्यम से विद्यालय को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया उत्तर प्रदेश जोन के डायरेक्टर मिसेज श्वेता विलियम्स ने प्रदेश में चल रहे वित्त विहीन विद्यालयों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि हमें छात्र छात्राओं को आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कारिक शिक्षा देना चाहिए फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को कोरा कागज बताते हुए संस्कार युक्त शिक्षा देने वाली बात पर जोर दिये ताकि बच्चों का बहुमुखी विकास हो सके। बैठक में सैकड़ो प्रबंधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती पर पुष्प ,माल्यार्पण ,धूप अगरबत्ती करके किया कालेज के छात्र छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया2
- उत्तर प्रदेश के Amethi से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पत्नी से फोन पर बातचीत को लेकर दो साढ़ुओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक साढ़ू ने दूसरे पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर जिले के कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव का रहने वाला रोहित विश्वकर्मा अपनी पत्नी से उसके बड़े साढ़ू विजय बहादुर विश्वकर्मा की फोन पर बातचीत को लेकर नाराज़ रहता था। रोहित ने कई बार अपनी पत्नी और साढ़ू विजय बहादुर को एक-दूसरे से बात करने से मना किया, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच बातचीत जारी रही। इसी बात को लेकर रोहित के मन में गुस्सा बढ़ता गया। 13 मार्च को मुसाफिरखाना में विजय बहादुर के घर प्रीतिभोज का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में रोहित अपने भाई अनिल के साथ पहुंचा। कार्यक्रम के दौरान ही रोहित और उसका भाई विजय बहादुर को बातचीत के बहाने नहर की पटरी पर ले गए। बताया जा रहा है कि वहां तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। पहले से तैयारी करके आए रोहित और अनिल ने विजय बहादुर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में विजय बहादुर बुरी तरह घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी बाइक से फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद घायल के भाई धर्मेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने रोहित और अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अगले ही दिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- थाना अंतू क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पारा हमीदपुर में शव मिलने की सूचना पर पुलिस द्वारा की जा रही अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि पारा हमीदपुर में शव मिलने के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है और आगे क्या कहा देखें।1