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संभल में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: कक्षा-3 की छात्रा को थमा दिया कक्षा-5 का रिजल्ट ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ संभल, उत्तर प्रदेश। प्रदेश के संभल जिले से शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा माहिरा को कक्षा-3 पास करने के बावजूद कक्षा-5 उत्तीर्ण का रिजल्ट कार्ड दे दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा की मां ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को कक्षा-4 और कक्षा-5 का बुनियादी सिलेबस तक नहीं आता, ऐसे में उसे सीधे कक्षा-6 में कैसे दाखिला दिलाया जा सकता है। आरोप है कि जब परिवार ने स्कूल के शिक्षक से शिकायत की तो उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि “जूनियर स्कूल में कक्षा-6 में एडमिशन हो जाएगा, इसकी बात कर ली गई है।” इस जवाब से परिजन और अधिक चिंतित हो गए हैं। माहिरा जिस विद्यालय में पढ़ती है, वह उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित है। ऐसे में इस घटना ने सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली और छात्रों के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और छात्रा की शिक्षा को सही स्तर से दोबारा शुरू कराया जाए, ताकि उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

21 hrs ago
user_शशिकान्त मौर्या पत्रकार
शशिकान्त मौर्या पत्रकार
Journalist Sandila, Hardoi•
21 hrs ago

संभल में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: कक्षा-3 की छात्रा को थमा दिया कक्षा-5 का रिजल्ट ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ संभल, उत्तर प्रदेश। प्रदेश के संभल जिले से शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा माहिरा को कक्षा-3 पास करने के बावजूद कक्षा-5 उत्तीर्ण का रिजल्ट कार्ड दे दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा की मां ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को कक्षा-4 और कक्षा-5 का बुनियादी सिलेबस तक नहीं आता, ऐसे में उसे सीधे कक्षा-6 में कैसे दाखिला दिलाया जा सकता है। आरोप है कि जब परिवार ने स्कूल के शिक्षक से शिकायत की तो उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि “जूनियर स्कूल में कक्षा-6 में एडमिशन हो जाएगा, इसकी बात कर ली गई है।” इस जवाब से परिजन और अधिक चिंतित हो गए हैं। माहिरा जिस विद्यालय में पढ़ती है, वह उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित है। ऐसे में इस घटना ने सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली और छात्रों के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और छात्रा की शिक्षा को सही स्तर से दोबारा शुरू कराया जाए, ताकि उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

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  • ★★★★★★★★★★★★★★★★★★ पत्रकार :- शशिकान्त व्हाट्सऐप :- 9621210326 ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ सण्डीला, हरदोई। भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की अद्भुत मिसाल है। 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में जन्मे बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने दृढ़ संकल्प से इतिहास रच दिया। बचपन में भेदभाव, लेकिन हौसले बुलंद :- डॉ. अंबेडकर का बचपन अत्यंत कठिनाइयों में बीता। दलित परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें स्कूल से लेकर समाज तक भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्हें कक्षा में अलग बैठाया जाता था और पानी तक छूने की अनुमति नहीं थी। लेकिन इन परिस्थितियों ने उनके इरादों को कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्हें और मजबूत बनाया। शिक्षा को बनाया हथियार :- अंबेडकर ने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने मुंबई से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा हासिल की। वे देश के सबसे अधिक शिक्षित नेताओं में से एक बने और कानून, अर्थशास्त्र व राजनीति में गहरी पकड़ बनाई। समानता और अधिकारों की लड़ाई :- डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कई आंदोलन चलाए। 1927 का महाड़ सत्याग्रह और 1930 का कालाराम मंदिर प्रवेश आंदोलन उनके प्रमुख संघर्षों में शामिल हैं। संविधान निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका :- स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण में डॉ. अंबेडकर ने प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने संविधान में समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों को शामिल कर हर नागरिक को बराबरी का अधिकार दिलाया। उनका यह योगदान भारत के लोकतंत्र की मजबूत नींव बना। महिलाओं और श्रमिकों के अधिकारों के समर्थक :- डॉ. अंबेडकर ने महिलाओं के अधिकारों और श्रमिकों की स्थिति सुधारने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति और विवाह संबंधी अधिकार दिलाने का प्रयास किया। धर्म परिवर्तन और अंतिम संदेश :- 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाकर सामाजिक समानता और मानवता का संदेश दिया। उसी वर्ष 6 दिसंबर को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों को दिशा दे रहे हैं। विरासत जो आज भी प्रेरित करती है :- डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा, संघर्ष और आत्मविश्वास से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। आज भी उनके विचार सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई में मार्गदर्शक बने हुए हैं। 