अमेठी कोतवाली पुलिस ने अपराध और वाहन चोरी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की तीन मोटरसाइकिलों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में संचालित अभियान के दौरान की गई। अमेठी कोतवाली पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोककर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन पुत्र कल्पनाथ (निवासी नोहरेपुर, थाना मुंशीगंज), शिवा पुत्र पिन्टू (निवासी स्वयंवर सिंह का पुरवा, मजरे जंगल रामनगर, थाना अमेठी) और साहिल पुत्र उदयराज (निवासी नोहरेपुर, थाना मुंशीगंज) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (यूपी 36 एच 0133) के दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह बाइक लगभग 25 दिन पहले पनियार नहर के पास थाना मुंशीगंज क्षेत्र से चुराई गई थी। आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने दो अन्य मोटरसाइकिलें चोरी करके दुर्गापुर रोड स्थित हेलीपैड के पास छिपा रखी हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वहां से एक सुपर स्प्लेंडर, जो प्लाजा मैरिज लॉन, अमेठी कस्बे से चोरी हुई थी, और एक और स्प्लेंडर प्लस, जो थाना जगदीशपुर क्षेत्र से चुराई गई थी, बरामद की। पहचान छिपाने के लिए दोनों वाहनों की नंबर प्लेट भी हटा दी गई थी। थाना अमेठी पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों की अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने की भी पड़ताल की जा रही है।
अमेठी कोतवाली पुलिस ने अपराध और वाहन चोरी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की तीन मोटरसाइकिलों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में संचालित अभियान के दौरान की गई। अमेठी कोतवाली पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोककर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन पुत्र कल्पनाथ (निवासी नोहरेपुर, थाना मुंशीगंज), शिवा पुत्र पिन्टू (निवासी स्वयंवर सिंह का पुरवा, मजरे जंगल रामनगर, थाना अमेठी) और साहिल पुत्र उदयराज (निवासी नोहरेपुर, थाना मुंशीगंज) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (यूपी 36 एच 0133) के दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह बाइक लगभग 25 दिन पहले पनियार नहर के पास थाना मुंशीगंज क्षेत्र से चुराई गई थी। आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने दो अन्य मोटरसाइकिलें चोरी करके दुर्गापुर रोड स्थित हेलीपैड के पास छिपा रखी हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वहां से एक सुपर स्प्लेंडर, जो प्लाजा मैरिज लॉन, अमेठी कस्बे से चोरी हुई थी, और एक और स्प्लेंडर प्लस, जो थाना जगदीशपुर क्षेत्र से चुराई गई थी, बरामद की। पहचान छिपाने के लिए दोनों वाहनों की नंबर प्लेट भी हटा दी गई थी। थाना अमेठी पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों की अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने की भी पड़ताल की जा रही है।
- लखनऊ के सिविल अस्पताल में एक नशे में धुत व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- रायबरेली जिले में गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र के भीतर गांव स्थित मां आनंदी देवी मंदिर से मेला देखकर लौट रहे भाई-बहन सोमवार को सड़क हादसे का शिकार हो गए। उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र के जिंदा खेड़ा निवासी राकेश कुमार, जो रामखेलावन के पुत्र हैं, अपनी 19 वर्षीय बहन सुहानी के साथ वापस आ रहे थे। इसी दौरान, खीरों थाना क्षेत्र के भीतर गांव के पास सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में राकेश कुमार, उनकी बहन सुहानी और दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।2
- रायबरेली के हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के खेतई गांव में पूर्व विधायक राकेश सिंह के निरीक्षण के मात्र 12 घंटे के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर, पूर्व विधायक के हस्तक्षेप के बाद गांव में इंटरलॉकिंग निर्माण सामग्री भी पहुंच गई है। दरअसल, पूर्व विधायक राकेश सिंह हरचंदपुर ब्लॉक की बाला ग्राम पंचायत के विभिन्न गांवों के निरीक्षण के दौरान खेतई गांव पहुंचे थे। वहां ग्रामीणों ने उनसे गांव की जर्जर सड़क और इंटरलॉकिंग निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद, राकेश सिंह ने संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों से बात की और सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। निर्माण सामग्री पहुंचने और काम शुरू होने से गांव के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित थी, जिस पर पहले कोई ठोस पहल नहीं हुई थी। राकेश सिंह के त्वरित दौरे और प्रयासों के बाद कार्य शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। गांव के लोगों ने पूर्व विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के प्रयास को सराहनीय बताया है, यह मानते हुए कि नई सड़क से आवागमन की समस्या दूर होगी और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।1
- सुल्तानपुर के लम्भुआ कस्बे में भारत निर्वाचन आयोग के सैकड़ों भरे हुए मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 दियरा रोड के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में फेंके हुए पाए गए। यह घटना एक बड़ी लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ ज्यादातर फॉर्म लम्भुआ के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के थे। इन बरामद फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपियाँ भी संलग्न थीं, जिनकी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को दी। मतदाता फॉर्म में नाम, पता, उम्र और मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील डेटा होते हैं। इस प्रकार खुले में फेंके जाने से डेटा चोरी और उसके दुरुपयोग का गंभीर खतरा बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत मतदाता सूची का कार्य किया जाता है, और इन फॉर्म को खुले में फेंकना आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। खबर लिखे जाने तक तहसील और निर्वाचन कार्यालय से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था। हालांकि, लंभुआ की एसडीएम प्रीति जैन ने जानकारी दी कि विभाग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषी कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रस्तुत पोस्ट में 'जय जय महाकाल' का बार-बार उद्घोष किया गया है। यह महाकाल के प्रति गहरी भक्ति, श्रद्धा और जय-जयकार का एक प्रबल प्रदर्शन है, जो पूर्णतः भक्तिमय वातावरण को दर्शाता है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने लंभुआ के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर यह गंभीर सवाल उठाया है कि महत्वपूर्ण फॉर्म 6 समेत अन्य अभिलेख सड़क किनारे कैसे मिले। उन्होंने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और दोषियों को कब तक जेल भेजा जाएगा, इस पर प्रशासन से जवाब मांगा है। निषाद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि लंभुआ की जनता को इस मामले में जल्द ही संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शिक्षक श्यामलाल निषाद, जो लंभुआ से भावी विधानसभा प्रत्याशी भी हैं, ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही।1
- भाजपा सरकार के 12 साल को 'बेमिसाल' बताते हुए उसे सेवा, सुशासन और विकास की नई मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसी कड़ी में, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की पदयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो इस दावे का एक प्रमाण रहा।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रविवार देर रात नशे की हालत में पिता और पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया, जहाँ पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मृतक के पुत्र को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान पुत्र द्वारा पिता की कथित रूप से पिटाई किए जाने की बात सामने आ रही है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।2