आलनियावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लूणी नदी के पास प्रस्तावित बजरी खनन लीज को लेकर जन सुनवाई आयोजित की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जन सुनवाई में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और खनन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित बजरी खनन पर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बजरी खनन से होने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नदी क्षेत्र, पर्यावरण, कृषि भूमि, जल व्यवस्था और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ध्यान से सुना और आवश्यक जानकारी दर्ज की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि जन सुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस जन सुनवाई में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच प्रस्तावित बजरी खनन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों को संबंधित प्रक्रिया में शामिल कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। आलनियावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लूणी नदी के पास प्रस्तावित बजरी खनन लीज को लेकर जन सुनवाई आयोजित की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जन सुनवाई में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और खनन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित बजरी खनन पर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बजरी खनन से होने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नदी क्षेत्र, पर्यावरण, कृषि भूमि, जल व्यवस्था और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ध्यान से सुना और आवश्यक जानकारी दर्ज की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि जन सुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस जन सुनवाई में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच प्रस्तावित बजरी खनन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों को संबंधित प्रक्रिया में शामिल कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
आलनियावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लूणी नदी के पास प्रस्तावित बजरी खनन लीज को लेकर जन सुनवाई आयोजित की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जन सुनवाई में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और खनन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित बजरी खनन पर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बजरी खनन से होने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नदी क्षेत्र, पर्यावरण, कृषि भूमि, जल व्यवस्था और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ध्यान से सुना और आवश्यक जानकारी दर्ज की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि जन सुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस जन सुनवाई में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच प्रस्तावित बजरी खनन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों को संबंधित प्रक्रिया में शामिल कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। आलनियावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लूणी नदी के पास प्रस्तावित बजरी खनन लीज को लेकर जन सुनवाई आयोजित की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जन सुनवाई में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और खनन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित बजरी खनन पर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बजरी खनन से होने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नदी क्षेत्र, पर्यावरण, कृषि भूमि, जल व्यवस्था और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ध्यान से सुना और आवश्यक जानकारी दर्ज की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि जन सुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस जन सुनवाई में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच प्रस्तावित बजरी खनन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों को संबंधित प्रक्रिया में शामिल कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
- रियांबड़ी। कस्बे में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन प्रसिद्ध संत उत्तम राम जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच देवताओं में श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि देवताओं में सबसे श्रेष्ठ कौन है। