मंगलवार को सागर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जैसीनगर थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक एक युवक ने कथित तौर पर पवित्र रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि गांव का मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन खिलाया गया। इस गंभीर मामले को लेकर वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को पकड़कर बचाया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
मंगलवार को सागर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जैसीनगर थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक एक युवक ने कथित तौर पर पवित्र रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि गांव का मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन खिलाया गया। इस गंभीर मामले को लेकर वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को पकड़कर बचाया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
- मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस वाहन से शराब लेते हुए पुलिसकर्मी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो ने ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा शराबखोरी किए जाने के आरोपों की पोल खोल दी है, जिससे पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो गंगेव स्थित एक शराब दुकान के सामने का बताया जा रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि डायल 112 का सायरन बजते ही पुलिसकर्मी खुलेआम शराब लेने पहुँच जाते हैं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए, वीडियो में शराब लेते हुए दिखे एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- मंगलवार को सागर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जैसीनगर थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक एक युवक ने कथित तौर पर पवित्र रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि गांव का मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन खिलाया गया। इस गंभीर मामले को लेकर वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को पकड़कर बचाया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक युवक पिछले तीन दिनों से लापता है और अपने घर नहीं लौटा है। युवक के घर न आने से उसकी माँ बेहद परेशान हैं और उन्होंने इस संबंध में रिपोर्ट भी लिखवाई है। सभी प्रयास करने के बावजूद, युवक अभी तक नहीं मिला है। जहाँ कहीं भी यह लड़का मिले, लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे दिए गए मोबाइल नंबर 5548653179 पर संपर्क करें।1
- सागर में चल रहे सागर महोत्सव मेला के दौरान कविता शर्मा ने अपनी शानदार और रंगारंग प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।1
- एक युवक हाई टेनिस टावर पर चढ़ गया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।1
- सागर जिले के ग्राम हाता गुगवारा में एक गौवंश अत्यंत दर्दनाक और दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे मिला। प्रतीत होता था कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारकर छोड़ दिया था। गौवंश लहूलुहान, असहाय और तेज धूप में प्यास से तड़प रहा था, जिसे देखकर सभी का हृदय व्यथित हो उठा। इस हृदय विदारक दृश्य के बाद, तुरंत आसपास के लोगों को सूचना देकर एकत्रित किया गया और करुणा रथ को बुलाया गया। सभी लोगों ने मिलकर गौवंश को सावधानीपूर्वक उठाया और उसे करुणा रथ में बैठाकर उपचार के लिए भेजा। डॉक्टरों ने उसकी देखभाल, मरहम-पट्टी और उपचार की व्यवस्था की। इस पुण्य कार्य में आचार्य श्री 108 विध्यासागर दयोदय गौशाला गौरझामर का विशेष योगदान रहा, जो सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच गई और घायल गौवंश को समय पर सहायता मिल सकी। यह गौशाला समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी के मंगल आशीर्वाद से दयोदय संघ द्वारा सागर-नरसिंहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरझामर में संचालित है और निरंतर 7 वर्षों से एम्बुलेंस एवं स्पॉट पर प्राथमिक उपचार के साथ गौशाला से संचालित अस्पताल के माध्यम से गौसेवा का विशेष उदाहरण बनी हुई है। बाबू लाल यादव कांट्रेक्टर बलवीर जी का भी हृदय से आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने सबसे पहले इस घटना की सूचना दी और अपनी टीम के साथ सहायता हेतु पहुँचे। सभी ग्रामवासियों का भी धन्यवाद किया गया, जो एक पुकार पर तुरंत एकत्रित होकर इस पुण्य कार्य में सहयोगी बने, जिससे एक गौवंश की रक्षा संभव हो सकी। धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है और गौमाता में करोड़ों देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौमूत्र, गोबर और दूध मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी और पवित्र हैं, इसलिए गौधन की रक्षा करना सभी का परम कर्तव्य एवं धर्म है। आचार्य श्री 108 विध्यासागर जी महा मुनिराज और गौ माता की जय के साथ यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।1
- बीना के बजरिया स्थित श्री पार्श्व. दिगम्बर जैन चौवीसी जिनालय के जैन समाज के लोगों ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन एक अजैन व्यक्ति द्वारा 'जैन फूड प्लाजा' नाम से व्यवसाय करने और मांसाहार विक्रय के विरोध में दिया गया, जिससे जैन धर्म की आस्था और समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। जैन समाज ने बताया कि वे सभी अहिंसक और शुद्ध शाकाहारी व्यक्ति हैं, और जैन धर्म में अहिंसा तथा शाकाहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उनकी मान्यता है कि 'जैन थाली' या 'जैन भोजनालय' लिखा होने भर से शुद्ध शाकाहारी भोजन की प्रामाणिकता सिद्ध होती है। शिकायत के अनुसार, विगत कुछ सालों से गांधी चौक बीना में किसी अजैन व्यक्ति ने 'जैन फूड प्लाजा' नाम से सब्जी विक्रय की दुकान खोली है। यह व्यक्ति जैन न होते हुए भी भ्रामक जानकारी देकर भोजनालय चला रहा है, जहां मांसाहार पकाया और बेचा जाता है। समाज ने मांग की है कि उक्त व्यक्ति का फूड लाइसेंस चेक किया जाए और भ्रामक जानकारी वाले नाम को बंद कराया जाए, ताकि जैन समाज के बंधुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे। ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट अशोक कुमार जैन, प्रवीण जैन, अंकित जैन, अखिलेश कुमार जैन, अजीत कुमार जैन और मुकेश जैन सहित जैन समाज के अनेक लोग उपस्थित थे, जिन्होंने 'जैन फूड प्लाजा' नाम से अजैन व्यक्ति द्वारा मांसाहार विक्रय को बंद करवाने की मांग की।1
- सागर शहर में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पेड़ों की लगातार कटाई से नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। सड़क चौड़ीकरण, निर्माण कार्यों और सौंदर्यीकरण के नाम पर वर्षों पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप शहर का पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जिन सड़कों पर कभी घने पेड़ों की छांव रहती थी, वहाँ अब तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण चलना मुश्किल हो गया है। लगातार कम होती हरियाली का सीधा असर शहर के तापमान पर पड़ रहा है, जिससे वातावरण दिन-प्रतिदिन और अधिक गर्म होता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े पेड़ प्राकृतिक रूप से तापमान नियंत्रित करने, प्रदूषण कम करने और ऑक्सीजन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर इन पेड़ों को काटने के बाद पर्याप्त संख्या में नए पौधे न तो लगाए जा रहे हैं और न ही उनका संरक्षण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य शहर को बेहतर बनाना है, तो फिर हरियाली को खत्म कर कंक्रीट का जंगल क्यों तैयार किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि शहर में पहले से ही बढ़ रहा गर्मी का प्रकोप और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई आने वाले समय में एक गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकती है। इसलिए, नागरिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने नगर निगम प्रशासन से आवश्यकता के बिना पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने और जितने पेड़ काटे जाएं, उससे कई गुना अधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण को सुनिश्चित करने की मांग की है।1