👉 बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो हर पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
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    ★★★★★★★★★★★★★★★★★★
पत्रकार :- शशिकान्त
व्हाट्सऐप :- 9621210326
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सण्डीला, हरदोई। भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की अद्भुत मिसाल है। 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में जन्मे बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने दृढ़ संकल्प से इतिहास रच दिया।
बचपन में भेदभाव, लेकिन हौसले बुलंद :-
डॉ. अंबेडकर का बचपन अत्यंत कठिनाइयों में बीता। दलित परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें स्कूल से लेकर समाज तक भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्हें कक्षा में अलग बैठाया जाता था और पानी तक छूने की अनुमति नहीं थी। लेकिन इन परिस्थितियों ने उनके इरादों को कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्हें और मजबूत बनाया।
शिक्षा को बनाया हथियार :-
अंबेडकर ने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने मुंबई से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा हासिल की। वे देश के सबसे अधिक शिक्षित नेताओं में से एक बने और कानून, अर्थशास्त्र व राजनीति में गहरी पकड़ बनाई।
समानता और अधिकारों की लड़ाई :-
डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कई आंदोलन चलाए। 1927 का महाड़ सत्याग्रह और 1930 का कालाराम मंदिर प्रवेश आंदोलन उनके प्रमुख संघर्षों में शामिल हैं।
संविधान निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका :-
स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण में डॉ. अंबेडकर ने प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने संविधान में समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों को शामिल कर हर नागरिक को बराबरी का अधिकार दिलाया। उनका यह योगदान भारत के लोकतंत्र की मजबूत नींव बना।
महिलाओं और श्रमिकों के अधिकारों के समर्थक :-
डॉ. अंबेडकर ने महिलाओं के अधिकारों और श्रमिकों की स्थिति सुधारने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति और विवाह संबंधी अधिकार दिलाने का प्रयास किया।
धर्म परिवर्तन और अंतिम संदेश :-
1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाकर सामाजिक समानता और मानवता का संदेश दिया। उसी वर्ष 6 दिसंबर को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों को दिशा दे रहे हैं।
विरासत जो आज भी प्रेरित करती है :-
डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा, संघर्ष और आत्मविश्वास से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। आज भी उनके विचार सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई में मार्गदर्शक बने हुए हैं।
👉 बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो हर पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
    user_शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    शशिकान्त मौर्या पत्रकार
    Journalist Sandila, Hardoi•
    23 hrs ago
  • Post by Shiva Gautam
    1
    Post by Shiva Gautam
    user_Shiva Gautam
    Shiva Gautam
    Engineer बिलग्राम, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गेहूं भरने वाली बखारी साफ करने के दौरान दो लोगों की दम घुटने से ही मौत, # यूपी के हरदोई में थाना बिलग्राम क्षेत्र जलालपुर गांव में गेहूं भरने के लिए बखारी को साफ करते समय दो व्यक्तियों की दम घुटने से मौत हो गई। गेहूं के टैंक की सफाई करते समय दम घुटने से मृत्यु के में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम की बाइट,
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    गेहूं भरने वाली बखारी साफ करने के दौरान दो लोगों की दम घुटने से ही मौत,         # यूपी के हरदोई में थाना बिलग्राम क्षेत्र जलालपुर गांव में गेहूं भरने के लिए बखारी को साफ करते समय दो व्यक्तियों की दम घुटने से मौत हो गई। गेहूं के टैंक की सफाई करते समय दम घुटने से मृत्यु के में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम की बाइट,
    user_संतोष तिवारी ब्यूरो चीफ दैनिक
    संतोष तिवारी ब्यूरो चीफ दैनिक