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए दोनों चारों वेदों के पास पहुंचे। वेदों ने भगवान शिव को अजन्मा और अमर बताते हुए उन्हें सबसे श्रेष्ठ देव घोषित किया। यह सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए, लेकिन ब्रह्माजी इससे सहमत नहीं हुए। कथा के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान शिव के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जो भस्म धारण करते हैं, सांप-बिच्छुओं की माला पहनते हैं और सामान्य वस्त्र भी नहीं पहनते, उन्हें श्रेष्ठ देव कैसे माना जा सकता है। ब्रह्माजी के इस अहंकार और भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर शिव की तीसरी आंख से भैरव का जन्म हुआ। भगवान शिव ने भैरव को आदेश दिया कि ब्रह्माजी के जिस मुख से शिव का अपमान हुआ है, उसे समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद भैरव ने अपने नाखूनों से ब्रह्माजी के पांचवें मस्तक को अलग कर दिया। तभी से ब्रह्माजी के चार मस्तक माने जाते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से ब्रह्माजी का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने भगवान शिव की श्रेष्ठता स्वीकार की। कथा के दौरान स्थानीय संत हरीशगिरिजी महाराज ने भगवान शिव पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं, कथा में आने वाले भक्तों के लिए रामगोपाल माली की ओर से बैठने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। रियांबड़ी। कस्बे में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन प्रसिद्ध संत उत्तम राम जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच देवताओं में श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि देवताओं में सबसे श्रेष्ठ कौन है। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए दोनों चारों वेदों के पास पहुंचे। वेदों ने भगवान शिव को अजन्मा और अमर बताते हुए उन्हें सबसे श्रेष्ठ देव घोषित किया। यह सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए, लेकिन ब्रह्माजी इससे सहमत नहीं हुए। कथा के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान शिव के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जो भस्म धारण करते हैं, सांप-बिच्छुओं की माला पहनते हैं और सामान्य वस्त्र भी नहीं पहनते, उन्हें श्रेष्ठ देव कैसे माना जा सकता है। ब्रह्माजी के इस अहंकार और भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर शिव की तीसरी आंख से भैरव का जन्म हुआ। भगवान शिव ने भैरव को आदेश दिया कि ब्रह्माजी के जिस मुख से शिव का अपमान हुआ है, उसे समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद भैरव ने अपने नाखूनों से ब्रह्माजी के पांचवें मस्तक को अलग कर दिया। तभी से ब्रह्माजी के चार मस्तक माने जाते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से ब्रह्माजी का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने भगवान शिव की श्रेष्ठता स्वीकार की। कथा के दौरान स्थानीय संत हरीशगिरिजी महाराज ने भगवान शिव पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं, कथा में आने वाले भक्तों के लिए रामगोपाल माली की ओर से बैठने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी।1
- चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शतप्रतिशत मतदान निष्पक्ष बिना लोभ लालच के युवा मतदाताओं की मतदान में सहभागिता हेतु उपखंड अधिकारी गजेंद्र शर्मा की उपस्थिति में मिस्री लाल दुबे शिक्षण संस्थान में सभी प्रशिक्षार्थियों को मतदान हेतु प्रेरित किया लोकतंत्र वृक्ष लगाया , मतदान शपथ , वोटर हेल्पलाइन ऐप, दिव्यांग मतदाता हेतु सुविधाओं पर प्रकाश डाला और युवाओ की चुनाव मतदान में सेवा, जागृति, मतदान और निष्पक्षता चौमुखी उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला कार्यक्रम में 176 महिला प्रशिक्षार्थी, तहसीलदार दिनेश चंद्र दिवाकर सत्यनारायण लुहार तहसीलदार केकड़ी, संस्थान निदेशक चंद्र प्रकाश दुबे, प्रिंसिपल रामलाल संस्थान स्टाफ , स्वीप टीम से जयकांत शर्मा , जितेश माली ,रमेश माली, सत्यनारायण शर्मा मौजूद रहे1
- *यह वीडियो आजकल के बच्चों के लिए जिनका खान-पान नूडल्स ,बर्गर और पिज़्ज़ा आदि है। कृपया देखें और इससे कुछ संदेश प्राप्त करते हुए अपना खान-पान सुधारें..* *तड़ पोता,उम्र 27 वर्ष ( पांचवीं पीढ़ी ), पड़ पोता उम्र 48 वर्ष ( चौथी पीढ़ी ),* पौता उम्र 67 वर्ष ( तीसरी पीढ़ी ) बेटा उम्र 86 वर्ष और इन सबकी माता जी, सुपर दादीजी उम्र 105 वर्ष, पूरी तरहा से स्वस्थ्य,तंदुरुस्त,कड़क हाज़िर जवाब,इस उम्र में भी ,बेखौफ,निडर होकर तालाब के गहरे पानी में तैराकी करती है,अपनी उम्र के राज को खाद्य सामग्री सत्तू से बने व्यंजन *बताती हैं , देखिए 105 साल की दादी का कारनामा*1
- 150 स्वयंसेवक संभालेंगे जश्रे ईद मिलादून्नबी का जुलूस, ड्रोन से होगी निगरानी 1500 स्वयंसेवक संभालेंगे जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, ड्रोन से होगी निगरानी अजमेर। 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी के ऐतिहासिक जुलूस को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं। जुलूस को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए करीब 1500 स्वयंसेवकों की फौज व्यवस्थाओं की कमान संभालेगी। वहीं जुलूस के पूरे मार्ग और भीड़ की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी। अंजुमन सैयदजादगान कार्यालय में स्वयंसेवकों को वालंटियर कार्ड वितरित किए गए। अंजुमन सचिव सैयद कलीमुद्दीन चिश्ती सूफी इंटरनेशनल क सचिव नवाब हिदायत उल्ला ने स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस केवल आयोजन नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक वालंटियर अपने निर्धारित क्षेत्र में पूरी निष्ठा, अनुशासन और संयम के साथ जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने कहा कि जुलूस में शामिल होने वाले अकीदतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। स्वयंसेवक रास्तों में भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। ड्रोन से तीसरी आंख की निगरानी जुलूस के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार जुलूस के मार्ग और भीड़ की स्थिति पर ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। विभिन्न संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वालंटियरों की तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल व्यवस्थाएं संभाली जा सकें। जुलूस की व्यवस्थाओं को लेकर पंचायत अंदरकोटियान में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष इशाक मोहम्मद एवं गुलाम मोइनुद्दीन ने की। इसमें जुलूस के रूट, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। इस मौके पर काजी मुनव्वर अली, अब्दुल नईम खान, मुख्तार अहमद नवाब, सैयद गुलज़ार चिश्ती, हुमायूँ खान, इफ्तिखार सिद्दीकी, अकबर हुसैन, मोहम्मद इकबाल, हाजी रईस कुरैशी, अब्दुल सलाम, एहसान मिर्जा, शानू कुरैशी, बदरुद्दीन कुरैशी, अजीज मुल्तानी, बिलाल खान, मोहम्मद सादिक आदि मौजूद रहे1
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- (ब्यावर) रायपुर में मंगलवार देर रात को 20 मिनट तक जोरदार बारिश हुई है रायपुर में पूरे दिन भारी उमस देखने को मिली पूरे दिन हवा भी ढप रही देर शाम होते होते 10:00 बजे तेज हवा के साथ बारिश हुई1
- रियान बड़ी नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड से रायका बाग तक यातायात व्यवस्था इन दिनों बदहाल है। सड़क पर आए दिन लगने वाले जाम से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का मुख्य कारण सड़क किनारे दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण बताया जा रहा है। कई दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर सामान रखते हैं। इसके अलावा, वे दुकान के सामने खाली पड़ी जगह को सब्जी विक्रेताओं और अन्य छोटे कारोबारियों को किराए पर दे देते हैं। इससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा घिर जाता है और वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती, जिससे यातायात बाधित होता है। मुख्य बस स्टैंड से रायका बाग तक सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण कार्य भी चल रहा है। निर्माण सामग्री, मिट्टी और कूड़ा-करकट सड़क किनारे पड़ा रहता है। इससे पहले से ही संकरी सड़क और अधिक संकरी हो गई है, जिससे वाहन चालकों को एक-दूसरे को साइड देने में कठिनाई होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या केवल नाला निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि अतिक्रमण इसका एक बड़ा कारण है। स्कूलों की छुट्टी के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जब स्कूली बच्चे और कई बार प्रशासनिक व सरकारी विभागों के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आगामी दिनों में यह परेशानी और बढ़ सकती है। क्षेत्रीय निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने, दुकानदारों द्वारा सड़क पर सामान रखने पर रोक लगाने तथा नाला निर्माण सामग्री व मलबे को तुरंत हटवाने की मांग की है। रियान बड़ी नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड से रायका बाग तक यातायात व्यवस्था इन दिनों बदहाल है। सड़क पर आए दिन लगने वाले जाम से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का मुख्य कारण सड़क किनारे दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण बताया जा रहा है। कई दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर सामान रखते हैं। इसके अलावा, वे दुकान के सामने खाली पड़ी जगह को सब्जी विक्रेताओं और अन्य छोटे कारोबारियों को किराए पर दे देते हैं। इससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा घिर जाता है और वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती, जिससे यातायात बाधित होता है। मुख्य बस स्टैंड से रायका बाग तक सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण कार्य भी चल रहा है। निर्माण सामग्री, मिट्टी और कूड़ा-करकट सड़क किनारे पड़ा रहता है। इससे पहले से ही संकरी सड़क और अधिक संकरी हो गई है, जिससे वाहन चालकों को एक-दूसरे को साइड देने में कठिनाई होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या केवल नाला निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि अतिक्रमण इसका एक बड़ा कारण है। स्कूलों की छुट्टी के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जब स्कूली बच्चे और कई बार प्रशासनिक व सरकारी विभागों के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आगामी दिनों में यह परेशानी और बढ़ सकती है। क्षेत्रीय निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने, दुकानदारों द्वारा सड़क पर सामान रखने पर रोक लगाने तथा नाला निर्माण सामग्री व मलबे को तुरंत हटवाने की मांग की है।1
- ब्यावर पुलिस की बड़ी सफलता: 14 माह बाद नाबालिग सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer देर रात ऑटो चालक और जायरीन में विवाद मामला मारपीट तक पहुंचा1