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां लंबे समय से सत्ता में रहे Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद अब नए नेतृत्व का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता Samrat Choudhary को विधायक दल का नेता चुन लिया है, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सम्राट चौधरी जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में बड़े सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नए राजनीतिक समीकरण बनने की उम्मीद है। वहीं, चुनावी दौर में राजनीतिक रणनीतिकार Prashant Kishor द्वारा लगाए गए आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। राजनीतिक जानकार इसे राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं।
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    बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां लंबे समय से सत्ता में रहे Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद अब नए नेतृत्व का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता Samrat Choudhary को विधायक दल का नेता चुन लिया है, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सम्राट चौधरी जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में बड़े सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नए राजनीतिक समीकरण बनने की उम्मीद है।
वहीं, चुनावी दौर में राजनीतिक रणनीतिकार Prashant Kishor द्वारा लगाए गए आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। राजनीतिक जानकार इसे राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • धूमधाम से मनाई गई डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती खुरासन रोड। आजमगढ़ जिले के फूलपुर कस्बा सहित ग्रामीण इलाकों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती धूम धाम से मनाई गई। इस दौरान लोगों ने भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। तहसील सभागार में एसडीएम अशोक कुमार की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित हुई। इस दौरान स्कूली बच्चों को किताब, कापी, पेंसिल , कलम वितरित किए गए। एसडीएम अशोक कुमार ने कहा कि बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलकर ही समाज में सामाजिक समरसता स्थापित की जा सकती है। उनके द्वारा रचित संविधान ही हमारे देश की मूल आत्मा है। तहसीलदार राजीव कुमार ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए रास्ते पर चलने से ही देश व समाज की तरक्की संभव है। इस दौरान तहसीलदार ने सोहर गीत प्रस्तुत किया। भगवती प्रसाद गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि डॉ. भीम राव आंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माताओं में से प्रमुख रहे हैं। बार संघ के मंत्री सुभाष यादव ने भी अपना विचार रखा। कार्यक्रम की शुरुवात संविधान निर्माता बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर के चित्र पर अधिकारियों पुष्प अर्पित कर किया। संचालन राजस्व निरीक्षक कृष्ण कुमार यादव ने किया। तहसीलदार के अर्दली संयोजक नेबू लाल ने सभी का आभार प्रकट किया। इस मौके पर लेखपाल संघ महा मंत्री सोनू गिरि, राजस्व निरीक्षक बासदेव यादव, नेबुलाल ,बार संघ पूर्व महामंत्री संजय यादव सहित सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
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    धूमधाम से मनाई गई डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती
खुरासन रोड। आजमगढ़ जिले के फूलपुर कस्बा सहित ग्रामीण इलाकों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती धूम धाम से मनाई गई। इस दौरान लोगों ने  भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। तहसील सभागार में एसडीएम अशोक कुमार की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित हुई। इस दौरान स्कूली बच्चों को किताब, कापी, पेंसिल , कलम वितरित किए गए। एसडीएम अशोक कुमार  ने कहा कि बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलकर ही समाज में सामाजिक समरसता स्थापित की जा सकती है। उनके द्वारा रचित संविधान ही हमारे देश की मूल आत्मा है। तहसीलदार राजीव कुमार ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए रास्ते पर चलने से ही देश व समाज की तरक्की संभव है। इस दौरान तहसीलदार ने  सोहर गीत प्रस्तुत किया। भगवती प्रसाद गुप्ता एडवोकेट  ने कहा कि डॉ. भीम राव आंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माताओं में से प्रमुख रहे हैं। बार संघ के मंत्री सुभाष यादव ने भी अपना विचार रखा।  कार्यक्रम की शुरुवात संविधान निर्माता बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर के चित्र पर अधिकारियों पुष्प अर्पित कर किया। संचालन राजस्व निरीक्षक कृष्ण  कुमार यादव ने किया। तहसीलदार के अर्दली संयोजक नेबू लाल ने सभी का आभार प्रकट किया। इस मौके पर लेखपाल संघ महा मंत्री सोनू गिरि, राजस्व निरीक्षक बासदेव यादव,  नेबुलाल ,बार संघ पूर्व महामंत्री संजय यादव सहित सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
    user_MFT News
    MFT News
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अध्यक्ष लखनऊ और आनंद कुमार के नेतृत्व में अंबेडकर जयंती मनाई गईडॉ. भीमराव अम्बेडकर: समानता के योद्धा परिचय 14 अप्रैल को भारत में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का सामना करने वाले अम्बेडकर ने शिक्षा के बल पर दुनिया को चुनौती दी। कोलंबिया और लंदन विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल कर वे भारत के पहले विधिवेत्ता बने। संघर्ष की कहानी अम्बेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। 1927 में महाड सत्याग्रह में उन्होंने दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया। पूना पैक्ट के जरिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग की। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष बनकर उन्होंने 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला संविधान तैयार किया, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत हैं। अनुच्छेद 14 से 18 तक छुआछूत को खत्म करने वाले प्रावधान इन्हीं की देन हैं। महान विरासत अम्बेडकर ने महिलाओं, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी जोर दिया। 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाकर उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया। आज भी 'जय भीम' का नारा करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी किताबें जैसे 'अनिहिलेशन ऑफ कास्ट' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' सामाजिक न्याय की मशाल जलाती हैं। आज का संदेश अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। असमानता खत्म करने के लिए हमें उनके सपनों को साकार करना होगा।
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    अध्यक्ष लखनऊ और आनंद कुमार के नेतृत्व में अंबेडकर जयंती मनाई गईडॉ. भीमराव अम्बेडकर: समानता के योद्धा
परिचय
14 अप्रैल को भारत में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का सामना करने वाले अम्बेडकर ने शिक्षा के बल पर दुनिया को चुनौती दी। कोलंबिया और लंदन विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल कर वे भारत के पहले विधिवेत्ता बने।
संघर्ष की कहानी
अम्बेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। 1927 में महाड सत्याग्रह में उन्होंने दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया। पूना पैक्ट के जरिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग की। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष बनकर उन्होंने 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला संविधान तैयार किया, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत हैं। अनुच्छेद 14 से 18 तक छुआछूत को खत्म करने वाले प्रावधान इन्हीं की देन हैं।
महान विरासत
अम्बेडकर ने महिलाओं, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी जोर दिया। 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाकर उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया। आज भी 'जय भीम' का नारा करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी किताबें जैसे 'अनिहिलेशन ऑफ कास्ट' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' सामाजिक न्याय की मशाल जलाती हैं।
आज का संदेश
अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। असमानता खत्म करने के लिए हमें उनके सपनों को साकार करना होगा।
    user_Zahira Bano
    Zahira Bano
    Media company बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Shiva Gautam
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    Post by Shiva Gautam
    user_Shiva Gautam
    Shiva Gautam
    Engineer बिलग्राम, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के बंथरा इलाके में माला पहनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया और गोली चल गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया और फायरिंग हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया और जांच शुरू कर दी है।
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    लखनऊ के बंथरा इलाके में माला पहनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया और गोली चल गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया और फायरिंग हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया और जांच शुरू कर दी है।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी
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    Post by मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी
    user_मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी
    मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी
    Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    13 hrs ago
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